Author Topic: Jhoda Chachari Baaju Band - चाचारी झोडा बाजु बन्द: लोक संस्कृति की पहचान  (Read 77099 times)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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एक बहुत पुराना झोडा ..

बलि नादुली ये सियोनी का जंगला
बलि उमेदा रे बार पडो मंगला

कुट झुगर द्न्याली बारी
दाद ले भौजी बिलकी भारी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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एक बहुत ही पुराना गाना है जो की गोस्वामी जी ने भे गाया था :

गाड़ मधुली राड़ मस्युरा झन टोडीए  गियों
भाबरा तेली घाम लागेछे, पहाडा पडो हियो 

 हे...

 हिसायी को रेटा...  हिसायी को रेटा
 आचुयी ले पानी पियो ना भरीना पेट ..

गाड़ मधुली राड़ मस्युरा झन टोडीए  गियों
भाबरा तेली घाम लागेछे, पहाडा पडो हियो 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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See this one.

Singer Nain nath Rawal:


     Jab Joona Bareli
     Jhamuka Liyona Hai Kanchhi
     Kano me paireli, Ja Jo Relayee Ma
   
   


हेम पन्त

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सितम्बर 2008 में दूरदर्शन के एक प्रात:कालीन कार्यक्रम में प्रसिद्ध उत्तराखण्डी गायक हीरा सिंह राना जी मुख्य अतिथि थे.. उन्होंने कुछ मनमोहक न्यौलियां गाकर भी सुनाई..


Rana ji describes how a folk rythm was converted into a famous bollywood song.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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आई गेन ऋतु बौड़ी दाई जनो फेरो, झुमैलो

ऊबा देसी ऊबा जाला, ऊंदा देसी ऊंदा, झुमैलो

लम्बी-लम्बी पुगड़्यों माँ र..र. शब्द होलो, झुमैलो

गेहूँ की जौ की सारी पिंग्ली होई गैने, झुमैलो

गाला गीत वसन्ती गौं का छोरा ही छोरी, झुमैलो

डांडी काँठी गूँजी ग्येन ग्वैरू को गितूना, झुमैलो

छोटी नौना-नौनी मिलि देल्यूँ फूल चढ़ाला, झुमैलो

जौं का भाई रला देला टालु की अँगूड़ी, झुमैलो

मैतु बैण्युँ कु अप्णी बोलौला चेत मैना, झुमैलो


MEANING
======


--'वसन्त ऋतु लौट आई, फसल माँड़ते समय बैलों के चक्कर के समान, झुमैलो !

ऊपर देश वाले ऊपर जाएंगे, नीचे देश वाले नीचे, झुमैलो !

लम्बी-लम्बी क्यारियों में (किसानों की) र..र. ध्वनि होगी, झुमैलो!

गेहूँ और जौ के सादे खेत पीले हो गए हैं, झुमैलो!

वसन्ती गीत गाएंगे, गाँव के लड़के-लड़कियाँ, झुमैलो!

छोटी-बड़ी पहाड़ियाँ गूँज उठी हैं ग्वालों के गीतों से, झुमैलो!

छोटे बालक-बालिकाएँ मिलकर दहलीजों पर फूल चढ़ाएंगे, झुमैलो!

जिसके भाई होगा, अंगिया और ओढ़नी का उपहार देगा, झुमैला!

और मायके बुलाएगा बहिन को चैत्र माह में, झुमैलो!'

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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khuded Song.

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रचनाकार: नरेन्द्र सिंह नेगी                 
 
तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि

तेरु बाटू तेरा अगाड़ि, मेरु बाटू मेरा अगाड़ि

कख ल्हिजालू कुज्याणी दगड़्या, कख ल्हिजालू कुज्याणी दगड़्या

दगड़ू नि रैणू सदानि... दगड़्या... दगड़ू नि रैणू सदानि

तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि




सुख मां दुख मां मिली जुली, दिन जू गैनी वी अपड़ा

सुख मां दुख मां मिली जुली, दिन जू गैनी वी अपड़ा

मेरी उंठड़्यूं मां हैंसी तेरी, तेरु दरद मेरा जिकुड़ा...

तेरु दरद मेरा जिकुड़ा...

अपणू परायू नि जाणि दगड़्या, अपणू परायू नि जाणि दगड़्या

दगड़ू नि रैणू सदानि... दगड़्या....दगड़ू नि रैणू सदानि...

तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि




कांडा लग्यां ईं उमर उंद, नरकै कि गाई बिराणी सी

कांडा लग्यां ईं उमर उंद, नरकै कि गाई बिराणी सी

बगत नि रुकि हथ जोड़ी जोड़ी, बगदू राई पाणी सी...

बगदू राई पाणी सी...

पौणू सि आई या ज्वानि दगड़्या, पौणू सि आई या ज्वानि दगड़्या,

दगड़ू नि रैणू सदानि... दगड़्या....दगड़ू नि रैणू सदानि...

तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि


रईं सईं बि कटि जाऊ जू, यनि समळौण देजा आज

रईं सईं बि कटि जाऊ जू, यनि समळौण देजा आज

दगड़्या भोळ कख तू कख मी, आखिरी बेर भ्येंटे जा आज

आखिरी बेर भ्येंटे जा आज...

बगण दे आंख्यूं कू पाणि... दगड़्या...बगण दे आंख्यूं कू पाणि... दगड़्या

दगड़ू नि रैणू सदानि... दगड़्या....दगड़ू नि रैणू सदानि...

तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि




बोझ हिया कू भुयां बिसैजा, भूलीं बिसरीं छ्वीं बत लैजा

बोझ हिया कू भुयां बिसैजा, भूलीं बिसरीं छ्वीं बत लैजा

औ दगड़्या सुख दुख बांटि ल्योला, जिकुड़ी अदला बदली कैजा

जिकुड़ी अदला बदली कैजा...

दुख से हार नि मानि दगड़्या... दुख से हार नि मानि दगड़्या...

दगड़ू नि रैणू सदानि... दगड़्या....दगड़ू नि रैणू सदानि...

तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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यह झोडा कुमोनी फिल्म "मेघा आ" से है जिसमे चितई गोलू देवता की आराधना है !The bhajan is totally in Folk with Hunka beat..

महिलाये

सुफ़ल है जैया  देवा
पंचनामा देवा

पुरुष :

सुफ़ल है जैया देवा
पंचनामा देवा

पुरुष :  ओह  देवो चितई का गोलू देवा तुमारी यात्रा

महिलाये :

ओह देवो बिगड़ी बनाया ओह भोला देवा

[youtube]gCcSpSgH264

The video has been provided our Senior Member Prashant Joshi, Almora Boy..

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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यह झोडा मैंने एक बार भगवान बजैण जी के मंदिर (भनार जिला बागेश्वर) एक मेले में सुना था ! लेकिन बाजुरा का मतलब है समझ पाया !

ओह काकडी क़ कैरा
मेरा बाजुरा..
काकडी क कर म्यार बाजुरा

ओह रौख टाकी तान म्यरो
बाजुरा..

रौख टाकी की तान
म्यारो बाजुरा ..........

This Jhoda is streched by connecting Jhod.. This is one of the famous Jhodas in that area.



 

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