Author Topic: Fammous Uttarakhandi Journalists & Writer-उत्तराखंड में जन्मे प्रसिद्ध पत्रकार  (Read 11946 times)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Dosto,

We are sharing here exclusive information about famous Journalists of National & International Media and writers (both Print & Electronic media) who born in Uttarkahand.

Here is the details
  • Navin Joshi - HT Lucknow
  • Dr Govind Singh - HT
  • Girish Gururani,State Editorial Head,Amar Ujala,Himachal pradesh
  • Sanjay Khati
  • Ashutosh Upadhyay - HT
  • Rajiv Lochan Sah - Editor Nainital Samachar
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M S Mehta


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Ritul Joshi, Prime Anchor Aaj Tak Channel.

She basically hails from Bhawali, Nainital..


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Mrinal Pande




Mrinal Pande (born 1946) is an Indian television personality, journalist and author, and till recently chief editor of Hindi Daily, Hindustan. She left Hindustan on Aug 31, 2009. She is appointed chairperson of Prasar Bharati, the apex body of official Indian Broadcat Media.This appointment came on Jan 23, 2010.[1] She also hosts a weekly Interview show, titled 'Baaton Baaton Mein' on Lok Sabha TV.


Biography Mrinal Pande, was born in Tikamgarh, Madhya Pradesh. She studied initially at Nainital and then completed her Master's degree from Allahabad University.[3] Later on she studied English and Sanskrit literature, Ancient Indian History, Archeology, Classical Music and the Visual Arts at the Corcoran in Washington DC. Her first story was published in the Hindi weekly Dharmyug, at the age of 21. Since then she has been consistently writing, apart from working in media, both television and press.
She spent several years on the National Commission for Self-Employed Women, inquiring into the conditions for rag-pickers, vegetable sellers and domestic help.
 Bibliography
  • Devi, Tales of the Goddess in our time; 2000, Viking/Penguin.
  • Daughter's Daughter, 1993. Penguin Books.[4]
  • That Which Ram Hath Ordained, 1993, Seagull Books.[5]
  • The Subject is Woman, 1991. Sanchar Publishing House, New Delhi.
  • My Own Witness, New Delhi, Penguin, 2001, ISBN 0-14-029731-6.
(Source - wikipedia)

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राजेन्द्र धस्माना
राजेन्द्र धस्माना (Rajendra Dhasmana)
(माताः कलावती देवी, पिताः स्व. चण्डी प्रसाद धस्माना)
जन्मतिथि : 9 अप्रैल 1936
जन्म स्थान : बग्याली
पैतृक गाँव : बग्याली जिला : पौड़ी गढ़वाल
वैवाहिक स्थिति : विवाहित बच्चे : 2 पुत्र, 1 पुत्री
शिक्षा : पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन जर्नलिज्म
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन पब्लिक रिलेशन्स
सतत स्वाध्याय, घुमक्कड़ी और जन-संपर्क से ज्ञान और अनुभव अर्जन। खतरों, मुश्किलों और जान लेवा परिस्थितियों से टकराते-टकराते अनुभवों में चमक-दमक आती गई।
जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ः अभी तक मोड़ों पर ही हूँ, सीधी सड़क अभी आने को है।
प्रमुख उपलब्धियाँ : 1955 से हिंदी कविताओं की रचना। विविध लेख और समीक्षाएँ भी प्रकाशित। अभी तक काव्य संग्रह ‘परवलय’ प्रकाशित। 1960 से अखबार, प्रकाशकों के यहाँ नौकरी के बाद 1978 तक संपूर्ण गांधी वांगमय में सहायक संपादक 1979 से। समाचार प्रभाग, आकाशवाणी एवं समाचार एकक, दूरदर्शन में समाचार संपादक। 1993 से 95 तक सम्पूर्ण गांधी वांगमय में प्रधान संपादक। 1995 में सेवा निवृत्त। 1993 से 2000 तक दूरदर्शन के प्रातः कालीन समाचार बुलेटिन का संपादन (सेवा निवृत्ति के बाद भी)। 1960 से रंगकर्मी के रूप में भी कार्य किया। आठवें दशक से गढ़वाली रंगमंच के लिए नाटक लिखे, जिनमें ‘जंकजोड़’, ‘अर्धग्रामेश्वर’, ‘पैसा न ध्यल्ला गुमान सिंह रौत्यल्ला’, ‘जय भारत जय उत्तराखण्ड’ के मंचन काफी चर्चित रहे। भवानी दत्त थपल्याल के ‘प्रींद नाटक’ का अपडेटिंग किया, जिसके केवल दो प्रदर्शन हो पाये। कन्हैयालाल डंडरियाल के ‘कंस-वध’ का पुनर्लेखन ‘कंसानुक्रम’ के रूप में किया। ‘भड़ भंडारी माधोसिंह’ का मंचन नहीं हुआ। गढ़वाली नाटकों पर 30 स्मारिकाएं और उत्तराखण्ड पर 9 पठनीय स्मारिकाओं का संपादन किया। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और कुछ संस्थानों के लिए 20 से अधिक डाक्युमेंटरी बनाईं। सम्प्रति उत्तराखण्ड लोक स्वातंत्र्य संगठन (पी.यू.सी.एल.) के अध्यक्ष। उत्तराखण्ड के सामाजिक-राजनीतिक जीवन में सक्रिय योगदान मानव अधिकारों के लिए समर्पित।
युवाओं के नाम संदेशः जीवन का कुछ समय दूसरों के लिए भी जिएँ।
विशेषज्ञता : रंगकर्म, समाज सेवा, घुमक्कड़ी, ग्राम-विकास, साहित्य- संस्कृति, लोक संचित ज्ञान, गांधी दर्शन, पत्रकारिता, समाचार सम्पादन, मीडिया, मानवाधिकार।

