Author Topic: Garhwali Folk Drama, Folk Theater, Community Rituals and Traditional Plays गढ़वा  (Read 18580 times)

Bhishma Kukreti

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 17,241
  • Karma: +22/-1
Music Notation of Rag Darbari used in a Chaunfula Garhwali Folk Dance-Song

Characteristics of Garhwali Folk Dramas, Folk Theater/Rituals and Traditional Plays part -194         
Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music part -24   

 गढ़वाली लोक नृत्यगीत- संगीत (गढ़वाली लोक नाटकों ) में शास्त्रीय संगीत स्वर लिपि, ताल, राग रागिनी-24 
                             
                     Presented by Bhishma Kukreti (Folk Literature Research Scholar)
 राग पहाड़ी (सूलताल या झपताल ) में एक चौंफुळा नृत्य -गीत की संगीत लिपि

राग पहाड़ी में एक और चौंफुळा नृत्य -गीत की संगीत स्वर -लिपि दृस्टव्य है जिसमे सूलताल या झपताल का सुंदर प्रयोग हुआ है -
म्यरि देवि ज्वालपा
सौजड़या दे  मीलाई
तेरी जातरा   आई
सौजड़या दे  मीलाई
स  ध# ।  सा  रे ।  ग  रे  । गम@ -  ।  रे  सा
म्य  रि ।  दे  वि । ज्वा s । लs@  s  ।  पा -
सा  ग   ।  ग -  ।  रे   -   । ग    -     ।  रे  सा
सौ ज    ।  ड़या  s । दे  s ।  मी  s     ।   ला  ई
गीत के अन्य पद भी इसी तरह गाये जाएंगे

s =आधी अ
@ - नीचे अर्धचन्द्राकार चिन्ह
#  चिन्ह नीचे बिंदी है 
मूल संगीत लिपि -दया शंकर भट्ट , दिव्य संगीत (अप्रकाशित )
      संदर्भ - डा शिवा नंद नौटियाल , गढ़वाल के लोकनृत्य गीत
           इंटरनेट प्रस्तुति - भीष्म कुकरेती



Copyright@ Bhishma Kukreti 9/8/2014 for interpretation notes   
Contact ID -bckukreti@gmail.com
Characteristics of Garhwali Folk Drama, Community Dramas; Folk Theater/Rituals and Traditional to be continued in next chapter
1-Dr Shiva Nand Nautiyal, Garhwal ke Loknritya Geet
2- Keshav Anuragi, Nad Nandani (Unpublished)
3- Dayashankar Bhatt, Divya Sangit (Unpublished)
4- Glossary of Indian Classic Music
 XX
Notes on Music Notation of Rag Darbari used in a Chaunfula Garhwali folk Dance-Song; Music Notation of Rag Darbari used in a Chaunfula Garhwali folk Dance-Song from Pauri Garhwal; Music Notation of Rag Darbari used in a Chaunfula Garhwali folk Dance-Song from Chamoli Garhwal; Music Notation of Rag Darbari used in a Chaunfula Garhwali folk Dance-Song from Rudraprayag Garhwal; Music Notation of Rag Darbari used in a Chaunfula Garhwali folk Dance-Song from Tehri Garhwal; Music Notation of Rag Darbari used in a Chaunfula Garhwali folk Dance-Song from Uttarkashi Garhwal; Music Notation of Rag Darbari used in a Chaunfula Garhwali folk Dance-Song from Dehradun Garhwal; Music Notation of Rag Darbari used in a Chaunfula Garhwali folk Dance-Song from Haridwar Garhwal;



Bhishma Kukreti

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 17,241
  • Karma: +22/-1
 Music Notation of Garhwali Folk Dance-Song Prabhati

 

Characteristics of Garhwali Folk Dramas, Folk Theater/Rituals and Traditional Plays part -195       

Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music part -25 

 

 गढ़वाली लोक नृत्यगीत- संगीत (गढ़वाली लोक नाटकों ) में शास्त्रीय संगीत स्वर लिपि, ताल, राग रागिनी-25

                             

                     Presented by Bhishma Kukreti (Folk Literature Research Scholar)

 

 

स्थाई चरण - रबी भानूं कांठों  चड़ी  ऐ गैना  , देवी सीता जी५

सहायक चरण - ब्यूजी गैना पंचनाम देवा ये देवी सीता जी

            सस्ना बन्द चकवे की दुरो मंद तारा सीता जी

            गौं की गुलबंद खुची , पंथी पंथूं को चली सीता जी

            पूरब उज्याळी पंछी बोल्दीं देवी सीता जी

           गंगा जाल भरि ला दे गागरी देवी सीता जी

           राम जी को नयेण की ये बेला देवी सीता जी

           राम जी को लादे धोती पीताम्बरी देवी सीता जी

           

 

चैत महीने में औजियों द्वारा ढोल -दमाऊ के साथ गाये जाने वाले नृत्यात्मक गीतों को 'चैती' कहा जाता है।  सुबह के समय गाये जाने वाले नृत्यात्मक गीत को 'प्रभाती ' व संध्या गीत को 'श्याम कल्याणी ' कहा जाता है।

