Author Topic: Delicious Recepies Of Uttarakhand - उत्तराखंड के पकवान  (Read 133804 times)

Bhishma Kukreti

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   क्या उत्तराखंड की  सूर्य द्वारा सुक्सा  बनाने की हजारों वर्ष की (सब्जी , पादप , मसले डिहाइड्रेशन ) संस्कृति  समाप्त हो रही है ?   
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विचार - भीष्म कुकरेती
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   सब्जी , अनाज , फल , बीज पत्तियों  , जड़ो , कंदों  क  जब कमी हो तो संरक्षित  खाद्य पदार्थ का उपयोग  हूण  मानव संस्कृति क एक अंग च. अब तो फ़ूड प्रोसेसिंग तकनीक विकसित ह्वे  गे , भारत म एक पादप १२ महीना मिलण  लग गे तो सुक्सा या सन  डिहाइड्रेटेड  की संस्कृति कमजोर हूण  लग गे। 
उत्तराखंडमा   निम्न सब्जियों/ मसालों  तै  सूर्य म सुखायिक सुक्सा बणाये जांद / जांद  छ या रुस्वड़ /किचन म धुंआ क मथि  धरी सब्जी आदि क निर्जलीकरण करे जांद छौ अर  जब मौसम नि  हो तब खाये जांद छौ जलीकरण करणो  बाद ।  अब भौत सा सब्ज्यूं निर्जलीकरण कम इ  ह्वे  गए। 
प्याजक पत्ता  (onion leaves )  क सुक्सा
प्याजक दाण  onion bulbs
ल्यासणक  पत्ता (garlic leaves )
ल्यासणक  garlik  cloves
मूळा  दाणों   (  Big   Hill  side Radish roots )
मूली जड़
 बेथु   पत्ता
मेथी पत्ता
फूल गोभी सब्जी
करयल
कच्चा बेडू
पक्यां बेड़ू
कच्चा तिमल
पक्यां तिमल
बसिंगु पत्ता
जम्बू मसाला
आदु  जड़
मिर्च फली
दालचीनी पत्ता
सोवा पट्टी फूल आदि
सौंफ बीज
पोदीना पत्ता कठिन हूंद पर पेट दर्द कम करणो  बान आदि  पत्ता सुखाये जांद छा
अखरोट छाल
 हळदी  जलड़
आम  (अमचूर )
केसर
गाजर (कम मात्रा म )
शलजम
चुकुन्दर
औँला  (सूखाइ क )
अनार दाण
 तैड़ू  जलड  कुछ देर कुण  ही
गीन्ठी  कंद कुछ देर तक कुण  इ
इलायची पत्ता व डंठल
कटहल का बीज
मर्च बि  सुखाई इ  जांद
भंगुल बीज
  पिंडाळु दाण
चिलगोजा बीज
च्यूं /leaf  mushroom  बहुत कम

कुछ खाद्य पदार्थ अचार , मुरब्बा तकनीक से संरक्षित हूंद छा
आम
गाजर
मूली
शलजम
 कटहल
करेला
गोभी
निम्बू
मर्च
लिम्बु
औंळा
अंगूर
आदि आदि
 अब सब्जियां बारह महीने मिल जाती हैं तो व्यक्तिगत तौर पर सुक्सा निर्माण समाप्ति की ओर  ही है। 
Copyright @ BHishma  Kukreti

      गढ़वाल  , उत्तराखंड में सूर्य द्वारा डिहाइड्रेटेड सब्जी , मसाले , औषध पादप ;  कुमाऊं  उत्तराखंड में सूर्य द्वारा डिहाइड्रेटेड सब्जी , मसाले , औषध पादप ;  देहरादून    उत्तराखंड में सूर्य द्वारा डिहाइड्रेटेड सब्जी , मसाले , औषध पादप ;  . उत्तराखंड में सूर्य द्वारा डिहाइड्रेटेड सब्जी , मसाले , औषध पादप ;   श्रृंखला  जारी रहेगी
 Sun Dehydrated Vegetables and Spices of  Garhwal Uttarakhand ;   Sun Dehydrated Vegetables and Spices of  Kumaun, Uttarakhand ;   Sun Dehydrated Vegetables and Spices of  Haridwar, Uttarakhand ;   Sun Dehydrated Vegetables and Spices of Dehradun, Uttarakhand ; series to be continued


