Author Topic: Khanduri Declares War Against Corruption - खंडूरी जी का भरष्टाचार के खिलाफ जंग  (Read 8979 times)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग तो सही है! लेकिन विकास सबसे बड़ा मुद्दा है कुछ विकास के महतवपूर्ण योजनाओं पर भी अमल होना चाहिए !
उत्तराखंड के विधान सभा में लोक आयुक्त बिल पारित के बाद लोगो की खंडूरी जी से राजधानी को गैरसैंन करने की उमीदे भी बड़ गयी है! लोगो को उम्मीद है की ११ साल से लटके इस अहम् मुद्दे को खंडूरी जी एक एतिहासिक फैसला ले सकते है!

Devbhoomi,Uttarakhand

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क्या खंडूरी जी की इस जंग से भ्रष्टाचार को खत्म किया जायेगा या, ये जंग  केवल वोट बैंक के एकाऊंट को बढाने की शुरूआत की जा रही है!

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Good move .

 
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CM खंडूरी उत्तराखंड के सातवें सबसे अमीर MLA[/t][/t]

देहरादून।।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी राज्य के सबसे अमीर विधायकों की सूची में सातवें स्थान पर हैं हालांकि इस सूची के शीर्ष तीन स्थानों पर कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के विधायकों का कब्जा है।

 सेना से मेजर जनरल के रूप में रिटायर होने के बाद राजनीति करने वाले मुख्यमंत्री खंडूरी राज्य के धूमाकोट विधान सभा क्षेत्र से विधायक हैं और वह करोड़पति हैं। उन्होंने पिछले उपचुनाव के दौरान चुनाव आयोग के सामने जो शपथ पत्र दायर किया है उसके अनुसार खंडूरी के पास 48 लाख रुपये से अधिक की अचल संपत्ति और एक करोड़ 21 लाख 72 हजार 131 रुपये की चल संपत्ति थी।

(Source - Navbharat times)

 एनजीओ असोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा जारी किए गए अलग-अलग विधायकों के शपथ पत्रों के विश्लेषण के अनुसार वर्तमान विधानसभा के 70 सदस्यों में 10 करोड़पति हैं। कांग्रेस की विधायक और आध्यात्मिक गुरु और सांसद सतपाल महाराज की पत्नी अमृता रावत उत्तराखंड की सबसे अमीर विधायक हैं। रावत के पास कुल 12 करोड़ रुपये से भी अधिक की चल अचल संपत्ति है। शपथ पत्र के अनुसार रावत के पास एक करोड 44 लाख 55 हजार 290 रुपये की चल सम्पत्ति है जबकि 11 करोड़ 21 लाख 82 हजार रुपये की अचल संपत्ति है। उनकी कुल संपत्ति की कीमत 12 करोड़ 66 लाख 37 हजार 290 रुपये थी
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Jagmohan Azad

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मैं कभी कोरी घोषणाएं नहीं करता-भुवन चंद्र खंड़ूड़ी

 
 
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री की कुर्सी दौबार संभालने के बाद मुख्यमंत्री बीसी खंड़ूड़ी जिस तरह से घोषणाओं-लोकार्पणों की ताबड़तोड़ पारी खेल रहे है,उसे देखते हुए विपक्ष को खंड़ूड़ी सरकार पर वार करने के लिए बैठे-बिठाए एक हथियार मिल गया है। लेकिन खंड़ूड़ी अपनी इस पारी को जनमानस के साथ विकास की यात्रा के तौर पर देख रहे है। उन्हें विपक्ष के हो-हल्ले से कोई फर्क पड़ता दिखायी नहीं दे रहा है। शायद इसी का नतीजा हैं कि खंड़ूड़ी ने शपथ लेते ही,उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए सेवा का अधिकार कानून,सशक्त योकायुक्त और सिटीजन चार्टर लागू कर प्रदेश में बीजेपी की वापसी के कुछ मायने तय कर दिए...लेकिन ज़मिनी हकिकत क्या हैं...इसका फैसला तो आने वाले समय में जनता को करना है। लेकिन खंड़ूड़ी को पूर्ण विश्वास हैं की मिशन 2012 में प्रदेश की जनता उनके साथ खड़ी नज़र आयेगी और वह फिर से राज्य में बीजेपी की सरकार बनाने में सफल होगें। आखिर खंड़ूड़ी किस दावे के साथ इस बात को कह रहे है,इसके अलावा उन्होंने अपने इस छोटे से कार्यकाल में उत्तराखंड को विकास के क्या मायने दिए...इन तमाम मुद्दों पर पिछने दिनों उनके निवास पर युवा पत्रकार-कवि जगमोहन 'आज़ाद' एक बातचीत की यहां प्रस्तुत हैं उसी बातचीत के कुछ अंशः- 
1- आपको क्या लगता है आपका दोबारा कुर्सी संभालने से कितना फायदा राज्य को हुआ है और कितना पार्टी को होने जा रहा है

