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Poems and Articles by Famous Poet Hemant Bisht-हेमंत बिष्ट जी के कविताये एव लेख

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, January 31, 2010, 09:28:10 PM

Hemant Bisht

[ote author=हेम पन्त link=topic=1221.msg64490#msg64490



हेम ज्यू ,दरअसल आई शुरुआत छ .आपू जास लोग उत्साहित करनी ,तो पहाड़ी कविता
लिखाण  मैं गर्व  अनुभव हूँ ,उत्साहित करने  रया,धन्यवाद्
                                   हेमंत बिष्ट








date=1278058699]
बिष्ट ज्यू तुमरि कविता भौत भलि लागिछ... पहाड़ कि काथा क दगाड़ आजकलकि गम्भीर समस्या जोड़ि बेर कतुक सुन्दर कविता लेखि दी तुमुले... अघिल के ले तुमरि कवितान को इन्तजार छ...
[/quote]
Quote from: हेम पन्त on July 02, 2010, 01:48:19 PM
बिष्ट ज्यू तुमरि कविता भौत भलि लागिछ... पहाड़ कि काथा क दगाड़ आजकलकि गम्भीर समस्या जोड़ि बेर कतुक सुन्दर कविता लेखि दी तुमुले... अघिल के ले तुमरि कवितान को इन्तजार छ...
Quote from: हेम पन्त on July 02, 2010, 01:48:19 PM
बिष्ट ज्यू तुमरि कविता भौत भलि लागिछ... पहाड़ कि काथा क दगाड़ आजकलकि गम्भीर समस्या जोड़ि बेर कतुक सुन्दर कविता लेखि दी तुमुले... अघिल के ले तुमरि कवितान को इन्तजार छ...
Quote from: हेम पन्त on July 02, 2010, 01:48:19 PM
बिष्ट ज्यू तुमरि कविता भौत भलि लागिछ... पहाड़ कि काथा क दगाड़ आजकलकि गम्भीर समस्या जोड़ि बेर कतुक सुन्दर कविता लेखि दी तुमुले... अघिल के ले तुमरि कवितान को इन्तजार छ...

Hemant Bisht

हर्ष ,कविता और कंप्यूटर द्वीनो मैं  आई  हाथ साफ़  नि हेरे,जब है  जालो  तो फटा फट लिखूल
धन्यवाद् .




uote author=dramanainital link=topic=1221.msg62766#msg62766


date=1276420557]
hemant da kuch aur kavitaon kee aashaa mein hun.
[/quote]

sanjaygarhwali

एक कविता देव भूमि उत्तराखंड पर भी लिख दें बिष्ट दादा आप बहुत बहुत धन्यवाद आप कु अग़र आप ना देव भूमि पर कविता लिखी दे ता

Hemant Bisht

संजय जी धन्यवाद ,तत्काल आपके आदेश का पालन होगा ,मेरा एक गीत देव भूमि पर है जिसे दीवान कनवाल और शर्मिष्ठा ने गाया है उसे आपको भेट करना चाहूँगा


s
Quote from: sanjaygarhwali on July 03, 2010, 01:02:14 AM
एक कविता देव भूमि उत्तराखंड पर भी लिख दें बिष्ट दादा आप बहुत बहुत धन्यवाद आप कु अग़र आप ना देव भूमि पर कविता लिखी दे ता


Hemant Bisht

                                        देव भूमि उत्तराखंड

उत्तराखंडे की देव भूमि प्यारी
य मानी छ सरग है ले प्यारी

गंगा ज्यू को यां गंगोत्री धामा
धाम यमुना को यमुनोत्री नामा
उंचा पर्वत में जनम ली बेरा
गंगा जमुना लागी री हुलारी
उत्तराखंडे ......................
                                         उंचा पर्वत में मैया को वासा
                        यो हिमाला छ शिवजी सुरासा
                        नंदा नामो का पर्वतो माजी
                        अहा देखी छ मय्या अनवारी
                        उत्तरखंडे ............................
  सैम,हरुज्यु ,यां एड़ी गंग  नाथा ,
     गोलू ,कलबिष्ट -गोरख्न नाथा
   हे भूमिया ,हे नर सिंह  देवो
   तुम रक्षा करिया हमारी
   उत्तराखंडे.......................
   

dramanainital

हेमन्तदा, कविता में तुमार कोइ सानी नहैत.तुमरै शब्दन में "तुमुल तो सफ़ुन कैं माफ़ कर ह्यालौ.  रै गे बात कम्पुटरैक,  ऊ मैं लै तुम सफ़ुन्कैं माफ़ कर देला.
घाम दिदि भल लगि.बादल भिन लै ऐ जन त भल हुन.