प्रभाती चैती नृत्य गीत पूर्वार्ध सप्तकी लोक गीतों की श्रेणी में आता है।  इस नृत्य गीत में सभी चरण स्थायी चरण की सहायक चरण की धुन में गाये जाते हैं।  इस रचना में 8 वीं और 22 वीं मात्राओं में ताल हैं तथा 15 वीं व 29 वीं मात्राओं में खाली हैं।  यह गीत 39 मात्राओं की विशिष्ठ ताल मे निबद्ध है।

               स्थायी चरण

                                           प                      म

रे  मं   -  पं  -  धं   प   ।  प   ध    म   रेम   रेम  प      पध

र बी  s भा s नूं  s । कां  ठों  s चs  ss  ड़ी  ss 

म  -   -   सा  -  रे   -   । ध#  -   सा  - रे   म  -

ऐ   s  s गै s  ना s । दे  s वी  s सी  s  s

प  -    ध       प       म    -    -   -   -   -   -    ।    रे  म   -

ता  s   s      s      जी    s   s   s   s   s   s ।   र    बी  s

*उपरोक्त लिपि में प के नीचे म और म के नीचे पध हैं।

ढोल सागर के आधार पर गीत में प्रयुक्त ताल की तालिका

1  2    3    4   5       6   7  ।   8  9  10  11  12     13  14  15  16  17  18  19  20  21  ।  22  23  24  25   26  27  28  29  30  31  32  33  34 35  36  37  38  39 ।

झे नन तु   झे नन्@  ता  s ।   झे गा   तु   झे  नन@  ता  s   त   ग   ता   झे    गु  ता   -    ।  झे   गा   झे   न्ह न्    ता   -    ता   s    क्   झे  गा   तु   झे  गा    s  ता   s ।

s =आधी अ

@ - नीचे अर्धचन्द्राकार चिन्ह

# चिन्ह नीचे बिंदी का है जैसे फ़ारसी  शब्दोँ में लगता हैं

मूल संगीत लिपि -केशव अनुरागी , नाद नंदनी (अप्रकाशित )
      संदर्भ - डा शिवा नंद नौटियाल , गढ़वाल के लोकनृत्य गीत
           इंटरनेट प्रस्तुति - भीष्म कुकरेती

Bhishma Kukreti

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 17,241
  • Karma: +22/-1
Music Notation, Music Script/ Swar Lipi of Garhwali Folk Dance-Song -Shyam Kalyani

Characteristics of Garhwali Folk Dramas, Folk Theater/Rituals and Traditional Plays part -196         
Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music part -26   

 गढ़वाली लोक नृत्यगीत- संगीत (गढ़वाली लोक नाटकों ) में शास्त्रीय संगीत स्वर लिपि, ताल, राग रागिनी-26 
                             
                     Presented by Bhishma Kukreti (Folk Literature Research Scholar)

'श्याम कल्याणी' लोक नृत्य- गीत की स्वरलिपि

 
चैत महीने में औजी लोग श्याम कल्याणी संध्या समय गायी जाती है और अति महत्व पूर्ण लोक नृत्य -गीत है -
स्थाई चरण - झै माता सकल भवानी

सहायक चरण - जल थल उदपी भवानी झै माता सकल भवानी
द्यूल थाल कपास की बाती माता सकल भवानी
सवा गज जोत जगाई माता सकल भवानी
माता को रिंगद छतर चढ़ाई झै माता सकल भवानी
द्यबतौं की तू ध्याणी भवानी माता सकल भवानी
दैन्तू को दल भगसीणे भवानी माता सकल भवानी
यक दांत अगास यक दंत पाताल माता सकल भवानी
लोई तिसाली मासू की मुकाली माता सकल भवानी
खडग चक्र लेकी आजा माता सकल भवानी

श्याम कल्याणी' लोक नृत्य- गीत की स्वरलिपि

भिन्न षडज से गाये जाने वाले 'श्याम कल्याणी' नृत्यगीत में ढोल की 21 मात्राएँ होती हैं।
   ढोल के स्वर -
झे  गु  तु   ।  झे  ग  ता  -  ।  त  ग  तु   झे  - क  झे । गा  तु   झे  गा   -  ता   - ।

                    स्थाई चरण
ध#  सा  -  ।  रे  प   म   -   ।  म  ग  रे  सा  घ#  सा  -  ।  रे   -    -  सा  -   -   -  ।
झै     s   s । मा s ता  s । स क  s ल   s भ  s । वा s  s नी s s s ।

             सहायक चरण

 ध#   सा  -    । सा  -  सा  - ।  ध# ध# सा  रे  - रे  - । सा  रे  - सा

ज   ल   s  । थ  s  ल    s ।  उ  द   s   पी  s भ s । वा  s  s नी
-    ध# - । ध#  सा - । रे  प  - म ।   म  ग रे  सा ध# सा - । रे
s   s  s  । झै   मा  s । मा  s ता  s ।  स  क s ल    s     भ  s । वा
-   -  सा  -  -  - ।
s  s   नी s  s  s ।
शेष चरण इसी तरह गाये जाएंगे। 

s =आधी अ
@ - नीचे अर्धचन्द्राकार चिन्ह
# चिन्ह नीचे बिंदी का है जैसे फ़ारसी  शब्दोँ में लगता हैं
मूल संगीत लिपि -केशव अनुरागी , नाद नंदनी (अप्रकाशित )
      संदर्भ - डा शिवा नंद नौटियाल , गढ़वाल के लोकनृत्य गीत
           इंटरनेट प्रस्तुति - भीष्म कुकरेती

