Author Topic: Delicious Recepies Of Uttarakhand - उत्तराखंड के पकवान  (Read 138771 times)

Bhishma Kukreti

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[b]लाल राजमा अर सून्ट (लोबिया) की दाळ पकाने की पाक विधि recipe
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गढवाली भुला , यमकेश्वर [/b]

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लाल राजमा अर सून्ट (लोबिया) की दाळ। सामग्री :- सुन्ट अर लाल राजमा साबुत 150+150 ग्राम, साबुत लाल मिर्च 5 , तेजपत्ता -2 , दालचीनी छोटु सी टुकड़ा, सोँठ 10 ग्राम, पिपली द्वी पीस, काली मिर्च 5-7 दाणा ,जीरा, धनिया 10 ग्राम , मोटी इलायची एक जयफल आधा टुकड़ा, हरी मिर्च चार,प्याज दो, अदरक थोड़ा सा, लहसुन 5-7 कली, टमाटर दो, हरा धनिया 10 ग्राम, नमक मिर्च हल्दी स्वाद अनुसार, देशी घी 50 ग्राम।
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सबसे पैली पानी गरम करीक दाळ भिगै द्यावा अर तेजपत्ता छोडी़क सब गरम मशालोँ तै तवा माँद भुनी क थोड़ा म्वाटू कूटी ल्यावा। तीन चार घँटा भिगीँ दाळ तै पकण तक जरूरत क अनुसार उबाळी द्यावा। देशी घी पतीला माँद डाली क हळकी आँच माँद कुट्याँ मशाला, तेजपत्ता, कटी हरी मिर्च, साबुत लाल मिर्च, लहसुन अदरक, प्याज डाली क पकण तक भूनी क फिर टमाटर और नमक, मिर्च ,हल्दी डाळी द्यावा। पिस्यूँ मशाला डालण की जरुरत नी च। थोड़ा भूनी क पकीँ दाळ तै घोटी क डाली द्याण। पकण क बाद एक करछी माँ द्वी चम्मच देशी घी डाळी क गरम करीक जीरा कू तड़का भूनी क गरम तड़का दाल माँद डाली क ढक्कन लगै द्याण। बस तैयार च सुन्ट अर लाल राजमा की दाळ।अगली पोस्ट माँद कम मशालोँ की पहाड़ी भड्डू वाळी स्वादिष्ट दाळ की पोस्ट भेजलू।
सर्वाधिकार @ गढवाली भुला , यमकेश्वर


Bhishma Kukreti

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मटर मशरूम की आयुर्वेदिक भुज्जी[/size][/color]
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ऊषा बिजल्वाण
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- सामग्री-
मशरूम ढाई सौ ग्राम मटर ढाई सौ ग्राम धुलीक साफ करयां ,२ प्याज़ मोटा मोटा काट्यां ,२ टमाटर मोटा मोटा काट्यां, २ साबुत हरी मिर्च , १ ईंच अदरक कु टुकड़ा,४ लसण छिलीं,२ तेज पत्ता, १ छोटु टुकड़ा दाल चीनी, १ चम्मच जिरु, १ चुटकी हींग, कश्मीरी लाल मिर्च, १ चम्मच कसूरी मेथी ४ चम्मच तेल अर थोड़ा सा बारीक कट्यूं हरु धनिया।
मटर मशरूम की आयुर्वेदिक सब्जी पकाने की  विधी-
 गैस खोलीक कढाई रख द्या तब वैम तेल डाल द्या जब गरम ह्वै जालू तब जीरू डाल द्या हींग डाल द्या फिर तेज पता अर दालचीनी डाल द्या वांका बाद प्याज़ डालीक भूना थोड़ा सा गुलाबी होण पर टमाटर डाल द्या थोड़ा गलना पर हरी मिर्च लसण अदरक डालीक ५ मिनट और पकण द्या फिर ठंडा करीक पेस्ट बणै द्या फिर से कढाई गैस म रखीक १ चम्मच तेल डाला गरम होण पर जीरु डाला अब पेस्ट डाल द्या और तेल छोडण तक पका अब सुखू बणोण त सुख बणा नितर थोड़ा पाणी डालीक रस वाली बणा ल्या तयार छ मटर मशरुम की आयुर्वेदिक भुजी
सर्वाधिका @   ऊषा  बिजल्वाण


Bhishma Kukreti

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  नुसखा  -ए  - शाहजहांनी : भारतम पाकशास्त्र रचनाम  एक मीलस्तम्भ