our site:
(Source - www.apnauttarakhand.com/rajendra-dhasmana/)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Vinod Kapri -

Basically from Berinag

District  - Pithoragarh

Managing Editor in a reputed News Channel.




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 सुरेश नौटियाल   सुरेश नौटियाल

सुरेश नौटियाल

पत्रकारिता के विभिन्न आयामों और पक्षों के जीवन्त रूप सुरेश जी कलम को हथियार ही मानते हैं, खुशहाल और अपने सपनों के उत्तराखंड के आकांक्षी सुरेश जी की लेखनी लगातार चलती रहती है।

 पूर्वार्ध
 1984 में ‘प्रतिपक्ष’ साप्ताहिक में उप-संपादक। 1985 में यूएनआई समाचार एजेंसी में प्रशिक्षु पत्रकार के तौर पर शामिल। 1993 में वरिष्ठ उपसंपादक के तौर पर छोड़ा। 1994 में ‘द ऑब्जर्वर ऑफ बिजनेस एंड पॉलिटिक्स’ अंग्रेजी दैनिक में संवाददाता से शुरुआत और 2000 के अंत में विशेष संवाददाता रहते हुए नौकरी त्यागी।  हिन्दी पत्रिका 'कॉम्बैट लॉ' के तीन साल तक कार्यकारी संपादक। ‘उत्तराखण्ड प्रभात’ पाक्षिक समाचार-पत्र के संपादक व दिल्ली में पहाड़ी पत्रकारों के संगठन उत्तराखण्ड पत्रकार परिषद के संचालक मंडल के सदस्य। 

 फिलहाल
 फिलहाल सुरेश जी 'उत्तराखंड प्रभात' पाक्षिक पत्र के संपादक और मानवाधिकारों पर केन्द्रित अंग्रेजी पत्रिका 'कॉम्बैट लॉ' के सीनियर एसोसिएट एडीटर हैं।

 उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की शीर्ष नीति-निर्धारक राजनीतिक समिति के सदस्य हैं। साथ ही मानवाधिकार कार्यकर्ता होने के अलावा अंतरराष्ट्रीय संगठन 'ग्लोबल ग्रीन्स', सीजीपी इंडिया, हिमालयन पीपुल्स फोरम और उत्तराखंड चिंतन जैसे संगठनों में सक्रिय हैं।

 सम्पर्क
 सुरेश जी का ईमेल पता - sureshnautiyal@gmail.com

(Source - http://hindi.indiawaterportal.org

Bhishma Kukreti

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          गढवाळ का नामी लोक अर ज़ात (मलारी जुग बिटेन अज्युं तलक ) - फड़की -54
       
                  गढ़वाल के विभूतियाँ व समाज (मलारी युग से वर्तमान तक) - भाग - 54



                     Great Garhwali Personalities (Malari era to till date ) Part -54


                                     Bhishm Kukreti
 
                       गढ़वाळ  का भगवान्(स्वर्गीय)  पत्रकार/संपादक- १

                Great Jounalists/Editors of Garhwal of Past - 1

           गढवाळ पत्रकारिता क मामला मा सुभागी च . जब बिटेन भारत अर गढ़वाल मा
 
अखबार छपेण बिसेन गढ़वाळ की धरती मा नमी गिरामी  पत्रकार/संपादक पैदा ह्वेन .

१- नागेन्द्र उनियाल (असवाळस्यूं, पौ.ग,- स्वर्गवास-१९८१) : इन उना नौकरी क बाद 'धडकता

पहाड़ ' निकाळ . फिर कोटद्वार बिटेन 'जयंत' आठ्वाडा (साप्ताहिक) को प्रकाशन, संपादन  शुरू कार .
 
तेज तर्रार लिखणो बान प्रसिद्ध.