Copyright@ Bhishma Kukreti  11/8/2014 for interpretation notes   
Contact ID -bckukreti@gmail.com
Characteristics of Garhwali Folk Drama, Community Dramas; Folk Theater/Rituals and Traditional to be continued in next chapter
1-Dr Shiva Nand Nautiyal, Garhwal ke Loknritya Geet
2- Keshav Anuragi, Nad Nandani (Unpublished)
3- Dayashankar Bhatt, Divya Sangit (Unpublished)
4- Glossary of Indian Classic Music
 XX
Notes on Music Notation, Music Script/ Swar Lipi of Garhwali Folk Dance-Song -Shyam Kalyani; Music Notation, Music Script/ Swar Lipi of Garhwali Folk Dance-Song -Shyam Kalyani from Haridwar Garhwal; Music Notation, Music Script/ Swar Lipi of Garhwali Folk Dance-Song -Shyam Kalyani from Dehradun Garhwal; Music Notation, Music Script/ Swar Lipi of Garhwali Folk Dance-Song -Shyam Kalyani from Uttarkashi Garhwal; Music Notation, Music Script/ Swar Lipi of Garhwali Folk Dance-Song -Shyam Kalyani from Tehri Garhwal; Music Notation, Music Script/ Swar Lipi of Garhwali Folk Dance-Song -Shyam Kalyani from Rudraprayag Garhwal; Music Notation, Music Script/ Swar Lipi of Garhwali Folk Dance-Song -Shyam Kalyani from Chamoli Garhwal; Music Notation, Music Script/ Swar Lipi of Garhwali Folk Dance-Song -Shyam Kalyani from Pauri Garhwal;


Bhishma Kukreti

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 17,241
  • Karma: +22/-1
Music Notation, Music Script, Swar Lipi  of Garhwali Folk Dance- Song Dopahar ki Chaiti ( Rag Dhani- Teen Tal)

Characteristics of Garhwali Folk Dramas, Folk Theater/Rituals and Traditional Plays part -197         
Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music part -27   

 गढ़वाली लोक नृत्यगीत- संगीत (गढ़वाली लोक नाटकों ) में शास्त्रीय संगीत स्वर लिपि, ताल, राग रागिनी-27 
                             
                     Presented by Bhishma Kukreti (Folk Literature Research Scholar)
दोपहर की चैती लोक गीत  स्वर संगीत लिपि

औजी चैत माह में अपने ठाकुरो के गाँव में जाकर ढोल- दमाऊ बजाते थे व बड़ा मांगते थे (प्रशंसा गीत )।  प्रातः काल , संध्या व दोपहर के गीत व ताल अलग अलग होते हैं।
निम्न गीत दोपहर का गीत है -

वो दान्यों माँ को दानी राजा बली दानी ,
वो दान्यों माँ को दानी को राजा बतेंद। 
वो दान्यों माँ को दानी छ राजा कर्णदानी ,
कश्यप ऋषि का हिरण्यकश्यप ह्वैन राजा बलिदानी।

 राग धानी -तीन ताल (मध्य लय )
 गीत की स्वर लिपि इस प्रकार है -

प   प    प   पसां@   ।  सां   सां   सां   सां   ।  प    प   म   म   । गम   सा   -,  सा
दा  न्यों  माँ  कोs      । दा    नी     रा   जा    ।  ब  लि  ब   ता   । येंs    द    s , वो
सा  ग  म    प         ।  ग   म    नि    -     ।  प    प   म   म   । गम   सा   -,  सा
दा  न्यों  माँ  कोs      । दा    नी     रा   जा   । क   र्ण   ब   ता   । येंs    द    s , वो

शेष पंक्तियाँ भी इसी लय में गाये जाते हैं।   
s =आधी अ
@ - नीचे अर्धचन्द्राकार चिन्ह
#१  चिन्ह नीचे बिंदी व - का है 
मूल संगीत लिपि -दया शंकर भट्ट , दिव्य संगीत (अप्रकाशित )
      संदर्भ - डा शिवा नंद नौटियाल , गढ़वाल के लोकनृत्य गीत
           इंटरनेट प्रस्तुति - भीष्म कुकरेती

