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 क्या उत्तराखंड के पहाडी क्षेत्रो मे हवाई सेवा शुरू की जा सकती है ?

हौं / Yes
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नही / No
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कह नही सकता ? / Cant'say
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Voting closed: March 04, 2012, 12:51:01 PM

Author Topic: Aviation Service - क्या उत्तराखंड के पहाडी क्षेत्रो मे हवाई सेवा शुरू होनी चाहिए  (Read 30856 times)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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This would be really a big step towards the development of Uttarakhand. We have been discussing this since long.

Govt of UK must start services so that some positive changes can take place in terms development, promotion of tourism etc.



देहरादून। राज्य के रिमोट पर्वतीय क्षेत्रों में बनी हवाई पट्टियों के माध्यम से हवाई सेवा की कवायद तेज की जा रही है। तीनों पर्वतीय हवाई अड्डों को फिलहाल हेलीकाप्टर सेवा से जोड़ने की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

पहले पिथौरागढ़, गौचर तथा चिन्यालीसौंड़ हवाई पट्टियों को पीपीपी मोड में विकसित करने के बारे में उड्डयन महकमा सोच रहा था। बाद में यह बात सामने आई कि अभी इन हवाई पट्टियों का व्यावसायिक स्तर ऊंचा नहीं हो पाया है, इसलिए कोई कंपनी इन्हें पीपीपी मोड में विकसित करने के लिए संभवतय: आगे न आए। इस योजना के तहत इच्छुक कंपनियों को टर्मिनल बिल्डिंग में व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने की सुविधा देने पर विचार किया जा सकता है। यदि वहां भूमि उपलब्ध हो तो उसे होटल आदि बनाने के लिए लांग टर्म लीज पर भूमि दी जा सकती है। इनकी संभावना फिलहाल न दिखाई देने पर अब इन हवाई अड्डों के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। पिछले दिनों अपर मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे की अध्यक्षता में हुई बैठक में उत्तराखंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट कारपोरेशन को इस प्रक्रिया पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। रिमोट एरिया में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाना इसका लक्ष्य है। गोचर, पिथौरागढ़ तथा चिन्यालीसौंड़ के लिए फिलहाल 19 सीटर हेलीकाप्टर सेवा शुरू की जाने वाली है। इसके साथ ही केदारनाथ तो पहले से ही हेलीकाप्टर सेवा चल रही है, अब इस साल से बदरीनाथ तथा घांघरिया के लिए भी हेलीकाप्टर सेवा शुरू की जा रही है। आने वाली सात मई को इसका ट्रायल किया जाएगा। राज्य में हवाई सेवा संचालन के लिए इंड्स एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड ने भी अपनी रुचि दिखाई है। जल्द ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक हाई पावर कमेटी बनेगी, जो मामले में अंतिम निर्णय लेगी।


हेम पन्त

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देहरादून। जून के प्रथम सप्ताह में दून के जौलीग्रांट से तीन और कंपनियां हवाई सेवा शुरू कर देंगी। वर्तमान में सिर्फ एक कंपनी एयर डेक्कन का विमान यहां से उड़ान भर रहा है।

सचिवालय परिसर में बृहस्पतिवार को एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया के अधिकारियों के एक दल के साथ मुख्य सचिव एसके दास और प्रमुख सचिव उड्डयन पीसी शर्मा, अपर सचिव विनोद शर्मा की बैठक हुई। इसमें जौली ग्रांट हवाई अड्डे की स्थिति पर भी चर्चा की गई। इस विस्तारित हवाई अड्डे को अब इस लायक बना दिया गया है कि एयर बस-320 भी अब यहां लैंड कर सकती है। टर्मिनल के भवन का कार्य करीब बीस प्रतिशत हो पाया है। अक्टूबर तक यह भवन पूर्ण रूप से निर्मित हो सकेगा। तब यहां सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस दौरान यह बात भी सामने आई कि जून के प्रथम सप्ताह में जेट एयर लाइन, इंडियन एयर लाइन एक्सप्रेस और एमपीएलएस यहां से हवाई सेवा शुरू कर सकती हैं। इन कंपनियों ने छह माह पहले लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। जल्दी ही इन्हें लाइसेंस मिलने की उम्मीद है। इस समय जौलीग्रांट से एयर डेक्कन हवाई सेवा संचालित कर रहा है। इस दौरान चिन्यालीसौड़, गोचर तथा नैनीसैंण हवाई पट््िटयों की स्थिति में सुधार करने पर भी चर्चा की गई।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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That's good news. I think Kedarnath yatara is also being conducted through Helicopter this year.