-कितना फायदा होगा यह तो लोग तय करेंगे,फैसला आम जनता और मतदाताओं को करना है। फायदा और नुकसान भी वही तय करेंगे। जहां तक मेरी बात है,तो मैं समझता हूं कि अपनी तरफ से हमने बहुत महत्वपूर्ण काम इन तीन महीनों में किए हैं,हालांकि अभी तीन महीने पूरे होने में कई दिन बाकी हैं। हमने प्रदेश के विकास के लिए बहुत अच्छे-अच्छे काम किए और कर भी रहे हैं। कई चीजें थीं जिनके बारे में बहुत सालों से सोचा जा रहा था। वह भी हमने पूरे किए हैं।

इससे पहले भी जब मुझे मौका मिला था। तब भी मैंने  बहुत महत्वपूर्ण काम किए थे। हम नियुक्तियों में पारदर्शिता लाए थे। श्रीनगर में हमने मेडिकल युनिवर्सिटी का निर्माण किया जिसमें 75 हजार में एमबीबीएस की डिग्री हमने दी,इसी के साथ महिला आरक्षण,गौर देवी,कन्या विद्या धन जैसी कई योजनाएं हमारी सरकार द्वारा चलायी जा रही हैं। इसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए हम आज भी राज्य में कई विकास की योजनाएं चला रहे हैं ... और इसे जनता देख रही है,समझ रही है,मुझे लगता है कि इस सब को देखते हुए जनता हमारे साथ है और सरकार की बहुत अच्छी स्थिति बन रही है।

 

2- राज्य 11 साल का हो गया लेकिन समस्याओं का अंबार अभी कम नहीं हुआ। क्या वजह है कि तमाम समस्याओं में से आपने भ्रष्टाचार मिटाने को चुना। ये अन्ना का असर है या फिर चुनाव का?

- भ्रष्टाचार के खिलाफ तो मैं पहले से ही था। जब 2006 में हमने चुनाव लड़ा था तो तब भी हमने भ्रष्टाचार की बात की थी। 2007 में मुख्यमंत्री बना तो मैंने पारदर्शिता के लिए कानून बनाया जो दुनिया में कहीं नहीं है। इसी के साथ ट्रांसफर के लिए भी एक नीति बनायी जिससे सामान्य प्रशासन में भ्रष्टाचार के खिलाफ भी निरंतर काम होते रहे। यह बात सही है कि उस वक्त इसका इतना प्रचार-प्रसार नहीं हुआ था 2007-08 में,   .... लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे जी का योगदान पूरे देश के लिए है,जो बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने एक जागृति पैदा की कि हम भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ सकते हैं। उससे मैं भी प्रभावित हुआ और उससे मुझे प्रेरणा मिली...लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ मैं पहले से ही लड़ रहा था और लड़ता रहूंगा।

 

3-लोकायुक्त बिल, सिटीजन चार्टर बहुत अच्छे हथियार हैं,इनकी भूमिका को लेकर कोई विवाद नहीं है.. लेकिन जिस हड़बड़ी में ये लाए गए, सवाल इसे लेकर ही उठ रहे हैं। इतना महत्वपूर्ण कदम इतनी देर में क्यों उठाया गया?

