Author Topic: Jhumailo Garhwali Folk Dance-Song-झुमैलो गढ़वाली नृत्य-गीत  (Read 7954 times)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Dosto,

In merapahadforum, we are sharing exclusive information about Jhumilo Folk Song & Dance of Garhwal & Kumoan Region of Uttarakhand. Our Senior Member Mr B C Kukreti has compiled lyrics of some Jhumailo Songs which we are with you here.


Jhumailo: An Old Tradition of Garhwali Folk Dance-Song
                                              Bhishma Kukreti
(Garhwali folk Dance Songs, Folk Songs of Kumaun, Uttarakhandi Traditional Dance songs , Himalayan Folk Customs-dance and Songs )

            Jhumailo is an old traditional folk dance song of Garhwal and Kumaun which is nearer or equal to  Jambhalika dance-song of Sanskrit language. There are references of Jambhalika ( Jhumailo ) dance-song in Vikramorvashiy(4-45) and Raghuvansham  (9-35) of Kalidas’s  literature.
Bahuguna and Nautiyal mentions that traditionally,  the Jhumailo dance-songs are performed from Vasant Panchami to  ‘Bikhot (Baishakhi ) on the open community ground or on the ‘chauk’ of villages by women in groups.
The dance is waving, swinging dance by (usually) married girls came to their Mayaka (mother’s village). The dance is performed in a circle by women by keeping hands on hands of other dancers. The dancers take two step ahead ,  then bend the back ,  then come step back the two steps with unbending the back and slowly walk in the circle.
Dr Nautiyal states that the songs must be related to images of geographical nature of the villages. There should be memories of Mayaka and should have message as found in Meghdoot. The difference between Khuded geet and Jhumailo geet is that the Khuded geet are purely sad songs or sad love songs and the dance is very slow while Jhumailo has waving the head dance.   
The song must have Jhumailo words at the end of stanza.
Jhumailo has similarities with ‘Jhumar’of famous poet Vidyapati’s Maithali song dance or ‘Jhumar’ of Bhojpuri  in the sense that both types of songs (Jhumailo and Jhumar) are having messages . In Garhwali songs, the messages are sent through  crow,  bee, ghughtee etc.
Manytimes, the girls or women dance and sing in forest while cutting the grass.
Abodh Bandhu Bahuguna provides an example of Jhumailo song as

     

गढ़वाली झुमैलो नृत्य-Garhwali Jhumailo Folk Song



फूलिक ऐ गेने  झुमैलो लयेड़ी राडोड़ी झुमैलो
नीगन्दा बुरांस झुमैलो डोला सी गच्छेने झुमैलो
ऐगे बसंत मै झुमैलो मैकू च सौण मै झुमैलो
मैकू बारा माशा मै झुमैलो यक्की ऋतू रैगे मै  झुमैलो
ग्वेरु की बांसुळी झुमैलो  तू तू तू ना बज झुमैलो
मेरी जिकुड़ी मा झुमैलो क्यापणि होंद रै झुमैलो
रोई रोई मेरी ब्व़े झुमैलो आंखी नी उबांदी झुमैलो
मै ल़ोळी रातूड़ी झुमैलो घाम नी देखदी झुमैलो
फेर बौड़ीगे स्या झुमैलो फूल संगरांद मै झुमैलो
पापड़ी त्यौहार झुमैलो बुथल तमाशा झुमैलो
जोंकी क्वी होली मै झुमैलो कौथिग मिललो झुमैलो
आपण बिराण मै झुमैलो मिठाई ल्हाला मै झुमैलो
निरमैत्या घियाण झुमैलो बणु बणु बयाळी झुमैलो
निरमैत्या फ्यूंळी मै झुमैलो देळी देळी जाली मै झुमैलो
घ्वीड़ को अपणो झुमैलो चांठ प्यारो मै झुमैलो
इखुली नारी मै झुमैलो खरड़ी डाळी सि मै झुमैलो  M S Mehta

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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कुमाऊं का एक झुमैलो  गीत  A Kumauni Jhumailo Song

 

अल्मोड़ा की गंगा छोरी तू भली रूप की बान हो , अल्मोड़ा की गंगा छोरी तू भली रूप की बान हो

रूप तेरी देखी छोरी हई गयो मेरो दिल बेमाना हो , रूप तेरी देखी छोरी हई गयो मेरो दिल बेमाना हो

