Author Topic: Major Development News Of Uttarakhand - उत्तराखंड के विकास की प्रमुख खबरे  (Read 79411 times)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Dosto,

Under this thread, we will cover the major developmental news of Uttarakhand like any major project approved by the Govt of UK and major industries setting up in Uttarakhand etc.

M S Mehta

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Re: MAJOR DEVELOPMENTAL NEWS OF UTTARAKHAND
« Reply #1 on: October 05, 2007, 11:56:32 AM »

This is a majo news and indeed a good news.

Govt/States

Uttarakhand govt announced Rs 47.58-cr package for sugar mills

DEHRA DUN: The Uttarakhand government announced a package of Rs 47.58 crore to improve the financial health of the loss making sugar mills of the State. "The package of Rs 47.58 crore will be given to sugar mills both in private sector as well as cooper ative sector,'' the State Chief Minister, Mr B C Khanduri said at a press conference. Rs 6.51 crore would be given to Nadehi Sugar Mill, Rs 3.95 crore to Bajpur Sugar Mill, Rs 8.31 crore to Gadarpur, Rs 13.22 crore to Sitarganj, Rs 5.59 crore to Kichcha and Rs 9.96 crore to Doiwala Sugar Mill, Mr Khanduri said.

The state assistance came in the wake of sugar mills finding it difficult to pay back the money due to the farmers as sugar prices slumped. With the government aid, Mr Khanduri said the sugar mills would be able to pay the dues to the farmers till Augus t 16, 2007. - PTI


http://www.thehindubusinessline.com/blnus/27021202.htm

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Re: MAJOR DEVELOPMENTAL NEWS OF UTTARAKHAND
« Reply #2 on: October 05, 2007, 12:00:45 PM »



Bajaj Auto bullish on XCD bike to extend the facility in Pantnagar end of this year. See the news below. 


Murali Gopalan | Friday, 05 October , 2007, 08:41 
   
Mumbai: Bajaj Auto’s recently launched 125cc XCD motorcycle has managed to attract a considerable number of new customers who would have otherwise bought competing models.

The bike could also eat into its basic version of the 135cc Discover (about 15 per cent), which is slightly dearer at Rs 46,000. Production of the 110cc version has practically stopped.

“Our initial feedback from the market shows that nearly 55 per cent of buyers for the XCD are those who would have typically opted for competitors’ bikes,” S Sridhar, CEO of the company’s two-wheeler business, told DNA Money.

The XCD is part of the buoyant executive segment, which includes Hero Honda’s hugely successful Splendor and Passion. Together, they account for sales of over 1.5 lakh units each month.

Both are 100cc bikes and will now have to reckon with the more powerful XCD at nearly the same price of Rs 41,000 (ex-showroom).

A spokesperson for Hero Honda said it was not the company’s policy to comment on competition, while reiterating that it had a clear multi-focal strategy spanning across segments.

“We have grown faster than the industry every month since January this year. As a result, our market share in motorcycles has crossed 50 per cent and we have been steadily consolidating this leadership position,” he added.

Hero Honda reported sales of over 3 lakh bikes in September. This reflects the vice-like grip it has on the motorcycle market. It is this stranglehold in the 100cc segment that Bajaj is striving to break with the XCD.

The bike was launched a little over three weeks ago and reported sales of nearly 19,000 units in September. The company has now embarked upon the challenging task of selling 50,000 bikes this month. This is the festive season where sales are generally buoyant with a host of freebies, though Sridhar reiterated that Bajaj was going to steer clear of the discounts game.

According to him, the bigger task on hand was to sustain the levels of 50,000 units for the coming months.

“It is possibly for the first time that such high targets have been set for a new bike in the executive segment. We are, however, confident of meeting this objective,” he said.

Towards the end of this calendar, Bajaj plans to shift a part of the production line for the XCD from Waluj in Aurangabad to its new facility at Pantnagar, Uttarakhand.

The idea is to benefit from the generous fiscal sops, which have been offered to companies setting up new units in this region. This plant is already home to the 100cc Platina, which could eventually lose its relevance as the XCD gains ground.

If the XCD does succeed in its objective of attracting more customers from competition (essentially the Splendor and Passion), there could be some interesting times ahead in the executive segment.

Sridhar said that the initial commercial for the XCD featuring its engine had worked wonders. The animation campaign featuring the bike kicked off a fortnight ago and is also doing well, he added.

