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मेरा पहाड़ / Mera Pahad:
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सादर,
मेरा पहाड़ टीम

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Regards,
Mera Pahad Team

Anil Arya / अनिल आर्य:
जेनेवा फेस्टिवल
में दिखा उत्तराखंड
देहरादून। जेनेवा फेस्टिवल में उत्तराखंड पर्यटन की सुंदर तस्वीर के दर्शन हुए। उत्तराखंड पैवेलियम में लगे स्टाल और प्रदर्शनी में दर्शकों ने उत्तराखंड पर्यटन से जुडे़ विभिन्न पहलुओं को नजदीक से जाना और समझा।
इस फेस्टिवल के बाद उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने उम्मीद जताई है कि यूरोपियन मार्केट से बड़ी संख्या में पर्यटकों को प्रदेश में लाने में सफलता मिलेगी। जेनेवा में चार से 14 अगस्त तक यह फेस्टिवल चला। इसमें उत्तराखंड पर्यटन विभाग की ओर से भी भागीदारी की गई। उत्तराखंड में योग, आध्यात्म, खूबसूरत पर्वतीय लोकेशन को प्रकट करती प्रदर्शनी में दर्शकों ने दिलचस्पी दिखलाई। हस्तकला का भी इस मौके पर प्रदर्शन किया गया। समापन कार्यक्रम में भारत सरकार के पर्यटन सचिव आरएच ख्वाजा, काउंसलर जनरल अनिल शर्मा, जेनेवा टूरिज्म डिपार्टमेंट के सीएमडी फिलिप विगनोन, डायरेक्टर कम्युनिकेशन मितितजा बोडी, असम सरकार के मंत्री चंदन ब्रहमा ने भाग लिया। उन्होंने उत्तराखंड पेवेलियन का निरीक्षण किया। पर्यटन विभाग की रीजनल टूरिस्ट आफिसर दिल्ली, पूनम चंद्र के अनुसार, जेनेवा फेस्टिवल उत्तराखंड पर्यटन के व्यापक प्रसार प्रसार में सफल रहा।
•पर्यटन विभाग को भविष्य में लाभ की उम्मीद
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Anil Arya / अनिल आर्य:
पर्वतीय गांधी को पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
देहरादून। पर्वतीय गांधी इंद्रमणि बड़ोनी की 12वीं पुण्यतिथि पर उत्तराखंड क्रांति दल (पी) ने उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। जबकि उत्तराखंड क्रांति दल (डी) के कार्यकर्ताओं ने घंटाघर स्थित बड़ोनी की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया।
बृहस्पतिवार को उत्तराखंड क्रांति दल की तरफ से कचहरी स्थित शहीद स्मारक पर उत्तराखंड आंदोलन के प्रेरणास्रोत इंद्रमणि बड़ोनी की पुण्यतिथि पर उनको भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि स्व बड़ोनी ने अविभाजित उत्तर प्रदेश की विधानसभा में अलग राज्य की पुरजोर वकालत की थी। अलग राज्य उनकी प्राथमिकता में था। इसलिए उन्होंने उत्तराखंड की जनता को इसके लिए जागरुक किया। उन्होंने रंगमंच में सक्रिय रहते हुए जनता की आवाज को उठाया।
उन्होंने कहा कि स्व. बड़ोनी और राज्य आंदोलन के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि राज्य में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सशक्त आंदोलन खड़ा किया जाए। जिससे कि भ्रष्टाचारी सलाखों के पीछे पहुंचाए जा सके। इस अवसर पर केंद्रीय उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत, जिलाध्यक्ष एनके गुसाईं, बहादुर सिंह रावत, मोहन सिंह रावत, अमन चौहान, प्रशांत जखमोला, हरीश पाठक, सुलोचना बहगुणा आदि मौजूद थे। वहीं, उत्तराखंड क्रांति दल (डी) ने घंटाघर स्थित स्व. बड़ोनी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनको श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह चुफाल, डीएन टोडरिया, वीरेंद्र बडोला, सुनील ध्यानी, प्रमोद डोभाल, प्रकाश जोशी, सुनील पंत, विकास शर्मा आदि मौजूद थे।
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Devbhoomi,Uttarakhand:
पानी को तरस रहे पंद्रह हजार लोग
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रुद्रप्रयाग, : नगर क्षेत्र की 15 हजार से भी अधिक आबादी पांच दिनों से पानी को तरह रही है। पहले से ही बेहाल पड़ी पेयजल लाइनें अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, लेकिन जल संस्थान है कि पानी की लाइन को ठीक नहीं कर रहा।

रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। सोलह अगस्त को बारिश के चलते नगरीय पेयजल योजना सूजीबगड़ के समीप 60 मीटर से भी अधिक क्षतिग्रस्त हो गई थी। योजना के कई पाइप पुनाड़ गदेरे में बह गए। इस योजना से नगर आठ वार्डो की लगभग 15 हजार से भी अधिक आबादी जुड़ी हुई है। पांच दिन से लोग पानी के भटक रहे हैं।

हालांकि, विभाग की ओर से वैकल्पिक तौर से पुनाड़ गदेरे से पानी सप्लाई किया जा रहा है। पर यह पानी गंदा है और पीने लायक नहीं है।

वहीं, क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत का कार्य जल संस्थान ने शुरू तो कर दिया, लेकिन उसकी गति बहुत धीमी है। वहीं इन हालतों में नगर वासी हैंड पंपों व पुनाड़ गदेरे से बर्तनों में पानी ला रहे हैं।

क्या कहते हैं उपभोक्ता-

पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हुए पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था जल संस्थान द्वारा नहीं की गई है, जबकि इन हालातों में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर टैंकरों से पानी सप्लाई किया जाना चाहिए, परंतु अभी तक कोई सुविधा नहीं है।

-गणेश सेमवाल, प्रकाश कप्रवान, एसएस नेगी, गोविंद सिंह राणा, मेहरबान बुटोला स्थानीय निवासी रुद्रप्रयाग।

क्या कहते हैं अधिकारी-
सूजीबगड़ के समीप योजना के ईआरडब्लू एवं पैंसठ एमएम, अस्सी एमएम व चालीस एमएम के पाइप क्षतिग्रस्त है, जिनके मरम्मतीकरण का कार्य चल रहा है। इस स्थान पर पहाड़ी पर लगातार स्लाडिंग होने से कार्य करने में दिक्कतें आ रही है।

-आरसी खंडूड़ी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान रुद्रप्रयाग

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6306737.html

adhikari harish dhoura:
 गणेश पाण्डेय, दन्यां: गत पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश से समूचे तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों में इस कदर भय और दहशत का आलम है कि दुर्गम पहाड़ी पर बसे गांवों के लोग रात भर जागरण कर रहे हैं। विकास खंड धौलादेवी के अन्तर्गत धार, अजा बस्ती मयोली, सेरी और सेलकनाला सहित दुर्गम पहाड़ी ढलान पर बसे तोकों का अस्तित्व खतरे में है। आसन्न खतरे को देखते हुए दर्जनों परिवार अन्यत्र शरण लेने को विवश हो गये हैं।

14 अगस्त से लगातार हो रही बारिश ने क्षेत्र में इस कदर तांडव मचाया कि अब तक तीन दर्जन से अधिक परिवारों को अन्यत्र बसाया जा चुका है। इनमें एक दर्जन से अधिक ऐसे परिवार हैं जिनका सर्वस्व आपदा का ग्रास बन चुका है। गोठ में बंधे मवेशियों सहित घर में रखा सारा सामान जमींदोज हो गया है। दन्यां के समीप धार गांव के दीप चंद्र और आनन्द बल्लभ के परिवार के पास तन के कपड़ों के सिवा कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि तेज बारिश में आवासीय मकान में इस कदर मलवा घुसा कि घर में रखे कीमती सामान और मवेशियों को बाहर निकालने का अवसर ही नहीं मिल पाया। पंचायत घर में शरण लिये रूआसे परिजनों की आंखों में तबाह हुए मकान को देख कर आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस तोक में रह रहे अन्य आधा दर्जन परिवारों के मकानों को भी खतरा बना हुआ है। कमोबेश यही हाल अजा बस्ती मयोली और सेलकनाला तोक में रह रहे लोगों का भी है। मारे डर के भले ही उन्होंने अन्यत्र शरण ली हो लेकिन ध्वस्त होने के कगार पर खड़े अपने अपने घरों को देख कर वे फफक रहे हैं।

मलबे में चार दिन बाद जिंदा मिली गाय

दन्यां: धार गांव में ध्वस्त हुए दो मकानों के मलबे को आज स्थानीय सामाजिक कार्यकत्र्ताओं ने साफ किया। मलबे में दबे भैंस, गाय, बकरियों की लाश को बाहर निकाला गया। जाको राखे साइंया..वाली कहावत तब चरितार्थ हुई जब चार दिनों से मलबे में दबी एक गाय जिंदा थी। लोगों ने बमुश्किल उसे बाहर निकाला। दो परिवारों के घरों में रखे जेवरात, बर्तन सहित अन्य सामग्री पूरी तरह से तहस-नहस हो चुकी थी।

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