अल्मोड़ा की गंगा छोरी तू भली रूप की बान हो , अल्मोड़ा की गंगा छोरी तू भली रूप की बान हो

रूप तेरी देखी छोरी हई गयो मेरो दिल बेमाना हो , रूप तेरी देखी छोरी हई गयो मेरो दिल बेमाना हो

जब जाबा हो झुमैलो झुमैलो

हे मेरा पहाडा झुमैलो झुमैलो

हे मेरा पहाडा झुमैलो झुमैलो

फूलों की डाळी जसी तेरी यौवन कोयल की जसी मिठी बुलान

चाँद मुस्कान तेरी मुस्कान सोलहवां साल चटकीला कराळी चाल

अल्मोड़ा की गंगा छोरी तू भली रूप की बान हो , अल्मोड़ा की गंगा छोरी तू भली रूप की बान हो

रूप तेरी देखी छोरी हई गयो मेरो दिल बेमाना हो , रूप तेरी देखी छोरी हई गयो मेरो दिल बेमाना हो

अल्मोड़ा की गंगा छोरी तू भली रूप की बान हो , अल्मोड़ा की गंगा छोरी तू भली रूप की बान हो

रूप तेरी देखी छोरी हई गयो मेरो दिल बेमाना हो , रूप तेरी देखी छोरी हई गयो मेरो दिल बेमाना हो

जब जाबा हो झुमैलो झुमैलो

हे मेरा पहाडा झुमैलो झुमैलो

हे मेरा पहाडा झुमैलो झुमैलो

पहाड़ों की पाणी तू छे निशाणी न करे बेईमानी

गल गुलाबी चाल शराबी भगवानो की मेहरबानी

अल्मोड़ा की गंगा छोरी तू भली रूप की बान हो , अल्मोड़ा की गंगा छोरी तू भली रूप की बान हो

रूप तेरी देखी छोरी हई गयो मेरो दिल बेमाना हो , रूप तेरी देखी छोरी हई गयो मेरो दिल बेमाना हो

अल्मोड़ा की गंगा छोरी तू भली रूप की बान हो , अल्मोड़ा की गंगा छोरी तू भली रूप की बान हो

रूप तेरी देखी छोरी हई गयो मेरो दिल बेमाना हो , रूप तेरी देखी छोरी हई गयो मेरो दिल बेमाना हो

जब जाबा हो झुमैलो झुमैलो

हे मेरा पहाडा झुमैलो झुमैलो

हे मेरा पहाडा झुमैलो झुमैलो

अंग्रेजी फैशन मा तेरी स्टाइल हाथों मा छ तेरी मोबाइल

बाली उमर तेरी तीखी नजर मि कै करी छे  घायल

रूम झूमा रूम्झुमा

अंग्रेजी फैशन मा तेरी स्टाइल हाथों मा छ तेरी मोबाइल

बाली उमर तेरी तीखी नजर मि कै करी छे  घायल

अल्मोड़ा की गंगा छोरी तू भली रूप की बान हो , अल्मोड़ा की

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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आई गेन ॠतु बौड़ी दाईं जनो फेरो, झुमैलो  - Garhwali Folk Song

आई गेन ऋतु बौड़ी दाई जनो फेरो, झुमैलो

ऊबा देसी ऊबा जाला, ऊंदा देसी ऊंदा, झुमैलो

लम्बी-लम्बी पुगड़्यों माँ र..र. शब्द होलो, झुमैलो

गेहूँ की जौ की सारी पिंग्ली होई गैने, झुमैलो

गाला गीत वसन्ती गौं का छोरा ही छोरी, झुमैलो

डांडी काँठी गूँजी ग्येन ग्वैरू को गितूना, झुमैलो

छोटी नौना-नौनी मिलि देल्यूँ फूल चढ़ाला, झुमैलो

जौं का भाई रला देला टालु की अँगूड़ी, झुमैलो

मैतु बैण्युँ कु अप्णी बोलौला चेत मैना, झुमैलो


भावार्थ


--'वसन्त ऋतु लौट आई, फसल माँड़ते समय बैलों के चक्कर के समान, झुमैलो !

ऊपर देश वाले ऊपर जाएंगे, नीचे देश वाले नीचे, झुमैलो !

लम्बी-लम्बी क्यारियों में (किसानों की) र..र. ध्वनि होगी, झुमैलो!