नुश्खा -ए  - शाहजहांनी :: भारत में पाक शस्त्र रचना में एक मील पत्थर

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  आदि काल से ब्रिटिश काल तक  भारत म पाक कला /पाक  शास्त्र रचना इतिहास -३
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 मुगल काल म पाक शास्त्र - २
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भीष्म कुकरेती
भारतम पाक शास्त्र रचना की भौत पुरणि संस्कृति च  जनकि -
 आयुर्वेद संहिताओं  जनकि  चरक संहिता आदि म भोजन पकाणो योजना विवरण (1 )
संगम साहित्य (६ बीसी से ३सर सदी तक ) संगम साहित्य )तमिल ) म भोजन पाक कला, पाक विधि  पर बथेरा साहित्य मिल्दो (२ )
मनोलाश ( १२ वीं सदी ) चालुक्य राज का पाक शास्त्र ग्रंथ
पाकदर्पण - १२०० सदी
सूप शास्त्र - १५०८ म जैन मुनि द्वारा रचित संस्कृत ग्रंथ
भोजन कौतुहल - १६७५ म
       -   सुल्तानियत काल  म पाक शास्त्र ग्रंथ -
निम्मतनामा -१५०० सदी
          मुग़ल काल म  शास्त्र साहित्य  ग्रंथ
आईने अकबरी -१५९०
अलवान ए  नेमत - १७वीं सदीम जहांगीर क काल कु  ग्रंथ जैमा १०१ रेसिपी छन।
   - नुसखा   - ए -शाहजहांनी -
नुसखा   - ए -शाहजहांनी'  पर्सियन भाषा म लिख्युं  पाक शास्त्र  ग्रंथ   मुग़ल काल की भव्य भोजन संस्कृति की याद दिलांद।  मौलिक पाण्डुलिप म कखिम बि असली लिख्वारौ नाम नी बतायुं ना ही रचना काल कु  ब्यौरा च । 
 हरेक अध्याय वै बगतौ भोजन पकाणो  ब्यूंत  बतांदो जामा  ।  पांडुलिपि बतांद बल शाही रुस्वड़म कन  भोजन पकदो  छौ अर  तै टैमो क्या क्या भोजन हूंद छौ अर कन बणदो  छौ जनकि पंद्यर साग (सूप ), बनि बनि पुलाव , बनि बनि कबाब , दो प्याजा , समोसा , अर मिठै।
नुसखा -ए - शाहजहांनी ' से पता चलदो बल तै टैम कम मसाला प्रयोग करे जांद  छा अर  बैलगाड़ियों से अखरोट , पिस्ता , बादाम , पुलम, किसमिस अर केशर आयत हूंद छौ।  मिठाइ म मेवा , चांदी अर सोना वर्क अर  कुछ सगंठित पादप खूब प्रयोग हूंद छौ।
 पाण्डुलिप म लिख्यां  अधिकतर भोजन बड़ी मात्रा म पकाये जांद छौ। ग्रंथ म रक्तवर्ण डाळणो  उल्लेख हुयुं च।
 ग्रंथ म मच्छी धूण , साफ़ करण  अर  पकाणो बड़ो भली प्रकार प्रयोग हुयुं च।   यांक अलावा भोजन रंगों क बि उल्लेख च। 
 बियानी पकाणो  विधि बि  ग्रंथ म च।  दम शैली क उल्लेखनीय च।   भौत सा रुटि , नान पराठों, कुलचा आदि कु  उल्लेख बी च। 
शाहजहां क रसोई म मेहमान व शाही परिवार तै भोजन भव्य तरीका से परोसे जांद छौ जु औरंगज़ेब क समय बंद ह्वे गे  छौ। (३ )   

 

संदर्भ -
१- धन्य एस. अन्य ,२०१९ , ट्रेडिशनल मेथड्स ऑफ़ फूड हैबिट्स ऐंड डाइटी प्रिपेरेशन इन आयुर्वेदा : द इंडियन सिस्टम ऑफ़ मेडिसिन्स , जॉर्नल ऑफ़ एथनिक फूड्स ,७ नवंबर २००९
२- ए  श्रीकुमार , व्हॉट एनसियंट तमिलस एट , द हिन्दू , १ जून २०१८ ,लाइफ स्टाइल पृष्ठ
३-  मुगल फीस्ट , : रेसिपीज फ्रॉम किचन्स ऑफ  शाहजहां ,
सर्वाधिकार @ भीष्म कुकरेती
 