२- श्याम चरण काला (सुमाडी, पौ.ग,१९१०-१९८४):  काला जी टाइम्स ऑफ़ इंडिया , भारत का भौत का

रोजानौ  अखब़ारूं अर भैर देसु अखब़ारूं रैबार्या/ खबरची/संवाददाता रैन. भारतीय श्रमजीवी पत्रकार सम्मलेन,
 
योधा मा सम्मानित. जब  'श्रमजीवी पत्रकारूं  बान कोलोनी बौण त कोलोनी नाम

'श्यामाचरण  काला नगर' धरे गे.

३- सदा नन्द कुकरेती (ग्वील, मल्ला ढानगु, पौ.  १८८६-१९३७): पैल टीरी रियासत मा काम कार पण उख घूसखोरी
 
रास नि आये त पौड़ी आयें अर सन १९१३-१९१५ तक 'विशाल कीर्ति' का संपादन कार. लिखण मा चुटीली शैली

अर व्यंगात्मक ब्युंत का बान प्रसिद्ध. अख्बराऊ संपादकत्व मा अंग्रेजी हकुमत से झगड़ा बि ह्व़े. 
 
४- टेक चंद गुप्ता (देहरादून) : स्वतंत्रता से पैल 'देहरा पत्रिका' क संपादक रैन .


५-संपादक शिरोमणि विश्वम्बर दत्त चंदोला (थापळी,पौ.ग. १८७९ -१९७०) : कुछ दिन फ़ौजी दफ्तर मा

काम कार अर फिर १९०५ से 'गढवाळी पत्रिका' पत्रिका क संपादन अर प्रकाशन शुरू कार. टिहरी रियासत क
 
 रवाईं  कांड खबर छाप ण पर जेल (१९३३-१९३४) .


६- त्र्यम्बक चंदोला : पैल 'गढ़वाळी' हिंदी  साप्ताहिक का सह संपादक रैन फिर अंग्रेजी अखबार 'हिंदुस्तान टाइम्स '

 का ताउम्र संवाददाता रैन

७ ब्रज भूषण ( देहरादून १९१३-१९७७) ; स्वतंत्रता  सेनानी, कवि न साप्ताहिक 'दून घाटी' क संपादन कार .


८- व्याखान वाचस्पति विश्वम्बर  दत्त देवरानी (जेठो गाँव  पैनो); मालवीय जे क सेक्रेटरी संतान धर्म का प्रचारी बि छया .
 
अफ्रीका मा ऊंको बड़ो सम्मान थौ.  देवरानी जी न डिल्ली मा 'कर्मयोगी' क सम्पादन कार. ये लेखक तैं

अफ्रिका मा बस्यां गुजरात्युं द्वारा गुजराती मा छप्युं पम्फलेट दिख णो सौभाग्य बि हुयुं च जख मा

'महामहोपदेसक ' '  विश्वम्बर दत्त देवरानी क अफ्रिका मा प्रोग्राम क ब्यौरा च.


९- स्व दया नन्द थपलियाल (खैड़, पौ.ग.मावाळस्यूं) अंग्रेजी का पत्रकार जौन 'कोम्म्र्स एंड इंडस्ट्री ' अर 'थौट' क

संपादन बिभाग मा काम कार

१०- दामोदर प्रसाद थपलियाल (पालकोट, खात्स्युं, टि.ग, १९२३-१९७७) : गढवाली क साहित्यकार दामोदर प्रसाद

थपलियाळ न गढवाळी भाषा की 'फ्यूं ळी ' पत्रिका क संपादन कार .या पत्रिका धनाभाव से बन्द ह्व़े


११-महेशा नन्द थपलियाळ (टोलू, मन्यार स्यूं, पौ.ग. १९०१-१९६९) मेरठ बिटेन 'ह्रदय' हफ्तावार  अर 'आशा' मैनावार

पत्रिकाओं संपादन अर फिर पौड़ी बिटेन 'उत्तर भारत' एवम लैंसडाउन बिटेन 'नव भारत को संपादन


१२- देवकीनंदन ध्यानी (जखळ , सल्ट, अल्मोड़ा  , १९०७-१९३६ ); कवि देवकीनंदन न मुरादाबाद बिटेन 'विजय',

हल्द्वानी अर  पौड़ी बिटेन 'स्वर्ग भूमि' प्रकाशन अर संपादन 


१३- दयाधर धौल़ाखंडी (डुमैला, खाटली, पौ ग.  १९१९-१९४९): गढ़वाल साहित्य मंडल का कर्कर्ता अर

'गिरीश' पत्रिका डिल्ली क संपादक मंडल का सदस्य


१४-कोतवाल सिंग नेगी (कांडई , पौ. १९००-१९४८) कोतवाल सिंग जी न कानपूर बिटेन 'हिलमन' अर

पौड़ी बिटेन' क्षत्रिय वीर ' को संपादन कार


१५- गोविन्द सिंह नेगी ( दाल ढुंग, बडीयार गढ़ , टि.ग १९२८-१९७१) :  कति समाचार पत्रों मा संवाददाता रैन

'जीवन-पानी' अर 'दून अंचल ' का संपादन कार


१६- जोध सिंह नेगी (सुला, अस्वाल्स्युं, पौ.ग.१८६३-१९२५) ' क्षत्रिय वीर ' क संस्थापक


१७- प्रताप सिंह नेगी (नेग्याणा, गग्वाड़स्यूं ,पौ., १८७२-१९३५): 'क्षत्रिय वीर ' का संपादक अर प्रकाशक


१८- श्याम चन्द्र नेगी (बेलग्राम, अठुर, टि.ग १९१२-१९८२): अंग्रेजी समाचार पत्रुं  संवाददाता .