Bhishma Kukreti

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भट्क चुटकाणी पाक विधि    

Bhatt Chutkaani Recipe
Black Hill Soybean Recipe

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रसोइयासुमिता प्रवीन
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भट्क चुटकाणी
एक मुट्ठी काव भट
एक प्याज
1ढाड़ सरसों तेल
आधु चमच जीर
थोड़ ग्युं पिस्युं आलण लीजी( पतव, मोट अपूण हिसाबेल)
थोड़ स्वादानुसार लूण
पाणी
विधि
काव भटन कें ध्वे भेर राख दी।
वी बाद लुआ कढ़ै में एक ठुल्ल ढाड़ सरसों तेल गरम करो।
जब तक उमें बिटी धुन्ग नि ए जवो। वी बाद प्याज भुनो हल्क पिंगाव । वी बाद भटक दाणन कें भुटण में खित भेर हलाते रवो। जब तक वी में बिटी पटपटाट नि है जवो।
जब भट भुनी जनि तब वी में 2 नान चमच ग्युं पिस्युं खित दियो ।
अब ग्युं पिस्युं कें ले हल्क आंच में भुन लियो। यां ध्यान रखणी बात यो छू कि ग्युं पिस्युं काव भड़ीन नी चैन। हल्क पिंगाव कलर हुण चैंछ। वी बाद आधु चमच हल्द, एक चमच लाल मिर्च,एक चमच धाण पोडर, लूण हौर थोड़ जीर पिस भेर खितो।
वी बाद तुरन्त पाणि खित दिन चें। जब एक उबाव ऐ जलो तो गैस कें नान कर दिया।
 20 मिनिट बाद खाणे लिजी तैयार छू भटक चुटकाणि।
Copyright@ Sumita Pravin
उत्तराखंड पारम्परिक भोजन पाक विधि का एक खंड

Bhishma Kukreti

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झंगोरे की खीर पकाने की पहाड़ी विधि

 झंग्वरा  खीर पाक विधि
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Fox Tail millet Kheer recipe
उत्तराखंड पारम्परिक भोजन पाक शैली  श्रृंखला
Uttarakhand Traditional  Food  Recipe  series
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रुसाळ - भीष्म कुकरेती
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समान
 क्रीम दूध - एक लीटर
सुधार्यां  (साफ़ ) झंग्वर -८० ग्राम
चिन्नी - १०० ग्राम
काजू
किसमिस
पिस्ता
छुट इलाइची
स्वाद अनुसार
गुलाब जल
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पाक विधि
 झंगोरा तै भिगाइक धरो। 
काजू , पिस्ता काट द्यावो इलायची सा  फ करी पॉउडर बणा  द्यावो।
 कै  भारी तल वळ  पतीला म दूध गरम कारो
दूध म उमाळ    आणो  उपरान्त  झंग्वर  डाळो अर  पकाओ।
झंग्वर  तै पलटा न चलांद  जावो कि  तौळ  नि  लग।
जब लग कि  झंग्वर  पक गे  तो काजू , किसमिस , पिस्ता इलायची पॉउडर डालो अर  थोड़ा पकाओ।
अब अंत म चीनी डाळो I
गुलाब जल डाळ सकदा I
लया झंग्वर की खीर त्यात।
खावो अर  खलाओ I
फोटो आभार - अदिति कंडारी euttranchal dot com
Copyright@ Bhishma Kukreti
उत्तराखंड पारम्परिक भोजन पाक शैली  श्रृंखला  to be continued
Uttarakhand Traditional  Food  Recipe  series  to be continued

Bhishma Kukreti

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 आयुर्वेदीय मंडुआ'क्वादो  चूनो (आटो ) काच  गहथों  भर्यां  रुटळ (नाश्ता )

