Author Topic: Ekta Bisht 1st Women Cricket Player from Uttarakhnd in Indian Team - एकता बिष्ट  (Read 13589 times)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Dosto,

Uttarakhand soil has produced many National in International players like M S Dhoni, Mir Ranjan Negi, Maniesh Pandey etc.


 Today we are sharing here information about Ekta Bisht, Cricket Player originally from Almora. Ekta is part of Indian Women Cricket Team. She is the first women cricket player from Uttarakhand soil in Indian Cricket Team. We will share information about Ekta Bisht in this topic.

M S Mehta

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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अल्मोड़ा की एकता भारतीय महिला क्रिकेट टीम में

अल्मोड़ा की उदयीमान खिलाड़ी एकता बिष्ट का चयन भारतीय महिला क्रिकेट टीम में हुआ है। उन्हें अंतिम 15 खिलाड़ियों में स्थान मिला है। वह लेग स्पिनर हैं। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। खेल प्रेमियों ने आतिशबाजी करके खुशी का इजहार किया।उल्लेखनीय है कि एकता पिछले साल अप्रैल-मई में वेस्टइंडीज में आयोजित महिला टी-20 वर्ल्ड क्रिकेट कप के लिए 30 संभावित खिलाड़ियों में चुनी गईं थी लेकिन बाद में वह अंतिम 15 खिलाड़ियों में शामिल नहीं हो सकी। उसके बाद से एकता लगातार प्रैक्टिस करती रही और आखिरकार उनका चयन भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सदस्य के तौर पर हो गया है। उन्हें अंतिम 15 खिलाड़ियों में शामिल किया गया है। वह बंगलूरू में प्रशिक्षण कैंप के लिए रवाना हो चुकी हैं। जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरीश धवन ने बताया कि बंगलुरू में 16 जून तक प्रशिक्षण लेने के बाद 17 जून को भारतीय महिला क्रिकेट टीम इंग्लैंड रवाना होगी। इंग्लैंड में 26 जून से भारत, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच होने वाली टी 20 और एक दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेंगी।एकता के भारतीय महिला क्रिकेट टीम में चयनित होने पर क्रिकेट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गिरीश धवन, सचिव लियाकत अली, कोषाध्यक्ष मनोज सनवाल, विधायक मनोज तिवारी, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, शेखर लखचौरा, सीएल सेन, बिट्टू कर्नाटक, जगदीश वर्मा, ललित लटवाल आदि ने प्रसन्नता व्यक्त की है।वहीं एकता बिष्ट के कोच लियाकत अली ने एकता के राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम में चयन होने पर खुशी जताते हुए इसे एकता की मेहनत और लगन का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि इससे अन्य युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी।