'नोर्दर्न टाइम्स ' का संदन बि कार


१९-महान संपादक  गिरिजा दत्त नैथाणी (नैथाणा ,मन्यार्स्युं , पौ. १८७२ -१९२७) गढवाळ   क्षेत्र का पैला

पत्रकार अर संपादक  १९०२-१९०४ तक ' गढ़वाल समाचार' (पैल लैंसडाउन अर फिर कोटद्वार ) का सम्पादन अर प्रकाशन.

१९०५-१९१० तक देहरादून  बिटेन 'गढवाली 'माववार क संपादन.

फिर दुगड्डा से '  गढ़वाल समाचार' (१९१२-१९१४० तक प्रकाशन अर संपादन.

फिर देहरादून क 'गढवाली' हफ्तावार पत्रिका क संपादन (१९१५-१९१६)

आखिरैं 'पुरुषार्थ' मासिक क प्रकाशन अर संपादन  (दुगड्डा  अर नैथाना ).


२०-मायादत्त नैथानी ( नैथान , मृत्यु १९७२) मुंबई का अंग्रेजी समाचार पत्रुं संवाददाता अर

सम्पादकीय मंडल सदस्य


२१-सत्यपाल पांधी (अमृतसर १९२३-१९८१): मस्सुरी मा रौंदा छा. कत्ति अंग्रेजी समाचार पत्रुं  मा

संवाददाता . मसूरी बिटेन अंग्रेजी साप्ताहिक 'मसूरी टाइम्स' को  संपादन कार .

फिर मसूरी बिटेन १९४९ मा,  अंग्रेजी साप्ताहिक 'हिमाचल टाइम्स' का प्रकाशन अर संपादन शुरू कार.

१९५३ मा हिंदी संस्करण शुरू. १९६९ मा ये पत्र क नाम 'हिमालय टाइम्स कार. १९६९ बिटेन दैनिक

अखबार 'हिमालय टाइम्स'  शुरू कार . १९७० बिटेन शिमला संस्करण शुरू.

उच्चस्तरीय तिमासी ' पेट्रोलियम एशिया' क प्रकाशन अर संपादन.


२२- जंगीलाल शाह 'श्रीबंधू' (चमोली, १९१४-१९८५ ): पत्रकार अर साप्ताहिक 'देवभूमि ' प्रकाशन मा अहम् भूमिका.


२३-अमीर चंद बम्बवाल (पेशावर , १८८६-१९७२) स्वतन्त्रता सेनानी . उर्दू अर अंग्रेजी का ज्ञानता. १९०५ मा पेशावर

बिटेन 'फ्रंटियर एडवोकेट' शुरू कार . १९०९--१९१० तक इलाहाबाद मा स्वराज' का संपादक.१९२८ मा फिर फ्रंतिया एडवोकेट

शुरू. १९३२ मा पश्तो भाषा मा पत्रिका प्रकाशन . पेशवर बिटेन 'अफगान' 'खुदाई खिदमतगार' अर द्विबशी फ्रंटियर

मेल' का प्रकाशन अर संपादन. 

भारत बिगल़ेणो परांत  देहरादून मा निवास अर फिर अंग्रेजी, हिंदी मा 'फ्रंटियर मेल' को प्रकाशन संपादन


२४- सतेन्द्र सिंह भंडारी (चौड़ीख , पौ.ग.स्वर्गवास - १९८३): डिल्ली मा फ्री लांसर जौर्नालिस्ट रैन.

१९६९ बिटेन पौड़ी बिटेन 'पौड़ी टाइम्स ' का संपादन अर प्रकाशन


२५-हुलास वर्मा (बिज्नौर, १८८७ -१९६०) देहरादून बिटेन पाक्षिक 'स्वराज्य सन्देश' क प्रकाशन


२६- स्वामी विचारानंद (प्रयाग,१९४०मा इहलोक वास  ) 'साप्ताहिक 'अभय' क संपादन, प्रकाशन.