 Recipe of  Ayurvedic  Stuffed Paratha  of Finger  Millet with Horse Gram
उत्तराखंड के   आयुर्वेदीय  पारपम्परिक भोजन व्यंजन विधि /पाक विधि/ पाक कला  श्रृंखला
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संकलन - भीष्म कुकरेती
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  आयुर्वेदीय मंडुआ चुनो (आटो ) काच  गहथों  भर्यां  रुटळ (नाश्ता )  पकाणो  सामान (ingredients )
चून- ६००  ग्राम , १०० ग्राम ग्यूं आटु 
 भिगयां गहथ /गैथ /कुल्थी - ३०० ग्राम ,  तै पीसो ,  रात  भर  भिगाण
ब्रेक कट्यूं  प्याज -  १/२ कटोरी
एक चौथाई कटोरी  कट्यां  धणिया  पत्ता
ल्यासण  - एक गांठि
२ चमच आदो कुर्स्यूं
कटीं  मर्च -  एक चमच
एक चमच धणिया चूरा
 स्वाद  कुण गरम मसाला चयेणु  च  - एक चमच
अमचूर - १ चमच
जवाण - १ चमच
हींग अर लूण  स्वाद हिसाब से
आठ  दस घंटो म भिगायुं गहथ तै ल्यासण , हरो धणिया ,  हौरि  मर्चक,  आदो, हींग, लूण   दगड़  म्वाटो पीसो  या इनि  मसाला मिलाओ अर  मस्यट बणाइ  द्यावो। मस्यटम जवाण, कटयूं प्याज   व हरो धणिया छिड़क द्यावो।
चयेणु  च तो गरम मसाला , अमचूर मस्यट म मिलाई द्यावो।
  चून  अर  ग्यूं  आटु  ओलो . फिर लोई बणैक  मसाला वळ मस्यट  भरो अर बलिक रूटी बणएक गरम तवा म धारो अर  द्वी  तरफ पकाओ।
  चुल  च तो क्वीला म पकावो।
  इच्छा च तो घी , तेल या नौणी म बि पकाई सक्यांद। 
 गैथौ भर्यां  रुटि घी ,  चटणी , । 
सर्दियों म अधिक खाये जांद अर  गर्मियों कम ही खाये जांद।  पहाड़ों म दही दगड़ नि खाये जांद। 
-
पुरण  समय कम ही मसाला प्रयोग हूंद  छा ल्यासण , मर्च लूण , हींग बस।
-
इनि  उसयीं  दाळो  मस्यट (राजमा , सूंट , रयांस , तोर आदि ) भोरी बि भर्यां  रोटी पकाये जांद।
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   रेसिपी म मौलिक कुछ नी  च।  सैकड़ों साल से खयाणु  च। 

Copyright @ Bhishma  Kukreti 
उत्तरखंड की   आयुर्वेदीय पारम्परिक भोजन  पका कला , recipe for Ayurvedic  Traditional Cuisine of   Uttrakhand  , गढ़वाल की आयुर्वेदीय  पारम्परिक पाक कला, कुमाऊं की  आयुर्वेदीय पारम्परिक भोजन  पाक कला निरंतर


Bhishma Kukreti

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  उत्तराखंड का   मंडुवे का आयुर्वेदिकअलुण बाड़ी

 मंडुवे का   आयुर्वैदिक हलवा या नमकीन हलवा / मीठा बाड़ी
    चूनो   आयुर्वेदिक अलुण   बाड़ी  पकाणो  ब्यूंत
 Badi or  Halva   from Ragi /Finger Millete  Flour (Recipe )
उत्तराखंड के   आयुर्वेदीय  पारपम्परिक भोजन व्यंजन विधि /पाक विधि/ पाक कला  श्रृंखला  भाग - ४
Recipe of Ayurvedic Traditional Food of Garhwal, Kumaon (Uttarakhand)part- 4
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संकलन - भीष्म कुकरेती
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  चूनो (मंडुवे का आटा ) बाड़ी  पकाई खाणै  परथा  सैत  च अशोक काल या पैल  बिटेन च। 
समान /सामग्री -
 मंडुवा आटु  /चून - जथगा  बणान हो पाणी
उपकरण -
कढ़ाई
दबुळ
बाड़ी पकाणो  ब्यूंत /बाड़ी पाक विधि -
कढ़ाई म पाणी  ग्राम कन  धारो।  जब पाणी  गरम हो  धीरे धीरे चून  डाळो  अर  दबळन खैडो , तब तक दबळ  चलाओ जब तक चून  हलवा या बाड़ी म नि  बदल जावो।  डुबक (  आटा सहित  गुब्बारा ) नि लगणो  दबळन लगातार खैंडण  जरूरी च। ध्यान दीण  कि दबळ हर समय   चलण चयेंद। 
 जु लुण्या  बाड़ी पकाण त  चूनम लूण , जवाण डाळि  चून  खैंडो।    बाड़ी कथगा  पंद्यर/ लसलसो  या सूखा चयेणु  च वै अनुसार चून  मिलांद  जावो। 
  चूनो मिठ  हलवा पकाणो  तरीका वी च जु ग्यूं  हलवा या गुड़ज्वळि  पकाये जांद अर्थत चून भूनो फिर वैमा  गुड़ की गरम गर्म  चासनी डाळो  अर  दबळ  चलांद  जावो।
 सर्दी ह्वेन या रुड़ी  या बरखा सब मौसमों बाडी  खाये जांद। 

