Author Topic: Dr Megha Bharati, Multi-talented Artiest -डॉ मेघा भारती बहुमुखी प्रतिभा कलाकार  (Read 8793 times)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Dosto,

We are posting here information about Dr Megha Bharati of Uttarakhand who is a multi-talnted Artiest and has made great contributions for Uttarakhandi Folk Music.

Here is the brief information about Dr Megha Bharti.

Profile : Dr. Megha Bharati
Academic:
-   Is Assistant Professor in the Department of English at SSJ Campus,Kumaun University,Almora.
-   Has written a Book: title- “A Critical Study of the Novels of Gloria Naylor” on feminism which is becoming internationally very popular.
-   Has written Research Papers and many Poems (in English, Hindi and Kumaoni)  which have been published in national and international papers.
-   Attended many national and international conferences.
-   Is Associate Editor of international refereed journal ‘Vishwabharati’.
-   Is also ADSW at the campus and holds other positions also.


Music:

•   Performing on stage as an actor, singer, and dancer since many years. Had started her performances when only 2 and half years old.

•   Presently working also as a lyricist, writer, anchor, composer, choreographer and director for stage, music videos, documentaries and films. Cassettes’ also released as a singer, lyricist and composer.

•   Many video albums released in Kumaoni, Hindi, Bhojpuri, Rajathani and other languages. Documentaries and films also released.

•   Albums released from T-Series.

•   Hit albums are- “O Meri Meenuli”; “Sun O Jiya”; “Fauji Piya”; “Paijeb Ki Jhankar”; “Batui Lage De”; “ “Maa Ka Aanchal”; “Janme Anjani Ke Lala” etc. Main Teri Maina” (pehli pahari pop)

•   Written songs for superhit Kumauni Movie “Cheli”. Got “Sarvashretha Geetkar Award” for this film on 3rd November 2012 at Filmotsav Naintal. Songs are sung by hindi singer Sadhana Sargam in Cheli. This film was also nominated at German Film Festival. Has also acted in this film.

•   Rajasthani film “Dadu Deen Dayal” released and is shown on Star Gold. Documentaries and Telefilms on Doordarshan.

•   Performed in shows sponsored by National School of Drama (N.S.D.), New Delhi.

•   Live shows in Nainital, Haldwani, Pilibhit, Bageshwar, Almora, Tanakpur, Khatima, Jaipur, Bareilly and many other cities as under Megha Bharati Night.( Megha Bharati Productions).

•   Done announcements for All India Radio-Bareilly Akashwani, performances given for Bareilly, Jaipur and Delhi Doordarshan

Honours and Awards:

•   By Indian Medical Association (I.M.A.) on Doctor’s Day-2001.
•   By Uttarakhand Urdu Journalist’s and Writer’s Committee (UJWC) on 30th may 2006.
•   By Uttarakhand Filmotsav Committee as “Sarvashrestha Geetkar” (Best Lyricist) for Kumauni Film “Cheli” -2012 (songs sung by Hindi playback singer Sadhna Sargam). This film was also displayed at German Film Festival.
•   By Uttarakhand Filmotsav Committee as “Sarvashrestha Nayika” (Best Actress) for Kumauni Film “Cheli” - 2012.
•   By Vidya Kala Sangam as the Gazal Shahzadi of U.P. for five years (1999 to 2003).
•   By Menaka Gandhi as “Kumaun ki Falguni” at Pilibhit Mahotsav-2001.
•   By Modern Utopian Society on 24th December 2011.
•   By Uttarakhand Bal Vikas Evam Bal Sahitya Shodh Sansthan Nyas on October 2012.
•   Running a production house that aims at promoting new talent. (Launched many artists till date).


Others:   
•   Attended training program in May 2012 at British Council, New Delhi, Sponsored by Kumaun University, Nainital.

•   Topper- XII standard (Political Science) (C.B.S.E. Board - St. Paul’s Sr. Secondary, Kathgodam).
•   Topper -Post Graduation (History) (S.S.J Campus, Almora, Kumaun University)

•    Senior UN Information Test (1997) - {1st position}.
                                 
•   Poems published in English, Hindi and Kumaoni in various journals and magazines.         