देहरादून। जून के प्रथम सप्ताह में दून के जौलीग्रांट से तीन और कंपनियां हवाई सेवा शुरू कर देंगी। वर्तमान में सिर्फ एक कंपनी एयर डेक्कन का विमान यहां से उड़ान भर रहा है।

सचिवालय परिसर में बृहस्पतिवार को एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया के अधिकारियों के एक दल के साथ मुख्य सचिव एसके दास और प्रमुख सचिव उड्डयन पीसी शर्मा, अपर सचिव विनोद शर्मा की बैठक हुई। इसमें जौली ग्रांट हवाई अड्डे की स्थिति पर भी चर्चा की गई। इस विस्तारित हवाई अड्डे को अब इस लायक बना दिया गया है कि एयर बस-320 भी अब यहां लैंड कर सकती है। टर्मिनल के भवन का कार्य करीब बीस प्रतिशत हो पाया है। अक्टूबर तक यह भवन पूर्ण रूप से निर्मित हो सकेगा। तब यहां सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस दौरान यह बात भी सामने आई कि जून के प्रथम सप्ताह में जेट एयर लाइन, इंडियन एयर लाइन एक्सप्रेस और एमपीएलएस यहां से हवाई सेवा शुरू कर सकती हैं। इन कंपनियों ने छह माह पहले लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। जल्दी ही इन्हें लाइसेंस मिलने की उम्मीद है। इस समय जौलीग्रांट से एयर डेक्कन हवाई सेवा संचालित कर रहा है। इस दौरान चिन्यालीसौड़, गोचर तथा नैनीसैंण हवाई पट््िटयों की स्थिति में सुधार करने पर भी चर्चा की गई।


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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दुर्घटना के घायलों के लिए नहीं हो सकती हैलीकाप्टर व एम्बुलेंस की व्यवस्था, सीएम ने कहा सरकार के पास नहीं है धनMay 23, 12:11 am

पिथौरागढ़। प्रदेश के पहाड़ी जिलों में आये दिन होने वाली वाहन दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को तत्काल बेहतर चिकित्सालयों तक पहुंचाने के लिए हैलीकाप्टर और एम्बुलेंस की व्यवस्था फिलहाल संभव नहीं है। प्रदेश के मुखिया भुवन चन्द्र खंडूरी ने कहा है ऐसी व्यवस्थाओं के लिए प्रदेश में धन की कमी है।

जिले के जागरूक नागरिक मंच के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को पिथौरागढ़ पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खंडूरी के समक्ष कई मांगें रखीं। मंच के सचिव ललित पंत ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि पहाड़ों में आये दिन हो रही दुर्घटनाओं में घायल होने वाले कई लोग समय पर इलाज नहीं मिल पाने के कारण मौत का शिकार हो रहे है। ऐसे लोगों को समय पर बेहतर चिकित्सालयों तक पहुंचाने के लिए एक हैलीकाप्टर और जिलों में बेहतर एम्बुलेंस व्यवस्था किये जाने की मांग उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने रखी। मुख्यमंत्री ने इस मांग को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा ऐसी व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार के पास बजट नहीं है। मंच ने सीमांत जिले में बेस चिकित्सालय की मांग भी मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी, इस पर भी मुख्यमंत्री ने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया।

मंच ने मुख्यमंत्री के समक्ष इन व्यवस्थाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से सहयोग लिये जाने का सुझाव भी रखा। मंच के मंत्री भगवान बल्लभ पंत ने गंगोलीहाट बस दुर्घटना के लिए सड़क की हालत को जिम्मेदार बताते हुए इस सड़क का तुरंत चौड़ीकरण किये जाने की मांग भी रखी।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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such services can save life of various people during emergencies.