Copyright @ Bhishma  Kukreti 
उत्तरखंड की   आयुर्वैदिक पारम्परिक भोजन  पका कला , recipe for Ayurvedic  Traditional Cuisine of   Uttrakhand  , गढ़वाल की आ  आयुर्वेदिक   पारम्परिक पाक कला, कुमाऊं की  आयुर्वेदीय पारम्परिक भोजन  पाक कला निरंतर

Bhishma Kukreti

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मंडुवे /कोदे के आटे  का मालपुआ या पुआ  पकाने की विधि

क्वादो पू  /मालपुआ   पकाणो ब्यूंत

 Recipe of Traditional  Ayurvedic  Finger Millet Malpua or Pua
उत्तराखंड के   आयुर्वेदीय  पारपम्परिक भोजन व्यंजन विधि /पाक विधि/ पाक कला  श्रृंखला  भाग -५ 
Recipe of Ayurvedic Traditional Food of Garhwal, Kumaon (Uttarakhand)part- 5
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संकलन - भीष्म कुकरेती
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मंडुआ  उपयोग उत्तराखंड में  आदिकाल से होता आया है।  आज मंडुवे के आटे।/चून  से पुआ या मालपुआ पकाने की विधि पर चर्चा होगी।
 समान -
क्वादो  आटो /चून  - आवश्यकता अनुसार एक मालपुआ याने चार बड़ा  चमच चून
 ग्यूं  आटु  - आधा  मात्रा।/ कुछ   अब दळिया बि मिलान्दन किन्तु  परम्परा म दळिया  नि  मिलांदा छा।
दूध - द्वी  कटोरी या आटौ  मात्रा अनुसार
तेल/ घी -  मात्रा अनुसार
चिन्नी  या गुड़
नरयूळ - कद्दूकश कर्युं
खरबूजा बीज  भुन्यां
इलाइची चूरण  भुन्युं
जवाण
पकाणै  कौंळ - चासनी एक पतीला म क्वादो आटु चून ) ग्यूं  आटु , डाळो  पाणि  , दूध दगड़ पेस्ट बणाणो  रूप म मिलाओ।  ये पेस्ट म पीसीं चिन्नी  या गुड़ो  पाणी मिलाओ किंतु  यु पेस्ट ही रण चयेंद।  पेस्ट ना तो  पतळो  हो ना ही  बिंडी  गाड़ो।  मध्यम रीति को पेस्ट।  अब आधा एक घंटा कुण  छोड़ दीण। एक कढ़ाई या अधिकतर तवा म तेल डाळो  अर  गरम करणो  धारो।
जब तेल गरम ह्वे  जावो तो पेस्ट तै गरम तेलम  डाळो अर  फैलाओ।
जब मालपुआ एक हौड़  पक जाओ तो मालपुआ का हौड़ बदल द्यावो।
जब मालपुआ सीके गे  होवन  त  उतार द्यावो। 
 गार्निशिंग करणो  चिनि  डाळ  ल्यावो अर  पौण  ह्वावन त  गुलाब पंखुड़ी रख द्यावो।  भुन्यां  खरबूज बीज आदि डाळो। 
मालपुआ खावो  अर खलाओ।  -
Copyright @ Bhishma  Kukreti 
उत्तरखंड की   आयुर्वैदिक पारम्परिक भोजन  पका कला , recipe for Ayurvedic  Traditional Cuisine of   Uttarakhand  , गढ़वाल की आ  आयुर्वेदिक   पारम्परिक पाक कला, कुमाऊं की  आयुर्वेदीय पारम्परिक भोजन  पाक कला निरंतर,  Recipe of Traditional  Ayurvedic  Finger Millet Malpua or Pua ,


