Author Topic: Race For Chair - क्या ऐसे ही होगा उत्तराखंड राज्य का सपना साकार?  (Read 11788 times)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बहुगुणा जी की कुर्सी खतरे में

करीब पार्टी के १६ विधायक मुख्यमंत्री के खिलाफ। आजतक चैनल से कुछ विधायको ने अपने विचार भी
इस मुद्दे पर खुल के दे दिए। वही विधान सभा अध्यक्ष गोविन्द कुंजवाल ने भी ने कहा भ्रष्टाचार में उत्तराखंड नंबर १ राज्य बन रहा है?? असंतोष जारी कुर्सी पर खतरा ???

krantiveer

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you all are right but what we can do ??????just talk and get dissopointed and get frustrated  ???? than wait for other issue and again same.
is their any way we can get rid of this ?? is their any way like minded and honest peoples gather and do some thing ?? all this things happen because their is no Pahari power to stop tham ,if in Egypt ,Libya , Algeria can do public revolution throw social media why not we,but need action on ground not only talk.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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उत्तराखंड सरकार के खिलाफ चार और कांग्रेस एमएलए सामने आए

देहरादून।। अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास की कथित कमी को लेकर उत्तराखंड विधानसभा से इस्तीफा देने की सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक के धमकी के एक दिन बाद ही पार्टी के चार और विधायकों ने इसी मुद्दे पर आज राज्य सरकार की आलोचना की। कांग्रेस विधायकों के एक धड़े के बीच चल रहा असंतोष तब खुलकर सामने आ गया जब विधायक हेमेश खारक्वाल, मयूख महार, मनोज तिवारी और ललित फारसवां ने राज्य सरकार की बेरूखी की वजह से अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास की कमी की शिकायत की।
 
 पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महार ने कहा, 'हम अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता के प्रति जवाबदेह है। मुख्यमंत्री ने मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लिए 15 परियोजनाओं की घोषणा की जिनमें से केवल तीन पर काम शुरू हुआ। इससे हम बड़ी अजीब स्थिति में फंस गए हैं क्योंकि हमें अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता को जवाब देना होता है।' अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी ने कहा, 'यदि विधायक के निर्वाचन क्षेत्र में विकास नहीं होगा तो वे क्या करेंगे। यदि हमारे निर्वाचन क्षेत्र में विकास परियोजनाएं नहीं शुरू होती है तो आखिरकार हमें जनता का सामना करना पड़ता है और सफाई देनी पड़ती है।'
http://navbharattimes.indiatimes.com/other-cities/dehradoon/Four-more-Congress-MLAs-against-the-state-government/articleshow/20481874.cms

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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उत्तराखंड: 13 साल में आठवें सीएम की तैयारी!

नन्हा सा पहाड़ी राज्य उत्तराखंड मुख्यमंत्री बदलने की प्रयोगशाला बन चुका है. यहां सत्ता की राजनीति में मुख्यमंत्री ऐसे बदले जा रहे हैं जैसे क्रिकेट के मैच में गेंद.

शायद ये देश का अकेला राज्य होगा जिसने अपने 13 साल के जीवन में सात मुख्यमंत्री देखे हैं और अब उस पर आठवां मुख्यमंत्री थोपा जाने की चर्चा है. मुख्यमंत्री बदलने के इस खेल में अब तक बीजेपी ही माहिर थी लेकिन अब सत्ताधारी कांग्रेस भी पीछे नहीं दिख रही है.

बताया जाता है कि मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की विदाई तय हो गई है और पार्टी के आलाकमान ने उन्हें इसकी सूचना दे दी है. अगले दो दिनों में पार्टी नेता गुलाम नबी आजाद, अंबिका सोनी और जनार्दन द्विवेदी केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर देहरादून आने वाले हैं. विधायकों से विचार विमर्श के बाद वे अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाएंगे.

नए मुख्यमंत्री के लिए हरीश रावत, इंदिरा हृदयेश और प्रीतम सिंह के नामों की चर्चा है. जाहिर है लोकसभा चुनावों को देखते हुए हर कदम फूंक-फूंक कर रखा जाएगा और अंतिम फैसले में जाति और महिला-पुरुष के फ़ैक्टर भी निर्णायक होंगे.

एक दिलचस्प बात ये भी है कि पिछले महीने इंदिरा हृदयेश ये कहते हुए दिल्ली गई थीं कि वह उत्तराखंड की मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं लेकिन तब बहुगुणा ने हाज़िरजवाब दिया था, "मेरी 'कुर्सी' खाली नहीं है."

