Author Topic: FREEDOM FIGHTER OF UTTARAKHAND - उत्तराखंड के स्वतंत्रता सेनानी  (Read 74610 times)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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हरक सिह उर्फ़ इन्द्र सिह

निवासी जिन्खोला, डाकघर बैजनाथ, पट्टी तल्ला कतियूर! १९४१ के स्वतंत्रता संग्राम मे भाग लेने के लिए ६ माह की सख्त कैद ! पच्चास रूपये अर्थ दंड की भी सजा हुयी ! १९३२ मे सविनय अवज्ञा आन्दोलन मे भाग लेने पर छः  माह कैद और १०० अर्थ दंड मिला! इस ने देने पर डेड साल की सख्त सजा काटी ! व्यक्तिगत सत्याग्रह मे ८ मार्च १९४१ को फिर से ६ माह की सजा और ५० रुपये का अर्थ दंड ना देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा हुयी ! १० सितम्बर १९४१ को जेल से रिहा हुए !

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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लाल सिह बिष्ट

लाल सिह बिष्ट :  निस्वासी ग्राम, अमतोडा, डाकघर - बैजनाथ ! तल्ला कतियूर ! पिता का नाम, राम सिह बिष्ट! १९४१ के व्यतिगत आन्दोलन मे अदालत उठने तक की सजा !

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राम लाल साह 
पिता का नाम :  इश्वरी लाल साह 
निवासी पट्टी तल्ला कतियूर ! 

१९४१ के व्यक्तिगत सत्याग्रह आन्दोलन मे भाग लेने के आरोप मे एक साल की कठोर सजा और ७५ रूपये का जुर्माना ने देने पर तीन माह की अतिरिक्त कठोर सजा सुनाई गयी !

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राम दत्त
पिता का नाम : टीका राम
निवासी - चामी
डाकघर - बागेश्वर

१९४१ के व्यक्तिगत सत्याग्रह आन्दोलन मे भाग लेने के आरोप मे एक साल की कठोर सजा और ४० रूपये की अर्थ दंड ना देने पर तीन माह की और कठोर सजा ! 

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राम दत्त (II)
पिता का नाम : टीका राम
निवासी -  धागन
डाकघर - रावयीखाल पट्टी 

स्वंत्रता संग्राम के मुख्य सिपाही ! 1930 के सविनय अवज्ञा आन्दोलन मे भाग लेने की के आरोप मे एक साल की कठोर सजा सुनाई गयी !  १० मार्च १९३१ को ये जेल से रिहा हुए !

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मोहन सिह : निस्वासी, ग्राम खोली, तल्ला कतियूर ! पिता का नाम चतुर सिह !

१९४१ के व्यक्तिगत सत्याग्रह आन्दोलन मे भाग लेने के आरोप मे इन्हे अदालत उठने तक की सजा और ५० रूपये का अर्थ दंड दिया गया ! इसे ना देने पर ४ माह की कठोर कारावास की सजा भी सुनायी गयी ! ६ जून  १९४१ को जेल से रिहा हुए !

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मोहन लाल साह :
निवासी - तल्ला कतियूर
पिता का नाम : नन्द लाल साह 

१९४१ के व्यक्तिगत सत्याग्रह आन्दोलन मे भाग लेने के आरोप मे इन्हे ८ मई १९४१ को पाच माह की कठोर कारावास की सजा सुनायी गयी ! २० रूपये अर्थ दंड न देने पर एक माह की सजा सुनायी गयी  ! २२ September  १९४१ को जेल से रिहा हुए !   

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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मदन सिह  :
निवासी - धागन
डाकघर - बैजनाथ
पिता का नाम : महेंद्र सिह

१९४१ के व्यक्तिगत सत्याग्रह आन्दोलन मे भाग लेने के आरोप मे इन्हे ९ माह  की कठोर कारावास की सजा सुनायी गयी और 3० रूपये अर्थ दंड न देने पर एक माह की सजा सुनायी गयी!  अर्थ दंड न देने पर दो माह की सजा और हुयी !

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भैरव दत्त
पिता का नाम : बच्ची राम राम
निवासी : दादिमखोला
डाकघर - रवायीखाल, तल्ला कतियूर

1941 के व्यक्तिगत सत्याग्रह आन्दोलन मे भाग लेने के आरोप मे इन्हे  एक साल की कठोर कारावास की सजा सुनायी गयी और 25 रूपये अर्थ दंड न देने पर एक माह की सजा सुनायी गयी!  अर्थ दंड न देने पर दो माह की सजा और हुयी !

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SRIDEV SUMAN

Sridev Suman was the best known of a group of freedom fighters to operate in Tehri State. Born in 1916, Suman was largely self-taught. He became a key organizer and agitator for civil rights in Tehri while serving as an editor and writer for several underground presses. He was instrumental in the formation of several organizations, from the Himalaya Seva Sangh, to the Himalayan States People's Federation and Garhdesh Seva Sangh.

In 1942 at the height of tax protests, Suman and many other activists were jailed. Late in 1943, he was tried for treason and jailed again. The ghastly conditions of Tehri's infamous prisons led him to lead a fast unto death in protest. After 84 days, he died a martyr's death, inspiring a generation of activists to take up the banner of liberation that eventually toppled the princely state.



http://uttarakhand.prayaga.org/heroes.html

 

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