Copyright@ Bhishma Kukreti 12/8/2014 for interpretation notes   
Contact ID -bckukreti@gmail.com
Characteristics of Garhwali Folk Drama, Community Dramas; Folk Theater/Rituals and Traditional to be continued in next chapter
References -
1-Dr Shiva Nand Nautiyal, Garhwal ke Loknritya Geet
2- Keshav Anuragi, Nad Nandani (Unpublished)
3- Dayashankar Bhatt, Divya Sangit (Unpublished)
4- Glossary of Indian Classic Music
 XX
Music Notation, Music Script, Swar Lipi  of Garhwali Folk Dance- Song Dopahar ki Chaiti ( Rag Dhani- Teen Tal) ; Music Notation, Music Script, Swar Lipi  of Garhwali Folk Dance- Song Dopahar ki Chaiti ( Rag Dhani- Teen Tal) from Uttarkashi Garhwal; Music Notation, Music Script, Swar Lipi  of Garhwali Folk Dance- Song Dopahar ki Chaiti ( Rag Dhani- Teen Tal) from Tehri Garhwal; Music Notation, Music Script, Swar Lipi  of Garhwali Folk Dance- Song Dopahar ki Chaiti ( Rag Dhani- Teen Tal) from Rudraprayag Garhwal; Music Notation, Music Script, Swar Lipi  of Garhwali Folk Dance- Song Dopahar ki Chaiti ( Rag Dhani- Teen Tal) from Chamoli Garhwal; Music Notation, Music Script, Swar Lipi  of Garhwali Folk Dance- Song Dopahar ki Chaiti ( Rag Dhani- Teen Tal) from Pauri Garhwal; Music Notation, Music Script, Swar Lipi  of Garhwali Folk Dance- Song Dopahar ki Chaiti ( Rag Dhani- Teen Tal) from Haridwar Garhwal; Music Notation, Music Script, Swar Lipi  of Garhwali Folk Dance- Song Dopahar ki Chaiti ( Rag Dhani- Teen Tal) from Dehradun Garhwal;

Bhishma Kukreti

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 17,241
  • Karma: +22/-1
Music Notation, Music Script, Swar Lipi of Garhwal Folk Dance Song - Mela Nritya Geet

Characteristics of Garhwali Folk Dramas, Folk Theater/Rituals and Traditional Plays part -198         
Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music part -28   

 गढ़वाली लोक नृत्यगीत- संगीत (गढ़वाली लोक नाटकों ) में शास्त्रीय संगीत स्वर लिपि, ताल, राग रागिनी-28 
                             
                     Presented by Bhishma Kukreti (Folk Literature Research Scholar)

-----  मेलों के लोकनृत्य -गीत की संगीत स्वर लिपि ---
मेले -ठेलों में मनोरंजनार्थ गीत गाये जाते हैं और उसी प्रकार नृत्य किया जाता है।

कजे - कज्याणी :    तल्या स्यारा सिमी स्यारा मल्या स्यारा  गिजार .
सबि कजे :            चला स्याळी मंदरोळी बनाद्यौ का बजार
सबी कज्याणी :      नाक कि विसोर नी च किलै औं मी बजार
सबि कजे :            विसोर त्वेकू तखी ल्यूंल़ो चल स्याळी बजार
सबि कज्याणी :      टाट की टटोळी नी च किलै औं मी बजार
सबि कजे :             टटोळी त्वेकू तखी ल्यूंल़ो चल स्याळी बजार
सबि झण :           तल्या स्यारा सिमी स्यारा मल्या स्यार गिजार
 
Meaning of some words 
सिमार = दलदल, Muddy 
विसोर = नाक की बुलाक, Nose Ornament
टाट = गला , Neck
टटोळी = गले की हंसुळी/खग्वळी, Necklace       


रे  पध@   मरे@ । मप@  -  धमप@  ।  म  -  प   धप@   ।  मरे@  रे  सासा@
त  ल्या    s   s   ।  स्या  s रा   s  । सिs  मी   ss   । स्या   s  रs
च  लाs   s s  । स्या s ळीs       ।   मंs द   s  s  । रो  s  s ळीs
घसा@  रेम@  पध@ ।  मप@  - घप@ ।   मम@  पम@    रे  । रे  साध@  सा
म  ल्या   s  s  ।     स्या   s रा s   ।  गिs  जाs  s  ।  र  s  s  s
ब  नाs  s  s  ।  द्यौ  s  s   काs  ।  बs  जाs    s  । र s  s  s

   
शेष चरण इसी तरह गाये जाएंगे। 

s =आधी अ
@ - नीचे अर्धचन्द्राकार चिन्ह
# चिन्ह नीचे बिंदी का है जैसे फ़ारसी  शब्दोँ में लगता हैं
मूल संगीत लिपि -केशव अनुरागी , नाद नंदनी (अप्रकाशित )
      संदर्भ - डा शिवा नंद नौटियाल , गढ़वाल के लोकनृत्य गीत
           इंटरनेट प्रस्तुति - भीष्म कुकरेती



Copyright@ Bhishma Kukreti 13/8/2014 for interpretation notes   
Contact ID -bckukreti@gmail.com
Characteristics of Garhwali Folk Drama, Community Dramas; Folk Theater/Rituals and Traditional to be continued in next chapter
References -
1-Dr Shiva Nand Nautiyal, Garhwal ke Loknritya Geet
2- Keshav Anuragi, Nad Nandani (Unpublished)
3- Dayashankar Bhatt, Divya Sangit (Unpublished)
4- Glossary of Indian Classic Music
 XX

Bhishma Kukreti

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 17,241
  • Karma: +22/-1
Music Notation, Music Script, Swar Lipi of Garhwal Folk Dance Song – Gweeral Fuli Ge 

Characteristics of Garhwali Folk Dramas, Folk Theater/Rituals and Traditional Plays part -199         
Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music part -29   

