Author Topic: Hindi Movies Shoot In Uttarakhand - उत्तराखंड मे हुयी हिन्दी फिल्मो की शूटिंग  (Read 87443 times)

Akshayhaldwani

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Tourist places captured in bollywood movies...
« Reply #50 on: December 17, 2009, 04:33:00 PM »
Dear All,

This thing comes in my mind when Hritik Roshan starter "Koi Mil Gaya" movie released, the shooting of the movie was done in nainital, bhimtal and near by areas. But to my surprise the name of kasauli (A small hillstation in Himachal Pradesh) was used instead of places like Nainital /bhimtal...

Same was done in Krissh (A sequel of koi mil gaya).

Also In Shahid kapoor starer "Vivah"....which was shot at Nainital, Ghorakhal (Bhowali), Jageshwar temple. But again none of the names were revealed in the movies.

Instead they used Sarovar Taal/ Sarovar Nagri...

The shooting of the movies was done in beautiful surroundings of Uttarakhand but nowhere it was mentioned...

If it was, it will be very beneficial for state tourism......

My Dear Mera Pahad members....your views please.

Thanks

Akshayhaldwani

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Re: Tourist places captured in bollywood movies...
« Reply #51 on: December 17, 2009, 04:33:55 PM »
I got the platform to express my feelings....

Thank U...

Anubhav / अनुभव उपाध्याय

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Re: Tourist places captured in bollywood movies...
« Reply #52 on: December 17, 2009, 04:50:30 PM »
You have raised a very valid question. Uttarakhand is not promoted like Himachal or Kashmir are promoted in Hindi movies. Infact Kaal was also shot in Jim Corbett and used the name Orbit Park.

Meena Rawat

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Re: Tourist places captured in bollywood movies...
« Reply #53 on: December 17, 2009, 04:56:03 PM »
[youtube]Rrcn9y9kcKQ



इस गाने में लोहाघाट के पास के गाँव की शूटिंग है 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Sitri Film was shoot in Karna Aashram in 1961 - Kotdwar
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'कण्वाश्रम' की ऐतिहासिक महत्ता का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि प्रख्यात निर्माता-निर्देशक वी.शांताराम अपनी फिल्म 'स्त्री' का एक दृश्य फिल्माने के लिए मायानगरी से कण्वाश्रम पहुंचे थे।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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संजय को बाबा रामदेव समझ रहे हैं तीर्थयात्री
उत्तरकाशी। योग गुरु स्वामी रामदेव के जीवन पर बन रही फिल्म की शूटिंग इन दिनों   उत्तरकाशी में चर्चा का विषय बनी हुई है। रामदेव की भूमिका निभा रहे संजय तलवार खास   तौर पर लोगों आकर्षण का केंद्र बने हैं। पहली नजर में देखने पर उनमें और स्वामी   रामदेव में फर्क करना मुश्किल है। वहीं गंगोत्री धाम पर पहुंचने वाले अनेक   तीर्थयात्री व पर्यटक उन्हें रामदेव ही समझ रहे हैं।
केनीवेरी प्रोडक्शंस के बैनर तले कविता चौधरी के निर्देशन में बन रही 'जागो रे'   फिल्म में स्वामी रामदेव की भूमिका निभा रहे संजय तलवार हूबहू उन्हीं के जैसे दिखते   हैं। पहली बार देखने वाले लोगों को भ्रम हो रहा है कि स्वामी रामदेव इन दिनों   उत्तरकाशी में हैं। संजय तलवार बताते हैं कि उन्होंने पतंजलि योगपीठ में रहकर योग   और प्राणायाम का प्रशिक्षण लिया और योगियों की जीवनशैली को ध्यानपूर्वक देखा।   स्वामी रामदेव की भूमिका निभाने को खुद के लिये भाग्यशाली मानते हुए उन्होंने कहा   कि यह उनके कैरियर के लिये बहुत बड़ा अवसर है। फिल्म यूनिट से जुड़े लोगों ने बताया   कि गंगोत्री धाम में शूटिंग के दौरान बड़ी गहमागहमी की स्थिति पैदा हो गई थी।   दर्जनों तीर्थयात्रियों व पर्यटकों की भीड़ ने संजय तलवार को बाबा रामदेव समझकर घेर   लिया था। महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग सभी उनसे बात करने को आतुर दिख रहे थे। बमुश्किल   यूनिट के लोग उन्हें यह समझाने में कामयाब हुए कि ये स्वामी जी नहीं हैं। बुधवार को   बड़ेथी चुंगी व आस पास के क्षेत्र में फिल्म के दृश्य शूट किये   गये।


- Source - Dainik jagran

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Jo Jeeta Wohi Sikander (1992) - Shoot in Derahdoon

Jo Jeeta Wohi Sikander (1992) is a movie of Mansoor Khan starring Aamir Khan, Ayesha Jhulka, Mamik Singh, Kulbhushan Kharbanda, Deepak Tijori, Pooja Bedi. In this film Aamir has shown his real talent. The title means 'he who wins is the conqueror'. (Sikander is the Hindi name of Alexander the Great).
It's a nice story based on Students School life and on relationship between father and brother.