२७-ठाकुर  चन्दन सिंह (1886 -१९६८ ( देहरादून मा 'नोर्दन टाइम्स' अर नोर्दन स्टार ' का

संपादन . फिर 'गोरखा संसार' अर स्वतंत्र नेपाली' क संपादन


२८- शहीद श्री देव सुमन (१९१५-१९४४) श्रीदेव सुमन न डिल्ली क साप्ताहिक 'हिंदु अर अंग्रेजी साप्ताहिक

'धर्म राज्य' क सम्पादकीय बिभाग मा काम करी


२९- कृपाराम मिश्र 'मनहर'  (सरूड़ा, १९०२-१९७५ ): गढ़ देश (१९२९-१९३०) को  प्रकाशन संपादन.

१९३४ मा फिर से प्रकाशन शुरू . १९४० मा साप्ताहिक 'सन्देश' को प्रकाशन शुरू पण जेल जाण से बंद.


३०-  हरिराम मिश्र (१९१८-१९८०) 'सन्देश' का सहकारी संपादक. १९५८ मा 'हिमालय की ललकार'.

हरिराम मिश्र 'चंचल' एक ओजस्वी पत्रकार छया.


३१- प्रताप सिंह नेगी (ढौरि, डबराल स्यूं, पौ.१८९७ -१९८०)स्वतंत्रता सेनानी , राजनीतिग्य, प्रताप सिंह नेगी अर

ज्योतिप्रसाद महेश्वरी न एक साप्ताहिक पत्र 'सन्देश' (१९३७) स्वतन्त्रता आन्दोलन तैं सब्बळ दीणो बान

शुरू कार.


३२- नरेंद्र सिंह भंडारी (जौरासी, चमोली, १९२०-१९८६) राजनैतिग्य लखनऊ मा 'कोंग्रेसी अखबार 'नया भारत' का संपादन कार


३३- प्रसिद्ध पत्रकार गोविन्द प्रसाद नौटियाल (नन्द प्रायद, चमोली,१९०१-१९८६(: अंग्रेजी अखब़ारूं जन की टाइम्स इंडिया,

स्टेट्स मैन , लीडर , हेराल्ड, हिंदुस्तान टाइम्स आदि का संवाददाता.


३४- शहीद उमेश डोभाल (सिरोली, इडवाळस्यूं, पौ.ग.१९५२-१९८८) बिजनौर टाइम्स, नव भारत टाइम्स, अमर उजाल़ा

आदि मा संवाददाता .

खोजी पत्रकारिता क वजे से शराब माफिया द्वारा  १९८८ मा ह्त्या


३५-संपादकाचार्य भैरव दत्त धुलिया (मदनपुर पौ.ग. , १९०१-१९८८): स्वतंत्रता सेनानी, विधयक,

जब 'कर्मभूमि' साप्ताहिक को जनम ह्व़े (लैंसडाउन १९३९) धुलिया जी अर भक्त दर्शन दुई संपादक छया .

फिर 'कर्म भूमि '  कोटद्वार आई अर १९८६ तलक भैरव दत्त धुलिया क संपादकत्व मा निरंतर छपणी रै


३६ पत्रकारिता का युग पुरुष ललिता प्रसाद नैथाणी (नैथाना , १९१३- १९८८) : पैल 'कर्मभूमि' क

संपादकमंडल मा काम कार. फिर 'सत्यपथ (१९५६) को प्रकाशन शुरू कार. सत्यपथ गढ़वाल को

नामी गिरामी, राष्ट्रवादी पत्र छौ 


३७- समाजसेवी, राज्नैतिग्य राम प्रसाद बहुगुणा (चमोली, १९२०-१९९०) १९५३ बिटेन साप्ताहिक 'देव भिमी' को प्रकाशन अर संपादन.

यू साप्ताहिक उत्तरी गढ़वाळ को बड़ो मशहूर  पत्र थौ.


३८- आचार्य गोपेश्वर कोठियाल (कूणजी . टि.ग.१९०९ -१९९९) युगवाणी का संपादक, प्रकाशक आचार्य गोपेश्वर जी '

युगवाणी' तैं शुरू करण वळ अर ये साप्ताहिक

तैं निरंतर चलाण वाळ छया. १९४७ बिटेन युगवाणी निरंतर छपेणी राई.  अब युगवाणी मासिक पत्र च


३९ धर्मानंद सेमवाल (रुद्रप्रयाग, १९५३-२००० ) धर्मानंद सेमवाल न पैल 'पर्वत मित्र' पाक्षिक अर फिर

'परिवहन मित्र' को प्रकाशन कार .


४०-  संघर्षशील पत्रकार मदन जोशी (सिंधार, पौ.ग १९५५-२००): पत्रकारिता मदन जोशी क हवस छे

पैल 'दून दर्पण' मा छई साल  काम कार.

१९८७ मा दयानंद अनंत क  'पर्वतीय टाइम्स'  मा ऐन. ओज्वासी लेख से युंकी प्रसिधी बढ़

१९९१-१९९२ तक आकशवाणी का उप संपादक रैन

१९९५-१९९६ से 'हिमालय दर्पण' देहरा दून मा उप संपादक रैन .

