MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers

*
  • Home
  • Apna Uttarakhand
  • MeraPahad

Welcome, Guest. Please login or register.
Did you miss your activation email?

Login with username, password and session length

  • Home
  • Help
  • Search
  • Calendar
  • Login
  • Register

जानिये अनुसूया मंदिर चमोली के बारे में।            Debate-Should Gairsain Be Permanent Capital of Uttarakhand            How to use MeraPahad Forum            Listen Pahadi Songs Online           

  • MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers »
  • Uttarakhand »
  • Utttarakhand Language & Literature - उत्तराखण्ड की भाषायें एवं साहित्य (Moderators: dinesh bijalwan, Saket Bahuguna) »
  • Poet Gumani - लोककवि गुमानी : साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व

!!

Registration

Please Register To View All Content (Photos, Videos, Audio Files)

collapse

Recent Topics

Articles By Bhisma Kukreti - श्री भीष्म कुकरेती जी के लेख by bhishma kukreti
[Yesterday at 08:10:11 PM]


Jagar: Calling Of God - जागर: देवताओं का पवित्र आह्वान by bhishma kukreti
[Yesterday at 08:09:41 PM]


History of Uttarakhand, Kumaon & Garhwal-उत्तराखंड का इतिहास (कुमाऊ & गढ़वाल) by bhishma kukreti
[Yesterday at 06:00:18 PM]


REMARKABLE ACHIEVEMENTS BY UTTARAKHANDI - उत्तराखंड के लोगो की उपलब्धिया by एम.एस. मेहता /M S Mehta
[Yesterday at 12:23:27 PM]


Currupt System in Uttarakhand - ये कैसा भ्रष्टाचार है उत्तराखण्ड में? by krantiveer
[Yesterday at 11:48:45 AM]


Articles & Poem on Uttarakhand By Brijendra Negi-ब्रिजेन्द्र नेगी की कविताये by Brijendra Negi
[Yesterday at 10:19:52 AM]


Satire on various Social Issues - सामाजिक एव विकास के मुद्दों और हास्यवंग्य by bhishma kukreti
[Yesterday at 08:09:20 AM]


It Happens Only In Uttarakhand - यह केवल उत्तराखंड में होता है ? by एम.एस. मेहता /M S Mehta
[May 19, 2013, 03:23:09 PM]


Lyrics Of Uttarakhandi Songs - कुमाऊंनी एवं गढ़वाली गीतों के बोल by एम.एस. मेहता /M S Mehta
[May 19, 2013, 02:38:57 PM]


Khadia Mines In Uttarakhand - खडिया के खान by एम.एस. मेहता /M S Mehta
[May 19, 2013, 12:48:53 PM]

Poll

  • क्या आप मानते हैं कि हमारे कुल देवी-देवता हमारे दुःख-दर्द में सहायक हैं ?
  • Dot मैं इस बात में विश्वास करता हूँ।
  • 26 (81%)
  • Dot मैं इस बात में बिलकुल भी विश्वास नहीं करता हूँ।
  • 2 (6%)
  • Dot कुछ हद तक मैं इस बात में विश्वास करता हूँ।
  • 4 (12%)
  • Total Members Voted: 32
  • View Topic

