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Your Opnion- क्या यु0 के0 डी0 उत्तराखंड मे बेहतर विकास कर सकती है ?

Yes
13 (54.2%)
No
4 (16.7%)
Can't Say
7 (29.2%)

Total Members Voted: 24

Voting closes: February 07, 2106, 11:58:15 AM

Author Topic: Can UKD Perform Better? - क्या यु0 के0 डी0 उत्तराखंड मे बेहतर विकास कर सकती है?  (Read 8946 times)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Right time for public to decide now. Election are round the corner.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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माननीय सदस्यों का इस विषय में राय चाहूँगा!   

क्या उत्तराखंड के लोगो के अगले विधान सभा में अपना निर्णय देने के समय आ गया है कि राज्य में कोई क्षेत्रीय पार्टी राज्य करे!  लगभग १० साल का समय होने वाला है जिस प्रकार का लोगो ने विकास की उम्मीद लगाई थी उसमे BJP एव कांग्रेस खरे नहीं उतर पाए!

Mohan Bisht -Thet Pahadi/मोहन बिष्ट-ठेठ पहाडी

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mairi to rai yehi hai dajyu ki jitini bhi kshaitriya takate hai o yedi ek jut ho to sayed sambhav hai... jis baat ko hum log bhi khud kaye baar mancho per utha chuke hai.. per kya kar unke to kaano ko koye farak nahi padta hai.. aur nahi hi ye log ek dusre ke aage jhukne ko tyar hai..
 
baki ye jarur hai ki dajyu... Uttarakhand me jarur ek baar non BJP/Congress Govt jarur honi chahiye...
 
ab janta ko kuch karna hoga.. per maharaz kshaitriya partyo mai kasie aur kis party per hum bharosa kare .. koye hame ye batayega...ki... aakhir kaun se o khshaitriya party hai jo uttarakhand mai raj kar sakti hai....?
 
 
maire hisab se to bina kshaitriya takto ke ek jut ke bina ye sambhav hi nahi hai.. .. ye sayed pure uttarakhand aur waha ke andolan kariyo ka ek sapna hi rahega.. ki .. uttarakhand me kshaitriya partiyo ka kabhi raj hoga bhi..
 
 

dayal pandey/ दयाल पाण्डे

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हम कैसे कह सकते हैं की UKD अच्छा विकाश करेगी वो तब करेगी जब सत्ता मैं आएगी नेताओ और कार्यकर्ताओ को को देखकर तो यही लगता है अभी सत्ता ही बहुत दूर है विकाश तो बाद की बात है उक्राद के लोगो में बहुत अहं है ये एक जुट नहीं होना चाहते मुझे तो ये टोपिक ही निरर्थक लगता है UKD का हर कार्यकर्ता अपने तरीके से कार्य करना चाहता है न की संगठन के अनुसार अगर इनकी किसी तरह सरकार बन भी जाए तो क्या गारंटी की तब इनका अहं नहीं जागेगा अहंकार से कोई विकाश नहीं होता मेरी राइ ये है की पहले हम " UKD एक संगठन" पर चर्चा करैं उसके बाद  विकाश की बात करंगे नहीं तो जो सत्ता में  हैं उनको विकाश के लिए विवश करो 

KAILASH PANDEY/THET PAHADI

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Daju Thank you very Much...Aap UKD kaa Mulyankan wale topic me to meri ish baat par sahmat nahi hue thay lekin lagta hai Board par naa sahi lekin aap kahi naa kahi sahmat ho hee gaye thay meri baaton se kyonki aaj aapane bhi same wahi baat yaha par kahi hai (Jo satta me hain unhi ko vikash ke liye viwas karo).

Aaj ki UKD ke karyakartaon aur UKD ke Buddijiwiyo ki ek aur khaash baat hai ki unki karani aur kathani me bahut antar hai jiske karan Uttarakhand ke logo ne unhe nakara hai (Jaise Sharab Virodhi aandolan kaa boori tarah se dhawast ho jaana etc....)