“Customers are kicked by the fact that a bike with an electric start and delivering over 100 kmpl costs only Rs 41,000. We are confident that monthly demand for the XCD will increase to 75,000 units in the coming months and only need to ensure that production and delivery schedules cope with this demand,” he said.

Sridhar said that the most significant aspect of the XCD was that even at a price point of Rs 41,000, it was slated to make the kind of profits seen with the Pulsar and Discover.

“It is a tribute to the levels of cost-efficiencies we have achieved in the plant,” he added
 
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Anubhav / अनुभव उपाध्याय

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Re: MAJOR DEVELOPMENTAL NEWS OF UTTARAKHAND
« Reply #3 on: October 05, 2007, 12:01:11 PM »
Welcome step of Govt. but it should also be seen that the money is utilized properly to revive Sugar Mills.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Re: MAJOR DEVELOPMENTAL NEWS OF UTTARAKHAND
« Reply #4 on: October 06, 2007, 09:34:09 AM »
तोहफा: 450 प्रधानाध्यापक बनेंगे 'प्रधानाचार्य'

देहरादून। शिक्षा महकमा राज्य में शिक्षकों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। रिक्त चल रहे इंटर कालेजों के साढ़े चार सौ प्रधानाचार्य और 95 ब्लाक शिक्षा अधिकारी तथा सहायक ब्लाक शिक्षा अधिकारियों के सभी रिक्त पदों को एक ही झटके में भरने की तैयारी हो रही है। खास बात यह है कि इन सभी पदों को प्रोन्नति के जरिए ही भरा जाना है।
   पिछले सालों में राज्य में बेतहाशा स्कूलों का उच्चीकरण तो किया गया पर जरूरत के मुताबिक पद सृजित नहीं किए गए। यही कारण है कि इस समय राज्य में 450 इंटर कालेजों में प्रधानाचार्यो के पद रिक्त हैं। शिक्षा महकमा इन सभी रिक्त पदों को हाई स्कूल के प्रधानाध्यापकों को प्रोन्नति देकर भरने जा रहा है। इस बारे में शासन स्तर पर कवायद पूरी कर ली गई है। इसके अतिरिक्त राज्य के 95 विकास खंडों में ब्लाक शिक्षा अधिकारी के पद रिक्त चल रहे हैं। इन सभी पदों पर नियुक्ति देने की तैयारी भी शिक्षा महकमा कर रहा है। ब्लाक शिक्षा अधिकारी के साथ-साथ ब्लाकों में रिक्त सभी एडीओ के पदों को भी भरने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में शिक्षा मंत्री मदन कौशिक से बात की गई। उन्होंने स्वीकार किया कि शिक्षा विभाग इसकी तैयारी में जोर शोर से जुटा हुआ है। इतने सारे पदों को एक झटके में कैसे भरा जाएगा? इस सवाल के जवाब में श्री कौशिक ने कहा कि इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। इन्हें भरने में कोई दिक्कत नहीं होगी। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत वर्ष 07-08 में नवीन प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापक तथा संकुल संसाधन केंद्रों में समन्वयकों के 1453 पद सृजित किए गए हैं। वित्त विभाग से इसकी सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। राज्य के सभी तेरह जिलों के लिए ये पद सृजित किए गए हैं। जिलेवार प्राथमिक स्तर पर नवीन प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक, सहायक अध्यापक और शिक्षा मित्र, उच्च प्राथमिक स्तर पर नवीन उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक, सहायक अध्यापक और सीआरसी समन्वयकों के नगर क्षेत्र तथा ग्रामीण क्षेत्र के लिए पदों का सृजन किया गया है। इन पदों के सृजन में टिहरी जिला सबसे आगे, उसके बाद ऊधमसिंहनगर है। सबसे कम पद अल्मोड़ा तथा चंपावत जिलों में सृजित किए गए हैं। फिलहाल इन पदों पर आने वाला व्यय भार सर्व शिक्षा अभियान परियोजना कार्यालय वहन करेगा। परियोजना की समाप्ति पर ये पद स्वत: राज्य सरकार में निहित हो जाएंगे।


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Re: MAJOR DEVELOPMENTAL NEWS OF UTTARAKHAND
« Reply #5 on: October 06, 2007, 10:09:22 AM »
एसआरडीपी: करोड़ों रुपये दिए एडवांस