Hot Topics

  • topic CHAR DHAM OF UTTARAKHAND - BADRINATH, KEDARNATH, GANGORTI & YAMNOTRI
  • topic Uttarayani Fair Bagehswar in Photos-फोटो उत्तरायनी मेला बागेश्वर
  • topic Hisotry of Garwali Old Poems - गढ़वाली कविताओं का पुराना इतिहास
  • topic Live Chat with Uttarakhand Music Icon Narendra Singh Negi Ji -2:30 pm, 23 Oct 09
  • topic RACHANA DIWAS 2010, 6 June Almora
  • topic Mahakali Temple Gangolihat, Pithorgarh - गंगोलीहाट कालिका
  • topic Tribute To Gopal Babu Goswami - गोपाल बाबू गोस्वामी(महान गायक) की यादे
  • topic Photographs of Kapkote (Bageshwar) कपकोट क्षेत्र (बागेश्वर) की तस्वीरें
  • topic Kedartal Uttarkashi Uttarakhand,केदारताल उत्तरकाशी उत्तराखंड
  • topic From My Pen : कुछ मेरी कलम से....
  • topic Gopal Babu Goswami - गोपाल बाबू गोस्वामी उत्तराखंड के महान गायक
  • topic Technological Methods Of Uttarakhand - उत्तराखण्ड की प्रौद्यौगिकी पद्धतियाँ
  • topic CONNECTION OF FAMOUS PERSONALITIES WITH NAINITAL AND OTHER PLACES OF UK ?
  • topic Live Chat With Gajendra Rana(Famous Singer) On 11 Jul 2008 At 11:00AM
  • topic Holy Mantras Related To Our Culture - हमारी संस्कृति से संबंधित मंत्र
  • topic Uttarakhand In High Earth Quake Zone-उत्तराखंड अति स्वेदन भूकंप जोन में
  • topic प्रसिद्ध उत्तराखंडी महिलाये एवम उनकी उपलब्धिया !!! FAMOUS UTTARAKHANDI WOMEN !!!
  • topic Singer Rajnikant Semwal will 2nd time represent Uttarakhand Folk in Poland
  • topic Stone Pelting: Devidhura Fair - देवीधूरा की बग्वाल: आधुनिक युग में पाषाण युद्ध
  • topic National Park In Uttarakhand - उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध अभ्यारण्य
  • topic Milam Glacier, Munsiyari Uttarakhand-मिलम ग्लेशियर उत्तराखंड
  • topic दहेज़ प्रथा अभिशाप है, Dowry system is an evil
  • topic Unmukt Chand Crickter from Uttarakhand-उन्मुक्त चंद क्रिकेट खिलाड़ी उत्तराखंड से
  • topic Almora Famous Hill Station of Uttarakhand - सांस्करतिक नगरी अल्मोरा शहर
  • topic Analysis of Uttarakhand Assembly Election 2012-चुनाव विश्लेष्ण
  • topic Currupt System in Uttarakhand - ये कैसा भ्रष्टाचार है उत्तराखण्ड में?
  • topic Wild Animal Menace In Uttarakhand-उत्तराखण्ड में जंगली जानवरों का आतंक
  • topic Salt: At A Glance - सल्ट: एक नजर में
  • topic Char Dham Yatra 2011 details-from 06 May 2011 - चार धाम यात्रा २०११
  • topic Dhari Devi Temple, District Pauri, Uttarkhand- धारी देवी सिद्दीपीठ, उत्तराखंड
  • topic Custom of Sacrificing Animals,In Uttarakhand,(उत्तराखंड में पशुबलि की प्रथा)
  • topic Weather Reports from Uttarakhand - उत्तराखण्ड में मौसम के हाल
  • topic जौनसार बावर उत्तराखंड -JAUNSAR BAWAR UTTARAKHAND
  • topic Chandra Singh Garhwali : वीर चन्द्र सिंह "गढ़वाली"
  • topic Beautiful Roads & Path Of Uttarakhand : उत्तराखण्ड की सुन्दर सड़कें और रास्ते
  • topic उत्तराखंड में रोपणि की खूबसूरत तस्वीरें,Phots Of Transplanting of Rice In UK
  • topic Exclusive photos of Haridwar Uttarakhand-हरिद्वार की कुछ नई फोटो
  • topic Enjoy Uttarakhand Trip with "Where Eagle Dare" Group
  • topic Some Unique Photos of Pahad- ये कुछ हट के फोटो पहाड़ की- हास्य भी
  • topic गयारहगाँव हिंदाव, की माता जगदी,Jagadi Mata Hindav Tehri Uttarakhand
  • Send this topic
  • Print
Pages: [1] 2 3 4 5

Author Topic: Poet Gumani - लोककवि गुमानी : साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व  (Read 13952 times)

0 Members and 2 Guests are viewing this topic.

हेम पन्त

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 4,477
  • Karma: 43
  • Gender: Male
    • Myor Pahar
Poet Gumani - लोककवि गुमानी : साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
« on: May 21, 2008, 03:03:35 PM »
आकाश में चमकते लाखों सितारों के बीच कुछ सितारे अचानक तेज रोशनी के साथ चमक कर गायब हो जाते हैं.. उसके बाद उनके अस्तित्व के बारे में गौर करने वाला कोई नहीं होता.. ऐसा ही कुछ हुआ गुमानी जी के साथ..

उनकी मृत्यु के लगभग १०० साल बाद लोगो को उनके साहित्य की सुध आयी.. जो कुछ साहित्य भारी मशक्कत के बाद उपलब्ध हो सका उस से ही इस महान प्रतिभा के बारे में जानकर गर्व की अनुभूति होती है... साथ ही एक असंतोष का भाव भी जगता है कि गुमानी जी को साहित्य के क्षेत्र में वो स्थान दिलाने का कोई प्रयास नहीं हुआ है.. जिसके वह हकदार है..       
« Last Edit: October 13, 2011, 01:08:23 PM by Hisalu »
Logged

गारा-रा-रा ऐगे रे बरखा झुकी ऐगे...

हेम पन्त

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 4,477
  • Karma: 43
  • Gender: Male
    • Myor Pahar
Re: लोककवि गुमानी - साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
« Reply #1 on: May 21, 2008, 03:04:27 PM »
मूल रूप से गंगोलीहाट जनपद पिथौरागढ के उपराड़ा गाँव के निवासी गुमानी जी का वास्तविक नाम लोकरत्न पन्त था. उनके पिता का नाम पं. देवनिधि पन्त था. गुमानी जी का जन्म 10 मार्च सन् 1790 को काशीपुर में हुआ था. अपने मूल स्थान उपराड़ा से उन्हें विशेष लगाव था. यही जगह उनकी मुख्य कर्मस्थली भी रही. अपने इलाके के प्रति उनका अगाध प्रेम इस पंक्तियों से स्पष्ट हो जाता है. जिसमें उन्होने इस गांव की समृद्धि का वर्णन किया है..

वनै-वनै काफल किलमड़ो छ
वाड़ा मुड़ि कोमल काकड़ो छ
गोठन में गोरु लैण बाखड़ो छ
थातिन में है उत्तम उपरड़ो छ
Logged

गारा-रा-रा ऐगे रे बरखा झुकी ऐगे...

हेम पन्त

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 4,477
  • Karma: 43
  • Gender: Male
    • Myor Pahar
Re: लोककवि गुमानी - साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
« Reply #2 on: May 21, 2008, 03:07:07 PM »
गुमानी जी कुमाऊँनी तथा नेपाली के प्रथम कवि तो थे ही, साथ ही हिन्दी तथा संस्कृत भाषा पर भी उनकी अच्छी पकड़ थी. यह छन्द देखिये. चार पंक्तियों के छन्द की प्रत्येक पंक्ति में अलग भाषा का प्रयोग है.

बाजे लोक त्रिलोक नाथ शिव की पूजा करें तो करें (हिन्दी)
क्वे-क्वे भक्त गणेश का में बाजा हुनी तो हुनी (कुमाऊँनी)
राम्रो ध्यान भवानी का चरण मा गर्दन कसैले गरन् (नेपाली)
धन्यात्मातुलधाम्नीह रमते रामे गुमानी कवि (संस्कृत)
« Last Edit: May 21, 2008, 03:16:55 PM by H. Pant »
Logged

गारा-रा-रा ऐगे रे बरखा झुकी ऐगे...

हेम पन्त

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 4,477
  • Karma: 43
  • Gender: Male
    • Myor Pahar
Re: लोककवि गुमानी - साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
« Reply #3 on: May 21, 2008, 03:12:57 PM »
खड़ी बोली का उद्भव भारतेन्दु युग में माना जाता है, जोकि 1850 के आस-पास शुरू होता है. लेकिन निम्न पद गुमानी जी द्वारा 1816 में रचित है, इसमें खड़ी बोली का प्रयोग स्पष्ट है. इस तरह गुमानी जी को खड़ी बोली का प्रथम कवि माना जाना चाहिये.
 
विष्णु देवाल उखाड़ा ऊपर बंगला बना खरा
महराज का महल ढहाया बेड़ी खाना वहाँ धरा
मल्ले महल उड़ाई नन्दा बंगलों से वहाँ भरा
अंग्रेजों ने अल्मोड़े का नक्शा औरी और करा
Logged

गारा-रा-रा ऐगे रे बरखा झुकी ऐगे...

पंकज सिंह महर

  • +91-9412005856
  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 7,547
  • Karma: 81
  • Gender: Male
  • जय भारत! जय उत्तराखण्ड!!
    • MERA PAHAD / मेरा पहाड़
Re: लोककवि गुमानी - साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
« Reply #4 on: May 21, 2008, 03:22:15 PM »
अति सुन्दर हेम दा,
गुमानी जी वास्तव में हमारे गौरव हैं, मैंने कहीं पढा़ है कि वह बाद में काशीपुर आकर बस गये थे और उन्होंने काशीपुर के बारे में भी काफी लिखा है।
Logged
आंखों के आगे वनश्री के खुलते पट न्यारे-२ हैं,
छोटे-छोटे खेत और आडू सेबों के बगीचे, देवदार वन,
जो नभ तक अपना छवि जाल पसारे हैं,
मुझको तो हिम से भरे अपने पहाड़ ही प्यारे हैं.

एम.एस. मेहता /M S Mehta

  • msmehta@merapahad.com
  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 31,415
  • Karma: 76
  • Gender: Male
  • +91-9910532720
    • www.apnauttarakhand.com / www.creativeuttarakhand.com
Re: लोककवि गुमानी - साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
« Reply #5 on: May 21, 2008, 05:26:27 PM »

Hem Da,

You have brought a good information about this Poet. Thanx ( + 1 Karma to u ). I am sure you must have some more information about him. Kindly do post.

Quote from: H. Pant on May 21, 2008, 03:07:07 PM
गुमानी जी कुमाऊँनी तथा नेपाली के प्रथम कवि तो थे ही, साथ ही हिन्दी तथा संस्कृत भाषा पर भी उनकी अच्छी पकड़ थी. यह छन्द देखिये. चार पंक्तियों के छन्द की प्रत्येक पंक्ति में अलग भाषा का प्रयोग है.

बाजे लोक त्रिलोक नाथ शिव की पूजा करें तो करें (हिन्दी)
क्वे-क्वे भक्त गणेश का में बाजा हुनी तो हुनी (कुमाऊँनी)
राम्रो ध्यान भवानी का चरण मा गर्दन कसैले गरन् (नेपाली)
धन्यात्मातुलधाम्नीह रमते रामे गुमानी कवि (संस्कृत)
Logged
"जय १००८ मूल मूलनारायण जी की जय हो" !!
For any query mail to - msmehta@merapahad.com

+919910532720

हेम पन्त

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 4,477
  • Karma: 43
  • Gender: Male
    • Myor Pahar
Re: लोककवि गुमानी - साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
« Reply #6 on: May 21, 2008, 05:40:48 PM »
इस पद में भी गुमानी जी ने अल्मोड़ा में अंग्रेजों के कारनामों का वर्णन किया है. इस विषय पर गुमानी जी ने खड़ी बोली में 20 पद लिखे हैं.

दूर विलायत जल का रास्ता करा जहाज सवारी है
सारे हिन्दुस्तान भरे की धरती वश कर डारी है
और बड़े  शाहों में सबमें धाक बड़ी कुछ भारी है
कहे गुमानी धन्य फिरंगी तेरी किस्मत न्यारी है 


Quote from: H. Pant on May 21, 2008, 03:12:57 PM
खड़ी बोली का उद्भव भारतेन्दु युग में माना जाता है, जोकि 1850 के आस-पास शुरू होता है. लेकिन निम्न पद गुमानी जी द्वारा 1816 में रचित है, इसमें खड़ी बोली का प्रयोग स्पष्ट है. इस तरह गुमानी जी को खड़ी बोली का प्रथम कवि माना जाना चाहिये.
 
विष्णु देवाल उखाड़ा ऊपर बंगला बना खरा
महराज का महल ढहाया बेड़ी खाना वहाँ धरा
मल्ले महल उड़ाई नन्दा बंगलों से वहाँ भरा
अंग्रेजों ने अल्मोड़े का नक्शा औरी और करा

Logged

गारा-रा-रा ऐगे रे बरखा झुकी ऐगे...

हेम पन्त

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 4,477
  • Karma: 43
  • Gender: Male
    • Myor Pahar
Re: लोककवि गुमानी - साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
« Reply #7 on: May 22, 2008, 11:03:44 AM »
एक महान आदमी का गुण यह है कि वह अपने मूल से हमेशा लगाव महसूस करता है. अपने पैतृक गांव उपराडा का सुन्दर वर्णन गुमानी जी ने इन शब्दों में किया है.

उत्तर दिशि में वन उपवन हिसालू काफल किल्मोड़ा.
दक्षिण में छन गाड़ गधेरा बैदी बगाड़ नाम पड़ा.
पूरब में छौ ब्रह्म मंडली पश्चिम हाट बाजार बड़ा.
तैका तलि बटि काली मंदिर जगदम्बा को नाम बड़ा.
धन्वन्तरि का सेवक सब छन भेषज कर्म प्रचार बड़ा.
धन्य धन्य यो ग्राम बड़ो छौ थातिन में उत्तम उप्राड़ा.
Logged

गारा-रा-रा ऐगे रे बरखा झुकी ऐगे...

हेम पन्त

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 4,477
  • Karma: 43
  • Gender: Male
    • Myor Pahar
Re: लोककवि गुमानी - साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
« Reply #8 on: May 22, 2008, 11:06:41 AM »
गुमानी जी का जन्म काशीपुर में हुआ और वह काशीपुर के तत्कालीन राजा गुमान सिंह देव के दरबार में कवि रहे. गुमानी जी द्वारा काशीपुर के बारे में लिखे गये अनेक पदों मे से एक यह है

यहाँ ढेला नद्दी उत बहत गंगा निकट में
यहाँ भोला मोटेश्वर रहत विश्वेश्वर वहाँ
यहाँ सण्डे दण्डे कर धर फिरें शाँडउत ही
फरक क्या है काशीपुर शहर काशी नगर में?

Quote from: पंकज सिंह महर on May 21, 2008, 03:22:15 PM
अति सुन्दर हेम दा,
गुमानी जी वास्तव में हमारे गौरव हैं, मैंने कहीं पढा़ है कि वह बाद में काशीपुर आकर बस गये थे और उन्होंने काशीपुर के बारे में भी काफी लिखा है।

Logged

गारा-रा-रा ऐगे रे बरखा झुकी ऐगे...

हेम पन्त

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 4,477
  • Karma: 43
  • Gender: Male
    • Myor Pahar
Re: लोककवि गुमानी - साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
« Reply #9 on: May 22, 2008, 11:09:35 AM »
गुमानी जी के जीवन काल में लोगों को क्रूर गोरखा शासन से मुक्ति मिली. अंग्रेजों के नये शासन का पहले तो लोगों ने एक प्रकार से स्वागत ही किया. लेकिन जल्द ही उनकी व्यापारिक मानसिकता के दर्शन होने लगे.1857 के पहले स्वतंत्रा संग्राम से लगभग 50 साल पहले ही गुमानी ने अपनी कविताओं के द्वारा लोगों में राष्ट्रीय चेतना उभारने की और उसे एक आक्रोश का रूप देने की कोशिश की.

हटो फिरंगी हटो यहाँ से
छोडो भारत की ममता
संभव क्या यह हो सकता है
होगी हम तुममें समता?
Logged

गारा-रा-रा ऐगे रे बरखा झुकी ऐगे...

हेम पन्त

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 4,477
  • Karma: 43
  • Gender: Male
    • Myor Pahar
Re: लोककवि गुमानी - साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
« Reply #10 on: May 22, 2008, 06:13:22 PM »
गुमानी जी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को आधार बना कर कविताएं लिखी हैं. निम्न कविता में गुमानी जी ने पूजा-पाठ, कर्मकाण्ड करने वाले ब्राह्मणों पर तीखा व्यंग किया है.

जजमान भोला परपंचि नारी.
द्वी भुड़ गडेरी में दयो पुजा सारी.
रिसानी खिसानी विशा ज्यू रिसानी.
यो वृत्ति देखी मन में गिलानी.
हरि ओम तच्छत कै पुन्तुरी थामी.
नमः शिवायेति समर्पयामी.
Logged

गारा-रा-रा ऐगे रे बरखा झुकी ऐगे...