M S Mehta

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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प्रोफाईल   -   डा मेघा भारती ‘‘मेघल‘‘

पुरस्कार एवं सम्मान
        बहुत कम उम्र से मेघा कई पुरस्कारों से सम्मानित की गई है। बड़े-बड़े पुरस्कार इन्हें स्कूल, काॅलेज के दौरान ही प्राप्त हो गयें। संगीत एवं साहित्य के क्षेत्र में दिए गये योगदान के लिए इन्हें कई विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया। कुछ के नाम इस प्रकार है-
-   इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा चिकित्सक दिवस पर 2001
-   उत्तराखण्ड उर्दू पत्रकार एवं लेखक समिति द्वारा 30 मई 2006
-   मेनका गाँधी द्वारा ‘‘कुमाऊँ की फाल्गुनी‘‘ का खिताब,पीलीभीत महोत्सव 2001
-   उत्तराखण्ड फिल्मोत्सव कमेटी द्वारा ’’सर्वश्रेष्ठ गीतकार’’ का खिताब 03 नवम्बर 2012
-   द्वाराहाट सांस्कृतिक समिति द्वारा 19 अक्टूबर 2013
-   उत्तराखण्ड फिल्मोत्सव कमेटी द्वारा ‘‘सर्वश्रेष्ठ नायिका‘‘ 2012
-   विद्या कला संगम द्वारा ‘‘गजल शहजादी आॅफ यूपी‘‘ 1999-2003
-   सगंम कला केन्द्र, द्वारा 14 सितम्बर 2014
-   राजकीय बालिका इंटर कालेज, दौलिया, हल्द्वानी द्वारा नवम्बर  2014
-   मार्डन यूटोपियन सोसाइटी द्वारा दिसम्बर,  2011
-   उत्तराखण्ड बाल विकास एवं साहित्य शोध संस्थान द्वारा, अक्टूबर 2011

         बचपन से ही मेघा का रूझान संगीत की ओर था, लकिन इसके लिए उन्होनें कोई औपचारिक शिक्षा गृहण नही की अपना प्रथम शो मेघा ने एक नृत्यागना के रूप में टनकपुर के नेहरू स्टेडियम में सुप्रसिद्ध पाॅप गायिका मिलन सिंह के साथ मात्र ढाई वर्ष की उम्र में दिया था, इसके बाद एक के बाद एक सफल शो मेघा ने किए।
-   तब से यह सिलसिला जारी है। और मेघा आज एक सफल गायिका, नृत्यांगना, गीतकार, संगीतकार, कोरियोग्रेफर, अभिनेत्री एवम् निदेर्शिका हैं।
-   पहाड़ की पहली एवं एकमात्र महिला गीतकार हैं।
-   पहाड़ी पाॅप को इन्होनें जन्म दिया, और टी-सीरिज कम्पनी से ‘‘मैं तेरी मैना‘‘ नामक एलबम से धुम मचाई।
-  संगीत के क्षेत्र में मेघा का प्रवेश उनके पहले एलबम ‘आई सिंह पे सवार मईया‘ से हुआ। यह एलबम माता पूर्णागिरी को समर्पित है।   
- जन्में अंजनी के लाला, माँ का आॅचल, फौजी पिया, सुण ओ ेजिया, ओ मेरी मिनुली, पैजेब की झंकार और कई एलबम का सिलसिला आज भी जारी है।
-    राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के तत्वधान में आयोजित कार्य-शालाओं में भी मेघा ने अभिनय किया।
-    दुरदर्शन और आकाशवाणी के लिए भी उन्होनें अनेक कार्यक्रम दियंे।
-   पीलीभीत में आयोजित पीलीभीत महोत्सव में मेघा के कला प्रदर्शन से तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री मेनका गाँधी इतना की फाल्गुनी पाठक के नाम से सम्बोधित किया।
 -  उसके बाद नैनीताल शरदोत्सव, नैनीताल, उत्तरायणी महोत्सव, बागेश्वर,  अल्मोंड़ा शरदोत्सव, अल्मोंड़ा, जैसें कई स्थानों पर लाईव शोज किये। और अपनी कला का जौहर दिखाया