  देहरादून। एशियन डेवलपमेंट बैंक से पोषित उत्तराखंड स्टेट रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम (एसआरडीपी) पहले ही चरण में गड़बड़ियों की भेंट चढ़ता दिख रहा है। इस योजना में एक अधिशासी अभियंता की प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में नियुक्ति की गई। इस अफसर ने मोबलाइजेशन एडवांस के नाम पर कांट्रेक्टरों को आनन-फानन में 16 करोड़ रुपये जारी किए और मूल विभाग में लौट गया।
   एसआरडीपी के तहत एडीबी ने वर्ष 2007-17 के लिए 2466 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। सात फेज में चलने वाली इस योजना के पहले फेज में राज्य में 23 सड़कों का निर्माण होना है। इस परियोजना में अनुदान और ऋण का अनुपात 90:10 है। पहले चरण में चार कांट्रेक्टरों को मोबलाइजेशन एडवांस के रूप में करीब 16 करोड़ रुपये जारी करना तमाम सवाल खड़े कर रहा है। पहली नजर में यह कहीं से भ्ज्ञी गलत नही लगता और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता स्तर-1 आरसी मित्तल का भी यही दावा है पर अधिकांश मामलों में जिस दिन बांड बने, उसी दिन कांट्रेक्टर को एडवांस जारी कर दिया गया। सूत्रों का कहना है कि किसी भी अनुबंध में मोबलाइजेशन एडवांस की भी शर्त निहित होती है। मौके पर काम शुरू होने के बाद विभाग देखता है कि कांट्रेक्टर को मशीनरी या निर्माण से संबंधित कौन सी सामग्री खरीदने के लिए धन की जरूरत है। इसके बाद ही एडवांस जारी किया जाता है। यहां स्थिति एकदम उलट है। ठेकेदारों के बांड सील कर फंडिंग एजेंसी को अभी तक नहीं भेजे जा सके हैं पर चार ठेकेदारों को 14 से 26 सितंबर के बीच 16 करोड़ का एडवांस दे दिया गया है। इसके बावजूद कहीं भी किसी साइट में अभी तक एक गेंती नहीं चली। खास बात यह भी है कि जिस दिन अनुबंध हुआ उसी दिन ठेकेदार को चेक दिए गए। इतना ही नहीं करोड़ों के चेक संविदा पर रखे गए सहायक फाइनेंस मैनेजर के हस्ताक्षरों से जारी कर दिए गए। यह पूरा मामला लोनिवि से एडीबी में प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए प्रोजेक्ट डायरेक्टर के इर्द-गिर्द घूम रहा है। गत 26 अप्रैल 07 को लोनिवि के अधिशासी अभियंता केके जैन को प्रभारी अधीक्षण अभियंता बनाकर देहरादून भेजा गया था। उन्हें इस पद पर दस दिन भी नहीं हुए थे कि एडीबी में प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया। चंद रोज तक ही यहां तैनात रहे श्री जैन ने करोड़ों बांटे और फिर से अधिशासी अभियंता बनकर हरिद्वार चले गए। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में लोनिवि के साथ ही शासन में बैठे एक अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है। शासन में बैठे इस अधिकारी ने टेक्निकल आडिट सेल (टीएसी) से क्लीयरेंस कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब प्रोजेक्ट डायरेक्टर के फिर लोनिवि में जाने के बाद से यह मामला खासा चर्चा में बना हुआ है।

[Saturday, October 06, 2007 3:22:54 AM (IST) ]

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Re: MAJOR DEVELOPMENTAL NEWS OF UTTARAKHAND
« Reply #6 on: October 06, 2007, 10:47:05 AM »
उत्तरकाशी में कुटीर उद्योगों की अपार संभावनाएं

 उत्तरकाशी। जनपद में कुटीर उद्योग-धंधों के विकास की अत्यधिक संभावनाएं हैं। इनके विकास के लिए युवक-युवतियों को प्रशिक्षित किया जाना जरूरी है।
   यह बात जिलाधिकारी आर मीनाक्षी सुंदरम ने जिला उद्यान मित्रों की बैठक में कही। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने वाली सामग्री से संबंधित कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने उद्यमियों का आह्वान किया कि यात्रा मार्गो पर स्थानीय सामग्री से तैयार होने वाले उत्पादों बुराश के फूल से तैयार जूस, रिंगाल से बनी टोकरियां तथा इसी प्रकार की अन्य सामग्री से संबंधित कुटीर उद्योग स्थापित करें। बैठक में महाप्रबंधक उद्योग केंद्र ने बताया कि जनपद की 18 इकाइयों को एकमुश्त समाधान योजना के अंर्तगत अवशेष वसूली में 14 इकाइयों ने समयांतर्गत किश्तें जमा की, लेकिन चार इकाईयां ऐसा नहीं कर पाई। उप वन संरक्षक सुशांत पटनायक ने कहा कि जनपद में चीड़ के पेड़ के पीरूल बहुतायात में हैं, उसका कोलब्रीक के रूप में उत्पाद तैयार करने के लिए उद्योग स्थापित हो तो उससे जंगलों को भी आग से बचाया जा सकता है। ऐसे उद्योगों के लिए वन विभाग से सब्सिडी के लिए शासन को प्रस्ताव किया जा सकता है।