-नहीं कुछ भी हड़बड़ी में नहीं हुआ है, ये ठीक है कि मैं 11 सितंबर को मुख्यमंत्री बना,आप जानते ही हैं कि मेरे पास समय कितना है....हम चाहते हैं कि आचार संहिता लागू होने से पहले हम राज्य प्रशासनिक और जनहित स्तर पर जल्द से जल्द निर्णय लें। जिससे प्रदेश की जनता को सीधे तौर पर फायदा पहुंचे फिर भले ही वह लोकायुक्त बिल की बात हो..... जो हमारे यहां 43 सालों से लटका था, इस दिशा में हमने आज निर्णय लिया तो यह हड़बड़ी नहीं है। जहां तक भ्रष्टाचार की बात है तो हम भ्रष्टाचार के खिलाफ जल्दी से निर्णय लेना चाहते थे। इसी श्रृंखला में हमने निर्णय लिए,यदि इसमें कोई हड़बड़ी किसी को दिखायी देती है तो मैं समझता हूं यह सही नहीं है।

 

4- अगर वाकई में आप घोटाले और भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं तो अपनी ही सरकार के पिछले कार्यकाल के बारे में क्या कहेंगे। क्योंकि इन्ही आरोपों के चलते प्रदेश की बीजेपी सरकार के कुछ चेहरों को कुर्सी से हटाया गया?

- नहीं ये तो आप लोगों का कहना है,हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पहले ही कह दिया था कि चुनावी रणनीति के तहत उत्तराखंड में बदलाव किया गया है। बीजेपी को उत्तराखंड में कैसे फायदा हो,हर पार्टी हर चुनाव में अपनी रणनीति बनाती है। उसी रणनीति के तहत पार्टी ने यहां बदलाव किया। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठों को लगा कि मैं मुख्यमंत्री बनता हूं तो पार्टी को ज्यादा फायदा होगा इसलिए उन्होंने मुझे जिम्मेदारी सौंपी और मैं इस दिशा में काम भी कर रहा हूं,और आप लोग जानते हैं की भ्रष्टाचार के खिलाफ हम किस तरह का काम कर रहे हैं।

 

5-आप कांग्रेस के शासनकाल में हुए जिन 56 घोटालों की जांच की बात कर रहे हैं... जनता जानना चाहती है कि आखिर कार्यकाल खत्म होने के चंद महीने पहले आप इतने सक्रिय क्यों हुए?

-नहीं ऐसा नहीं है..... यह चंद महीने की बात नहीं है,यह तो दूर तक चलने की बात है। फिर राजनीति में एक दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप लगते रहते हैं। इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। कांग्रेस के 56 घोटालों की जहां तक बात है तो हमने इसके अलावा भी कई और घोटालों की जांच शुरू कर दी है। इसमें कुछ बिलंब हुआ है। क्योंकि इस जांच के जो कमिश्नर थे उनकी मृत्यु हो गयी। इसलिए इसमें देरी हो रही है। अभी हमने कुछ केस विजिलेंस को दिए हैं निश्चित तौर पर इन पर जल्द से जल्द कार्रवाई होगी।

 

6- बात ऐसे मसले की जिसके बूते कई दलों ने चुनाव तो लड़े लेकिन अब तो वो मुद्दा गायब ही हो गया है.. बात कर रहे हैं स्थायी राजधानी की .. क्या कहेंगे कि जनता गैरसैंण को भूल जाए?