Howard University me 1 baar Memmory par ek experiment hua thaa aur jisme paaya gaya ki...
1. Ham jo padte hain uska kuch (???) dino ke baad kewal 3-5% yaad rakh paate hain.
2. Aur jishe ham sunte hain uska 10-15% (????) yaad rakh paate hain.....
3. Lekin jishe ham apani aakhon se dekh lete hain uska more than 60% ham hamesha yaad rakh lete hain.

Lekin UKD me abhi koe bhi dikha paane wala buddijiwi/Neta nahi hai ye bhi ego ke alawaa ek aur karan hai.

हम कैसे कह सकते हैं की UKD अच्छा विकाश करेगी वो तब करेगी जब सत्ता मैं आएगी नेताओ और कार्यकर्ताओ को को देखकर तो यही लगता है अभी सत्ता ही बहुत दूर है विकाश तो बाद की बात है उकड के लोगो में बहुत अहं है ये एक जुट नहीं होना चाहते मुझे तो ये टोपिक ही निरर्थक लगता है UKD का हर कार्यकर्ता अपने तरीके से कार्य करना चाहता है न की संगठन के अनुसार अगर इनकी किसी तरह सरकार बन भी जाए तो क्या गारंटी की तब इनका अहं नहीं जागेगा अहंकार से कोई विकाश नहीं होता मेरी राइ ये है की पहले हम " UKD एक संगठन" पर चर्चा करैं उसके बाद  विकाश की बात करंगे नहीं तो जो सत्ता में  हैं उनको विकाश के लिए विवश करो 

राजेश जोशी/rajesh.joshee

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जिस दल का कोई सर्वमान्य नेता ना हो, जिस दल में कार्यकर्ता कम और नेता ज्यादा हों, जिस दल के  प्रदेश राजधानी के नगर अध्यक्ष जैसे नेता को इतनी तमीज ना हो कि उसकी पार्टी के कोई राष्ट्रीय और प्रदेश अधयक्ष भी हैं और उनका नाम किसी भी बैनर पोस्टर में उससे पहले आना चाहिये।  जिस पार्टी के एक अध्यक्ष सत्ताधारी पार्टी के विरुद्ध धरना प्रदर्शन कर रहे हों और दुसरे अध्य्क्ष (माफ़ किजियेगा इस पार्टी के कितने अध्यक्ष हैं मैं गिनती नही कर पाया हूं) सत्ताधारी पार्टी की गोद में बैठकर सत्ता की मलाई खा रहे हों, जिस पार्टी ने राज्य गठन का बिगुल फ़ुंका हो और राज्य निर्माण के बाद पहले ही चुनावों में जनता के १० प्रतिशत वोट भी ना प्राप्त कर सकी हो, ऎसी अधकचरी और दिशाहीन पार्टी को राजनैतिक दल मानना भूल होगी और उससे किसी राजनैतिक करिश्मे की उम्मीद करना मूर्खता।
यह सही है कि राज्य निर्माण आन्दोलन में उत्तराखण्ड क्रान्ति दल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है पर उत्तराखण्ड आन्दोलन एक जन आन्दोलन था और ५ साल का बच्चा भी उस आन्दोलन मे सड़क पर आकर साथ खड़ा हुआ था। उसने उत्तराखण्ड राज्य के लिए समर्थन दिया था उत्तराखण्ड क्रान्ति दल या किसी राजनतिक दल के लिए नही था।  इसीलिए मै किसी राज्य आन्दोलनकारी नाम के व्यक्ति को कोई भी सुविधा या आरक्षण दिये जाने का विरोधी हूं।  हां जो इस आन्दोलन में शहीद हुये उनके आश्रितों को नियमानुसार शहीद का द्र्जा दिया जान चाहिए।  पर मेरे विचार से उत्तराखण्ड आन्दोलन एक जन आन्दोलन था उसमें बच्चे से लेकर वृद्ध तक भागीदार था।  वह किसी राजनैतिक दल या तथाकथित राज्य आन्दोलनकारियों की बपौती नही था।

KAILASH PANDEY/THET PAHADI

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Agree with you daju......Lekin UKD ke Buddijiwi hain ki wo ish baat ko samajhate hee nahi hain.
Ishi liye Uttarakhand ki janta baar-baar unhe nakar deti hai....