गेहूँ और जौ के सादे खेत पीले हो गए हैं, झुमैलो!

वसन्ती गीत गाएंगे, गाँव के लड़के-लड़कियाँ, झुमैलो!

छोटी-बड़ी पहाड़ियाँ गूँज उठी हैं ग्वालों के गीतों से, झुमैलो!

छोटे बालक-बालिकाएँ मिलकर दहलीजों पर फूल चढ़ाएंगे, झुमैलो!

जिसके भाई होगा, अंगिया और ओढ़नी का उपहार देगा, झुमैला!

और मायके बुलाएगा बहिन को चैत्र माह में, झुमैलो!'


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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बालो छ बदरी झूमैलो / गढ़वाली Folk Song
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बालो छ बदरी, झुमैलो

परबत आई, झुमैलो

गढ़वाल आई, झुमैलो

दिनु का दाता, झुमैलो

राजा का सामी, झुमैलो


भावार्थ


--'बदरी बालक है--झुमैलो!

वह पर्वत पर आ गया-- झुमैलो!

वह गढ़वाल में आ गया-- झुमैलो!

वह दीनों का दाता है--झुमैलो!

वह राजा का स्वामी है--झुमैलो!

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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आयी पंचमी ब्वै झुमैलो………….. झुमैलो

रात्रि होते ही पर्वतीय घाटियों से एक मधुर तथा सामूहिक ध्वनि गूंजने लगती है । झुमैलो………………………….झुमैलो

एक वेदना भरा स्वर जो अनायास ही अपनी ओर खींच लेता है और पहाड़ की नारी के कठोर जीवन के उस दर्द को व्यक्त करता है जिसे वह हृदय के किसी कोने में दबाये रखती है जिसे वह किसी से व्यक्त नहीं कर सकती वही अभिव्यक्ति है “झुमैलो´´।

बसन्त ऋतु के आते ही गढवाल की धरती में प्रकृति एक नवविवाहिता की तरह सज उठती है, चारों ओर रंग बिरंगे फूल वातावरण को मनमोहक बना देते है, ऐसे सुखद वातावरण में माइके बिहिन स्त्रियों के हृदय में एक टीस उठती है, कि काश वो भी अपने माइके जाकर इस प्रकृति की तरह उल्लसित हो सकती जो अपने माइके पहुंच जाती है। वो ससुराल के दुखों को प्रकट करने के लिए अपनी व्यथा प्रकट करती है।

फेर बौडीगे स्यौ झुमैलो, फूला सगरौन्द ब्वै झुमैलो

दी गन्दा बूरौस झुमैलो। डोला सी गच्छैनी झुमैलो

मैकु बारामास ब्वै झुमैलो, एिक्क रिवु रैगे ब्वै झुमैलो

ग्वरू की बाशुली ब्वै झुमैलो, तू व ना बाज ब्वै झुमैलो

मेरी जिकुड़ी मा -झुमैलो, क्यापणी होद रै झुमैलो।

निरमैव्या धियाण हवै झुमैलो बणु बणु ब्याली ब्वै झुमैलो,

आयी पंचमी ब्वै झुमैलो……………झुमैलो

अर्थात सरसों व राड़े के पौधों पर फूल खिल गये हैं, बुरौश के फूलों से डालियां डोली की तरह सजने लगी है। झुमैलो बसन्त आ गया है। परन्तु मेरे लिए तो बारों महीने सावन की ही ऋतु है। फूल संक्रान्ति लौट आयी है मैं ससुराल में पड़ी हूं, हे चरवाहों की मूरली तू न बज, तुझे सुनकर मेरे हृदय में अजीब सी टीस उठती है। जिनका कोई होगा तो मिलने आऐगा, मैं तो माईके विहिन हूं, बनो बनों में भटकूंगी काश मेरा भी कोयी होता बंसत पंचमी आ गई है, पर मुझे लेने कोई नहीं आया।

झुमैलो नृत्य गीत बसन्त पंचमी से प्रारम्भ होकर विशुवत संक्रान्ति तक चलते हैं। इन गीतों में माइके की स्मृति तथा प्राकृति सौन्दर्य का वर्णन होता है। झुमैलो झूम झूम

 
By - कुसुम भट्ट

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जै जै बद्री नाथे लो, झुमेलो

 जै जै बद्री नाथे लो, झुमेलो

 जाठी पेता धौरी लो, झुमेलो
 देश का देशवाली लो, झुमेलो
 पोछण बेठीग्या लो, झुमेलो
 हरी हरिद्वार लो, झुमेलो /!