 गढ़वाली लोक नृत्यगीत- संगीत (गढ़वाली लोक नाटकों ) में शास्त्रीय संगीत स्वर लिपि, ताल, राग रागिनी-29 
                             
                     Presented by Bhishma Kukreti (Folk Literature Research Scholar)

ग्वीराळ फूल फूलिगे म्यार भीना लोकनृत्य -गीत की संगीत स्वर लिपि -- -

 
        स्थाई चरण - ग्वीराळ फूल फूलिगे म्यार भीना
        सहायक चरण -  माल़ू बेडा फ्यूलड़ी फूलिगे भीना
                           झपन्याळी सकिनी  फूलिगे भीना
                          घरसारी लगड़ी फूलिगे भीना
                         द्यूंळ-थान कुणजु  फूलिगे भीना
                           गैरी गदनी तुसार  फुलिगे भीना
                           डांडयूँ फुलिगे बुरांस म्यार भीना
                           डळ फूलों बसंत बौडिगे भीना
                         बसंती रंग मा रंगदे भीना
                         ग्वीराळ फुलिगे म्यारा भीना
         म    घ  -   ।   प   -   -   -   ।  रेसा   -   -   ।  घसा  -  सा   -
          ग्वी  s   s । रा   s   s  s   ।  ळ    s   s   ।   फू    s  ल  s
           रे   म   - ।  ध   प   प -    ।  ध    -   प    ।   म    -  रे   म
         फू   लि   s   ।  गे    s  म्या  s ।  रा    s   s   ।    भी   s  ना  s
          ध   -     -   ।   प    -     -   -  ।    सा  -     -  ।    सा  -  सा  -
           ग्वी  s   s । रा   s   s  s     ।  ळ    s   s   ।   फू    s  ल  s
           रे    म  -  ।  प   -   रे  -     ।   म    -    -     ।   म   -   म  -
          फू   लि   s   ।  गे    s  म्या  s ।  रा    s   s   ।    भी   s  ना  s

शेष चरण इसी तरह गाये जाएंगे। 

s =आधी अ
@ - नीचे अर्धचन्द्राकार चिन्ह
# चिन्ह नीचे बिंदी का है जैसे फ़ारसी  शब्दोँ में लगता हैं
मूल संगीत लिपि -केशव अनुरागी , नाद नंदनी (अप्रकाशित )
      संदर्भ - डा शिवा नंद नौटियाल , गढ़वाल के लोकनृत्य गीत
           इंटरनेट प्रस्तुति - भीष्म कुकरेती


Copyright@ Bhishma Kukreti 15/8/2014 for interpretation notes   
Contact ID -bckukreti@gmail.com
Characteristics of Garhwali Folk Drama, Community Dramas; Folk Theater/Rituals and Traditional to be continued in next chapter
References -
1-Dr Shiva Nand Nautiyal, Garhwal ke Loknritya Geet
2- Keshav Anuragi, Nad Nandani (Unpublished)
3- Dayashankar Bhatt, Divya Sangit (Unpublished)
4- Glossary of Indian Classic Music
 XX

Bhishma Kukreti

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 17,241
  • Karma: +22/-1
Music Notation, Music Script, Swar Lipi of Garhwal Folk Dance Song – Gado Gulband, Gulband Ko Nagina   

Characteristics of Garhwali Folk Dramas, Folk Theater/Rituals and Traditional Plays part -200         
Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music part -30   

 गढ़वाली लोक नृत्यगीत- संगीत (गढ़वाली लोक नाटकों ) में शास्त्रीय संगीत स्वर लिपि, ताल, राग रागिनी-30 9 
                             
                     Presented by Bhishma Kukreti (Folk Literature Research Scholar)
गाड़ो गुलबंद एक घसियारी लोकनृत्य -गीत की संगीत स्वर लिपि --

स्थाई चरण - गाड़ो गुलबंद , गुलबंद को नगीना,
                 त्वै तैं  मेरी सासू  ब्वारी युं की अगीना। 
सहायक चरण - बुडड़ी लगौंद जवानी का रीसा
                     बुडड़ी तैं धरला पुंगड़ी का ढीसा। 
                 गाड़ो गुलबंद , गुलबंद को नगीना,
                 त्वै तैं मेरी सासू  ब्वारी  की अगीना।
                   में से नि रयांदु सासू  की जेल मा,
                स्वामी जी घौर आवा बैठिकी रेल मा। 
म  रेप  प  म  ।  रे  -  सा -  ।   मरे    म     -  प  ।  -   -  प  ध 
गा    s    ड़ो    s    ।  गु    s   ल   s  ।  बंs     s     s  द  ।   s  s गु  ल
सां   सां   सां  रेंसां   । -  धप प  - ।  ध   ध   प प ।  म म रे -