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल


सतपाल महाराज के भाजपा में शामिल होने के साथ ही उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. कांग्रेसी खुद मान रहे हैं कि कांग्रेस आलाकमान द्वारा उत्तराखंड को लेकर लिए गए निर्णय इन हालात के लिए जिम्मेदार हैं. सतपाल महाराज के यूं अचानक भाजपा का दामन थाम लेने के बाद उत्तराखंड में राजनैतिक सरगर्मियां तेज हो गयी हैं.

सतपाल महाराज व उनके समर्थक पिछले लम्बे अर्से से खुद को कांग्रेस में अपमानित महसूस कर रहे थे. कांग्रेस ने कई ऐसे काम किये जिससे सतपाल महाराज को समर्थकों के बीच अपमान का घूंट पीना पड़ा. पहले सतपाल महाराज को पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने के संकेत दिए, महराज ने बधाइयां भी स्वीकार कर लीं. लेकिन आलाकमान ने अपने कदम पीछे खींच लिए. रही सही कसर कांग्रेस आला कमान ने उत्तराखण्ड की बाग़डोर महाराज के धुर विरोधी हरीश रावत को सौंप कर पूरी कर दी.

जिस दिन रावत को राज्य कि कमान सौंपने का दिल्ली में निर्णय हुआ उसी दिन राज्य में कांग्रेस नीत सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गयी थी, जिसकी परिणति सतपाल महराज की कांग्रेस से रुखसती के रूप में हुई.
 
 

उत्तराखंड के भाजपा नेता सतपाल महाराज के इस कदम से खासे प्रसन्न हैं, वे भाजपा में महाराज के आने को खुद की मजबूती मान रहे हैं. सतपाल महाराज के समर्थन में आधा दर्जन से ज्यादा विधायक हैं जिसके चलते सबकी निगाहें महाराज कि पत्नी अमृता रावत और उनके समर्थक विधायकों पर टिकी है क्योंकि यदि इन्होंने महराज का अनुसरण किया तो हरीश रावत सरकार कि विदाई तय है.

सतपाल महाराज के भाजपा में शामिल होने से उत्तराखंड के कांग्रेसी सदमे में हैं. वे इन हालात के लिए कांग्रेस आला कमान कि नीतियो को जिम्मेदार मानते हैं जिन्होंने सतपाल महाराज जैसे कद्दावर नेताओं की ना केवल अनदेखी की बल्कि ऐसे निर्णय भी लिए जिससे कांग्रेस का पर्याय बन गए नेताओं ने खुद को अपमानित महसूस किया. वहीं जब भाजपा के वरिष्ठ नेता खंडूरी से बात की तो उन्होंने महाराज किआ साथ ही कहा कि पार्टी ने अगर कोई फैसला लिया है तो वो सही होगा ,

http://aajtak.intoday.in/story/jolt-to-ukhand-govt-cong-mp-satpal-crosses-to-bjp-1-758550.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Sudesh Bhatt
March 27 at 9:55pm ·
राज्य की बर्बादी कु
जश्न आज मन्युं च
कांग्रेस कुन शोक
बीजेपी युकेडी की बग्वाल हुंयी च
जुंग मुछ सब फुकैगी
नरबै हथ तपांणा छन
हमकुन लगै गेन 144
अफू दिल्ली लुक्यां छन
अफसोस नी च नरबैग्युं तै
लोकतंत्र की खत्ता खंणी च
यीं खत्ता की श्रेय लींण कुन
हपार छौंपा दौड लगीं च
जु भुना छन हमन लगवै
यख राष्ट्रपति शाशन
अजैन नरबैग्युं तुम भोटु कुन
कल्दी भीगैकी धरीं च तुमकुन
हपार द्याखो तुम्ही फोटु मा
कन छरमल्याट हुयुं च
अरे म्वाड निखली ग्या सरकार कु
युंकी रस्यांण अयीं च
ग्वाई लगांणा छन दल जु
बसकल्या छ्वाया सी हुयां छन
तीरें बर्सी ह्वै ग्या सरकार की
मुयली क सार लग्यां छन
राज्य की बर्बादी कु
जश्न आज मन्युं च
कांग्रेस कुन शोक
बीजेपी युकेडी......
आज क ताजा घटनाक्रम पर यु लेख@लेखक...सुदेश भट्ट "दगडया"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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ढडुवा बिरलु की लडै मा
चोर मुसु की रसांण अयीं च
गुत्थम गुत्था हुंणी लगीं
दुंली की मुसी भैर अयीं च
गाड गदनु क मुस बिरल
सौब पौंछी गेन ड्यारदूंण
मलै खांण कुन यीं कुर्सी पर
चोर मुसु की टक लगीं च
सरा कुडी खुमडोली तौंन
बिधानसभा भी बांजी करीं च
ढडुवा बिरलु की लडै मा
चौर मुसुक भी रसांण अयीं च
चंट मुस चलगैन दिल्ली
ढडुवा बिरलु की यख लडै मचीं च
गाजा बाजों क दगडी आल
मुस बिरल जब सरकार बंणाल
ढडुवा बिरलु की लडै मा
चोर मुसुक भी रसांण.....
सर्वाधिकार सुरक्षित @लेख..सुदेश भट्ट "दगडया"