Devbhoomi,Uttarakhand

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बहुत ही बढ़िया पहल की हैं मेहता जी आपने झुमेलो गीतों को पेस करके

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Artiest performing Jhumailo Song.




एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Watch this video by Singer Rajnikant Semwal -Dayara Jhumelo

DAYARA JHUMELLO SUNG BY RAJANIKANT SEMWAL


dayara jhumello uttrakhandi folk song sung by rajanikant semwal and preeti ranakoti....

 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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देव भूमि बद्री-केदार नाथ


गढ़ देशा झुमैलु
 
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............ बाबा
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............बोई
 गढ़ देशा उत्तरखंड झुमैलु
 कुमो-गढ़वाल  झुमैलु   
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये..................
 
 खोली को गणेशा झुमैलु
 मोरी का नारैण झुमैलु
 माँ भगवती गढ़ झुमैलु
 नंदा माँ को मैता झुमैलु
 
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............ बाबा
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............बोई
 गढ़ देशा उत्तरखंड झुमैलु
 कुमो-गढ़वाल  झुमैलु   
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये..................
 
 बद्री नाथ को बद्री धामा झुमैलु
 बाबा कैलशा को गामा केदार धाम  झुमैलु
 लक्ष्मण को झुला झुमैलु
 राम का भुला झुला झुमैलु
 
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............ बाबा
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............बोई
 गढ़ देशा उत्तरखंड झुमैलु
 कुमो-गढ़वाल  झुमैलु   
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये..................
 
 माँ गंगा को घार झुमैलु
 भागीरथी को उपकार झुमैला
 हरी को द्वार  हरीद्वार झुमैला
 पाडी मा भक्तों को उमड़ा झुमैलो
 
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............ बाबा
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............बोई
 गढ़ देशा उत्तरखंड झुमैलु
 कुमो-गढ़वाल  झुमैलु   
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये................
 
 अलखनंदा भगीरथी को संगम झुमैलु
 देप्रयाग कर्णप्रयाग झुमैलु
 बाबा नागर जात झुमैलु
 भविष्य बद्री विशाल झुमैलु
 
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............ बाबा
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............बोई
 गढ़ देशा उत्तरखंड झुमैलु
 कुमो-गढ़वाल  झुमैलु   
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये................
 
 सतपुली बाजार झुमैलु
 पुअडी बाजार घुमैलू
 अल्मोड़ा की शान झुमैलु
 बिज्मोड़ा का स्थान झुमैला
 
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............ बाबा
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............बोई
 गढ़ देशा उत्तरखंड झुमैलु
 कुमो-गढ़वाल  झुमैलु   
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये................
 
 अरशा पकवान झुमैलु
 झुंगर को पंडा झुमैलु
 कुँदा की रोटी कंकरालो घीयु झुमैलु
 भांगा की पकोड़ी घुमैलू
 
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............ बाबा
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............बोई
 गढ़ देशा उत्तरखंड झुमैलु
 कुमो-गढ़वाल  झुमैलु   
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये................
 
 टेडा मेडा सड़की झुमैलु
 उकालू उन्दारू का बाटा झुमैलु
 माटा कूड़ा गढ़ को इतिहस झुमैलु
 ऊँचा नीच डंडा झुमैलु
 
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............ बाबा
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............बोई
 गढ़ देशा उत्तरखंड झुमैलु
 कुमो-गढ़वाल  झुमैलु   
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये................
 
 पंचमी को मेला झुमैलु
 गढ़ देशा का बार तीयुहारा झुमैलु
 फागुन की बहरा झुमैलु
 सुमन को देशा झुमैलु
 रामी जशी का गढ़ देशा झुमैलु
 
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............ बाबा
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये............बोई
 गढ़ देशा उत्तरखंड झुमैलु
 कुमो-गढ़वाल  झुमैलु   
 झुमैलु झुमैलु झुमैलु ये................
 
 बालकृष्ण डी ध्यानी
 देवभूमि बद्री-केदारनाथ
 मेरा ब्लोग्स
 http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
 मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत