Author Topic: Justice for State Activist- ये कैसा कानून, दर-२ ठोकर खा रहे है राज्य आन्दोलनकारी  (Read 11321 times)

धनेश कोठारी

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मेहता जी सच पूछो तो उत्तराखण्ड पहाड़ के लोगों के लिए नहीं बना है। आज की हकीकत यह है कि यह राज्य नेता, नौकरशाहों के लिए ही बना है।
बाकी फिलहाल बैठ के "" भट्ट भूजें""॥
ताकि तिबड़ाट होता रहे॥

Himalayan Warrior /पहाड़ी योद्धा

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I agree here also corruption. Many people who had sacrified their career for state are not jobless. Nobody is their to listen about them.

Govt must do justice .

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Now..  This news.

राज्य आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण को लेकर नाराजगी

सोमेश्वर (अल्मोड़ा): उत्तराखण्ड राज्य प्राप्ति आंदोलनकारी संघर्ष समिति की एक बैठक संपन्न हुई। जिसमें राज्य आंदोलनकारियों का आज तक सही चिन्हीकरण न होने को लेकर गहन चर्चा की गई। बैठक में कहा गया कि सरकार से अनुमन्य सेवाओं का लाभ मृत आंदोलनकारियों के आश्रितों को नहीं मिल रहा है।

राज्य आंदोलनकारियों ने 20 जून को द्वाराहाट में प्रस्तावित सम्मेलन में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का निर्णय लिया। इस आशय का पत्र समिति के अध्यक्ष वीरेन्द्र बजेठा को भी प्रेषित किया गया, जिसमें राज्य आंदोलनकारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई।

source : dainik jagran

हेम पन्त

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देवेन्द्र जी आपके इस संघर्ष में "मेरा पहाड़" आपका पूरा समर्थन करता है और हम सब आपके साथ हैं.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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rom   virendra singh <virendra.butola@gmail.com>
to   Msmehta@merapahad.com
date   Thu, Nov 11, 2010 at 4:56 PM
subject   Regarding Uttrakhand Rajya Andolankari
mailed-by   gmail.com
signed-by   gmail.com
   
hide details 4:56 PM (3 hours ago)
   
Dear Mehta Ji

    Main Virendra Singh Dist -Rudra Prayag ka Rahne Wala Hun. Main
Uttrakhand Andolan ka ek Sakriya Rajya Andolankar Hun. Maine Rajya
Andolan Main Kai Bar Bhag Liya.Aur 1 din thane main aug 5 dine jail
main band raha.Maine kai bar Rudraprayag DM  Office ke chakkar lagaye.
wahan se mujhe sirf  Rajya Andolankari Identity Card Mila. Main ye
janana chahta hun.Ki mujhe Uttrakhand Govt se koi phayda milega.
Kyonki main es samay berojgar hun. aur aajiwaka ka koi sadhan nahi
hai. Kya uttrakhand Govt 7 din se ka andolakariyon ko koi samman degi
ya sirf 7 din se upper wale hi rajya andolankari honge.  kripya meri
awaj Govt tak pahunchane ki kripa karen.


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Go through the news.. State Agitators are forced to go for strike..
  राज्य आदोलनकारियों का क्र मिक अनशन शुरू       Mar 24, 07:07 pm    बताएं            पुरोला, जागरण कार्यालय: रवांईघाटी के मोरी पुरोला क्षेत्र के चिन्हित राज्य  आंदोलनकारियों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत गुरुवार को पुरोला बाजार में जुलूस क्रमिक अनशन फिर शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों ने एसडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन प्रेषित कर मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि  राज्य आंदोलनकारी परिषद की अध्यक्ष ऊषा रावत ने बड़कोट में धरने पर बैठे आंदोलनकारियों को मांगे पूरा करने का आश्वासन देकर क्रमिक अनशन समाप्त कराया था, लेकिन एक माह बाद भी सरकार ने आंदोलनकारियों की मांगों को  पूरा नहीं किया तथा झूठे आश्वासन देकर गुमराह किया जा रहा है। ज्ञापन में मांग की गयी सरकार प्रदेश के सभी आंदोलनकारियों को समान नजरिये से देखे व एकरूपता के अनुसार एक समान लाभ देने की नीति बनाये। मांग की गयी है कि चिन्हित आंदोलनकारियों को प्रदेशभर में एक समान तीन हजार रुपये पेंशन, आश्रितों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह सरकारी नौकरियों में दीर्घकालीन आरक्षण, परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की व्यवस्था, चिकित्सालयों व शासकीय कार्यालयों में बिना बाधा प्रवेश को बहुदद्ेशीय परिचय पत्र दिये जाये। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गयी है कि मांगें पूरी न होने पर भूखहड़ताल शुरू की जायेगी। क्रमिक अनशन व जुलूस प्रदर्शन करने में संगठन के अध्यक्ष शूरवीर सिंह चौहान, शोभाराम नौडियाल, पृथ्वीराज कपूर, मनमोहन सिंह चौहान, बलवीर रावत, किशन सिंह, लायबर सिंह, धीरेन्द्र रतूड़ी, विमला देवी, आशाराम नौटियाल, आदेश डोभाल, हरदेव सिंह, शूरवीर रावत, सकलचन्द कुन्दन सिंह, सोवन लाल, केवल सिंह आदि अन्य आंदोलनकारी शामिल रहे

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7484899.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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This is all going on in uttarakhand
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  आंदोलनकारियों ने निकाला मशाल जुलूस       Apr 02, 06:11 pm    बताएं              उत्तरकाशी, जागरण कार्यालय: राज्य आंदोलनकारियों को एक समान दर्जा देने व पचास वर्ष की आयु पार कर चूके आंदोलनकारियों के आश्रितों को सरकारी सेवाओं में आरक्षण देने समेत अन्य मांगों लेकर आमरण अनशन पर बैठे आंदोलकारियों व बाजगी समुदाय के लोगों ने जिला मुख्यालय तक मशाल जुलूस निकाला। उन्होंने मांगों का समाधान न होने तक अनशन पर बैठे रहने की चेतावनी दी।
शनिवार को ब्लॉक चिन्यालीसौड़ व डुण्डा के अनेक गांव के अनशन पर बैठे राज्य निर्माण आंदोलकारियों व बाजगी समुदाय के लोगों ने बाजार के बस स्टैंड, हनुमान चौक, विश्वनाथ चौक समेत विभिन्न हिस्सों से होकर ढोल नगाड़ों के साथ मशाल जुलूस निकाला और कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां हुई सभा में आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य गठन के दस वर्ष बाद भी सरकार ने राज्य निर्माण आंदोलनकारियों की सुध तक नहीं ली है। आंदोलनों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों को किसी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई हैं। इससे सभी आंदोलनकारियों की समस्या जस की तस बनी हुई है। वहीं बाजगी समुदाय के नत्थी लाल घलवान ने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान बाजगी लोगों ने ढोल नगाड़ों के साथ आंदोलन में अपनी अहम भूमिका निभायी थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने इस समुदाय के लोगों को चिन्हिकरण की सूची से वंचित रखा है। इससे सभी समुदाय के लोग अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। कलक्ट्रेट परिसर में बैठे आंदोलनकारी पूरण सिंह बिष्ट का आमरण अनशन छठे दिन भी जारी रहा। इसके बाद आंदोलनकारियों ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर शीघ्र मांगों के निस्तारण की मांग की। इस मौके पर बचन सिंह, विचित्र सिंह कैंतुरा, पुलम सिंह, लक्ष्मण भंडारी, काशी राम,कीर्ति सिंह, सत्येनंद, रोशन लाल, दयाललाल, रामलाल घलवान सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे।
   

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7525987.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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  Govt is busy in pomp & show but nobody is taking care of these people.-----------

धरने पर डटे हैं राज्य आंदोलनकारी       Apr 06, 10:09 pm    बताएं              अल्मोड़ा: नौकरी व पेंशन की मांग को लेकर उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों द्वारा कलेक्ट्रेट में दिया जा रहा धरना 23वें रोज भी जारी रहा। इधर उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी कल्याण परिषद के प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र बजेठा ने आंदोलनकारियों को धरना स्थल पहुंचकर समर्थन दिया।
धरना स्थल पर हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं किया गया तो राज्य आंदोलनकारी आंदोलन तेज करने को बाध्य होंगे। वक्ताओं ने निश्चित समय सीमा तय कर सबूत रखने वाले राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की मांग उठाई। इधर उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी कल्याण परिषद के प्रदेश महामंत्री नित्यानंद पांडे ने भी आंदोलनकारियों को समर्थन दिया। धरने पर दौलत सिंह बगडवाल, शंकर दत्त डालाकोटी, बहादुर राम टम्टा, कुंदन राम, धनी राम, शिवराज बनौला व आनंदी जोशी बैठे।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7546479.html

   

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Hey God. what is all this happening. This is the treatment being given to state formation Heros.