दुर्घटना के घायलों के लिए नहीं हो सकती हैलीकाप्टर व एम्बुलेंस की व्यवस्था, सीएम ने कहा सरकार के पास नहीं है धनMay 23, 12:11 am

पिथौरागढ़। प्रदेश के पहाड़ी जिलों में आये दिन होने वाली वाहन दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को तत्काल बेहतर चिकित्सालयों तक पहुंचाने के लिए हैलीकाप्टर और एम्बुलेंस की व्यवस्था फिलहाल संभव नहीं है। प्रदेश के मुखिया भुवन चन्द्र खंडूरी ने कहा है ऐसी व्यवस्थाओं के लिए प्रदेश में धन की कमी है।

जिले के जागरूक नागरिक मंच के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को पिथौरागढ़ पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खंडूरी के समक्ष कई मांगें रखीं। मंच के सचिव ललित पंत ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि पहाड़ों में आये दिन हो रही दुर्घटनाओं में घायल होने वाले कई लोग समय पर इलाज नहीं मिल पाने के कारण मौत का शिकार हो रहे है। ऐसे लोगों को समय पर बेहतर चिकित्सालयों तक पहुंचाने के लिए एक हैलीकाप्टर और जिलों में बेहतर एम्बुलेंस व्यवस्था किये जाने की मांग उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने रखी। मुख्यमंत्री ने इस मांग को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा ऐसी व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार के पास बजट नहीं है। मंच ने सीमांत जिले में बेस चिकित्सालय की मांग भी मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी, इस पर भी मुख्यमंत्री ने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया।

मंच ने मुख्यमंत्री के समक्ष इन व्यवस्थाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से सहयोग लिये जाने का सुझाव भी रखा। मंच के मंत्री भगवान बल्लभ पंत ने गंगोलीहाट बस दुर्घटना के लिए सड़क की हालत को जिम्मेदार बताते हुए इस सड़क का तुरंत चौड़ीकरण किये जाने की मांग भी रखी।


हेम पन्त

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Five Expressions of Interest shortlisted for Pithoragarh airport
« Reply #55 on: May 24, 2008, 12:13:49 PM »
Stating that the public-private partnership (PPP) path will not be a good option, the Uttarakhand government today said it had shortlisted five expressions of interest (EoIs) for the expansion of Pithoragarh airport.
 

"We have shortlisted five expressions of interest for the expansion of Pithoragarh airport," said Civil Aviation Secretary P C Sharma.

All the five companies that were shortlisted have been asked to send their technical and financial bids within a month. The letters in this regard have already been dispatched.

Sharma said the government had also made a provision of Rs 30 crore for the expansion plan.

Earlier, the finance ministry has raised objections to inviting EoIs and suggested to the civil aviation department to go for PPP in Pithoragarh airport's expansion programme. But following a meeting of a high-powered committee, it was felt that no company would like to take up the project under the PPP mode and the EoI would only be the viable option.

Last year, the government received 12 expressions of interest (EIs) for the modernisation plans of Pithoragarh airport in the Kumaon region. The companies, which have applied through the EoIs, include the Mumbai-based Atlanta group and some local companies from Uttarakhand.

Sharma said he would not disclose the names of the companies. The government has so far spent Rs 22 crore on acquiring land for the Pithoragarh airport, which is being upgraded to facilitate the landing of 48-72 seater aircraft.

Under the modernisation plan, the length of the airport strip would be increased to 4,800 feet. A separate terminal building will also be constructed.

Meanwhile, the government is also interested in upgrading airstrips in Uttarkashi and Chamoli districts. All these airstrips are not suitable for the operation of 20/50 seater class of aircraft due to their location and surrounding terrain.