Bhishma Kukreti

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 उत्तराखंड में पारम्परिक आयुर्वेदिक मंडुवे का हलवा पकाने की पाकविधि
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 चूनो  हलवा पकाणो  ब्यूंत / रागी हलवा  पकाणो  विधि
 
 Recipe of cooking Finger Millet/Ragi Halva  an Uttrakhandi Ayurvedic  Food
उत्तराखंड के   आयुर्वेदीय  पारपम्परिक भोजन व्यंजन विधि /पाक विधि/ पाक कला  श्रृंखला  भाग - ६
Recipe of Ayurvedic Traditional Food of Garhwal, Kumaon (Uttarakhand)part- 6
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संकलन - भीष्म कुकरेती
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समान -
चून -२५० ग्राम
घी /तेल - १५० ग्राम
गुड़ 'चिनि  चासनी रूपम
कढ़ाई
अर  दबुळ /बेलन  चलाणो

  उत्तराखंड म हलवा बिंडी  ग्यूं  आटो  या सूजी क बणद  पर चूनो (रागी आटा ) अपवाद नी  च . पुरण जमन म चूनो हलवा (रागी हलवा ) पकाण  बड़ो सरल छौ।  बस चून (रागी आटो)  घी या तेल म  भूनो अर  गुड़ की चासणी  डाळो  अर  दबुळन खैंडो  बस  चूना  हलवा तयार।    हलवा म पाणी /चासनी वे हिसाब से डाळो  जय हिसाब से हलवा चयेंद -पतुळ -बकुळ - पेस्ट जन। 
अब  चूँकि उत्तराखंडी अंतर्राष्ट्रीय स्थलों म बि  पौंची  गेन  तो अब तरीका बि  बदल गे  जनकि  अब पैल  चून  तैं  दूध -दही म छोळो  अर  चुलम पकावो /खैंडो।  अंत म कट्युं  काजू किमिश , नरयुळ  कबरकाओ
 चूनो हलवा की तासीर गरम  हूंद  अर  पाच्य हूंद त  सर्दियों /जड्डू म अर गर्भवती महिलाओं या नवजात बच्चों माँ तै कहलाये जांद।
 हलवा पतळ  ह्वाओ  त  छुट बच्चों तै दिए जांद। 
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Copyright @ Bhishma  Kukreti 
उत्तरखंड की   आयुर्वैदिक पारम्परिक भोजन  पका कला , Recipe for Ayurvedic  Traditional Cuisine of   Uttarakhand  , गढ़वाल की आयुर्वेदिक   पारम्परिक पाक कला, कुमाऊं की  आयुर्वेदीय पारम्परिक भोजन  पाक कला निरंतर .  उत्तराखंड में पारम्परिक आयुर्वेदिक मंडुवे का हलुवा पकाने की पाकविधि ,  Recipe of cooking Finger Millet/Ragi Hhalva  an Uttrakhandi Ayurvedic  Food , Recipe for Cooking ragi halva in Uttrakhand Syle


Bhishma Kukreti

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आयुर्वैदिक सवया /झंगोरे/वरी चा  चावल  की कढ़ी पकाने की पाक विधि

