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  • Uttarayani - उत्तरायणी कौतिक(मकर संक्रान्ति): January 14, 2014

Author Topic: Uttarayani घुघुतिया उत्तरायणी (मकर संक्रान्ति) उत्तराखण्ड का सबसे बड़ा पर्व  (Read 94878 times)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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GHUGHUTIA

On this day the sun enters into the tropic of Capricona. A great fair called Uttaraini is held at Bageshwar. A  holy  dip is taken by the masses in rivers at Bageshwar, Rameshwer, Chitrashila and other places. This festival is also called 'Kale Kauwa' in Kumaun. Flour is kneaded with 'Gud', then forming a figure of a particular word, Ghuguta, puding is made and strung into a rosary. Orange and other fruits are also strung in it. These rosaries are put round the necks of the children. The children, who get up early in the morning on this very day, call the crows by uttering 'Kale Kauwa Aa Le, Ghughuti Mala Kha Le'. They  take off some pudding from

हलिया

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तो साधू महाराज, जरा फ़िर से शमसान घाट में जाकर आधी रात को लगातार तपस्या करके तीन वर्ष की डिग्री हासिल करनी पडेगी आपको तभी ग्यान प्राप्त होगा.. ;D ;D ;D


महराज..
मै तो ठहरा पुजारी साधू,  लेकिन इसके बारे मै मुझे भी पता नही था.. यदि कोई मेरे पास पूछ कराने आता तो ...
मेरी तो वाट लग जाती .
धन्यवाद .. हेम जिउ  .

  

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Bil kul sahi kah reho raju da..

Aaj kal ke sadhu dhongi ho gaye hai.

ghayan nahi hai unke pass..


तो साधू महाराज, जरा फ़िर से शमसान घाट में जाकर आधी रात को लगातार तपस्या करके तीन वर्ष की डिग्री हासिल करनी पडेगी आपको तभी ग्यान प्राप्त होगा.. ;D ;D ;D


महराज..
मै तो ठहरा पुजारी साधू,  लेकिन इसके बारे मै मुझे भी पता नही था.. यदि कोई मेरे पास पूछ कराने आता तो ...
मेरी तो वाट लग जाती .
धन्यवाद .. हेम जिउ  .

  

sanjupahari

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Dhanyaaa hoo gaya main aap jaise mitroon ko paake,,,,Mahar Je, Mehta Jew, Hem Jew Raju da,,,great info....abhi to muzhey lag raha hai ki sab choor chaar ke Bagsher hitooooooooo
Ok abhi jab itna kaam hoo hi gaya hai to apna next plan tha ki Ghughutiya ke din website ke home page pe Kaale Kawa Kale ki dhun ke saanth kuch flash daal ke loogoon ko iske bare main bataya jaye,,,,any valunteer (Mehar Jew, Mehta jew, Raju bhai can do it perfectly..i would also ad whatever i know...Hem jew would arrange the pics of  ...to bhai loog kya bolte hooo,,>>>>>>>>>>>>waiting

Rajen

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अति उत्तम बिचार
अति उत्तम बिचार है सन्जू जी आपका।  आशा है कि इस दिशा में मेहता जी, महर जी और पंत जी जरूर कुछ करेंगे।  और भी कोई सदस्य इस बिषय में योगदान देना चाहें तो कृपया आगे आयें।  इस काम का सभी सदस्य उत्सुकता से इंतजार करेंगे।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Bilkul Sahi. Dajew..

We will try to do this..


Dhanyaaa hoo gaya main aap jaise mitroon ko paake,,,,Mahar Je, Mehta Jew, Hem Jew Raju da,,,great info....abhi to muzhey lag raha hai ki sab choor chaar ke Bagsher hitooooooooo
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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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KALE KAWA KALE - GHUGHUTI MAWA KHA LE.
« Reply #26 on: January 12, 2008, 04:52:22 PM »
KALE KAWA KALE - GHUGHUTI MAWA KHA LE.



Girish

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Bahute bhal jaankari chu Maharaj !.

Ghughutiya parv ki sabhi doston ko bahut bahut subhkamanayain !

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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दुल्हन की तरह सजी बाबा बागनाथ की नगरीJan 14, 02:16 am

बागेश्वर। बाबा बागनाथ की नगरी बागेश्वर को दुल्हन की तरह सजाया जा चुका है। मौका है मकर संक्रांति से शुरू होने वाले ऐतिहासिक उत्तरायणी मेले के शुभारंभ का। दूर दूर से आने वाले मेलार्थियों के स्वागत के लिए बागेश्वर तैयार है। अपराह्न 2 बजे प्रदेश के संस्कृति व पर्यटन मंत्री प्रकाश पंत मेले का भव्य शुभारंभ किया जाएगा।

देवाधिदेव बाबा बागनाथ की नगरी वर्ष 08 के उत्तरायणी मेले के लिए सजकर तैयार है। एक सप्ताह तक चलने वाले उत्तरायणी मेले के दौरान शहर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सराबोर रहेगा। जिला प्रशासन व मेला समिति ने बेहतर कार्यक्रम पेश करने के लिए बाहर से कई टीमों को आमंत्रित किया है। नगर पालिका ने विशेष सफाई अभियान चलाते हुए चकाचक कर दिया है। जल संस्थान व जल निगम ने जगह जगह स्टेड पोस्ट लगा दिये है ताकि मेलार्थियों को लगातार पेयजल की आपूर्ति की जा सके। बिजली विभाग ने कटौती से निबटने के पूरे उपाय कर दिये है। बड़ा जनरेटर कटौती के दौरान मेला स्थल में बिजली की आपूर्ति जारी रखेगा। विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी के लिए नुमाइश मैदान में विकास प्रदर्शनी लगायी जा चुकी है। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच तैयार किया जा चुका है। सोमवार की सुबह से बागेश्वर नगरी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सराबोर रहेगी। भगवान बागनाथ की स्तुति के साथ ही नगर में भव्य सांस्कृतिक झांकी निकाली जाएगी। जो कि कलक्ट्रेट से शुरू



हेम पन्त

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पन्द्रह जनवरी के प्रारंभिक काल रात्रि 12.08 मिनट पर सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने को मकर संक्रांति कहते हैं। सूर्य, गुरु और शनि तीनों ही हमारे सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह हैं। जब सूर्य, गुरु की धनु राशि से शनि की मकर राशि में प्रवेश करता है तो यह बड़ी घटना घटित होती है।

बृहस्पति, सूर्य के गुरु हैं तथा शनि सूर्य के पुत्र हैं। धनु राशि पर सूर्य स्वयं ही नतमस्तक रहते हैं लेकिन शनि की राशि मकर में पिता सूर्य को उनका बेटा शनि निस्तेज कर देता है यानि सूर्य की सारी की सारी उष्मा को कोहरे से सोख लेता है। यहां पर सूर्य की शक्ति भी समाप्त हो जाती है। मकर राशि पर सूर्य के प्रवेश करते ही उत्तरायन प्रारंभ हो जाता है। षष्ठ मास तक यही अयन रहता है जिसमें समस्त मांगलिक कार्य होते हैं। समस्त शुभ मुहूर्त पृथ्वी लोक में निवास करते हैं। पृथ्वीवासियों को शुभता प्रदान करते हैं। इसी मकर की संक्रांति के उपरांत भीष्म पितामह ने अपना शरीर त्याग दिया था क्योंकि वह उत्तरायन का ही इंतजार कर रहे थे।

Source : Dainik Jagran

 

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