Author Topic: Today's Thought - पहाड़ के मुहावरों/कथाओं एवं लोक गीतों पर आधारित: आज का विचार  (Read 34973 times)

Ajay Tripathi (Pahari Boy)

  • Sr. Member
  • ****
  • Posts: 296
  • Karma: +3/-0
Good Morning,

“Could we change our attitude, we should not only see life differently, but life itself would come to be different”. 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0

(अति रुख्यार रूख हूं छुटुछ अति तैरक गाड़ हूं बगछ)

Literal: Even the most skillful climbers fall and the most skillful swimmers drown

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0
   बन्दूगी जसपाल राणा सिस्त साधि दे, निशान साधि  उत्तराखंड में बाघ  लागो, बाघ  मारी दे!     नरेन्द्र सिह नेगी जी यह गाना जिसमे निशानेबाज जसपाल राणा की उपलब्धियों के बारे में लिखा है और साथ में कहा है उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के बाघ  लगा उसे मारने के लिए आह्रह किया है !


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0
Today's Thought : Following Lines of Late Poet Girda

दिल लगाने में वक्त लगता है, डूब जाने में वक्त लगता है
.वक्त जाने में कुछ नहीं लगता, वक्त "आने" में वक्त लगता है.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0

जा नाक छो वा नथ निहाती
जा नथ छो, वा नाक निहाती

जहाँ नाक है वहां नथ नहीं, जहाँ नाथ है वहां नाक नहीं

यानी - जीवन में किसी एक चीज का अभाव होना !

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0

सुनाणी सबकी, करणी मन की

(सुन सब की, करो मन की)



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0

आज का विचार :

"दशरथ क वांण, दशरथ कै लागो"

यानी - मनुष्य जैसा करता है, वैसा भरता है !

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0

  आज का विचार यह - लोकोक्ति
 
  मी जाग , मी जाग कने दगड ना
  म्यार छे म्यार छे, के आपुन ना
 
  साथ -२ चलकर दोस्तों नहीं होता
  अपना है कहकर कोई अपना नहीं होता
 
  (जबरदस्ती कोई अपना नहीं होता है)
 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0

" गढ़वाली बुलुन नी आंदी ता सीख ल्यावा ,
गढ़वाल की संस्कृति ते तनि नी खपावा ll
उत्तराखण्ड बुलाणु चा धे लगे की ll
हे चूचो प्रदेश छोड़ी ते उत्तराखण्ड जावा ll

This is the Thought given by Himanshu Bisht.

 

Sitemap 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22