   आयुर्वैदिक झंगोरा  क  झुळ्ळी  /कढ़ी पकाणो पाक विधि
Recipe  of  Cooking  Ayurvedic  Kadhi  of Indian  Barnyard  Millet
 उत्तराखंड के   आयुर्वेदीय  पारपम्परिक भोजन व्यंजन विधि /पाक विधि/ पाक कला  श्रृंखला  भाग - ८
Recipe of Ayurvedic Traditional Food of Garhwal, Kumaon (Uttarakhand) part- 8
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संकलन - भीष्म कुकरेती
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   झंग्वर उत्तराखंडौ एक महत्वपूर्ण अनाज छौ जैकी पैदावर उत्तराखंड निर्माण बाद कम ह्वे गे I झंग्वरौ बनि बनि भोजन उत्तराखंड म पाके जान्दन I ऊँ भोजनों मधे एक मुख्य भोजन च झंग्रौ छाछ दगड़ी थड़कैक पळयो /छ्न्चिया पकाण या  झुळ्ळी /कढ़ी पकाणI I
  पैन पळयो पकाणो विधि -
 समान –
झंगर्याळ- २०० gram
छांछ – १लीटर
झंगर्याळ तैं अधा घंटा पाणीम भिगाओ I
कढाई म पाणी  गरम कारो अर झंगर्याळ तै गरम पाणीम डलो अर  7एक  मिनट तक उबालो अरतब छांच डालो अर खूब थड़काओ  I कतुक गाड़ो करण या पंद्यर करण वे हिसाब से पाणीकम जादा करण I
 आमतौर पर पळयो मा  ल्यासणो , मर्च धणिया -पिस्यूं लूणो दगड़ खाए जान्द.
पळयो म चिनी मिलैक बि खाए जान्द.I
       -लुणया  पळयो पकाणो विधि -
 छाछ डळदा दें लूण ,  मर्च , ल्यासण, आदो , दगड़ पीसिक डाळ दिए  चएंद त लुणया पळयो बुले जान्द    I
 मिठ पळयो – लूणो अर मर्चा  जगा गुड़, चिन्नी डळये जान्द I पुरण जमानो म शीरा बि प्रयोग होंद छा I
झुळ्ळी  -  मसल अर लूणो   पळयो म दगड  पिसिं हल्दी डाळण पर यु भोजन  झुळ्ळी  ह्वे जान्द I
  Copyright @ Bhishma Kukreti , 2021 
  गढ़वाल उत्तराखंड  में जनःगोरा का पळ्यो , पकने की विधि , गढ़वाल  उत्तराखंड  में नमकीन पळयो पकाने की विधि , गढ़वाल में  झंगोरे की छंछिया /छंछ्या  पकाने की विधि , उत्तराखंड में झंगोरे की छाछ /दही  कढ़ी पकने की विधि


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कंडाळी कु छापण मा फाणु

सुनीता ध्यानी

कंडळी कु छापण मा फाणु"
एक कटोरी गैथ नमक स्वाद लैक हैरि मर्च द्वी बरीक कटीं लासण कि कलि चार-पाँच कटीं जीरा धनिया, लाल मिर्च, हल्दी अनुमान से द्वी चम्मच तेल कंडळि का कुंगळा डींगा पत्तों समेत 10-15 डींगा कम से कम उमल्यूँ पाणि एक लीटर विधि:-
1-गहथ साफ कैरि कि बणाण से चार- पाँच घंटा पैलि गुनगुन पाणि म भिगा द्यो|
 2- कंडळि बि साफ कैकि झाड़ि कि एक बार ठंडु पाणि कु पतीला म चिमटा कु मदद से धूण अर एक बार गर्म पाणि म ध्वेकि साफ थकुलु म धैर दीण|
3- गैथ भीजि जाला त सिल्वटा म या मिक्सी म पीसि कि बरीक पेस्ट बणा दीण|
 4- लोखरा कढ़ै म द्वी बड़ि चम्मच तेल डालि कि जीरा अर लासण कु तुड़का डालो
 5- जब तुड़का चटिकि जा त गैथु कु पेस्ट भूनो कम आँच पर|
6- पेस्ट म पिस्यूँ धनिया, मर्च, हल्दु (कम मात्रा) आदि सबि मसला मिला दिणी|
7- अब जरा कै उमल्यूँ पाणि मिलाओ जनकैकि कि पेस्ट का ढिण्डा नि बणि|
8- जब पाणि अर पेस्ट भलि कै मिलि जालु त येथा एक द्वी उमाळ आणा कु बाद आँच कम कैर दीण|
9- अब येमा करछी कि मदद से जरा जरा कैकि कंडळि मिलाण|
10- कंडळि खूब पकि जालि त आँच बंद कैर दीण अगर भंडि गाढ़ु होलु त उमल्यूँ पाणि मिलाकि पतुळु कैर सकदो| सवदि फाणु भात कु दगड़,रोटि कु दगड़ खाओ  (नोट- अक्टूबर से फरवरी तक कंडळि खाण लैक हूंद)
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सर्वाधिकार @ सुनीता ध्यानी