[Friday, October 05, 2007 2:35:11 AM (IST) ]

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Re: MAJOR DEVELOPMENTAL NEWS OF UTTARAKHAND
« Reply #7 on: October 06, 2007, 10:55:14 AM »
M&M game for bike ride
OUR CORRESPONDENT
New Delhi, Oct. 5: Mahindra & Mahindra today sprang a surprise by indicating that the utility vehicle manufacturer may be interested in two-wheelers.

Company sources said Mahindra was “looking around for a lot of opportunities and talking to many people for expansion”.

Last year, Mahindra reportedly held negotiations with two Chinese companies — Chongqing Lifan and Loncin — for separate motorcycle projects.

The talks with Lifan were for a joint venture in India and meetings were held to finalise the modalities for a tie-up.

Initially, Mahindra may only allow bikes to be manufactured at one of its facilities. It will not extend its brand name to the two-wheelers, the sources said.

A possible manufacturing site is the company’s Hardwar plant in Uttarakhand.

On whether Mahindra was interested in two-wheelers, a spokesperson for the company said, “We do not respond to market speculation. We have, however, always maintained that the company is looking at growth avenues.”

Motorcycle sales fell 25 per cent between January and August. Sales in January were 560,000 units, while in August, sales had plummeted to 418,000 units.

Over the eight-month period, sales were down 7.5 per cent to 3,766,000 units compared with 4,070,000 units in the corresponding period of the previous year.

Mahindra has reported a rise of 25 per cent in September sales to 19,871 units against 15,920 units a year earlier.

Domestic sales in utility vehicles, light commercial vehicles and three-wheelers increased 25 per cent to 18,569 units from 14,865 units.

Exports climbed 23 per cent to 1,302 units from 1,055 units.

The company sold 2,185 units of its sedan, the Logan, which it makes in a joint venture with France’s Renault.
 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Re: MAJOR DEVELOPMENTAL NEWS OF UTTARAKHAND
« Reply #8 on: October 07, 2007, 08:06:58 PM »
Reckitt Benckiser  New Plant is coming in Uttarakhand as well J&K.  Read this news in details...
 
 
Reckitt Benckiser to launch 3 global brands in India.


NEW DELHI: Reckitt Benckiser India, a subsidiary of UK-based fast-moving consumer goods major Reckitt Benckiser, is planning to launch three of its global brands in India by the first quarter of 2008. The company is also expecting its new manufacturing facilities in Jammu and Uttarakhand to contribute Rs 1,500 crore to its top line by 2009.

“In the last two years, we have launched 19 of our global products in India and over the next 6 months, we will launch three more,” said Reckitt Benckiser managing director Chander Mohan Sethi, on the sidelines of a seminar.

The company has set up two manufacturing facilities at an investment of Rs 125 crore that will be fully operational in another 6-9 months. “While the Jammu facility will produce pest control products, the unit in Uttarakhand will produce multiple products such as Dettol, Lizol, Harpic and shaving creams,” added Mr Sethi.

Over the next three years, the company is hoping to double its turn-over to Rs 2,500 crore from Rs 1,200 crore in 2006-07. While the unit in Jammu is expected to generate Rs 500 crore of revenue, the company’s Uttarakhand facility is expected to add Rs 1,000 crore to the company’s top line by 2010.

Reckitt Benckiser India, which has seven manufacturing facilities in India, distributes a wide range of household cleaning and personal products including Dettol, Cherry Blossom, Harpic, Mortein and Robin Blue.
 

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Re: MAJOR DEVELOPMENTAL NEWS OF UTTARAKHAND
« Reply #9 on: October 08, 2007, 02:48:38 PM »
This news ..

Inded a good for UK.

Buy Tata Motors, target Rs 900: CLSA
Moneycontrol.com, India - 1 hour ago
We understand that approval issues in Tata Motors’ Uttarakhand plant have been resolved and production has resumed in Sept. Tata Motors enjoys excise and ...

 

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