- निश्चित तौर पर यह मुद्दा है,इसे भुलाया नहीं जा सकता। दुर्भाग्य से इसमें बिलंब इसलिए हो गया कि इस मामले को लेकर दीक्षित आयोग बना था, उन्होंने छैः साल तक कोई रिपोर्ट नहीं दी। जब मैं मुख्यमंत्री बना तो मैंने इस मामले पर जोर दिया ....उन्होंने कुछ समस्याएं बताईं, कुछ समस्याएं केंद्र से संबंधित थीं। उन्होंने भी अपनी रिपोर्ट दी। जिसे विधानसभा की कमेटी के पास भेजा गया है, उसपर काम जारी है...कमेटी जो रिपोर्ट देगी उसी पर ही फैसला होगा...।

 

7-आप लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं.. और एक के बाद एक कई-कई करोड़ों की योजनाओं की घोषणाएं कर रहे हैं... क्या मानें कि इन घोषणाओं को अमली जामा पहनाया जाएगा या फिर ये महज घोषणा बनकर ही रह जाएगी?

-आप मेरी पृष्टभूमि देखें। मैं कभी कोरी घोषणाएं नहीं करता हूं। आप मेरे अभी तक के कार्यकाल को देख सकते हैं,मेरी 95-98 प्रतिशत घोषणाओं पर काम हुआ हैं और हो भी रहा है। हर घोषणा का बरा-बरा जीओ निकलेगा,उसपे काम लोग। यह ठीक हैं कुछ काम पूरे नहीं हो पायेगें। इतने कम समय में हो भी नहीं सकते है। लेकिन प्रदेश की जनता के हित में हमारे प्रयास निरंतर जारी हैं जो चूनाव आचार संहिता लगने से पहले हर हाल में पूरे किए जाएगें।

8-आपने अभी हाल ही में युवा नीति बनाने की घोषणा की .... यह युवाओं के भविष्य के लिए है या सिर्फ उन्हें रिझाने के लिए?

- युवा किसी भी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसमें युवाओं का बहुत बड़ा योगदान होता है। उसी तरह जिस तरह चुनाव में, युवाओं से क्रांति पैदा होती है,युवाओं से समाज सुधार होता है और युवाओं से ही मानसिकता परिवर्तन होती है। हमारे प्रदेश में चालीस प्रतिशत युवा हैं। इस लिए हमने युवा नीति बनाने की कोशिश की है। जिससे उनका भविष्य उज्जवल हो,उनकी शक्ति का प्रदेश और देश हित में सदोपयोग हो और मुझे पूरी आशा है कि जैसे-जैसे यह नीति लागू होगी हमारे युवाओं को प्रदेश हित के साथ-साथ देश हित में काम करने का मौका मिलेगा।

9-चुनाव आ रहे हैं तो बीजेपी के इस कार्यकाल में जनता ने तीन बार बदलाव देखे .... पहले आप फिर निशंक और फिर से आप,तो जनता फिर से आपके साथ क्यों चले?

- जनता मुझे जानती है,मेरे काम को उन्होंने देखा है। मैं 20-21 साल से जनता के बीच में हूं। उनके हित में काम कर रहा हूं। मुझे लोगों ने केंद्र में मंत्री के रूप में देखा। मुख्यमंत्री के रूप में देखा। इस आधार पर जनता अपना आकलन करेगी और हमें समर्थन देगी...उन्हीं के साथ हम 2012 में फिर से जीत के आ रहे हैं.....हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है...।

 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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खंडूरी जी के दुबारा मुख्य मंत्री बनने पर लोगो को उनसे तेज विकास के बहुत उम्मीदे है! यहाँ तक कि लोग कह रहे है खंडूरी जी एक ऐतिहासिक फैसला भी ले सकते है वो उत्तराखंड की राजधानी को गैरसैंन शिफ्ट कर सकते है जो कि उत्तराखंड राज्य के आन्दोलन के समय से प्रस्तावित राजधानी थी!  अगर एसा होता है निश्चित रूप से पहाड़ की जनता खुश होगी और राज्य बनने का असली सपना साकार हो सकता है!