गली से भारतीय टीम तक का सफर

                 एकता बिष्ट ने अल्मोड़ा के खजांची मुहल्ले में अपने साथियों के साथ प्लास्टिक और रबर की गेंद से शुरुआत की और फिर अल्मोड़ा के छोटे से स्टेडियम में प्रैक्टिस करके देश की टीम में शामिल होने का सपना देखा। अल्मोड़ा में तमाम असुविधाओं के बीच यह मुकाम हासिल करना सरल नहीं था, लेकिन अपनी मेहनत और लगन के बल पर आखिरकार एकता ने यह संभव कर दिखाया और आखिरकार वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम में बतौर लेग स्पिनर चुन ली गई हैं। एकता अल्मोड़ा जिले के ल्वाली गांव के मूल निवासी महेंद्र सिंह धौनी की तरह क्रिकेट में नाम कमाना चाहती है। खजांची मुहल्ला निवासी अल्मोड़ा निवासी पूर्व सैनिक कुंदन सिंह बिष्ट और तारा बिष्ट की पुत्री एकता बचपन में घर के पास हुक्का क्लब के आंगन में अपने साथियों के साथ शौकिया क्रिकेट खेला करती थी और तेज गेंद फेंका करती थी। 2002 में उन्होंने प्रैक्टिस के लिए अल्मोड़ा के छोटे से स्टेडियम जाना शुरू किया। एकता की लगन को देखते हुए कोच लियाकत अली ने उन्हें लेफ्ट आर्म स्पिन गेंद करने की  प्रैक्टिस करानी शुरू की। अल्मोड़ा ग्रेजुएट की पढ़ाई के दौरान ही वह विश्वविद्यालय की टीम में चयनित हो गई। 2002 से 2006 तक एकता ने उत्तराखंड की टीम में खेला। उसके बाद उत्तराखंड की महिला टीम नहीं बन पाने के कारण वह उप्र की टीम से खेलने लगी। 2005 में उनका चयन भारतीय जूनियर टीम के कैंप के लिए हुआ पर चोट लगने के कारण उसे वापस लौटना पड़ा। 2009 एकता के लिए काफी अच्छा रहा। नवंबर 2009 में उन्होंने उप्र की ओर से खेलते हुए विदर्भ के खिलाफ आठ ओवर में बगैर कोई रन दिए तीन विकेट लिए। विदर्भ के खिलाफ एक अन्य मैच में उन्होंने 13 रन देकर पांच विकेट लिए यह उनका अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन है। मध्य प्रदेश के खिलाफ भी एकता ने 10 ओवर में नौ रन देकर तीन विकेट लिए। 26 फरवरी 2010 को बंगलूरू में इंग्लैंड के खिलाफ बोर्ड एकादश की तरफ से खेलते हुए एकता ने 10 ओवर में 40 रन देकर एक विकेट लिया। प्रतियोगिताओं के आधार पर उनका चयन 2010 में महिला क्रिकेट टी20 विश्व कप के लिए संभावित 30 खिलाड़ियों में हुआ लेकिन तब वह अंतिम 15 खिलाड़ियों में स्थान नहीं पा सकी। इस बार उन्हें अंतिम 15 खिलाड़ियों में शामिल कर लिया गया है। एकता एक अच्छी फि ल्डर मानी जाती हैं जिससे उनकी संभावनाएं अच्छी मानी जा रही हैं। एकता अब तक भी अपने कोच लियाकत अली के निर्देशन में अल्मोड़ा स्टेडियम में ही प्रैक्टिस किया करती थी। जबकि यह फील्ड भी मानकों के मुताबिक छोटा है। एकता का कहना है कि भारतीय टीम की ओर से खेलकर जीत दिलाना उनका सपना है इसके लिए वह जी तोड़ मेहनत करेंगी। वह महेंद्र सिंह धौनी की तरह नाम कमाना चाहती हैं। अपनी अब तक की सफलता का श्रेय वह कोच लियाकत अली और माता पिता को देती हैं।

सौजन्य से : अमर उजाला ई-पेपर

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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अव्‍वल रही पहाड़ों की बेटी




अल्मोड़ा जैसे विषम भौगोलिक परिस्थिति वाले सीमांत जिले में किसी लड़की के लिए क्रिकेट खिलाड़ी बनने के बारे में सोचना आसान नहीं है. लेकिन अल्मोड़ा जिले के देवली गांव के खजांची मुहल्ले में रहने वाली 25 साल की एकता बिष्ट ने न केवल यह सपना देखा बल्कि इसे पूरा कर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम ऊंचा कर दिया. एकता अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट खेलने वाली उत्तराखंड राज्‍य की पहली महिला खिलाड़ी बन चुकी हैं.

बीसीसीआइ ने उत्तराखंड में किसी भी क्रिकेट संघ को मान्यता नहीं दी है इसलिए यहां के क्रिकेट खिलाड़ियों को अन्य राज्‍यों की टीमों में जगह बनानी पड़ती है. एकता को भी भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए इसी संघर्ष का सामना करना पड़ा. लेकिन कठिन मेहनत और पक्के इरादे के बल पर पहाड़ की इस बेटी ने दिखा दिया है कि नामुमकिन शब्द उसके लिए कोई मायने नहीं रखते हैं. सेना में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए एकता के पिता कुंदन सिंह बिष्ट और मां तारा बिष्ट का एकता ने गर्व से सिर ऊंचा कर दिया है.

स्कूल से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर चुकी एकता भारतीय टीम में जगह बनाने से पहले नॉर्थ जोन, इंडिया प्रेसिडेंट इलेवन के साथ ही 2006-07 से उत्तर प्रदेश महिला क्रिकेट टीम की सदस्य हैं. इसी साल जून-जुलाई में इंग्लैंड में आयोजित चार देशों की महिला क्रिकेट श्रृंखला के लिए पहली बार एकता का चयन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए हुआ है. इस श्रृंखला में एकता ने जो जोरदार प्रदर्शन किया है उसे देखते हुए उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट टीम में लंबी रेस का घोड़ा माना जा रहा है.

