क्या उत्तराखंडी पहाडी नॉन पहाडी जैसे पंजाबी, गुजराती, राजस्थानी इत्यादि कम्युनिटी में शादी करना

Depends on conditions

Voting closes: February 07, 2106, 11:58:15 AM

Author Topic: Inter Community Marriage Discussion - पहाडी नॉन पहाडी वैवाहिक सर्वेक्षण  (Read 22139 times)

हेम पन्त

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इस मसले पर मैं भी अपने विचार रखना चाहुंगा. शादी एक पवित्र बन्धन है, वर्तमान पीढी हालांकि पाश्चात्य संस्कृति को जल्दी अपना लेती है, लेकिन अभी भी पूरे भारत में शादी को जीवन पर्यन्त बन्धन माना जाता है.

वैवाहिक जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीज है, परिवार में शान्ति और सौहार्द. परिवार यानि लङका-लङकी और उनके माता-पिता तथा सगे सम्बन्धी. यदि गैर-पहाङी समाज में शादी करने में सभी लोगों की रजामन्दी हो तो फिर क्या हर्ज है गैर-पहाङी समाज में शादी करने में?


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Namaskaar to all.....
i would like to share my view on the topic...
i have been with in touch of the marriges and cultural communitys of uttrakhanda since my childhood. i hv seen all the problems and issues from very near.
there is thinking that we are educated now. so we should marry to NRU people.bt after the marrige its happen that there is a cultural diffrence between your spouse and your family. this thing will go with you in your whole life. the problem arrise after few year when the third person come in world.then the cultural harreassment on the new one till whole life. he can not proud to be a uttrakhande.


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