कार्य एवं प्रयास
    मेघा भारती का मानना है कि एक कलाकार का सर्वप्रथम कर्तव्य अपने राज्य व देश के प्रति होता है। और इसीलिए वे पहाड़ के निरन्तर प्रयास कर रही है।
-    इसके परिप्रेक्ष्य में इन्होनें ‘‘मेघा भारती प्रोडक्शनस‘‘ नामक कम्पनी खोलकर उत्तरांचल के कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शन के लिये मंच प्रदान करने का प्रयास किया है। जिसके अन्र्तगत कलाकारों को निःशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाता है। और उन्हें म्यूजिक एलबम्स एवं फिल्मों में अपनी कला प्रदर्शन का अवसर भी दिया जाता है।
-    मेघा का मानना है कि राज्य के कलाकारों को एक सही प्लेटफार्म का ना होना तथा आर्थिक सहायता ना मिलना, कला एवं कलाकारों को गुमनाम होने पर मजबूर कर देता है।
-    मेघा का प्रयास है, कि कुमांऊनी गीत एवं संगीत से क्लिष्टता को दूर करते हए,युवाओं में इसे  लोकप्रिय बनाया जायें।
-   पहाड़ी संगीत कला को राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय पहचान दिलानें के लियें कुछ नये प्रयोग करने होंगे।
-   मेघा ने कुमांऊनी पाॅप इजात किया, जो बहुत लोकप्रिय हुआ है। लेकिन उसकी मधूरता को इन्होनें बरकरार रखा है। अब कई और कलाकारों ने मेघा की इस अविष्कार का अनूसरण करना शुरू कर तो दिया है, किन्तु मेघा इस बात से आहत है। कि पहाड़ी संगीत की गरिमा और माधुर्य को ध्यान में नहीं रखा जा रहा।
-  मेघा का मानना है कि सही दिशा मंे यदि पहाड़ी संगीत को विकसित किया जाए, तो यह भी पंजाबी, राजस्थानी एवं भोजपुरी लोक संगीत की तरह विश्व स्तरीय प्रसिद्धि पा सकता है। हिन्दी फिल्मों में पहाड़ी संगीत का खूब प्रयोग हो रहा है, किन्तु इसे एक विभिन्न पहचान अब तक नहीं मिल पायी है।
-  मेघा अपने स्तर पर इस क्षेत्र में काफी प्रयास कर रही है, और इसमें उन्हें काफी सफलता हासिल हुई। जैसे किं-
-  पहली बार हिन्दी गायकों की तर्ज पर, अब पहाड़ में स्टार नाईटस का आयोजन होने लगा है। इस प्रकार की स्टार लोकप्रियता का पूरा श्रेय ‘‘मेघा भारती नाइर्टस‘‘ को जाता है।
-   मेघा ने पहली बार अपने सोलो एलबम्स मार्केट में उतारकर स्टार लोकप्रियता का परिचय दिया है।
 -   मेघा एकमात्र गायिका, संगीतकार, गीतकार, नृत्यागंना, कोरियोग्राफर, अभिनेत्री एवं निदेर्शिका हैं। जिनके सोलो एलबम्स मार्केट में आते हैै। और जिनके नाम पर सोलो नाइर्टस आयोजित की जाती हैं।
-  बड़े-बूढ़ों के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के बीच उनकी एलबम्स का काफी ‘‘क्रेज‘‘ देखा जा रहा है।
-   अपनी कम्पनी मेघा भारती  प्रोडक्शन के माध्यम से मेघा यहाँ के कलाकारों के लिए जगह-जगह वर्कशाॅप आयोजित कर उन्हें अपनी तरह मल्टीटेलेंटेड बनाने का प्रयास करती हैं।
-   सुविधाओं के अभाव में कुमाँऊनी संगीत एंव कलाकारों को वह लोकप्रियता नहीं मिल पायी है जिसके वह हकदार हैं।
-   अपने बैनर के तले मेघा निर्धन कलाकारों को निःशुल्क प्रशिक्षण देती है एवं उन्हें अपने स्टेज शोज, एलबम्स एंव फिल्मों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करती है।
-   मेघा ने कई एलबम्स के साथ-साथ, कई फिल्म एवं डाक्यूमेन्ट्री एंव टेलीफिल्मस में कार्य भी किया एंव निर्माण भी किया है। मुम्बई में भी मेघा ने बालाजी टेलीफिल्मस में भी कार्य किया। पढ़ाई के दौरान ही प्राप्त हुए इन अनुभवो को मेघा आज की अपनी सफलता का एक अस्थिर आधार मानती हैं।
-    कुमांऊनी संस्कृति को सरल रूप में लोगों के सामने लाने का मेघा का यह प्रयास ही उनकी सफलता को सबसे शक्तिशाली स्तम्भ है।
-   उनके कैसेट दूसरे पहाड़ी कैसेटों से हटकर है। इनमें सरल से सरल पहाड़ी एवम् हिन्दी शब्दों का प्रयोग किया जाता है।
-   मेघा कहती हैं कि पहाड़ की संस्कृति को वे अधिक से अधिक लोगों तक सरल से सरल तरीकें से पहुंचाना चाहती हैं।
-   कठिन मेहनत और लगन ने मेघा को उत्तरांचल के जाने-मानें कलाकारों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है। उनका नाम अब परिचय का मोहताज नहीं।
-   अपनी सारी सफलता का श्रेय मेघा अपने ‘‘फेन्स‘‘ को देती है। उनका कहना है कि इस जीवन में परिश्रम एवं प्रयास तो हर व्यकि करता है किन्तु सफल वही होता है जिसके प्रयासों को लोग सराहते है। और जो प्रेम और सम्मान उनके ‘‘फैन्स‘‘ उन्हें देते आए हैंै वह अतुलनीय है।
एकेडमिक
          मूल रूप से मेघा नैनीताल की निवासी है। बचपन से ही कला के साथ-साथ पढाई के क्षेत्र में भी अब्वल रही, अपनी प्रारम्भिक शिक्षा मेघा ने नैनीताल के सेंट मेरी काॅन्वेन्ट से प्रथम श्रेणी में उर्तीण की और इण्टरमीडियट काठगोदाम के सेट पाॅल सीनियर सेकेडरी स्कुल से प्रथम श्रेणी मेें उर्तीण करकें राजनीति शास़्त्र में टाॅप भी किया।
-   नारीवाद पर शोध कार्य किया और आज वे कुमाॅऊ विश्व विद्यालय के सोबन सिंह जीना परिसर, अल्मोंड़ा में अंग्रेजी विभाग में अंग्रेजी साहित्य की अस्सिटेन्ट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है।
-    इस क्षेंत्र में भी मेघा ने अपनी योग्यता का प्रमाण देते हुए, कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में शोध पत्र प्रकाशित किये है।
-   अंग्रेजी में उन्होनें पुस्तकें भी लिखीं हैं ‘‘21 इमोशन्स‘‘ अंग्रेजी, कविता संकलन एवम् ‘‘ए क्रिटिकल स्टडी आफॅ ग्लोरिया नैलॅार-फैमिनिस्ट पर्सपैक्टिव‘‘ जो नारीवाद पर आधारित है। और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी लोकप्रिय हो रही है। 
-   अंग्रेजी, हिन्दी एंव कुमाँऊनी भाषा में इनकी अनेक कविताएं, भी विभिन्न जर्नल्स एंव पत्रिकाओं में  प्रकाशित हो चुकी हैं।
-   अंग्रेजी जर्नल्स में बतौर सम्पादक भी मेघा कार्य कर रही है।
-  साहित्य के क्षेत्र में दिए योगदान के लिए  भी मेघा को कई सम्मान प्राप्त हुए है।
-   कुमाँऊ विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए मेघा को ‘‘बिट्रिश काऊंसिल‘‘ से विभिन्न कोर्स भी करने के लिए चयनित किया गया, जिसे विश्वविद्यालय ने ही स्पाॅन्सर किया।
-   विश्वविद्यालय के कई प्रशासनिक पदों पर भी मेघा वर्तमान में कार्यरत हैं।