जिस दल का कोई सर्वमान्य नेता ना हो, जिस दल में कार्यकर्ता कम और नेता ज्यादा हों, जिस दल के  प्रदेश राजधानी के नगर अध्यक्ष जैसे नेता को इतनी तमीज ना हो कि उसकी पार्टी के कोई राष्ट्रीय और प्रदेश अधयक्ष भी हैं और उनका नाम किसी भी बैनर पोस्टर में उससे पहले आना चाहिये।  जिस पार्टी के एक अध्यक्ष सत्ताधारी पार्टी के विरुद्ध धरना प्रदर्शन कर रहे हों और दुसरे अध्य्क्ष (माफ़ किजियेगा इस पार्टी के कितने अध्यक्ष हैं मैं गिनती नही कर पाया हूं) सत्ताधारी पार्टी की गोद में बैठकर सत्ता की मलाई खा रहे हों, जिस पार्टी ने राज्य गठन का बिगुल फ़ुंका हो और राज्य निर्माण के बाद पहले ही चुनावों में जनता के १० प्रतिशत वोट भी ना प्राप्त कर सकी हो, ऎसी अधकचरी और दिशाहीन पार्टी को राजनैतिक दल मानना भूल होगी और उससे किसी राजनैतिक करिश्मे की उम्मीद करना मूर्खता।
यह सही है कि राज्य निर्माण आन्दोलन में उत्तराखण्ड क्रान्ति दल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है पर उत्तराखण्ड आन्दोलन एक जन आन्दोलन था और ५ साल का बच्चा भी उस आन्दोलन मे सड़क पर आकर साथ खड़ा हुआ था। उसने उत्तराखण्ड राज्य के लिए समर्थन दिया था उत्तराखण्ड क्रान्ति दल या किसी राजनतिक दल के लिए नही था।  इसीलिए मै किसी राज्य आन्दोलनकारी नाम के व्यक्ति को कोई भी सुविधा या आरक्षण दिये जाने का विरोधी हूं।  हां जो इस आन्दोलन में शहीद हुये उनके आश्रितों को नियमानुसार शहीद का द्र्जा दिया जान चाहिए।  पर मेरे विचार से उत्तराखण्ड आन्दोलन एक जन आन्दोलन था उसमें बच्चे से लेकर वृद्ध तक भागीदार था।  वह किसी राजनैतिक दल या तथाकथित राज्य आन्दोलनकारियों की बपौती नही था।

dayal pandey/ दयाल पाण्डे

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" I hate you, I hate you, I hate you, yet I love you"  ये कहना है UKD प्रमुख श्री कशी सिंह ऐरी जी का, उनका कहना है की जनता चाहे जितना हमसे नाराज रहे फिर भी हमको चाहती है कुछ मजबूरियां है जिससे वो उबरने का रास्ता तलाश रहे हैं जैसे ही बिकल्प मिलाता है वो उत्तराखंड की जनता के आशाओं पर खरे उतरंगे,
ये बात कल उन्होंने उत्तराखंड निवास मैं की, कल श्री ऐरी जी और युवा बिधायक पुष्पेश जी कल्पना चौहान जी की तबियत पूछने त्रुमा सेंटर आये थे 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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In my opinion. UKD can do better than BJP and Congress provided the leaders of this Party leave their ego. This is a party of Agitators and they lack of political skill. They want to set the things right through rod only. We have seen rule of both the National level parties in UK and once this party should be given the chance to rule in the state which had played a vital role in forming the state.

National level parties of their own interest at national levels whereas regional parties will always work hard to survive.

सत्यदेव सिंह नेगी

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Can UKD perform better??
Any party in power can perform better if they have will to perform either that is UKd , BJP or Congressbut same time we have to think what development we seeking, why UKD is ignoring the issue of hill capital or why they people not protesting at new delhi on this issue or why They are not like Raj Thakre 's party

 

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