मैं कभी कोरी घोषणाएं नहीं करता-भुवन चंद्र खंड़ूड़ी

 
 
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री की कुर्सी दौबार संभालने के बाद मुख्यमंत्री बीसी खंड़ूड़ी जिस तरह से घोषणाओं-लोकार्पणों की ताबड़तोड़ पारी खेल रहे है,उसे देखते हुए विपक्ष को खंड़ूड़ी सरकार पर वार करने के लिए बैठे-बिठाए एक हथियार मिल गया है। लेकिन खंड़ूड़ी अपनी इस पारी को जनमानस के साथ विकास की यात्रा के तौर पर देख रहे है। उन्हें विपक्ष के हो-हल्ले से कोई फर्क पड़ता दिखायी नहीं दे रहा है। शायद इसी का नतीजा हैं कि खंड़ूड़ी ने शपथ लेते ही,उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए सेवा का अधिकार कानून,सशक्त योकायुक्त और सिटीजन चार्टर लागू कर प्रदेश में बीजेपी की वापसी के कुछ मायने तय कर दिए...लेकिन ज़मिनी हकिकत क्या हैं...इसका फैसला तो आने वाले समय में जनता को करना है। लेकिन खंड़ूड़ी को पूर्ण विश्वास हैं की मिशन 2012 में प्रदेश की जनता उनके साथ खड़ी नज़र आयेगी और वह फिर से राज्य में बीजेपी की सरकार बनाने में सफल होगें। आखिर खंड़ूड़ी किस दावे के साथ इस बात को कह रहे है,इसके अलावा उन्होंने अपने इस छोटे से कार्यकाल में उत्तराखंड को विकास के क्या मायने दिए...इन तमाम मुद्दों पर पिछने दिनों उनके निवास पर युवा पत्रकार-कवि जगमोहन 'आज़ाद' एक बातचीत की यहां प्रस्तुत हैं उसी बातचीत के कुछ अंशः- 
1- आपको क्या लगता है आपका दोबारा कुर्सी संभालने से कितना फायदा राज्य को हुआ है और कितना पार्टी को होने जा रहा है

-कितना फायदा होगा यह तो लोग तय करेंगे,फैसला आम जनता और मतदाताओं को करना है। फायदा और नुकसान भी वही तय करेंगे। जहां तक मेरी बात है,तो मैं समझता हूं कि अपनी तरफ से हमने बहुत महत्वपूर्ण काम इन तीन महीनों में किए हैं,हालांकि अभी तीन महीने पूरे होने में कई दिन बाकी हैं। हमने प्रदेश के विकास के लिए बहुत अच्छे-अच्छे काम किए और कर भी रहे हैं। कई चीजें थीं जिनके बारे में बहुत सालों से सोचा जा रहा था। वह भी हमने पूरे किए हैं।

इससे पहले भी जब मुझे मौका मिला था। तब भी मैंने  बहुत महत्वपूर्ण काम किए थे। हम नियुक्तियों में पारदर्शिता लाए थे। श्रीनगर में हमने मेडिकल युनिवर्सिटी का निर्माण किया जिसमें 75 हजार में एमबीबीएस की डिग्री हमने दी,इसी के साथ महिला आरक्षण,गौर देवी,कन्या विद्या धन जैसी कई योजनाएं हमारी सरकार द्वारा चलायी जा रही हैं। इसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए हम आज भी राज्य में कई विकास की योजनाएं चला रहे हैं ... और इसे जनता देख रही है,समझ रही है,मुझे लगता है कि इस सब को देखते हुए जनता हमारे साथ है और सरकार की बहुत अच्छी स्थिति बन रही है।

 

2- राज्य 11 साल का हो गया लेकिन समस्याओं का अंबार अभी कम नहीं हुआ। क्या वजह है कि तमाम समस्याओं में से आपने भ्रष्टाचार मिटाने को चुना। ये अन्ना का असर है या फिर चुनाव का?