बं   द   को    s      । s न   गी  s  ।   ना     s     s    s  ।     s     s    s s
म  रेम  प    म     ।  रे - सा  -  । मरे#  म  -   प ।   -  -  प  ध
त्वै  s   तैं  s  । मे s री   s । साs   s  s  सू ।  s  s  ब्वा  s
सां सां सां रेंसां । -  प  ध -  ।  म  -  -  -   ।   -  -  -  -                     
 s  री  की    s ।   s अ  गी   s ।  ना   s     s    s  ।     s     s    s s
       शेष चरण इसी तरह गाये जाएंगे। 
s =आधी अ
@ - नीचे अर्धचन्द्राकार चिन्ह
# चिन्ह नीचे बिंदी का है जैसे फ़ारसी  शब्दोँ में लगता हैं
मूल संगीत लिपि -केशव अनुरागी , नाद नंदनी (अप्रकाशित )
      संदर्भ - डा शिवा नंद नौटियाल , गढ़वाल के लोकनृत्य गीत
           इंटरनेट प्रस्तुति - भीष्म कुकरेती



Copyright@ Bhishma Kukreti 16/8/2014 for interpretation notes   
Contact ID -bckukreti@gmail.com
Characteristics of Garhwali Folk Drama, Community Dramas; Folk Theater/Rituals and Traditional to be continued in next chapter
References -
1-Dr Shiva Nand Nautiyal, Garhwal ke Loknritya Geet
2- Keshav Anuragi, Nad Nandani (Unpublished)
3- Dayashankar Bhatt, Divya Sangit (Unpublished)
4- Glossary of Indian Classic Music
 XX


Bhishma Kukreti

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 17,241
  • Karma: +22/-1
Music Notation, Music Script, Swar Lipi of Garhwal Folk Dance Song – Bajli Teri Jhanvari

Characteristics of Garhwali Folk Dramas, Folk Theater/Rituals and Traditional Plays part -201         
Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music part -31   

 गढ़वाली लोक नृत्यगीत- संगीत (गढ़वाली लोक नाटकों ) में शास्त्रीय संगीत स्वर लिपि, ताल, राग रागिनी-31
                             
                     Presented by Bhishma Kukreti (Folk Literature Research Scholar)
'बाजलि तेरी झांवरी 'लोकनृत्य -गीत की संगीत स्वर लिपि --

         बाजलि तेरी  झांवरी  छमाछम
स्थाई - बाजलि तेरी  झांवरी  छमा छम- ओ हो
         बिगरैली खुट्यूं की भग्यानी - बाजलि - - -
अंतरा - गोरी मुखड़ि माँ  घुंगटि खैंचकि खिच हैंसदि तू
          अनार -मेली  सी दांतुड़ी दिखौंदी ,
          करळी आंख्युं ना अगाड़ी हेरदि पिछाड़ी देखदि,
          करळी  ऊँठड़ि   दंतुन दबांदि
           लटुलि  फुपतै की गुस्सा माँ  ठम ठम जब  हिटिदि,
           तब भग्यानी बाजलि तेरी  झांवरी  छमाछम ।

                ताल -दादरा (मध्यलय )

स्थाई -
ध#   सा  सा ।  रे  म  म । प  ध  - । म  म   - । रे  म  प  ।  म  सा  रे
बा    ज  लि  । ते  री  झां । व  री s । छ मा  s । छ  म ओ । हो  s  s
म  ध  ध   ।  प  ध  ध  । रे  म  प । म  सा  रे । ध#  सा  सा । रे  म   म
बि  ग  रै  ।  ली  खु  s ।  ट्यूं की भ। ग्या नी s । बा    ज  लि  । ते  री  झां

अंतरा -
                          सां
प  प  ध  ।  ध  ध  ध  ।  प  प  ध  । ध  ध  ध  । प  प  ध  ।  ध  ध  ध
गो री मु   ।  ख  ड़ि माँ । घुं  ग   टि। खैं च  कि   । खि च हैं  । स  दि तू
प  प  ध  ।  ध  ध  ध  ।  प  ध  म ।  प  ध  ध । इसी तरह दूसरा अंतरा
अ ना र   । मे  ली  सी । दां  तु  ड़ी ।  दि  खौं दी । का दूसरा चरण भी है
ध#  सा  सा । रेम  सा  सा  ।  रे  म  म  । धध  ध  धा  । प  प  म  । प  ध  -
ल  टु   लि  । फुप  तै की ।     गु  स्सा माँ । ठम ठ म ।  ज   ब हि  ।  टि दि -

                                    सां
ध  ध   प  ।  ध   रें  सां  । ध   ध  ध  । प  प  म  । प  ध  - । प  म  -
त   ब भ  ।  ग्या   s नी । बा   ज  लि ।  ते  री झां । व  री  s ।छ  मा s
मम  -  -  । सा  सा  रे  ।
छम  s s । ओ हो हो  ।

शेष चरण इसी तरह गाये जाएंगे। 

s =आधी अ
@ - नीचे अर्धचन्द्राकार चिन्ह
# चिन्ह नीचे बिंदी का है जैसे फ़ारसी  शब्दोँ में लगता हैं
मूल संगीत लिपि -केशव अनुरागी , नाद नंदनी (अप्रकाशित )
      संदर्भ - डा शिवा नंद नौटियाल , गढ़वाल के लोकनृत्य गीत
           इंटरनेट प्रस्तुति - भीष्म कुकरेती