१९९६ मा दैनिक जागरण मा उपसंपादक रैन

४१- जुझारू मनिख स्वरुप ढौंडियाल (ढोड, पौ.ग १९३५-२००२)  हिंदी का प्रसिद्ध कथाकार, गढ़वा ळी नाटकूं

 लिख्वार स्वर्रोप ढौंडियाल न १९७३ बिटेन २००२ तक  'अलकनंदा' मासिक प्रकाशन अर सम्पादन कार .

४२- मुंबई क हिलांस अर्जुन सिंह गुसाईं ( ड़ान्गु , पौ.ग१९३४-२२००३) अर्जुन सिंग गुसाईं का नाम उत्तराखंडी

पत्रकारिता मा 'हिलांस ' (१९७८-१९९०, १९९२-१९९७) मासिक क कारण भौत प्रसिद्ध च . अपण टैम की या पत्रिका

साहित्यकारूं मा सम्माननीय पत्रिका रै.


४३- डा शिवा नन्द नौटियाल (कोठल़ा , पौ.ग.१९३६-२००४) प्रसिद्ध लोक साहित्य मर्मी , उत्तरप्रदेश का

भू.पू.उच्च शिक्षा मंत्री डा सिवा नन्द नौटिया न डिल्ली बिटेन १९६६ से  कुछ साल 'शैलोदय' पत्रिका का

संपादन /प्रकाशन बि कार


४४-धर्मानंद उनियाल (कफना, कड़ाकोट , टि.ग १९३६-२००९) धर्मानंद उनियाल की रिपोर्ट

स्थानीय अर राष्ट्रीय पत्रों मा छपदा छया


४५- पीताम्बर दत्त देवरानी (डुडेख , लंगूर, १९२५ -२००९) प्रसिद्ध मास्टर जी पीताम्बर दत्त जी न १९८६-१९८८ तक

साप्ताहिक 'कर्मभूमि क संपादन कार अर फिर १९८८-१९९४ तक 'सत्यपथ' क संपादन कार


४६ डा भक्त दर्शन ( भौरा ड, साबली, १९१७-१९९१)प्रसिद्ध राजनीतिग्य  भक्त दर्शन जी 'कर्मभूमि' का पैला संपादक छ्या.


४७- परुसराम नौटियाल : मुंबई बिटेन परुशराम नौटियाल न १९५२ मा 'नव भारत' का नाम से एक पत्रिका

प्रकाशित करी.


४८- शकुन्त जोशी : शकुन्त जोशी क गढ़वाळी मासिक 'रैबार' देहरादून बिटेन छपद छौ (कुछ समु तक इ)


४९-सतेश्वर आजाद  न पौड़ी बिटेन गढवाली पत्रिका क कुछ समौ तक प्रकाशन अर संपादन कार


५०- विनोद उनियाल (अमोल्डा, डबराल स्यूं) न डिल्ली बिटेन कुछ समौ तक 'मंडाण' अखबार

को प्रकाशन अर संपादन कार.   


५१- योगेश्वर धुलिया (मदनपुर) स्व. योगेश्वर धुलिया ण पैल कर्मभूमि मा काम कार

अर फिर १९७५ बिटेन 'तरुण हिंद' साप्ताहिक को प्रकाशन कुछ सालुं तक कार

५२-  हीरा लाल बडोला (ठनठोली, मल्ला ढान्गु १९३०-२००८) हीरा  बडोला न १९५५ से

 कुछ समौ तक   'उत्तराखंड' साप्ताहिक छाप अर संपादन कार

५३- प्रसिद्ध कलाविद स्व. बैरिस्टर  मुकंदी लाल न ' सन १९२२ मा कोटद्वार से ' तरुण कुमाओं' क प्रकाशन कार



Great Jounalists/Editors of Garhwal to be continued ....



Copyright@ Bhishm Kukreti

Bhishma Kukreti

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गढ़वाल के विभूतियाँ व समाज (मलारी युग से वर्तमान तक) - भाग - 54



Great Garhwali Personalities (Malari era to till date ) Part -54


                             Bhishm Kukreti
 

                         गढ़वाळ का नामी-गिरामी पत्रकार/संपादक -2



                            Great Jounalists/Editors of Garhwal - 2



                   सौ साल का जवान कुंवर सिंह नेगी "कर्मठ' : गढ़वाळ अर गढ़वाळी प्रति समर्पित जुझारू व्यक्तित्व



            सौ साल का कुंवर सिंह नेगी क स्वास्थ्य, प्रतिभा अर व्यक्तित्व बिलखणि च. कर्मठ जी एक स्वार्थहीन सामाजिक कार्यकर्ता.

गढवाळी साहित्य का प्रकाशक , लगन शील लेखक अर जीवट का संपादक छन. अच्काल इन व्यक्तित्व को सर्वथा

अकाळ पड्यूँ च .

