Author Topic: Kumauni & Garhwali Poems by Various Poet-कुमाऊंनी-गढ़वाली कविताएं  (Read 515398 times)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0
नि बिसरलो नि बिसरलो

नि बिसरलो नि बिसरलो
द्वि अक्टूबर ये मेरु उत्तराखंड

कन बिसरलो कन बिसरलो
मातृ जननी को लाज मेरु खंड

कैल बिसरण देन कैल बिसरण देन
निर्दोष मनखी पर ये अत्त्याचार

ऐग्याई ऐग्याई फिर कलो दिन
जिकडो च सबकु खिन -भिन

नई चेनु हम थे तुमरी शोक सभा
मुलायम मायवती थे तू दिला सजा

नि बिसरलो नि बिसरलो
द्वि अक्टूबर ये मेरु उत्तराखंड

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http://balkrishna-dhyani.blogspot.in/search/
http://www.merapahadforum.com/
में पूर्व प्रकाशित -सर्वाधिकार सुरक्षित

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0
Sudesh Bhatt

पाटी...पुत्या

घुट्या पुत्या पाटी अर बुखल्या
कम्यडु खडिया हरचिन दगडया
कच्ची एक पक्की एक धारों धारी गेन
एल.के जी यू.के.जी नर्सरी ह्वेन
ईमला निबंध हरची सुलेख
अंग्रेजी क जमन मा हरची आलेख
पहाडा बैराखडी हरची सिलेट
बुये बाब ह्वेगेन मम्मी डैड
चटाई हरची यैगेन कुर्सी
बगदी हवा मा मौडर्न गुरजी
गुणा भाग क कठिन सवाल
मौबेल मा हल करना छन गुरजी
हरची पंद्रह अगस्त २६ जनवरी
गांधी जयंती की प्रभात फेरी
शहीदों की हुंदी छै गौं गौं मा जय जयकार
गौं गौं मा घुमदी छे स्कूल्यों की टोली
पैली निशुल्क शिक्षा लालटेन बाली क
रात मा भी पढांद छ्या गुरजी
अब त चंट छात्र भी तबी पास ह्वालु
जब ट्युसन पढण कुन गुरजी म जालु
घुट्या पुत्या पाटी बुखल्या
कम्यडु खडिया हरचैन दगडया
कच्ची एक पक्की एक धारों धारी गेन
एल.के जी यू.के.जी नर्सरी.......

सर्वाधिकार सुरक्षित @लेखक सुदेश भटट(दगडया) की प्रकाशनाधिन पुस्तक "धै"बिटी साभार

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0
श्री भरत सिंह नेगी पहाड़ी मित्र.....

कांधी मा काखड़ि,
मुंड मा अमेर्थ,
कख होलु जाणु भुला,
प्‍यारा पहाड़ मा.......

मन मा ऊलार छ,
पहाड़ सी प्‍यार छ,
खाणु वख की सब्‍बि धाणि,
पेणु छोया ढुंग्‍यौं कू पाणी,
किलैकि पहाड़ सी प्‍यार छ......

-जगमोहन सिंह जयाड़ा जिज्ञासु
दिनांक 29.9.2015

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0
जगमोहन सिंह जयाड़ा जिज्ञासु
September 23 at 3:46pm · Edited ·

भटट भुजेंण लग्‍यां था....

तवा मा भटट भुजेंण लग्‍यां था,
ह्युंद कू मैनु लग्‍युं थौ,
तवा मा तिड़ तिड़ होण लग्‍युं थौ,
कोन्‍ना मा लम्‍पु जग्‍युं थौ.....

एक भग्‍यान देळि मा आई,
भूत छौं यनु बताई,
दादिन गाळी भौत दिनिन,
वे जथैं भटट की मुटट चलाई....