Anubhav / अनुभव उपाध्याय

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 3,077
  • Karma: 27
  • Gender: Male
    • Mera Pahad
Re: लोककवि गुमानी - साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
« Reply #11 on: May 22, 2008, 06:25:15 PM »
« Last Edit: April 12, 2011, 04:55:37 AM by हेम पन्त »
Logged
91-9810077696

हेम पन्त

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 4,477
  • Karma: 43
  • Gender: Male
    • Myor Pahar
Re: लोककवि गुमानी - साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
« Reply #12 on: May 23, 2008, 12:27:04 PM »
गुमानी जी के कुमाऊनी, नेपाली, संस्कृत व खडी बोली में रचित पदों की बानगी आप देख ही चुके हैं. बृजभाषा में रचित होली पर आधारित इस गीत को पढ़कर इस महान कवि की बहुभाषा ज्ञान की प्रतिभा का लोहा मानना ही पढता है...

होरी- श्याम कल्याण

का विध फाग रचायो मोहन मन लीनी मोहन
या मुरुली नागिन सौं


ब्रजवासी मोसे बावरी कहत है
अब हम जानी बावरो भयो नन्दलाल
सुमिरन के प्रभु गिरधर नागर
कहत गुमानी दरस तिहारो पायो
Logged

गारा-रा-रा ऐगे रे बरखा झुकी ऐगे...

hem

  • Full Member
  • ***
  • Posts: 155
  • Karma: 7
  • Gender: Male
Re: लोककवि गुमानी - साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
« Reply #13 on: May 28, 2008, 11:15:11 PM »
गुमानी जी का  गाँव उपराड़ा गंगोली (गंगावली) क्षेत्र में है | गंगोली में अकाल पड़ा था | तब का वर्णन :

आटा का अणचालिया, खशखशा रोटा बड़ा  बाकला |
फानो भट्ट गुरुंश और गहत को, डुबका बिना लूण का ||
कालो साग जिनो बिना भुटण को, पिनालु का नौल को |
ज्यों त्यों पेटभरी अकाल काटनी, गंगावली रौणियाँ ||           

अकाल बीतने के बाद का वर्णन :

केला, निम्बु, अखोड़, दाड़िम, रिखू, नारिंग, आदो, दही |
खाशोभात जमाली को, कलकलो भूना गडेरी गवा||
च्यूड़ा सद्य उत्योल, दूध बाकलो,घ्यू गाय को दाणोदार |
खानी सुंदर मौणियाँ धपड़ुवा, गंगावली रौणियाँ ||           
Logged

एम.एस. मेहता /M S Mehta

  • msmehta@merapahad.com
  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 31,415
  • Karma: 76
  • Gender: Male
  • +91-9910532720
    • www.apnauttarakhand.com / www.creativeuttarakhand.com
Re: लोककवि गुमानी - साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
« Reply #14 on: May 29, 2008, 10:42:37 AM »


Aati Sunder Hem Da.. (1 karma for this to u).

The poet has very described the situation of draught affected that too specially in pahad.

Quote from: hem on May 28, 2008, 11:15:11 PM
गुमानी जी का  गाँव उपराड़ा गंगोली (गंगावली) क्षेत्र में है | गंगोली में अकाल पड़ा था | तब का वर्णन :

आटा का अणचालिया, खशखशा रोटा बड़ा  बाकला |
फानो भट्ट गुरुंश और गहत को, डुबका बिना लूण का ||
कालो साग जिनो बिना भुटण को, पिनालु का नौल को |
ज्यों त्यों पेटभरी अकाल काटनी, गंगावली रौणियाँ ||           

अकाल बीतने के बाद का वर्णन :

केला, निम्बु, अखोड़, दाड़िम, रिखू, नारिंग, आदो, दही |
खाशोभात जमाली को, कलकलो भूना गडेरी गवा||
च्यूड़ा सद्य उत्योल, दूध बाकलो,घ्यू गाय को दाणोदार |
खानी सुंदर मौणियाँ धपड़ुवा, गंगावली रौणियाँ ||           
Logged
"जय १००८ मूल मूलनारायण जी की जय हो" !!
For any query mail to - msmehta@merapahad.com