Plans are also afoot to construct at least one helipad in all the 13 districts headquarters in the state.
 


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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I would like to re-iterated by views on the subject that Govt should definetly think starting this facility. This innovative initiative could be prove a bone in many terms for UK"s people.



Stating that the public-private partnership (PPP) path will not be a good option, the Uttarakhand government today said it had shortlisted five expressions of interest (EoIs) for the expansion of Pithoragarh airport.
 

"We have shortlisted five expressions of interest for the expansion of Pithoragarh airport," said Civil Aviation Secretary P C Sharma.

All the five companies that were shortlisted have been asked to send their technical and financial bids within a month. The letters in this regard have already been dispatched.

Sharma said the government had also made a provision of Rs 30 crore for the expansion plan.

Earlier, the finance ministry has raised objections to inviting EoIs and suggested to the civil aviation department to go for PPP in Pithoragarh airport's expansion programme. But following a meeting of a high-powered committee, it was felt that no company would like to take up the project under the PPP mode and the EoI would only be the viable option.

Last year, the government received 12 expressions of interest (EIs) for the modernisation plans of Pithoragarh airport in the Kumaon region. The companies, which have applied through the EoIs, include the Mumbai-based Atlanta group and some local companies from Uttarakhand.

Sharma said he would not disclose the names of the companies. The government has so far spent Rs 22 crore on acquiring land for the Pithoragarh airport, which is being upgraded to facilitate the landing of 48-72 seater aircraft.

Under the modernisation plan, the length of the airport strip would be increased to 4,800 feet. A separate terminal building will also be constructed.

Meanwhile, the government is also interested in upgrading airstrips in Uttarkashi and Chamoli districts. All these airstrips are not suitable for the operation of 20/50 seater class of aircraft due to their location and surrounding terrain.

Plans are also afoot to construct at least one helipad in all the 13 districts headquarters in the state.
 



पंकज सिंह महर

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देहरादून। फूलों की घाटी और हेमकुंड धाम तक जाना अब मुश्किल नहीं रह जाएगा। दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर चढ़ने की कठिनाई से उड़नखटोला निजात दिलाएगा। नागरिक उड्डयन सचिव पीसी शर्मा के मुताबिक हेमकुंड के पास एक सपाट जगह मिली है जिसे हेलीपैड बनाने के उपयुक्त माना जा रहा है। इसके लिए सर्वेक्षण का काम चल रहा है।
पर्यटन की अपार संभावना वाले प्रदेश के तौर पर सूबे को बहुत पहले से ही जाना जाता रहा है। सवाल है तो प्राकृतिक सुंदरता तक लोगों को पहुंचाने का। क्योंकि, दुर्गम पहाड़ी रास्तों को पारकर सुंदर घाटियों तक पहुंचना हर किसी के बस की बात नहीं। नागरिक उड्डयन विभाग इसी परेशानी को दूर करने में जुटा हुआ है। इसी क्रम में पहले गोविंदघाट और घांघरिया में हेलीपैड का निर्माण किया गया। एक जून से यहां से सुप्रभातम कंपनी ने हेलीकाप्टर सेवा प्रारंभ कर दी। इससे फूलों की घाटी तक पहुंचना तो लोगों के लिए आसान हो गया क्योंकि घांघरिया से फूलों की घाटी तीन किलोमीटर की दूरी पर है और रास्ता ज्यादा चढ़ाई वाला नहीं है। जबकि, हेमकुंड साहिब यहां से छह किलोमीटर है और पूरा रास्ता कठिन चढ़ाई वाला है जबकि, हर साल हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए आने वालों की संख्या लाखों में है। इसे देखते हुए हेमकुंड में भी हेलीपैड बनाने के लिए सघन सर्वे का काम किया जा रहा है।


Mahar Ji,

Helicopter services in pilgrimes is Ok. We also wish that air servies should be started for public areas too.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Pawan Hans resumes daily services to Kedarnath
« Reply #58 on: September 15, 2008, 09:31:55 PM »


Pawan Hans resumes daily services to Kedarnath 
 
By TBM Staff | Mumbai
 
 
Pawan Hans Helicopters Ltd. (PHHL) resumed daily helicopter services (post monsoon) to the Kedarnath Shrine last week. It is deploying a five- seater Bell 407 helicopter from two places in Uttarakhand – Augustmuni and Phata. The services will be available tentatively up to 22nd of next month.