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पुलिस की मार से आंदोलनकारी घायलApr 08, 11:09 pmबताएं
Twitter Delicious Facebook ऋषिकेश, जागरण कार्यालय : उत्तराखंड पुलिस आपकी मित्र यह सूक्ति भले ही सुकून देने वाली हो, मगर हकीकत उक्ति से मेल नहीं खाती। तीर्थनगरी में पुलिस ने अपना रूप दिखाया तो उस महिला को, जिसकी उम्र 72 वर्ष है और वह राज्य प्राप्ति के आंदोलन में मुट्ठी तान कर खड़ी रही।

आशुतोष नगर निवासी 72 वर्षीय उत्तराखंड आंदोलनकारी सत्यवती डबराल को यकीन नहीं था कि जिस राज्य के लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी उस राज्य की पुलिस ही उन्हें ऐसा कायदा सिखाएगी। सत्यवती डबराल अपने गुम हुए मोबाइल फोन को वापस दिलाने की मांग करते हुए ऋषिकेश कोतवाली पहुंची, मगर उन्हें पुलिस के उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा। अस्पताल में घायलावस्था में भर्ती सत्यवती डबराल ने बताया कि कुछ दिन पूर्व वह रेलवे रोड पर लगे एक फिजियोथेरेपी कैंप में इलाज कराने गई थी, जहां उनका मोबाइल चोरी हो गया। उन्होंने कैंप में काम करने वाली दो लड़कियों पर शक जताते हुए पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने उन्हें दूसरे दिन आने को कहा। दूसरे दिन भी जब काम नहीं बना तो तीसरे दिन यानी शुक्रवार को सत्यवती ने कोतवाली में सत्याग्रह शुरू कर दिया। सुबह से कोतवाली में भूख हड़ताल पर बैठी सत्यवती को हिलते न देख पुलिस ने देर सायं उन्हें यह कहकर अपने वाहन में बिठाया कि वह उन्हें घर छोड़ रहे हैं और उनका मोबाइल भी वापस दिला रहे हैं। आरोप है कि सिविल वर्दी में एक महिला पुलिस कर्मी जो सांवले कद की और लंबी है, ने उनकी कोतवाली के बाहर जमकर धुनाई की। इससे उनके सिर व टांगों में जख्म बन गए। घर छोड़ने की बजाय पुलिस उन्हें रास्ते में ही छोड़ गई। जहां से 108 आपात सेवा की मदद से उन्हें चिकित्सालय पहुंचाया गया। देर रात चिकित्सालय में फार्मेसिस्टों की हड़ताल के चलते फार्मेसिस्ट प्रशिक्षु उनकी मरहम पट्टी कर रहे थे, जबकि वहां तैनात पुलिस कर्मी सत्यवती के आरोपों को झूठा करार देने पर तुले थे।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7556988.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Now this is in pithorgarh
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आंदोलनकारी की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन
Apr 08, 06:39 pm
बताएं

जागरण कार्यालय, मुनस्यारी: शराब बंदी को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन में पुलिस ने किसान महासभा के ब्लाक संयोजक सुरेन्द्र सिंह बृजवाल को गिरफ्तार कर लिया। इससे महिलाओं में आक्रोश फैल गया। महिलाओं ने जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया और शराब के समर्थन में आए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के पुतले फूंके।

शुक्रवार की सुबह जैसे ही ब्लाक संयोजक की गिरफ्तारी का पता चला क्षेत्र की महिलाएं सड़कों पर उतर आई। किसान महासभा के बैनर तले जोहार खेल मैदान से नगर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सुरेन्द्र बृजवाल, मल्लिका विर्दी जिंदाबाद के नारे लगाते हुए मुकदमे वापस लेने की मांग की गई। इसके बाद शास्त्री चौक में सभा आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र की महिलाएं शराब के खिलाफ आंदोलन कर रही हैं। जबकि राजनीतिक दलों के नेता महिलाओं को समर्थन देने के बजाय शराब की दुकान खोलने की मांग उठा रहे हैं। जगत मर्तोलिया ने कहा कि आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने के लिए संघर्ष जारी रखा जाएगा। यदि मुकदमे वापस नहीं लिए जाते हैं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। अंत में यह तय किया गया कि 11 अप्रैल को भाजपा, कांग्रेस, बसपा और उक्रांद के खिलाफ गांव-गांव अभियान चलाया जाएगा। साथ ही एक मई को मजदूर दिवस के दिन विशाल रैली निकाली जाएगी और आंदोलनकारी सुरेन्द्र बृजवाल व मल्लिका विर्दी का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। शुक्रवार को किसान महासभा के आंदोलन को देखते हुए प्रशासन द्वारा भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
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