Bhishma Kukreti

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आज बनाते हैं!मूंग दाल की दही पकौड़ी 
Sohan Mehra
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सामग्री 
मूंग धुली दाल
सरसों का तेल
अदरक हरी मिर्च
नमक मिर्च भुना जीरा पाउडर
पुदीना पाउडर चाट मसाला!
बनाने की विधि 
सर्वप्रथम 500 ग्राम मूँग धुली दाल को कम से कम चार से पाँच घंटे या फिर रात को भी भिगोकर रखें ! दाल अच्छी तरह फूल जाती हैं!अब दाल को छान ले पानी सारा निकालकर कुंड़ी सोडा या फिर मिक्सर की सहायता से पीस लें पानी इतना डाले कि दाल थिक रहे!
कुंड़ी सोडा में पीसे तो बेहतर होगा क्योंकि दाल अच्छे से फूल जाती है!जिससे पकौड़े नरम बनते हैं!पीसने के बाद दाल की एक पकौड़ी किसी बर्तन में पानी डालकर पकौड़ी डालकर देखें अगर पकौड़ी तैरने लगी समझो दाल अच्छे से फूल गई है!
अब उसमें 50 ग्राम अदरक और हरी मिर्च बारीक बारीक काट कर मिला दें !
अब एक कढाई में सरसों का तेल गर्म करें और छोटी छोटी पकौड़ी मध्यम आंच पर हल्की डार्क ब्राउन होने पर उतार दें!
10 मिनट बाद तेज गर्म पानी में नमक डालकर पकौड़े भिगोकर 15 मिनट रखें नमक इसलिए कि पकौड़े के अंदर तक पानी की सहायता से नमक अच्छे से चला जाय!आप नमक पहले या फिर बाद में दही में भी मिला सकते हैं!
15 मिनट बाद पकौड़े को हल्का सा दबाकर पानी निकाल कर रखें!एक बाउल में दही फेंट कर पकौड़े डाले स्वादानुसार काला नमक भुना जीरा लाल मिर्च चाट मसाला डाले!
और आप चाहें तो हरी चटनी या फिर इमली की चटनी के साथ खा सकते हैं!



Sohan Mehra


Bhishma Kukreti

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 चपड़ चूडों पोहा पाक विधि  : आयुर्वेदिक  पौस्टिक एवम सुपाच्य।
Recipe Poha
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ऊषा  बिजल्वाण
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सामग्री-  चपड़ चूडा़ १ -१/२ कटोरी ,
आलू मध्यम आकार कु १ ,
प्याज़ १ , कच्ची मूगंफली १ मुठ्ठी,
 हरी मिर्च १,
गंदेला /
करी पता ४ ,
१ चुटकी हींग,थो
ड़ी सी कश्मीरी लाल मिर्च,
कसूरी मेथी१/२ चम्मच,
दुई चम्मच रिफाइंड तेल
थोड़ा सा हरू धनिया
अर ६,७ बूंद निबूं
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पोहा पकाणो विधी  cooking method-
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 चूडा तै ध्वैक अलग रख द्या गैस खोलीक कढाई रख द्या तेल डाला गरम होण पर पैली आलू पकण तक भुन ल्या निकालीक अलग रख द्या फिर प्याज़ डाला भुना निकालीक अलग रख द्या अब मूगंफली भुना अलग कर द्या अब मिर्च डाला ५ सेकेड बाद सब भूनी चीजों तै कढाई म डालीक नमक कसूरी मेथी करी पता कश्मीरी लाल मिर्च डालीक चूडा डाल द्या ५ मिनट भुना फिर निंबू की ६,७ बूंद डाल द्या धनिया डाला तैयार छ चटपटू पोहा

Bhishma Kukreti

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    आयुर्वेदिक मरसु चौली  पत्तों , amaranthus leaves की भुजि,

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पाक विधि - सरोज शर्मा , सहारनपुर
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मरसू पत्ता
प्याज -बडो बडो टुकडा म कट्यूं
तेल 2 चम्मच.
जख्या  चुटकी भर.
हींग- एक चुटकी.
लूण
1 हरी मिर्च कटींया थोड़ा सि लाल मर्च चूरा
एक साबुत लाल मर्च भुनणो कुण
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food processing भोजन प्रस्संकरण
पत्तियों तै मध्यम लम्बाई म काट दयावो I

पकाणो विधि /पाक विधि -


तेल गरम कारो,  पैल लाल मर्च भुनी धृ दयावो
 वैमा म  जख्य  हींग  हींग  छिडको ,
कुछ प्याज हल्कू भूनि वैमा कट्यां पत्ता डाळ दयावो अर बाकी प्याज बि डाळ द्यावो I
लूण मर्च डाळ दयावो .
पलटा या कड़छी चलांद जावो
बस 5 ७ मिनटम  मरसू भुज्जी/  चौली की आयुर्वेदिक  स्वादिष्ट  सब्जी तैयार I
 
 ग्यूं, कोदा, मुंगरी. रुटि दगड खावो  दगड म लाल म्र्चो ठुंगार बि I
सर्वाधिकार @ सरोज  शर्मा, सहारनपुर 