बाएं हाथ की लैगस्पीनर और खब्बू बल्लेबाज एकता ने अब तक खेले कुल तीन मैचों में 5 विकेट हासिल किए हैं. यही नहीं, 28 ओवरों में से उन्होंने 6 ओवर में एक भी रन नहीं दिया और 2.92 की किफायती दर से कव्वल 82 रन खर्च किए. न्यूजीलैंड के खिलाफ 15 रन देकर तीन विकेट हासिल करने वाली एकता को मैन ऑफ दी मैच भी चुना गया था. उन्होंने अब तक केवल एक ही ट्वेंटी 20 मैच खेला है. एकता ने घरेलू क्रिकेट का सफर 2006-07 में उत्तर प्रदेश महिला टीम में जगह बनाने के साथ शुरू किया था और पहले क्रिकेट सीजन में ही वह अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रही थीं.

अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला खेलकर लौटी एकता का अल्मोड़ा में जोरदार स्वागत हुआ. अल्मोड़ा में एकता के कोच रहे लियाकत अली कहते हैं कि क्रिकेट के प्रति उसके जुनून का उदाहरण इससे अच्छा और क्या होगा कि खजांची मोहल्ला स्थित अपने घर से तीन किमी दूर स्टेडियम आने वाली अकेली लड़की होने के बावजूद वह कभी भी आना टालती नहीं थी. एकता की मां तारा बिष्ट बताती हैं कि एकता तीन साल की उम्र से ही क्रिकेट खेलती आ रही है.

एकता के लिए इंग्लैंड दौरा कई मायनों में खास रहा. पहला तो, इसी दौरे से उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कॅरियर शुरू हुआ और दूसरा, इसी दौरे के दौरान उन्हें रेलवे में नौकरी मिलने की खुशखबरी भी मिली. एकता को खिलाड़ी कोटे से हेड क्लर्क बनाया गया है. लेकिन आगरा में नियुक्ति मिलने के कारण उन्होंने अभी ज्‍वाइन नहीं किया है. दरअसल एकता ने रेलवे में आवेदन भेज आग्रह किया है कि उन्हें आगरा की जगह कानपुर में नियुक्ति दी जाए ताकि वे अपना अभ्यास जारी रख सकें.

भावी योजनाओं के बारे में एकता कहती हैं कि वे अगले साल होने वाले महिला विश्वकप में टीम का प्रतिनिधित्व कर जीत भारत के नाम करना चाहती हैं.

एकता बिष्ट के साथ बातचीत:

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आने वाली उत्तराखंड की पहली लड़की बनने पर कैसा लग रहा है?

भारतीय टीम में खेलना मेरा सपना रहा है जो इंग्लैंड दौरे के साथ पूरा हो गया. अब इस सपने को जीना है और आगे बढ़ाना है.

बचपन में कभी क्रिकेट खिलाड़ी बनने का सोचा था?

क्रिकेट खेलने का शौक बचपन से ही था. लेकिन सही मायने में क्रिकेट की शुरुआत 2001 से हुई. मैं 11वीं क्लास में थी तभी लियाकत सर से मुलाकात हुई जिन्होंने मुझे क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया.

इंग्लैंड में खेलने का अनुभव कैसा रहा?

बहुत कुछ सीखने को मिला. एक मैच में मैं मैन ऑफ द मैच भी रही.

उत्तराखंड में महिला क्रिकेटरों के लिए कितनी संभावनाएं हैं?