Copyright@ Bhishma Kukreti 17/8/2014 for interpretation notes   
Contact ID -bckukreti@gmail.com
Characteristics of Garhwali Folk Drama, Community Dramas; Folk Theater/Rituals and Traditional to be continued in next chapter
References -
1-Dr Shiva Nand Nautiyal, Garhwal ke Loknritya Geet
2- Keshav Anuragi, Nad Nandani (Unpublished)
3- Dayashankar Bhatt, Divya Sangit (Unpublished)
4- Glossary of Indian Classic Music
 XX
Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music; Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music from Pauri Garhwal, South Asia; Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music from Dehradun Garhwal, South Asia; Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music from Uttarkashi Garhwal, South Asia; Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music from Rudraprayag Garhwal, South Asia; Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music from Tehri Garhwal, South Asia; Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music from Chamoli Garhwal, South Asia; Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music from Haridwar, Garhwal, South Asia;

Bhishma Kukreti

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 17,241
  • Karma: +22/-1
Music Script, Music Notation of a Folk Dance Song showing Tension of Inter-Cast Marriage- मायाधर- भूमादेय

Characteristics of Garhwali Folk Dramas, Folk Theater/Rituals and Traditional Plays part -202         
Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music part -32   

 गढ़वाली लोक नृत्यगीत- संगीत (गढ़वाली लोक नाटकों ) में शास्त्रीय संगीत स्वर लिपि, ताल, राग रागिनी-32
                             
                     Presented by Bhishma Kukreti (Folk Literature Research Scholar)

 Music Script, Music Notation of a Folk Dance Song showing Tension of Inter-Cast Marriage

 
पैथर कोरस गीत -बा-दी -यों की बेटी भू-मा-देय
                           बो-ल़ू-रई  जाणो तेरा झम   
                           बा-म-णु का बेटा मायाधर
                                बो-ल़ू-रई जाणो झम
(स्वांग थौळ (स्टेज, मंच) मा मायाधर अर भूमा आन्दन )
मायाधर --- कुमाळी ठाण भूमादेय
                 कुमाळी सी ठाण भूमा झम
                 वेबाठा की बात नि पूछणि
                  जै- वेबाठा नि जाणो  भूमा झम
मायाधर --- क्वी मारी की ढोल ल़ो भूमा
                  बू-रो-च जमानो भूमा झम
भुमदे --------मा-ऱी-देलो क्वी त डैर क्यांकि
                    म-र-णे  टाळी कैन झम
भुमादे --------तू-छै- बड़ी जात मायाधर
                     मैं-छौं छोटी जात माया झम
मायाधर-------छौं -बा-म-ण गौं क बेटा मैं त
                     तू-बा-म-ण गौं की बेटी झम
                     स-ब्बि देस का लाडला हम
                     ऊं-च नीच को च झम
भुमदे ------में-रा-बाना  तिन मा-या-धर
                 घ-र-बार छोडि याले झम
मायाधर----ती-न- भी मेरा बाना भूमा
                जो-ग- णी भेख लेये झम 
मायाधर ----- नि -हो-णी ह्व़े जांद होणि भूमा
                     दि-ल -मि-लि जाणा  चिंद झम
                    धौ-ळी बि अथाह थाह देंद
                     आ -गा -स -भी देंद  राह झम
मायाधर-------ज्यू-णो--वैको च सुफल भूमा
                     मो-ऱी-को अमर होंदी झम
                     जै-की-खुद मा दुनिया सारी
                      द-ण-म-ण रोंद झम
कोरस गीत- --बा-दि-यूँ की बेटी भूमादेय 
                     बो-ल़ू-रई-जा-णो तेरो झम 

राग काफी (एकताल अथवा कहरवा ( (मध्यलय )

एकताल - धिं धिं धागे त्रिकिट ट तू ना क त्ता धागे त्रिकिट धिं नाना
कहरवा - धा  गि  नति नक धिन , धागि नति नक धिन धागि नति नक धिन
स्थाई --------------------------------------
नि  -   ।  सा - । रे  ग  ।  रे  सा  ।  रे  ग  ।  रे  सा
बा s । दी  s ।  यों की । बे टी  । भू मा । दे य

नि  - । सा - । रे  ग  ।  रे  सा  ।  रे  ग  ।  रे  सा

बो s । ल़ू s । र ई ।  जा णो ।ते रा । झ म 

नि  - । सा - । रे  ग  ।  रे  सा  ।  रे  ग  ।  रे  सा
बा s। म s। णु का । बे टा । मा या। ध र

नि  - । सा - । रे  ग  ।  रे  सा  ।  रे  ग  ।  रे  सा
बो s । ल़ू s । र ई ।  जा णो ।ते रा । झ म 

अंतरा -----------------------------------------
प - ।  प  - । प  नि । ध  प  । रे   ग   ।  रे  सा

कु -। मा s। ळी सी । ठा ण ।भू मा । दे य

नि  - । सा - । रे  ग  ।  रे  सा  ।  रे  ग  ।  सा  -
कु -। मा s। ळी सी । ठा ण ।भू मा । झ म 
नि  - । सा -  ।   रे  ग  ।  रे  सा  ।  रे  ग  ।  रे  सा
बे s । बा s । ठा  की। बा त । नि पू। छ णि
नि  - । सा - । रे  ग  ।  रे  सा  ।  रे  ग  ।  सा  -
जै s । बा s । ठा नि ।जा णो  ।भू मा । झ म