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बीजेपी मंगणी दुबट की पुजा
कांग्रेस मंगणी तिबट मा
युकेडी अर छुट मुट दल सी
सार लग्यां छन चौबट मा
बीजेपी की घात घतयीं
उल्ट तवा मा कांग्रेस कु
द्वास लगीं च पुजा मगणी
टंगडी अब घ्वाडा की
युकेडी क भी किरै किरै की
खुब घड्यली मिसयीं च
परगट ह्वा हे चुनौ देवता
खुब रट लगयीं च
छुट मुट दल पर पौन छाया
डमाटकडी तौंकी लगयीं च
कबी कैंडिल मार्च मा कबी
धरना प्रदर्शनों मा पुज्यांणा छन
हरदा कुन हरक सिंग
काल भैरों बंण्यु च
उल्ट तवा कु नाच नचै दे
बिजय बहुगुंणा भुनु च
शैला रांणी चैंपियन जी भी
डौंड्या नारसिंग बंण्या छन
गणेश जोशी दा हपार द्याखो
सतों द्वार मा फंस्या छन
नयी नयी दुकान राजनिति की
जगजगा खुल्यां छन
घाम अछल्याल सरकार फुकेली
जयद्रथ की आश लग्यां छन
अब 28 मा जलकट्या कु
दिन जगरी कु कर्युं च
राजनिति की जैंती ड्यारदूंण
सरा मल्सु फुल्युं च
बीजेपी मंगणी दुबट की पुजा
कांग्रेस मंगणी तिबट मा
छुट मुट दल.....
सर्वाधिकार @लेख सुदेश भट्ट "दगडया"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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तीरें हुंणी च सरकार की
मुंड्यांण कुन बीजेपी बैठीं च
युकेडी भी क्रिया क्रम मा
पितर्रवड क बाट लगीं च
एक ही मुंडित छ सब्युं की
नाती नतंणा नयी दल बंण्या छन
हरदा कुन ज्युंदी युंकी
रुणी कांणी खुब करीं च
बैंकुठ पार जैली सरकार
तीरें बरखी जब कट्ठी होली
सार लग्यां छन 28 की
लमंडी सरकार की पेंसन मिलली
गौ दान मुकदान कुन
मुंड्यांण कुन भी तैय्यार हुयां छन
हंत्या कु भी जुगाड च हुंयुं
पिंड दान कुन दारुवाला कर्युं च
हरदा क रुप मा युंकी
सरकार हपार भ्युं धरीं च
तीरें बरखी त हुंणा रैली
पोस्टमार्टम कु जुगाड हुयुं च
यीं नरबै कुर्सी क बाना
कन खवा खौ हुंयी च
हरदा की रात की नींद
दिन निसंणी खाणी हुंयी च
राजनिति की नेतों कुन
बर्जात हपार कन पडीं च
तीरें हुंणी सरकार की
28 को दिन कर्युं च
ताजा राजनिति भैंचुल पर@लेख..सुदेश भट्ट"दगडया"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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उत्तराखंडः सरकार बनाने की अर्जी लेकर इस प्रसिद्घ मंदिर में पहुंचे कांग्रेसी
उत्तराखंड में उपजी राजनैतिक अस्थिरता के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेसी नेताओं ने नैनीताल ‌के घोड़ाखाल स्थित गोलज्यू मंदिर में अर्जी लगाकर न्याय की गुहार की।
इस दौरान नेताओं ने कहा कि मौजूदा स्थितियों में न्याय के देवता गोलज्यू प्रदेश की कांग्रेस सरकार के साथ न्याय करेंगे। मंगलवार सुबह कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री खजान पांडे और पूर्व दर्जा राज्य मंत्री दिनेश कुंजवाल घोड़ाखाल मंदिर पहुंचे।
उन्हें मंदिर के पुरोहित कैलाश जोशी से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा अर्चना कराई। इसके बाद निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ न्याय की अर्जी लगाकर गोलज्यू देवता से गुहार लगाई।

 

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