संभावनाएं असीम हैं, जरूरत है तो राज्‍य के क्रिकेट संघ को बीसीसीआइ से मान्यता मिलने की.

http://aajtak.intoday.in/story.php/content/view/61276/9/79/International-Womens-Cricket-honored-in-Uttarakhand.html

Devbhoomi,Uttarakhand

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एकता हमें तुम पर नाज  है,उत्तराराखंड की शान हैं,उत्तराखंड की जान हो, जय हिंद जय उत्तराखंड

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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   Ekta Bisht        India   Full name Ekta Bisht
Born February 8, 1986, Almora, Uttar Pradesh
Current age 25 years 179 days
Major teams India Blue Women, India Women, Uttar Pradesh Women
Batting style Left-hand bat
Bowling style Slow left-arm orthodox
    Batting and fielding averages   
MatInnsNORunsHSAveBFSR100504s6sCtSt
ODIs3311055.002050.00001000
T20Is21144*-1040.00000000
Bowling averages   
MatInnsBallsRunsWktsBBIBBMAveEconSR4w5w10
ODIs331688253/153/1516.402.9233.6000
T20Is2224350---8.75-000
Career statistics   
ODI debutAustralia Women v India Women at Chesterfield, Jul 2, 2011 scorecard
Last ODIIndia Women v New Zealand Women at Aston Rowant, Jul 7, 2011 scorecard
ODI statistics[/t][/t]
  - Statsguru ODI analysis - Player analysis menu/filter ODI match list --------------------------------- Batting career summary Batting innings list High scores Batting series averages --------------------------------- Bowling career summary Bowling innings list Best innings bowling Bowling series averages --------------------------------- Fielding career summary Fielding innings list Fielding series statistics   
T20I debutAustralia Women v India Women at Billericay, Jun 23, 2011 scorecard
Last T20IIndia Women v New Zealand Women at Bristol, Jun 25, 2011 scorecard