        कुंवर सिंह कर्मठ को जनम सन उन्नीस सौ बारा मा पांग गौं , तहसील पौड़ी मा ह्व़े छौ.

              पैल पैल १९३६ मा पैमैस क टैम पर पेपर कु ठेका लीण से कुंवर सिंह उर्फ़ 'कर्मठ' जी 'हिल पेपर कोंट्रेकटर ' का

नाम से प्रसिद्ध ह्वेन. कुछ समौ परांत कर्मठ जी न कालेश्वर प्रेस की स्थापना कार जख बिटेन भक्त दर्शन जी

अर भैरव दत्त धुलिया जे क संपादकत्व मा 'कर्मभूमि' साप्ताहिक छ्पदो थौ.

    सन  1942   मा भक्त दर्शन जी अर धुलिया जीक जेल जाण मा 'कर्मभूमि' क संपादन को काम

 कर्मठ जी न सम्बाळ.

                     पैथर कुंवर सिंग नेगी जी कालेश्वर प्रेस तैं कोटद्वार लै गेन. सनै सनै कौरिक कालेश्वर प्रेस

कोटद्वार मा छपण वाळ पत्र-पत्रिकाओं जन कि कर्मभूमि, सत्यपथ, हितैषी , क्षत्रिय वीर,

देव भूमि, हिमालय की ललकार, अर 'आवाज' क मुद्रक बौणि गे . लैंसडौन अर श्रीनगर मा बि कालेश्वर प्रेस के

ब्रांच रैन .

                     सन १९७६ मा कर्मठ जीन 'गढ़ गौरव मासिक' पत्रिका क प्रकाशन अर सपादन शुरू का. 'गढ़ गौरव '

पत्रिका सन १९७६ बिटेन आज तक छपेणि रौंदी .


           कर्मठ जी न गढवाली कथामाला , जैलाल वर्मा क 'गढवाली शब्दकोश, वेताल पचीसी , अर

अदित्य्राम दुधपूड़ी क भौत सी किताब क आलावा ग्ध्वालियों का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान,

डा पीताम्बर दत्त बडथ्वाळ क साहित्यिक जीवनी जन किताबुं प्रकाशन कार .


              भौत सी संस्थाओं न सौ साल कु जवान कुंवर सिंह नेगी ji  क सम्मान कार.


                 कुंवर सिंह नेगी 'कर्मठ' जी कोटद्वार मा रौंदन .



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गढवाळ का नामी लोक अर ज़ात (मलारी जुग बिटेन अज्युं तलक ) - फड़की -55


गढ़वाल के विभूतियाँ व समाज (मलारी युग से वर्तमान तक) - भाग - 55



Great Garhwali Personalities (Malari era to till date ) Part -54


           Bhishm Kukreti
 

गढ़वाळ का नामी-गिरामी पत्रकार/संपादक -3

                             

भग्यान /स्व. परिपूर्णा नन्द पैन्यूली (छोळ , टिहरी, १९२६-स्वर्गीय) भग्यान/स्व. परिपूर्णा नन्द पैन्यूली

टिहरी रियासत क एक बागी,स्वतंत्रता सेनानी, लिखवार, संसद ,

पत्रकार अर संपादक छया भात स टैम पर राष्ट्रीय अर स्थानीय पत्रों मा खबर दीन्दा छया

 भौत समौ तलक 'हिमानी' मासिक क प्रकाशन अर संपादन .



भग्यान/स्व  भगवती चरण निर्मोही (सिराल़ा , कंडवाल स्यूं , १९११-स्वर्गीय) : टिहरी रियासत्त

का बागी, द्वी दें विधयाक, गढवाळी का कवि,भग्यान भगवती चरण निर्मोही 'लैंसडाउन बिटेन

'लैंसडाउन बिटेन छपेण  वाळ हफ्तावार 'उत्तर भारत' अर हरिद्वार बिटेन छपण  वाळ मासिक 'तीर्थ संदेस'

मा सह-संपादक रैन 

भग्यान /स्व.मधुर (कुकरेती) शास्त्री(चंपा, अजमेर, पौ.ग.१९०५-स्वर्गीय) भग्यान   मधुर शास्त्री स्वतंत्रता सेनानी .

लिखवार,  पत्रकार अर संपादक छया. मिलाप, अर्जुन, शक्ति, गढ़वाळी का खबरची रैन अर 'समृद्ध भारत'

हफ्तावार पत्र का संपादक रैन

भग्यान/स्व. मस्तराम बलूणी (देव बडी, डबराल्स्युं  १९५०-भग्यान ) :  भग्यान मस्तराम बलूणी

क दियां लेख अर खबर पंजाब केसरी, अमर उजाला, हिंदुस्तान, कीर्ति मा छपदा छया.