Bhishma Kukreti

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   पारम्परिक  आयुर्वेदिक मूळा के सुक्से (निर्जलीकृत ) की सब्जी /साग

 पारम्परिक उत्तराखंड का आयुर्वेदिक मूळा के सुक्सा /निर्जलीकृत मूळा /मूली  कु   साग
Recipe of Ayurvedic food by cooking Dehydrated radish a Traditional food of Uttarakhand 

उत्तराखंड के   आयुर्वेदीय  पारपम्परिक भोजन व्यंजन विधि /पाक विधि/ पाक कला  श्रृंखला  भाग - १०
Recipe of Ayurvedic Traditional Food of Garhwal, Kumaon (Uttarakhand)part- 10
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संकलन - भीष्म कुकरेती
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उत्तराखंड म   ऋतू बगत साग भूज्यूं  सुक्सा डळण  एक प्राचीन परम्परा च बल।  भौत सा सब्ज्यूं सुक्सा डळे  जांद उखमा  मूळा , मूली प्रमुख च। 
मूळा सुक्सा भुज्जी /साग पकाणो  पाक विधि -
समान -
मूळा सुक्सा
मसाला -
कड़ु  तेल
जख्या /जीरो
धणिया चूरो
मर्च चूरो
हल्दी चूरो
ल्यासण - पेस्ट या पिस्युं /कट्युुं
आदो -  पेस्ट या पिस्युं /कट्युुं 
लूण
धणिया पत्ता
 तरीदार मूळा /मूली सुक्सा पकाणो कुण -
भिगायुं  चौंळु/ झंग्वरौ   पेस्ट / भिग्यां  चौंळ/झंग्वर  पिस्यां 

 विधि -
 १- आधा -एक घंटा तक  मूळा /मूली  सुक्सा  तै  गरम पाणि म भिगायी रखण।
२- भिग्यां  सुक्सा तै थींच दीण।
३- अब  चुलुम चढयिं कड़ै  उन्द  तेल गरम  करो।  फिर जीरो या जख्या छौंको।
४- अब  भिग्युं  -थिंच्युं  सुक्सा भुटण
५- कुछ समय उपरान्त मैणु मसाला, लूण  कम पाणि  दगड़  डाळि  ८ -१२ मिनट तक कम पाणिम  पकाण   
६- पक जा त धणिया पत्तों से गार्निश कर भीम धर  दीण , गरम गरम या सळैक रुटि  दगड़  खाण।
 जु तरीदार मूळा /मूली  सुक्सा   पकाण  ह्वावो -
सुक्सा भुटणो उपरान्त चौंळ /झंग्वरौ पेस्ट कु  दगड मसाला सहित भुटण।  लूण  डाळि ,  पाणि दगड़  पकाण।  पाणि उथगा इ डळण जथग दड़बड़  साग  चयेणु  हो।
जब  दड़बड़ो  सुक्सा  पक जावो तो धणिया डाळि  उतार  दीण। 
अथवा
चौंळ /झंग्वरौ पेस्ट की जगा बड़ी  बि  सुक्सा दगड़म  पकाये जांद।
  भिगायुं   थिंच्युं  सुक्सा अर    भिगायिं  बड़ी एक संग भुटण अर  तब मसाला भूटी  साग पकाण।
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उत्तरखंड की   आयुर्वैदिक पारम्परिक भोजन  पका कला , Recipe for Ayurvedic  Traditional Cuisine of   Uttarakhand  , गढ़वाल की आयुर्वेदिक   पारम्परिक पाक कला, कुमाऊं की  आयुर्वेदीय पारम्परिक भोजन  पाक कला निरंतर , उत्तराखंड  के  पारम्परिक आयुर्वेदिक भोजन मूळा /मूली के सुक्से /निर्जलीकृत मूला की सब्जी व साग ;  के  पारम्परिक आयुर्वेदिक भोजन मूळा /मूली के सुक्से /निर्जलीकृत मूला की सब्जी व साग, Recipe of Solarized raddish vegetable, डीहाड्रेटेड मूली का साग 


 

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