Author Topic: Hindi: Our Identity - हिन्दी : हमारी पहचान: आओ बढाये इसका मान  (Read 19529 times)

Abhinav

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प्रसून लतांत हिंदी के महान पत्रकार हैं जो कि लगातार उत्तराखंड से जुड़े मुद्दों पर लगातार लिखते आ रहे हैं. मैती आंदोलन, गंगा बचाने की मुहिम पर उन्होंने लिखा है.

उनके उत्तराखंड से जुड़े कुछ प्रमुख लेख हैं -

नदी बचाने की जंग - http://raviwar.com/news/38_save-river-uttarakhand-prasunlatant.shtml

नेग में मिली हरियाली - http://raviwar.com/news/58_maiti-uttarakhand-prasunlatant.shtml

प्रेम का पेड़ - http://www.raviwar.com/news/57_premkaped-maiti-prasunlatant.shtml

नीयत का कमाल - कल्याण सिंह से बातचीत - http://www.raviwar.com/news/56_kalyansinghravat-maiti-prasunlatant.shtml

hem

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उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का प्रतिष्ठित साहित्य भूषण सम्मान मध्य प्रदेश राष्ट्र भाषा प्रचार समिति के मंत्री संचालक श्री कैलाश चन्द्र पन्त को दिया गया है. 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Congrats to pant ji.

उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का प्रतिष्ठित साहित्य भूषण सम्मान मध्य प्रदेश राष्ट्र भाषा प्रचार समिति के मंत्री संचालक श्री कैलाश चन्द्र पन्त को दिया गया है. 

खीमसिंह रावत

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mehta jyu badhaai diyo pant ji kai/ hindi liji sammaan mil rahach ho maharaj

mai hindi primiyo ki taraf se pant ji badhaai deta hun/

Khim Singh Rawat

Tanuj Joshi

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यह बात बिल्कुल सही है और आज के दौर में उचित बैठती है की हमें अपनी मात्र भाषा का सम्मान करना चाहिए. इस देश में 17 राष्ट्रीयक्रत भाषाएं बोली जाती हैं और कई साई शेत्रिया भाषाएं. जो बात अनुचित लगती है वो यह नहीं है की हम हिन्दी बिल्कुल शुद्ध बोलते हैं या खड़ी बोली बोलते हैं बल्कि यह की  देश के कई हिस्सों में हिन्दी बोली ही नहीं जाती है अपितु इसका विरोध किया जाता है. दक्षिण भारत में हिन्दी का एक विदेशी भाषा की तरह ही आंकलन होता है. अगर हमें हिन्दी का वाकई में सम्मान रखना है तो इन शेत्रों में हिन्दी का के प्रयोग को बड़ावा देना ज़रूरी होगा. अगर कोई हिन्दी का प्रचार करने वाली संस्था सच्चे दिल से यह काम करना चाहती है तो उसे इस दिशा में कदम उठाने होंगे. देश के सीमित हिस्सों में शूध हिन्दी बोलने से बेहतर होगा की पूरे  देश में इस भाषा को बोला जाए. वही हमारी राष्ट्रा भाषा का वास्तव में सम्मान होगा.
ज़ई हिंद.
ज़ई उत्तराखंड!!!!

hem

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  वरिष्ठ साहित्यकार श्री कैलाश चन्द्र पन्त को भारतीय प्रौढ़ शिक्षा संघ नई दिल्ली ने वर्ष २००९ का नेहरू लिटरेसी एवार्ड प्रदान करने का निर्णय लिया है. अलंकरण समारोह  ३१ जुलाई  को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. पूर्व राष्ट्रपति श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम श्री पन्त को अलंकृत करेंगे.   

 

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