- भ्रष्टाचार के खिलाफ तो मैं पहले से ही था। जब 2006 में हमने चुनाव लड़ा था तो तब भी हमने भ्रष्टाचार की बात की थी। 2007 में मुख्यमंत्री बना तो मैंने पारदर्शिता के लिए कानून बनाया जो दुनिया में कहीं नहीं है। इसी के साथ ट्रांसफर के लिए भी एक नीति बनायी जिससे सामान्य प्रशासन में भ्रष्टाचार के खिलाफ भी निरंतर काम होते रहे। यह बात सही है कि उस वक्त इसका इतना प्रचार-प्रसार नहीं हुआ था 2007-08 में,   .... लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे जी का योगदान पूरे देश के लिए है,जो बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने एक जागृति पैदा की कि हम भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ सकते हैं। उससे मैं भी प्रभावित हुआ और उससे मुझे प्रेरणा मिली...लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ मैं पहले से ही लड़ रहा था और लड़ता रहूंगा।

 

3-लोकायुक्त बिल, सिटीजन चार्टर बहुत अच्छे हथियार हैं,इनकी भूमिका को लेकर कोई विवाद नहीं है.. लेकिन जिस हड़बड़ी में ये लाए गए, सवाल इसे लेकर ही उठ रहे हैं। इतना महत्वपूर्ण कदम इतनी देर में क्यों उठाया गया?

-नहीं कुछ भी हड़बड़ी में नहीं हुआ है, ये ठीक है कि मैं 11 सितंबर को मुख्यमंत्री बना,आप जानते ही हैं कि मेरे पास समय कितना है....हम चाहते हैं कि आचार संहिता लागू होने से पहले हम राज्य प्रशासनिक और जनहित स्तर पर जल्द से जल्द निर्णय लें। जिससे प्रदेश की जनता को सीधे तौर पर फायदा पहुंचे फिर भले ही वह लोकायुक्त बिल की बात हो..... जो हमारे यहां 43 सालों से लटका था, इस दिशा में हमने आज निर्णय लिया तो यह हड़बड़ी नहीं है। जहां तक भ्रष्टाचार की बात है तो हम भ्रष्टाचार के खिलाफ जल्दी से निर्णय लेना चाहते थे। इसी श्रृंखला में हमने निर्णय लिए,यदि इसमें कोई हड़बड़ी किसी को दिखायी देती है तो मैं समझता हूं यह सही नहीं है।

 

4- अगर वाकई में आप घोटाले और भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं तो अपनी ही सरकार के पिछले कार्यकाल के बारे में क्या कहेंगे। क्योंकि इन्ही आरोपों के चलते प्रदेश की बीजेपी सरकार के कुछ चेहरों को कुर्सी से हटाया गया?

- नहीं ये तो आप लोगों का कहना है,हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पहले ही कह दिया था कि चुनावी रणनीति के तहत उत्तराखंड में बदलाव किया गया है। बीजेपी को उत्तराखंड में कैसे फायदा हो,हर पार्टी हर चुनाव में अपनी रणनीति बनाती है। उसी रणनीति के तहत पार्टी ने यहां बदलाव किया। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठों को लगा कि मैं मुख्यमंत्री बनता हूं तो पार्टी को ज्यादा फायदा होगा इसलिए उन्होंने मुझे जिम्मेदारी सौंपी और मैं इस दिशा में काम भी कर रहा हूं,और आप लोग जानते हैं की भ्रष्टाचार के खिलाफ हम किस तरह का काम कर रहे हैं।

 

5-आप कांग्रेस के शासनकाल में हुए जिन 56 घोटालों की जांच की बात कर रहे हैं... जनता जानना चाहती है कि आखिर कार्यकाल खत्म होने के चंद महीने पहले आप इतने सक्रिय क्यों हुए?

-नहीं ऐसा नहीं है..... यह चंद महीने की बात नहीं है,यह तो दूर तक चलने की बात है। फिर राजनीति में एक दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप लगते रहते हैं। इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। कांग्रेस के 56 घोटालों की जहां तक बात है तो हमने इसके अलावा भी कई और घोटालों की जांच शुरू कर दी है। इसमें कुछ बिलंब हुआ है। क्योंकि इस जांच के जो कमिश्नर थे उनकी मृत्यु हो गयी। इसलिए इसमें देरी हो रही है। अभी हमने कुछ केस विजिलेंस को दिए हैं निश्चित तौर पर इन पर जल्द से जल्द कार्रवाई होगी।

 

6- बात ऐसे मसले की जिसके बूते कई दलों ने चुनाव तो लड़े लेकिन अब तो वो मुद्दा गायब ही हो गया है.. बात कर रहे हैं स्थायी राजधानी की .. क्या कहेंगे कि जनता गैरसैंण को भूल जाए?

