Author Topic: Idioms Of Uttarakhand - उत्तराखण्डी (कुमाऊँनी एवं गढ़वाली) मुहावरे  (Read 100593 times)

AshokMall

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kas-kas kan gya, musa chiala diwaan. this is one of the famous ainna.

hem

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कुनल के देखन छा मुनल देखो
(कुंडली क्या देखना माथा देखो )
अर्थात् : भाग्य से बड़ा कर्म


दांतुल आपणि तरफ़ काटूँ
{दराती अपनी ही तरफ़ को (एक ही ओर) काटती है}
अर्थात् : अपनों का पक्ष लेना         

hem

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एकै खाड़क पिनालु 
(एक से ही गुण होना)
अर्थात् : एक ही थैली के चट्टे - बट्टे 


शंकर ज्यू खुदै उताण छन वर काहें दिनीं     
(शंकरजी ख़ुद ही औंधे पड़े हैं वरदान कहाँ से दें )
अर्थात् : जो स्वयं ही कंगाल है वह दूसरों की क्या मदद करेगा 

Risky Pathak

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गोठ जै कि बाडन है रई 
(गोठ मे थोड़े ही बधना है )

अर्थ: किसी का दबाव नही है,  काम करने के लिए 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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नीमन बखो किरमाडी पात .

मतलब :  किसी चीज के महत्व खत्म होने पर, दूसरे चीज का उजगार होना जो किसी काम नही होता है !

Dinesh Bijalwan

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१.कख राजुला सौक्यान आर कख दानपूर का ----- मतलब कह्ना राजा भोज और कह्ना गन्गु तेली
२. गन्गा मा का जौ  -  मुस्किल काम

Dinesh Bijalwan

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१.बीरू लगी बीरू धार शीरू लगी शीरू धार  मत्लब अपने अपने रास्ते पर चलना या अलग होना
२- निद्यो को घट्ट छीजो - जो किसी की मदद नही करता उसका अनाज पन्च्क्की से छीज कर बेकार चला जाता है

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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मडुआ तरफ़ बे कथप है रे दम दम.

किसी आदमी की चीज से कोई मतलब नही रखना.

Dinesh Bijalwan

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१-निबण्दी को गम्बू रसोया- मत्लब मज्बूरी का नाम-------
२- औरू की देखी लायी पैरी अपनी देखी नान्गी, स्ये बुबा कू मरी , स्या ही किले नि मान्गी
३-बैरी का बाछरू , पिजाया को सुख
४-घुट्दौ त गिच्चू फूकेन्द , थूक्दौ त दूद च 
५- त्तातो दूद हूणो



पंकज सिंह महर

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अस्या घिचा दगड़ी कैन सकी


जितने मुंह उतनी बातें.

 

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