गीत के शेष पदों के प्रारम्भिक दो चरण अंतरा की प्रारम्भिक दो पंक्तियों  स्वरावलि में और शेष दो पद स्थाई की अंतिम दो पंक्तियों की स्वरांजलि में गाये बजाए जायेंगे।
सातवें पद की बाद पुनः गायक -वादकों द्वारा समवेत गायन -वादन पटाक्षेप  पश्चात
s =आधी अ
@ - नीचे अर्धचन्द्राकार चिन्ह
#१  चिन्ह नीचे बिंदी व - का है 
मूल संगीत लिपि -दया शंकर भट्ट , दिव्य संगीत (अप्रकाशित )
      संदर्भ - डा शिवा नंद नौटियाल , गढ़वाल के लोकनृत्य गीत
           इंटरनेट प्रस्तुति - भीष्म कुकरेती


Copyright@ Bhishma Kukreti 18/8/2014 for interpretation notes   
Contact ID -bckukreti@gmail.com
Characteristics of Garhwali Folk Drama, Community Dramas; Folk Theater/Rituals and Traditional to be continued in next chapter
References -
1-Dr Shiva Nand Nautiyal, Garhwal ke Loknritya Geet
2- Keshav Anuragi, Nad Nandani (Unpublished)
3- Dayashankar Bhatt, Divya Sangit (Unpublished)
4- Glossary of Indian Classic Music
 XX

Bhishma Kukreti

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 17,241
  • Karma: +22/-1
Music Script, Music Notation of a Badi-Badan Folk Dance Song फ्योंलड़ी को रंग देखी

Characteristics of Garhwali Folk Dramas, Folk Theater/Rituals and Traditional Plays part -203           
Classical Rag Ragini, Tal, Bol, Music Beats, Music Notations or Music Scripts in Garhwali Folk Songs and Folk Music part -33   

 गढ़वाली लोक नृत्यगीत- संगीत (गढ़वाली लोक नाटकों ) में शास्त्रीय संगीत स्वर लिपि, ताल, राग रागिनी-33
                             
                     Presented by Bhishma Kukreti (Folk Literature Research Scholar)
एक बादी- बादण लोकनृत्य -गीत की संगीत स्वर लिपि

गीत  के बोल -
स्थायी -
फ्योंलड़ी को रंग देखी
सुरीजा धुमैलो।
सहायक चरण -
बादल सी , छड़ी गात सेलंगी सी डाळी,
धमेली माँ धोती जनी  राती जुनख्याळी,
मुखड़ी  सूना की थाळी
सुरीजा धुमैलो।। फ्यूँलोड़ी  ....

---ताल रूपक (बिलम्बित )  निबद्ध -
स्थायी चरण -
ध   सा    -  रे  -  म  प  । ध  धसां   सां   रेंप  - पम  धप
फ्यों   ल  s ड़ी  s को  s । रं   गs   s   sदे  s    खीs 
प  ध   -  रे  -   प   -   । म   -   -   सा   -  रे   साध 
सु  री  s जा   s  धु  s  । मै   s   s  लो  s  s  s  s

अंतरा -

ध  रें   -  रें  -  रेंसा   धसां ।  ध   सां  -  सां  -  पम  प
बा  द  s  ल   s       सीs ।   छ   ड़ी   s गा  s  तs  s

म   रे  -   प  -  प     -   ।   प  ध   म   प  - ध   -
से  लं  s  गी   s  सी   s ।  डा  s  s   ळी  s   s  s 

ध   सां  -  सां   -   सां  -  ।  सां  रें  रें  सां  -  ध  -
ध  मे   -  ली   s  माँ   s । धो  ती  s  ज  s  नी s

प  ध  -   प    -    म  -   ।  म    प    म   प     -  ध  -
रा  ती  s  जु  s   न   s   । ख्या  s    s     ळी   s   s  s 

ध   सा  -  रे    -    म  -  ।  ध  ध   -  सांप  -   पम  धप
मु   ख  s  ड़ी   s  सू  s  ।  ना की  s  sथा   s  ळीs s s

प   ध  -     रे  -    प     -  ।   म   -  -  सा   -   रे  साध
सु   री  s   जा  s  धु       s     । मै   s   s   लो s    s      s     s


s =आधी अ
@ - नीचे अर्धचन्द्राकार चिन्ह
#१  चिन्ह नीचे बिंदी व - का है 
मूल संगीत लिपि -दया शंकर भट्ट , दिव्य संगीत (अप्रकाशित )
      संदर्भ - डा शिवा नंद नौटियाल , गढ़वाल के लोकनृत्य गीत
           इंटरनेट प्रस्तुति - भीष्म कुकरेती

Copyright@ Bhishma Kukreti 19/8/2014 for interpretation notes   
Contact ID -bckukreti@gmail.com
Characteristics of Garhwali Folk Drama, Community Dramas; Folk Theater/Rituals and Traditional to be continued in next chapter
References -
1-Dr Shiva Nand Nautiyal, Garhwal ke Loknritya Geet
2- Keshav Anuragi, Nad Nandani (Unpublished)
3- Dayashankar Bhatt, Divya Sangit (Unpublished)
4- Glossary of Indian Classic Music
 XX

 

Sitemap 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22