Augustmuni is located 17 kms. beyond Rudraprayag en-route to Kedarnath. Rudraprayag is around 140 kms. from Rishikesh and is linked by good motor able roads. The service originates from the helipad located at a playground in Augustmuni. The flying time is around 45 minutes for a round trip (Augustmuni – Kedarnath – Augustmuni).

To further facilitate the pilgrims, PHHL has constructed a helipad at Phata, which is around 50 kms. from Augustmuni enroute to Kedarnath and 18 kms. short of Gaurikund. The distance from Gaurikund to Kedarnath is 14 kms. track, which is to be covered by the pilgrims on foot, Palki or by mule. By providing the facility of helicopter services from Phata, the flying time has been reduced to 20 minutes for a round trip (Phata – Kedarnath – Phata).
 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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किंगफिशर लाएगा 72 सीटर प्लेनDec 24, 01:10 am

देहरादून। देहरादून से दिल्ली के लिए रोजाना दो विमान जौलीग्रांट हवाई अड्डे से उड़ाने वाली किंगफिशर जल्द ही 72 सीटर विमान लाने की योजना बना रही है। फिलहाल दोनों विमान 48 सीटर हैं। इनमें से एक विमान को हटाकर उसकी जगह पर 72 सीटों वाला विमान लाने की योजना कंपनी की है। कंपनी स्थानीय प्रतिनिधि भी इसकी पुष्टि करते हैं।

दून से दिल्ली हवाई सेवाओं के क्षेत्र में जल्द ही नया मुकाम आने वाला है। एयर डेक्कन या किंगफिशर पिछले लगभग आठ महीनों से अपनी नियमित दो उड़ानों की सेवा दून से दिल्ली के लिए दे रही है। उसके दो 48 सीटर प्लेन दिल्ली से दून आते हैं और दून से दिल्ली जाते हैं। इन दोनों ही विमानों में यात्रियों की संख्या भरी रहती है। वहीं, एयर डेक्कन के बाद मैदान में कूदी विमान कंपनी एमडीएलआर ने अपनी सेवाएं कुछ ही दिन चलाने के बाद स्थगित कर दीं। तब से ही यह स्थिति बहाल है। दूसरी ओर, एयर इंडिया व अन्य कंपनियों ने दून से दिल्ली उड़ान भरने के प्रपोजल तो दिए। लेकिन, आगे बढ़ने से हिचक गईं। ऐसे में किंगफिशर के सामने कोई प्रतियोगी नहीं है। दून-दिल्ली मार्ग पर मोनोपोली होने के कारण किंगफिशर को इस मार्ग पर काफी फायदा होने की बात कही जा रही है। इसे देखते हुए कंपनी इस मार्ग पर एक्सपेंशन का प्रयास कर रही है। इस कड़ी में सबसे पहला नाम 72 सीटर प्लेन का जुड़ने जा रहा है। फिलहाल जौलीग्रांट हवाई अड्डे से छोटे प्लेन ही उड़ाए जाते रहे हैं। किंगफिशर की भी दोनों सेवाएं 48 सीटों वाली हैं। जिनमें प्राय: ही लोगों को सीट नहीं मिलती। इसलिए 72 सीटर प्लेन चलने से हवाई मार्ग के जरिए दून-दिल्ली की यात्रा की चाह रखने वालों की हसरत पूरी होने में आसानी होगी। कंपनी के स्थानीय प्रतिनिधि पंकज शाह इस योजना पर अगले दो माह में अमल किए जाने की उम्मीद जता रहे हैं।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal.html

 

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