The film is set in Dehradun (Uttarakhand) where two colleges stand, the 'Rajput College' which has rich students and the 'Model College' for students from the poor background family. The biggest sporting event of the school town is the annual inter-college cycle race.
Ramlal (Kulbhushan Kharbanda) has two sons Sanju (Aamir Khan), a prankster and his brother Ratan (Mamik Singh), the ideal son. Both sons attend 'Model College'. Ratan lost the last contest with his inferior Bike against the rich and arrogant Shekhar (Deepak Tijori) of Rajput College.

YouTube - Broadcast Yourself.
One day, Ratan accidentally falls off a cliff and is unable to participate in the next cycling race. A day before the race Sanju finds out about the real cause of the accident and realizes he has to get serious and responsible in life and he enters the cycle race..

The Bicycle sporting event was shooted in the beautiful town of Nainital, Uttarakhand.

The music was by Jatin- Lalit & the lyrics by Majrooh Sultanpuri.

'Pehla Nasha' is sung by Udit Narayan & Sadhana Sargam.

Lyrics:

Sadhana:
Chaahe tum kuch na kaho, maine sun liya
Ke saathi pyaar ka mujhe chun liya
Chun liya, maine sun liya

Udit:
Pehla nasha, pehla khumaar
Naya pyaar hai, naya intezaar
Kar loon main kya apna haal
Ae dil-e-beqaraar
Mere dil-e-beqaraar, tu hi bata
Pehla nasha, pehla khumaar
Udtaa hi phiroon in hawaaon mein kahin
Ya main jhool jaaoon in ghataaon mein kahin
Udtaa hi phiroon in hawaaon mein kahin
Ya main jhool jaaoon in ghataaon mein kahin
Ek kar doon aasmaan aur zameen
Kaho yaaron kya karoon, kya nahin
Pehla nasha, pehla khumaar
Naya pyaar hai, naya intezaar
Kar loon main kya apna haal
Ae dil-e-beqaraar
Mere dil-e-beqaraar, tu hi bata
Pehla nasha, pehla khumaar

Sadhana:
Usne baat ki kuch aise dhang se
Sapne de gaya voh hazaaron rang ke
Usne baat ki kuch aise dhang se
Sapne de gaya voh hazaaron rang ke
Reh jaaoon jaise main haar ke
Aur choome voh mujhe pyaar se
Pehla nasha, pehla khumaar
Naya pyaar hai, naya intezaar
Kar loon main kya apna haal
Ae dil-e-beqaraar
Mere dil-e-beqaraar

Enjoy it!


नवीन जोशी

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बच्चों ने उतारी टीचर की धोती

नैनीताल। मंगलवार को निकटवर्ती खुरपाताल में सतरंगी पैराशूट फिल्म की शूटिंग डायनेस्टी रिजार्ट के करीब राजकीय प्राथमिक विद्यालय में हुई। शूटिंग में विद्यालय के ग्रामीण बच्चों ने भी भाग लिया। आज फिल्माऐ गऐ दृश्य में फिल्म का हीरो शैतानी बच्चा पहले गुलेल से ग्रामीणों को परेशान करता है, और फिर गुरुजी बने राजपाल यादव की धोती खोल देता है। इसके अलावा भी कई सीन फिल्माऐ गऐ। शूटिंग में निर्देशक विनीत खेत्रपाल के इशारे पर स्थानीय कलाकारों रितेश सागर, भुवन बिश्ट आदि पर भी कई रोचक दृश्यों का फिल्मांकन हुआ।

डायनेस्टी की आवभगत से फिल्म यूनिट निहाल

नैनीताल। खुर्प़ाताल में सतरंगी पैराशूट की बीते एक सप्ताह से हो रही शूटिंग के दौरान फिल्म यूनिट की आवभगत का जिम्मा डायनेस्टी रिजॉर्ट के लोग सम्भाल रहे हैं। फिल्म यूनिट के लोग भी उनकी तारीफ में कसीदे पढ़ रहे हैं। रिजार्ट के जीएम गौरव चौहान ने बताया कि उनकी ओर से कोशिश है कि यूनिट के लोग यहां से इतने खुश होकर जाऐं कि बार बार यहां शूटिंग के लिए आऐं, ताकि पूरे क्षेत्रा को लाभ मिले। जेएस परिहार, एसएस परिहार व जीएस अधिकारी आदि लोग भी यूनिट को आवभगत से इतर शूटिंग में भी पूरा सहयोग दे रहे हैं।