Bhishma Kukreti

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 गढवाली पपारंपरिक साग ----पिठव्णी --

- माया/मधु बहुगुणा (मध्य प्रदेश )  की रसोई से

माया/मधु बहुगुणा की रसोई से
आज क विशेष लंच
पिठव्णी ---
सामग्री-
पालक 1किलो
टमाटर-6 (बड़-बड़),
जीरु,
 हींग,
लहसुन,
हरि मर्च 5-6,
एक कटोरी बेसन,
हरु धणिया करीब एक गुच्छी,
 हल्दी,लाल मर्च, नमक स्वादानुसार
पिठ्वाणी पकाण का     विधि----
पालक धोई कन बारीक काट ल्या/उमालि क पीस भी सकदा।
कढाई मा तेल गर्म करा, जीरु, हींग डालिक, ल्यासनक तड़का डालो कट्यां टमाटर डालो सब मसल डाळ  द्यो, जब सब भुने जा पक (टमाटर) जाऊ एक चमची देसी घी डाल द्यो तब कट्यू पालक डालिक गल जाण तलक पकाण तब घोलयूं बेसन पाणी मिले डालिक पकाण।
पक जाण क बाद कटयूं धणिया डाल द्यो, ल्या पीठवणी तैयार।
गरम-गरम भात  का दगड़ खाओ।




Bhishma Kukreti

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  गढवाल की पारम्परिक आयुर्वेदिक मिश्रित दाळ

Bhishma Kukreti

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                गढवाली शैली में  कटोरी चाट रेसिपी
 –
-ऊषा बिजल्वाण
-
 सामग्री-
मैदा एक कटोरी,
अंकुरित दाळ  चना,
मूंग,
राजमा,
काबली चना ,
 लाल चटणी,
हरी चटणी, अनार,
जीरू पौडर,
 कालू लोण,
चाट मसालू ,
लोण स्वादानुसार ,
मीठी दही और नमकीन।

विधी-

मैदा म थोड़ा लोण अर २ चम्मच तेल डालीक गूंद द्या अब छोटि छोटि लोई बणैक पूरी कि साइज कू बेल ल्या अब बीचों बीच तेल लगैक कटोरी तै पूरू लपेट ल्या और तळ  ल्या निकालीक सब सामग्री भरीक मीठी दही डाल द्या और ऐच बिटी लाल और हरी चटणी डाळ  द्या चाट मसाला, जिरू पौडर और चाट मसाला बुरक द्या नमकीन से सजै द्या तैयार छ कटोरी चाट
सर्वाधिकार @ ऊषा  बिजल्वाण
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गढवाल की गढवाली शैली में  कटोरी चाट रेसिपी  , देहरादून की गढवाली शैली में  कटोरी चाट रेसिपी  , हरिद्वार की गढवाली शैली में  कटोरी चाट रेसिपी 

Bhishma Kukreti

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 गढवाली शैली में  आयुर्वेदिक तरीदार क्याला गुटका
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प्रेमलता सजवाण
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बणाणा कु सगोर

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1- पाँच छः क्यालों थै छीलि कि गुटका जन काटि कि सरसों तेल म तैलि कि निकालि द्यावा।
2- अब कढै़ मा सरसों तेल डालि जीरा जख्या कु तड़का लगावा।
3- अब तीन चार प्याज बरीक काटि भूनि द्यावा।
4- फिर लसण अदरक कु एक एक चमचा पेस्ट भी भूनि द्यावा।
5- चार बडा़ टमाटरों कु पेस्ट बणै कि भूनि द्यावा।
6- अब अपरि पसंद का लूण मर्च देगी मिर्च मसला मिले कि भूनि द्यावा।
7- जब मसला तेल छ्वडण भेटि जालु तब एक गिलास गरम पाणि( जदगा तरी आपथै चैणि) मिलै उबालि द्यावा।
8- अब वैमा क्याला का तल्या टुकडा़ डालि द्यावा।
स्वादिष्ट तरीदार क्याला गुटका तैयार।
प्रेमलता सजवाण
दगड्यो दगड्म एक कट्वरी म ठुंगार भि च।
वै थै कभि बणाई खाई च आपल?
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 सर्वाधिकार @ प्रेमलता सजवाण
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गढवाली शैली में  देहरादून का  आयुर्वेदिक तरीदार क्याला गुटक; गढवाली शैली में   हरिद्वार का आयुर्वेदिक तरीदार क्याला गुटका, गढवाली शैली में  कोटद्वार का  आयुर्वेदिक तरीदार क्याला गुटका; गढवाली शैली में  टिहरी का  आयुर्वेदिक तरीदार क्याला गुटका

 

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