http://www.espncricinfo.com/india/content/player/442048.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Ekta Bisht plying shot.
 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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एकता की सफलता
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अल्मोड़ा की एकता बिष्ट ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में न सिर्फ अपनी जगह बनाई बल्कि इंग्लैंड के साथ हुये मैच में बेहतर प्रदर्शन कर टीम को जीत तक पहुंचाया। इसके लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब मिला। भारतीय महिला क्रिकेट के प्रति भले ही सरकारें उदासीन हों पर ल्मोड़ावासियों को अपनी इस प्रतिभावान बेटी पर गर्व है   
उत्तराखण्ड में जब भी क्रिकेट की बात होती है तो लोग
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के खिलाड़ी महेन्द्र सिंह धोनी का नाम लेते हैं। लेकिन आजकल धोनी नहीं एकता बिष्ट का नाम लोगों की जुबान पर है और हर कोई अपने प्रदेश की इस बेटी पर गर्व कर रहा है। एकता अपनी मेहनत और लगन के बूते पहाड़ के एक छोटे से शहर अल्मोड़ा से भारत की महिला क्रिकेट टीम तक पहुंचीं। हाल ही में वे अतंरराष्ट्रीय स्तर पर हुये महिला क्रिकेट मैच में उत्कूष्ट प्रदर्शन कर अपने गृह जनपद लौटी हैं।
अल्मोड़ा लौटने पर एकता का नगर में भव्य जुलूस और ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत हुआ तथा रैमजे परिसर में नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर एकता के कोच लियाकत अली का भी स्वागत किया गया और एकता की सफलता का श्रेय उन्हें दिया गया। एकता के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गये प्रदर्शन पर हर्ष जताते हुये पूर्व खिलाड़ियों ने कहा कि बिना किसी अकादमी के और सीमित संसाधनों में मध्यमवर्गीय परिवार की इस लड़की ने देश एवं प्रदेश का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर शहर के लोगों ने कहा कि उन्हें गर्व है कि एकता का संबंध अल्मोड़ा से है। एकता के लिये सभी से मिल रही ये सराहना कभी न भूूल पाने वाला सुखद अनुभव की तरह है।
चार देशों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में बाएं हाथ की इस स्पिनर गेंदबाज के उत्कूष्ठ प्रदर्शन ने भारत को जीत दिलाई और वह प्लेयर ऑफ द मैच के खिताब से नवाजी गयीं। एकता ने अंतिम मुकाबले में ८ ओवर में ४ मेडेन फेंके और १५ रन देकर तीन विकेट छटके। एकता के पिता के एस बिष्ट और मां तारा बिष्ट अपनी इस होनहार बेटी की सफलता से हैरान भी हैं और खुश भी। भाई विनीत बिष्ट को भी अपनी बहन पर गर्व है। अनेक लोग एकता को उपहार देकर सम्मानित कर रहे हैं। एकता खुद को मिल रहे इतने स्नेह और सम्मान से खुश तो हैं पर वे चाहती हैं कि लड़कियों के लिये खेल के इस क्षेत्र में और अधिक संसाधन विकसित किये जायें। वे प्रदेश में खेलों को लेकर सरकार की उदासीनता से खफा हैं। एकता कहती हैं कि खेल और खिलाड़ियों को लेकर प्रदेश सरकार अभी गंभीर नहीं है।
निम्न मध्यवर्गीय परिवार में जन्मी एकता मानती हैं कि संसाधनों के अभाव में सफलता की सीढ़ियां चढ़ना बहुत कठिन है पर असंभव नहीं। एकता वर्तमान में अपने परिवार के साथ अल्मोड़ा के खजांची मोहल्ले में रहती हैं। उनका संबंध आपदा ग्रस्त गांव देवली से भी है। बचपन से ही एकता को क्रिकेट पसंद था। वे गुड्डे गुड़िया खेलने की उम्र में ही मोहल्ले की गलियों में प्लास्टिक की गेंद से क्रिकेट खेलती थीं। पढ़ाई और कॅरियर के दबाव के बीच वे १२ साल से खेल के प्रति अपने समर्पण से कभी पीछे नहीं हटीं। कोच लियाकत अली की प्रेरणा ने आज उन्हें अंतरराष्ट्रीय आईकॉन बना दिया है।
एकता बताती हैं 'मैंने १६ साल की उम्र से क्रिकेट को पूरे
मनोयोग से खेला। २००२ में गोरखपुर स्टेट और लगातार २ सालों से सेंटर जोन और इंडिया चैलेंजर में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हूं। विश्वकप प्रतियोगिता में भी शामिल हो चुकी हूं।' अपने इंग्लैण्ड के अनुभवों के आधार पर उन्होंने बताया कि वहां की तुलना में यहां खिलाड़ियों को आधी सुविधा भी बहाल नहीं है। आज अल्मोड़ा नगर में एक अच्छा स्टेडियम तक नहीं है। छोटे से खेल के मैदान में ही सभी खिलाड़ी विभिन्न प्रकार के खेल खेलते आए हैं। जबकि अन्य देशों और कई प्रदेशों में खेल के मैदानों की भरमार है। वहां के खिलाड़ी खेल के सामान और फिटनेस को लेकर कभी कमी महसूस नहीं करते।
सुविधाओं की कमी के बावदूद एकता चाहती हैं कि वे लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलती रहें और बेहतर प्रदर्शन करें। उन्होंने बताया कि अब तक के पूरे सफर में परिवार की पे्ररणा और कोच लियाकत अली का मार्गदर्शन उनके बहुत काम आया। पर उन्हें शिकायत है कि राज्य सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिली। एकता का मानना है कि खिलाड़ियों को सुविधाएं देने में राज्य सरकार अभी बहुत पीछे है। सरकारों को इस दिशा में गंभीर होना होगा। क्रिकेट में उत्तराखण्ड की लड़कियों का भविष्य कठिन है। इसकी मिसाल आज तक इस राज्य में लड़कियों के लिए क्रिकेट एसोशिएसन तक गठित नहीं हो पाना है। क्रिकेटर महेन्द्र सिंह धोनी के उत्तराखण्ड से संबंधों और झारखण्ड के निकटता के बारे में एकता कहती हैं कि झारखण्ड ने धोनी को हमेशा आगे बढ़ाया है। इसलिये स्वाभाविक है कोई भी खिलाड़ी उसी राज्य से अपना नाता जोड़ेगा जो उसका साथ देगा।
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Himalayan Warrior /पहाड़ी योद्धा

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It is matter of great pride of whole the National. Particularly, Uttarakhand state people would be very happy the way latent talent of Uttarakhand is emerging now.

Many-2 congrulations to Ekta. Best wishes from Merapahad Community for her upcoming matches.

As far as Dhoni, he never turned up to his paternal state after being a part of National Cricket Team and winning the world cup.

Ekta hails from Almora. She born & brought up there. So i am sure she will bring many good names for nation as well as Uttarakhand.

May Nanda Devi bless you. Ekta..


adhikari harish dhoura

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कमरा कसो झंन हटिया, डटीया राया.

जय हिंद जय उत्तराखंड

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Wish You all the very best to you Ekta
चक दे इण्डिया,चक दे उत्तराखंड

 

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