फिल्म ‘‘चेली‘‘

     सुपरहिट कुमाऊँनी फिल्म चेली के लिए इन्होंने गीत लिखें एवं कम्पोज किये।
-  ये गीत पाश्र्व गायिका, हिन्दी फिल्म गायिका, साधना सरगम द्वारा गाये गए है।
-  जर्मन फिल्मोत्सव में भी यह फिल्म दिखायी गयी इस फिल्म दिखायी गयी इस फिल्म के लिए मेघा को सर्वश्रेष्ठ गीतकार का सम्मान दिया गया, 3 नवम्बर, 2012
-  यह फिल्म मेघा के लिए बहुत खास है-
ऽ   क्योंकि पहली बार किसी महिला के गानें पहाड़ी फिल्म में गीतकार के रूप में परदे पर आयें,
ऽ   क्योंकि इसके गीत साधना सम्मान सरगम जैसी विश्व प्रसिद्ध गायिका के गायें है।
ऽ   क्योंकि इस फिल्म के लिए बतौर गीतकार मेघा का चयन तब हुआ, जब वह एक स्कूल की मामूली छात्रा थीं।
ऽ   क्योंकि यह पहली कुमाऊँनी फिल्म है जिसे सिनेमा स्कोप में बनाया गया एवं मेघा ने इसमें एक नृत्य भी किया है।

परिवार एवं प्रेरणा
        मेघा का कहना है, कि उनकी सफलता में उनके परिवार का बहुत बड़ा योगदान है जैसे कि कुमाऊँनी भाषा का ज्ञान मेघा को अपनी दादी श्रीमति नन्दी देवी एवं दादा जी स्व0 श्री सुखलाल जी से प्राप्त हुआ। यही कारण है कि काॅन्वेन्ट स्कूल की छात्रा होने के बावजूद भी मेघा की कुमाऊँनी भाषा में अच्छी पकड़ है। और आज वह एक सफल कुमाऊँनी गीतकार एवं गायिका है।
-   जीवन में कुछ हटकर करने की प्रेरणा उनके माता-पिता ने हमेशा से ही उनको दी, मेघा की माता श्रीमति प्रेमलता आर्या जी0जी0आई0सी0 दौलिया में प्रिसिंपल है पिता श्री राजेन्द्र कुमार आडिट विभाग में डी0ए0ओ0 है। बहन नेहा आर्या ‘एयर इन्डिया‘ में आई एफ एस है, दोनों भाई अंशुल आर्या एवं अरनव आर्या, साॅफटवियर इंजिनियर है।
-   अपने परिवार एवं अपनी घनिष्ठ मित्र जिया जो कि ‘‘मेघा भारती प्रोडक्शनस‘‘   की मैनिजिग डायरेक्टर भी है, को मेघा अपने जीवन का शक्ति स्तभ मानती है।











 

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