जैकी दादा आज नैनीताल में करेंगे शूटिंग

नैनीताल। फिल्म सतरंगी पैराशूट की शूटिंग के लिए बुधवार को प्रसिद्ध सिने कलाकार जैकी श्राफ नैनीताल पहुंच रहे हैं। निर्देशक विनीत खेत्रापाल ने बताया कि दोपहर 12 बजे सरोवरनगरी के बोट हाउस क्लब में जैकी दादा व अन्य कलाकारों पर कई शॉट फिल्माऐ जाऐंगे। जैकी फिल्म में एटीएस अधिकारी बने हैं। उनके देर रात्रि तक नैनीताल पहुंचने की संभावना है।

नवीन जोशी

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आज का दौर न कामेडी , न ट्रेजडी, वरन शुद्ध मनोरंजन का: राजपाल
अब फिल्मों के सिर्फ दो प्रकार, अच्छी या बुरीनवीन जोशी, नैनीताल।व्यक्ति अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से अलग अलग होता है। लेकिन बुधवार को निकटवर्ती खुरपाताल में सिने कलाकार राजपाल यादव से `राष्ट्रीय सहारा´ के इस प्रतिनिधि की मुलाकात दोनों रूपों में एक साथ हुई। एक कर्तव्ययोगी की तरह `सहारा प्रणाम´ से राजपाल का संबोधन शुरू हुआ, तो आत्मीयता आगे बढ़ती हुए 'छोटे-बड़े भाई' तक चली गई। निकट ही शाहजहांपुर यूपी में `जमीन´ से ऊपर उठकर हिन्दी फिल्मी दुनिया में 160 से अधिक फिल्में कर चुका यह `कलाकार´ अपनी तुलना `जॉनी लीवर´ से करने पर कहता है कि, इस तुलना से `जॉनी भाई´ का कद छोटा हो जाऐगा। वह स्वयं को मात्र `कलाकार´ बताता है। उसका कहना था, `जब तक ज़िन्दा हूं, मनोरंजन करता रहूंगा। आज का दौर न कामेडी का है, और न ही ट्रेजडी का वरन विशुद्ध रूप से मनोरंजन का है। आज फिल्मों के कामर्शियल, व्यवसायिक, एक्शन, कॉमिक, ट्रेजिक, ड्रामा आदि कोई प्रकार नहीं हैं। आज फिल्म केवल अच्छी या बुरी होती है।´

मंगलवार को खुरपाताल में फिल्म `सतरंगी पैराशूट´ की लोकेशन पर बातचीत में राजपाल के कई चेहरे दिखाई दिऐ। जहां वह एक कलाकार से अधिक देश के एक जिम्मेदार युवा भी थे। उनका कहना था कि हम युवाओं की जिम्मेदारी है, कि जिस भी काम में हैं, उसे पूरी इमानदारी से निभाऐं। उन्होंने पत्राकारिता और अभिनय से जुड़े लोगों को एक ही `गंधर्व जाति´ से जुड़ा बताया। उनका कहना था कि अभिनेता जहां समाज के क्रिया कलापों को मसाला डाल कर प्रेरित करने का कार्य करता है, वहीं पत्राकार सच्चाई पेश करता है। उनका मानना है कि इधर हाल के वर्षों में एक तीसरी धारा का सिनेमा विकसित हो रहा है, जो बड़े नामों की बजाय प्रतिभाशाली कलाकारों से काम करवा रहा है। इसकी शुरूआत उनकी फिल्म `मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं´ से हुई, जिन्होंने उनके कैरियर को नई दिशा दी। इसी कड़ी में वह अपनी फिल्म `मैं, मेरी पत्नी और वह´ के साथ ही खोंसला का घोंसला, वेलकम टु सज्जनपुर को जोड़ते हैं, तथा उन्हें पूरी उम्मीद है कि यहां फिल्माई जा रही `सतरंगी पैराशूट´ इसी कड़ी में मील का पत्थर साबित होगी।

स्विटजरलेण्ड जाने की जरूरत नहीं, नैनीताल है नां
नैनीताल। राजपाल यादव नैनीताल से बेहद प्रभावित हैं। वह कहते हैं, नैनीताल पहली बार आया हूं, लेकिन ऐसा लगता है बरसों से यहीं हूं। फिल्मी दुनिया में हूं, इसलिए नैनीताल को चित्रों, वीडियो आदि में देखता रहा हूं। वहीं यहां के ललित दा (ललित तिवारी), इदरीश भाई (मलिक), दिवंगत निर्मल भाई (पाण्डे), ज्ञान जी व गोपाल तिवारी आदि कई लोग एनएसडी से फिल्मी दुनिया तक साथ रहे। नैनीताल की नैसर्गिक खूबसूरती, यहां के रंगमंच व मानस से बेहद प्रभावित राजपाल का मानना है कि इस शहर की प्राकृतिक खूबसूरती यहां के लोगों में भी है। वह कहते हैं कि नैनीताल फिल्मों की शूटिंग के लिए भी इतना उपयुक्त व सुन्दर है कि फिल्मकारों को स्विटजरलेण्ड जाने की जरूरत नहीं है।

 

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