- निश्चित तौर पर यह मुद्दा है,इसे भुलाया नहीं जा सकता। दुर्भाग्य से इसमें बिलंब इसलिए हो गया कि इस मामले को लेकर दीक्षित आयोग बना था, उन्होंने छैः साल तक कोई रिपोर्ट नहीं दी। जब मैं मुख्यमंत्री बना तो मैंने इस मामले पर जोर दिया ....उन्होंने कुछ समस्याएं बताईं, कुछ समस्याएं केंद्र से संबंधित थीं। उन्होंने भी अपनी रिपोर्ट दी। जिसे विधानसभा की कमेटी के पास भेजा गया है, उसपर काम जारी है...कमेटी जो रिपोर्ट देगी उसी पर ही फैसला होगा...।

 

7-आप लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं.. और एक के बाद एक कई-कई करोड़ों की योजनाओं की घोषणाएं कर रहे हैं... क्या मानें कि इन घोषणाओं को अमली जामा पहनाया जाएगा या फिर ये महज घोषणा बनकर ही रह जाएगी?

-आप मेरी पृष्टभूमि देखें। मैं कभी कोरी घोषणाएं नहीं करता हूं। आप मेरे अभी तक के कार्यकाल को देख सकते हैं,मेरी 95-98 प्रतिशत घोषणाओं पर काम हुआ हैं और हो भी रहा है। हर घोषणा का बरा-बरा जीओ निकलेगा,उसपे काम लोग। यह ठीक हैं कुछ काम पूरे नहीं हो पायेगें। इतने कम समय में हो भी नहीं सकते है। लेकिन प्रदेश की जनता के हित में हमारे प्रयास निरंतर जारी हैं जो चूनाव आचार संहिता लगने से पहले हर हाल में पूरे किए जाएगें।

8-आपने अभी हाल ही में युवा नीति बनाने की घोषणा की .... यह युवाओं के भविष्य के लिए है या सिर्फ उन्हें रिझाने के लिए?

- युवा किसी भी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसमें युवाओं का बहुत बड़ा योगदान होता है। उसी तरह जिस तरह चुनाव में, युवाओं से क्रांति पैदा होती है,युवाओं से समाज सुधार होता है और युवाओं से ही मानसिकता परिवर्तन होती है। हमारे प्रदेश में चालीस प्रतिशत युवा हैं। इस लिए हमने युवा नीति बनाने की कोशिश की है। जिससे उनका भविष्य उज्जवल हो,उनकी शक्ति का प्रदेश और देश हित में सदोपयोग हो और मुझे पूरी आशा है कि जैसे-जैसे यह नीति लागू होगी हमारे युवाओं को प्रदेश हित के साथ-साथ देश हित में काम करने का मौका मिलेगा।

9-चुनाव आ रहे हैं तो बीजेपी के इस कार्यकाल में जनता ने तीन बार बदलाव देखे .... पहले आप फिर निशंक और फिर से आप,तो जनता फिर से आपके साथ क्यों चले?

- जनता मुझे जानती है,मेरे काम को उन्होंने देखा है। मैं 20-21 साल से जनता के बीच में हूं। उनके हित में काम कर रहा हूं। मुझे लोगों ने केंद्र में मंत्री के रूप में देखा। मुख्यमंत्री के रूप में देखा। इस आधार पर जनता अपना आकलन करेगी और हमें समर्थन देगी...उन्हीं के साथ हम 2012 में फिर से जीत के आ रहे हैं.....हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है...।

 

 

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