Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-62
कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -62
Edited by Bhishm Kukreti
हिंदी, कुमाउंनी और गढ़वाली भाषाओँ में वाक्य भेद -7
५६- हिंदी -उनके पास की मकान थे
कुमाउंनी - उनार पा भौत घर छिं
गढवाली - ऊंम भौत कूड़ छया
५७-हिंदी - राम के पास काल एक पुस्तक होगी
कुमाउंनी - रामाक पा भोव एक किताब होलि
गढवाली - रामम भोळ एक किताब ह्वेलि
५८-हिंदी -मेरे पास कल कई कागज होंगे
कुमाउंनी - म्यार पा भोव भौत कागज ह्वाल
गढवाली - मीम भो ळ भौत कागज़ ह्वाल
५९- हिंदी - वह बहुत बुरा लडका है
कुमाउंनी - ऊ भौत नक लौड़ छु
गढवाली - ऊ भौत नखुर लौड़/नौनु च
६०-हिंदी -लडका आया. लडकी आई
कुमाउंनी - च्योल आ. चेलि ऐ
गढवाली - लौड़ ऐ . लौड़ी ऐ
६१-हिंदी -लडके आये . लडकियाँ आईं
कुमाउंनी - च्याल आईं. चेलीं ऐईं
गढवाली - लौड़ ऐन. लौड़ी ऐन
६२- हिंदी -पुस्तक लिखी .पुस्तकें लिखीं
कुमाउंनी - किताब लेखी . किताब लेखीं
गढवाली - किताब ल्याख . किताब लेखिन
६३-हिंदी -तुमने खाना खाया
कुमाउंनी - तुमल खाण खा
गढवाली - तुमन खाणा खै
६४-हिंदी -उसको एक फल दो
कुमाउंनी - उकैं एक फल दिओ
गढवाली - वै तैं एक फल द्याओ/दे
६५- हिंदी -मुझे जाने दो. उसे आने दो
कुमाउंनी - मकैं जाण दिओ . उकैं आण दिओ
गढवाली - मि तैं जाण द्याओ/दे . वै तैं आण द्याओ /दे
सन्दर्भ-
1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)
२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)
३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)
४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)
५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)
६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali Hindi Dictionary )
७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत
८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत
९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ
१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)
११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)
१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९
13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti
Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....