-जगमोहन सिंह जयाड़ा जिज्ञासु
रचना सर्वाधिकार सुरक्षित
दिनांक 23.9.2015

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0
आज उतराखंडी फिल्म तरीका कुसुम चौहान जी और भगवान चंद जी लघु फिल्म देखी हिमालयन न्यूज़ पर उनके शानदार अभिनय और मार्मिक विषय को देख ये कविता तैयार हो गयी है
घाम मा जनानो की छु लगणी च हे दीदी
दिल्ली ब्वारी दिल्ली मा खप सक्दीन
अगर मजबूरी मा उत्तराखंड ऐगिन त
दिल्ली का ही गीत गांदीन
वी फर कैकु अड़ायु नि लगदु
बस गिच्चा एक छवी चा
मम्मीजी iam वर्किंग वोमन
मि आप जनु बैकवर्ड नि छो
अपणा अगने पिछने
सब्भु तै गवाणया समझदिन
अफु तै इत्गा मोर्डेन समझदिन
कबि किटी पार्टी त कभि ब्यूटीपार्लर खुटी रंदीन
स्येंदी दा बि लिपस्टिक पतोडी स्येदीन
म्येरा छोरा तै बि उत्तराखंड मा आकाल छो पडियु
ज्यू ब्वारी निहोणया दिल्ली मा खुजे
चला फण्डफुका दीदी भूलियो हौर छवी लांदा
दिल्ली ब्वारियु तै दिल्ली छोड़ा
अर घाम तापा ..............................................शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0
Shailendra Joshi
September 17 at 9:07pm · Edited ·

जै दिन सैरी दुनिया मायादार ह्वै जाली
जात पात धरम करम कुटुंब कबीला से
ऐंच बात होली वी दिन
दुनिया एक ह्वै जाली ....शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0
दाल मैंगी चौल सस्तु
इन्नी बक्की बात
हूँण राली
वू दिन दूर नि अब
दाल भात से दूर हवे जाली................शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0
नि बिसरलो नि बिसरलो

नि बिसरलो नि बिसरलो
द्वि अक्टूबर ये मेरु उत्तराखंड

कन बिसरलो कन बिसरलो
मातृ जननी को लाज मेरु खंड

कैल बिसरण देन कैल बिसरण देन
निर्दोष मनखी पर ये अत्त्याचार

ऐग्याई ऐग्याई फिर कलो दिन
जिकडो च सबकु खिन -भिन

नई चेनु हम थे तुमरी शोक सभा
मुलायम मायवती थे तू दिला सजा

नि बिसरलो नि बिसरलो
द्वि अक्टूबर ये मेरु उत्तराखंड

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http://balkrishna-dhyani.blogspot.in/search/
http://www.merapahadforum.com/
में पूर्व प्रकाशित -सर्वाधिकार सुरक्षित

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0
भुल्दा मनखी

जिकोड़ो दियू ये माया संभाले ना
जुनि थे ये बाटा भाये ना …… २

दूर बाटा खूब भागी ये सहेरा कू …… २
मन नि लागि यख अखेरा कू

उड़ दा चखुला बल उड़ा दा जा
तिल संसार कथये न समझी पायो रे

भुल्दा मनखी बल तू भुल्दा जा
तिल अपरू परायु नि जनि पायो रे …… २

द्वि दिना की ये दुनिया रे …… २
फिर बी अक्ल दाढ़ तेरी नि आये रे

बगदा पानी बल बगदी जा
कैल तेथे यख ना समझी पायो रे

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http://balkrishna-dhyani.blogspot.in/search/
http://www.merapahadforum.com/
में पूर्व प्रकाशित -सर्वाधिकार सुरक्षित

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0
व्हैग्याई डिजिटल

व्हैग्याई डिजिटल
देश व्हैग्याई डिजिटल
फेसबुक अपरा मुखडी
मुखडी देख रंग ग्याई
व्हैग्याई बल डिजिटल … २

पाणी नि मिल्नु
बिजली नि अब तक ऐई
बांज पौड़ी गे सारी पुंगड़ी
बल कैल चरण ये मा हैल
व्हैग्याई बल डिजिटल … २

भूख नंगा अब भी छिन
रोजगार क्ख्क च जरा बोल्दिन्
बेरोजगारों की फौज खड़ी
स्मार्ट मोबाईल हौस बड़ी
व्हैग्याई बल डिजिटल … २

मिल त कुछ नि बोलण
अब त डिजिटल ही चलण
देखा मुखडी अपरी अपरी सजै
कन देखेणु भुलु मि भी बतै
व्हैग्याई बल डिजिटल … २

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http://balkrishna-dhyani.blogspot.in/search/
http://www.merapahadforum.com/
में पूर्व प्रकाशित -सर्वाधिकार सुरक्षित

 

Sitemap 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22