'सीमान्त वार्ता' साप्ताहिक का भग्यान मस्तराम बलूणी कार्यालय संपादक रैन फिर

कोटद्वार मा 'हिसाब किताब' हफ्तावार का संपादन , प्रकाशन कार . एक टैम

पर हिसाब किताब भ्रष्टाचार अर भ्रस्टाचारयूँ पल खुलण मा अग्वाड़ी को  पेपर माने जांद छौ.

भग्यान/स्व डा. महावीर प्रसाद गैरोला (सतेश्वर  मोहल्ला, टिहरी १९२२-भग्यान) गढवाली, अंग्रेजी, हिंदी

क उपन्यासकार, कथाकार, कवि , दार्शनिक भग्यान डा. महावीर प्रसाद गैरोला न 'नैतिकी' मासिक

क प्रकाशन अर संपादन सन १९६६ बिटेन शुरू कार पण कंळदारौ ९पैस, धन) समस्या से बन्द करण पोड़. 

भग्यान/स्व. रमा प्रसाद घिलडियाळ (बड़ेथ, मल्ला ढान्गु, मूल गां डांग , १९११-भग्यान)  हिंदी

क कथाकार, उपन्यासकार, बामपंथी साहित्य का पुरोधा , घडवा ळी भाषा का अभिनव समर्थक,

 भग्यान/स्व. रमा प्रसाद घिलडियाळ टाइम्स इंडिया, स्टेट्समैन का अंग्रेजी भाषाई संवाददाता रैन अर

फिर अमृत बाजार पत्रिका का संपदक बि रैन. ''कर्मयोग'मासिक अर 'भविष्य' साप्ताहिक मा

यशपाल जि क दगड सम्पादन कार . 'नया साहित्य'पत्रिका क सफल संपादन से बडी प्रसिधी.

भग्यान/स्व. राधा कृष्ण कुकरेती (तल्ला नौगाँव, उदयपुर, पौ.ग. १९३५- भग्यान) मार्क्सवाद- बामपंथ को धड्वे,

हिंदी का पर्वतीय jeewan  का कथाकार भग्यान राधा कृष्ण कुकरेती न बीस सालुं से बि जादा दिन तलक

देहरादून बिटेन 'नया जमाना साप्ताहिक' को प्रकाशन अर संपादन कार.   

भग्यान/स्व राधा कृष्ण वैष्णव(नन्दप्रयाग, १९२९-भग्यान)  भग्यान राधा कृष्ण वैष्णव हिन्दुस्तान टाइम्स अर भौत सा

समाचार पत्रों मा प्रखर संवाददाता रैन. गढवाळ  का पत्रों मा भग्यान राधा कृष्ण वैष्णव  बि खबर दीन्दा छया.





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                              Nand Kishor Nautiyal :Famous For Dhakad Patrkarita
                                     
                                        Bhishma Kukreti
   
                 Most of the Uttrakhandis of Mumbai and elsewhere think that Nand Kishor Nautiyal has worked with Blitz only and his life was very easy. However, Nand Kishor Nautiyal passed through many  ups and down before becoming editor of Hindi Blitz and chairman of  Badrinath Kedarnath Mandir Samiti . Presently he is  chairman of hindi academy Maharashtra government and publishes a weekly Nutan Savera. He also supported late H N Bahuguna in his political convention of Congress For Democracy in Mumabi
      Nand Kishor Nautiyal  was born in 1931, in Masan, Patti-Sitaunsyun, Pauri Garhwal.
  Nautiyal  came to Mumbai in 1950 and joined Lokmanya a Hindi daily as sub editor. He was transferred to Nagpur as deputy editor of a Hindi daily Lokamat a sister concern of  Lokmanya .
                          The lifestyle of Nagpur did not attract young Nand Kishor and in 1951, Nautiyal joined the editorial board of Sarita a Hindi monthly magazine. The management of Delhi Publishing House (Sarita , Champak, etc) is always different  and its style of working is very different than other publications in India. Young Nautiyal left journalist profession and joined trade union movement in Delhi around 1951-52 In Delhi, he became editor of  “Parvtiya Jan” and  Himalaya Times
In Delhi only, Nad Kishor took the editorial responsibilities of news letters of A I T U C and  Majdor Neta

                  Nautiyal  reentered in journalism proffesion in 1960 when he joined ‘Nayi Kahaniyan’ and later on joined ‘Hindi Times as sub editor.
 In 1962, he came back to Mumbai and joined Hindi weekly Blitz and in 1973, he became editor of the said weekly .
When Karanjiya stopped Blitz publication nautical started his own weekly by Nutan Savera

   Nand Kishor Nautiyal  was an active member of Garhwal Bhratri Mandal (an oldest social organization) . He participates enthusiastically Uttrakhandi  social activities in Mumbai , he is always straightforward in putting his thought and does not believe in mincing the words.

Copyright @ Bhishma Kukreti, Mumbai, 2009

 

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