हर्ष.

dramanainital

hemant da tumar chetra mei atikraman karnai,maaf kar dela.par yo kavita tumukai sunoon jaroori lagi.

ओ बादल

ओ बादल,अझ्यालूँ तुम हमर याँक बाट भूल गे छा,
कभै आ लै जाँछा तो बरसण,भिजूँण भूल जाँछा.

तुम आला कैभेर हमुल फ़ोर लेन सड़क बणाईं,
स्वागत देखि छोड़,तुम जो पेड़ कटीं ऊ गिणछा.

हमुल तुमर लिजि गाड़ि बणै,आरामैल आला कैभेर,
गाड़ि छाड़,तुम गाड़ीक पिछाड़ी छुट्नेर धुँग देखछा.

हमुल तुमर लिजि ठन्ड हूँ एसीक इन्तजाम लै करौ,
हमर नीयत देखि छोड़,तुम पर्यावरण वाल गीत गाँछा.

ओ बादल,अझ्यालूँ तुम चुनावी नेता जस है गो छा,
घुमड़ भेर ऊँछा,गरज भेर आश्वासन दिंछा,न्है जाँछा.

अब हम जंगल काट भेर वाँ बाट बणूँन में लागि छूँ,
सहराक सड़क देखि नाराज छा,के पत्त यो बाट ऐ जाँछा.






Hemant Bisht

नमस्कार ,आज बे  फिर से लिखनेकी कोशिश करनू ,आशा  छू  उत्साहित करला       


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


dajyu Swagat hai bahut dino baad online..

aasha chho aapun kavita padan ka milal yahan.

Quote from: Hemant Bisht on December 27, 2012, 09:24:46 PM
नमस्कार ,आज बे  फिर से लिखनेकी कोशिश करनू ,आशा  छू  उत्साहित करला     

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


From - Hemant Bisht ji

बाबेकि अर्जी च्यलाक नाम

म्यर पोथा, उम्मीद छ

समझलै हमार बुढाप कैं

म्यर बबा ,उम्मीद छ,

मान दयलै,इज बाब कैं

जब कभै,

बुड कामणी हाथों बै

छुट जाल भान,

फोकी जाल खाण

बात समझलै.

नाराज नि व्हलै।

सुण ,जब तू नान छियै

त्यार नानू नान हाथों बै

बेलि जाँछि छुटि...

पै त्यार नानू नान हाथोंकि

हम लिछि भुकि

निहारैल कुछी....

नान नान हाती,ताकत आलि
य हाथैल भव्वा दुद भाति खालि''

न्न्न्न् न्न्न् न्न्न् न्न्न् न्न्न् न्न्न्

जब लै कमजोर घुनाक कारण

घुरी जू ँहम

''चुप चाप भ्ैाटी रओ,''

कै दिये झन

जाण छै नान छना तू लैत जब

उठ छियै... घुरी छियै.....

पै हम कुछी...

''थारे बुढि थारे थारे

हिटि बेर म्यार मुख्यि थैं,

आरे आरे......''

पोथा, नान छना घुरीण है,

तुकैं हम रोक दिनों

बिना घुरीणेै हमर भौ,

क्ये हिटण सिख जानौ

न्न्न् न्न्न् न्न्न् न्न्न् न्न्न् न्न्न् न्न्न्

बबा

म्यर बार बार बुलाण

क्वे बातेकि रट लगूण

कचकचाट छन समझिये

''मचमचाट नि लगाओ ''

मैंथ्ैंा झन कै दियें

तू लै त लगूछियै रट

खिलौण माँगण हूँ

दूद, दइ,मक्खन,

नौणि चाखण हूँ

रट तब तक लगूछियै

जब तक मिल नि जो

न्न्न्

बबा अगर साफ नि रै सकूँ

रोज नि नै सकूँ

तो छि घीण झन करिये

याद छ

जब (हयून)जाडों में,

त्यर नाक बगछी,

न्न्न्न्

न्न्न्न्