+919910532720

  • Send this topic
  • Print
Pages: [1] 2 3 4 5
  • MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers »
  • Uttarakhand »
  • Utttarakhand Language & Literature - उत्तराखण्ड की भाषायें एवं साहित्य (Moderators: dinesh bijalwan, Saket Bahuguna) »
  • Poet Gumani - लोककवि गुमानी : साहित्य का विलक्षण लेकिन गुमनाम व्यक्तित्व
 

Related Topics

  Subject / Started by Replies Last post
SUMITRA NANDAN PANT POET - सुमित्रानंदन पंत - प्रसिद्ध कवि - कौसानी उत्तराखंड

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta « 1 2 ... 9 10 » Utttarakhand Language & Literature - उत्तराखण्ड की भाषायें एवं साहित्य

141 Replies
62889 Views
Last post February 22, 2013, 10:50:45 AM
by एम.एस. मेहता /M S Mehta
शेर दा अनपढ -उत्तराखंड के प्रसिद्ध कवि-SHER DA ANPAD-FAMOUS POET OF UTTARAKHAND

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta « 1 2 ... 9 10 » Utttarakhand Language & Literature - उत्तराखण्ड की भाषायें एवं साहित्य

139 Replies
32044 Views
Last post December 05, 2012, 08:11:05 AM
by एम.एस. मेहता /M S Mehta
शिवानी "गौरा पन्त" - हिन्दी साहित्य का एक चमकता सितारा

Started by हेम पन्त Personalities of Uttarakhand - उत्तराखण्ड की महान/प्रसिद्ध विभूतियां

9 Replies
3351 Views
Last post April 26, 2012, 08:11:13 AM
by मोहन जोशी
डॉ0 आर के वर्मा एक बहुमुखी प्रतिभाशाली व्यक्तित्व - DR R K VERMA,

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta « 1 2 » Personalities of Uttarakhand - उत्तराखण्ड की महान/प्रसिद्ध विभूतियां

25 Replies
4498 Views
Last post July 28, 2008, 03:12:34 PM
by एम.एस. मेहता /M S Mehta
हिन्दी साहित्य में उत्तर आधुनिकता के जनक ,मनोहरश्याम जोशी

Started by Hem Bahuguna « 1 2 » Utttarakhand Language & Literature - उत्तराखण्ड की भाषायें एवं साहित्य

25 Replies
5789 Views
Last post April 14, 2012, 02:58:50 PM
by एम.एस. मेहता /M S Mehta
उत्तराखंड में जन्मे महान कवि / साहित्यकार : GREAT POET / LITERATE OF UK

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta « 1 2 3 » Utttarakhand Language & Literature - उत्तराखण्ड की भाषायें एवं साहित्य

34 Replies
13128 Views
Last post April 19, 2011, 06:09:23 AM
by पंकज सिंह महर
Articles By Dinesh Dhyani(Poet & Writer) - कवि एव लेखक श्री दिनेश ध्यानी के लेख

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta « 1 2 ... 6 7 » Articles By Esteemed Guests of Uttarakhand - विशेष आमंत्रित अतिथियों के लेख

94 Replies
10632 Views
Last post February 08, 2012, 04:47:39 AM
by पंकज सिंह महर
Poems and Articles by Famous Poet Hemant Bisht-हेमंत बिष्ट जी के कविताये एव लेख

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta « 1 2 » Articles By Esteemed Guests of Uttarakhand - विशेष आमंत्रित अतिथियों के लेख

20 Replies
3620 Views
Last post January 02, 2013, 09:58:07 PM
by एम.एस. मेहता /M S Mehta
Brief Details about Uttarakhandi persnalities- कौन सा व्यक्तित्व किस क्षेत्र से

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta Personalities of Uttarakhand - उत्तराखण्ड की महान/प्रसिद्ध विभूतियां

14 Replies
3958 Views
Last post August 03, 2012, 04:27:29 AM
by एम.एस. मेहता /M S Mehta
Uttarakhand Folk Literature -Uttarakhand लोक साहित्य में उपनिषद व्याख्या

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta Utttarakhand Language & Literature - उत्तराखण्ड की भाषायें एवं साहित्य

13 Replies
2346 Views
Last post May 15, 2011, 02:13:41 AM
by एम.एस. मेहता /M S Mehta