Author Topic: पूर्णागिरी मंदिर उत्तराखंड ,Purnagiri Temple Uttarakhand  (Read 138366 times)

हेम पन्त

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पूर्णागिरी जाने वाले पैदल रास्ते पर कई छोटे-बड़े मन्दिर स्थित हैं. कुछ झलकियां-




हेम पन्त

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पूर्णागिरी, टनकपुर के पास ही नेपाल का बार्डर है. सीमापार बरमदेव व्यापार मण्डी में एक प्रसिद्ध मन्दिर है. उसी मन्दिर की एक फोटो
 

Meena Rawat

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Jai Ma Purnagiri ki......

main yaha kabi gayi nahi hu but apne yaha pe kafi achi pictures dikhayi hai.....
Thanx :)

Devbhoomi,Uttarakhand

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काबीना मंत्री ने किया पूर्णागिरि मेले का शुभारंभ
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टनकपुर: देश के सुविख्यात मां पूर्णागिरि मेले का शुभारंभ सोमवार से विधिवत हो गया है। मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि पेयजल एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने फीता काटकर किया। मेले के पहले दिन 16 हजार से अधिक श्रद्घालुओं ने मां पूर्णागिरि का दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

इस बार सरकारी तौर पर मेले की अवधि दो माह तक निर्धारित की गई है। सोमवार को अपराह्न 12 बजे पुजारी भुवन चन्द्र पांडे ने मंत्रोच्चारण के बीच ठूलीगाड स्थित जिला पंचायत मेला कैंप के पास मेले का उद्घाटन पेयजल व संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने फीता काट विधिवत रूप से किया। मंत्री ने कहा कि मेले में तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के लिए धन की कमी आडे़ नहीं आयेगी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की कार्रवाई चल रही। मंदिर के स्वरूप के तहत जहां, पूजारियों के हितों का पूरा ध्यान दिया जायेगा, वहीं तीर्थयात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेगी। उन्होंने कहा कि एडीबी के तहत प्रदेश में तीन सौ करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने के लिए ईस्टन, वेस्टन व कार्बेट जोन बनाये जायेंगे। उन्होंने मेले में आने वाले तीर्थयात्रियों की आस्था को चोट न पहुंचाने का आह्वान किया।

जिलाधिकारी डां. पंकज कुमार पांडे ने कहा कि मेले में आने वाले तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं दी जायेंगी। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमा पांडे ने कहा कि जिला पंचायत द्वारा श्रद्घालुओं के लिए चिकित्सा, बिजली पेयजल, सफाई, ध्वनि इंटरकाम समेत तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं। दावा किया कि जिला पंचायत तीर्थयात्रियों को पिछले वर्ष से अधिक सुविधाएं मुहैया कराएगी। दर्जा राज्यमंत्री शिवराज सिंह कठायत ने कहा कि देश के सुविख्यात मां पूर्णागिरि धाम में आने वाले श्रद्घालुओं के लिए जिला पंचायत द्वारा सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। उद्घाटन मौके पर एसपी पीएस सैलाल, सीडीओ टीएस बृजलाल, सीएमओ डा.एचएस पांगती, मेला मजिस्ट्रेट जेसी कांडपाल, उपजिलाधिकारी शिवचरण द्विवेदी, तहसीलदार वीएन शुक्ल, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार,सीओ रेनू लोहनी, कोतवाल डीसी तिवारी, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन मिश्रा, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पीसी करगेती, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष हेमा जोशी, एडवोकेट शंकर दत्त पांडे, गोविंद फुलारा, बिशन सिंह महर, सुरेश सिंह महर, शिवराज चंद, संजय जोशी, नारायण सिंह महर, नवीन पंत आदि मौजूद थे।

source dainik jagran

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मां पूर्णागिरि धाम में उमडे श्रद्घालु

   

 देश के सुविख्यात मां पूर्णागिरि धाम में इन दिनों भारी संख्या में श्रद्घालु दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। सोमवार (आज) से नव संवतसर शुरू होने के साथ ही पहली नवरात्र को मां पूर्णागिरि धाम में हजारों की संख्या में तीर्थयात्रियों के पहुंचने का अनुमान है। इधर, नेपाल के ब्रहमदेव मंडी स्थित सिद्घनाथ मंदिर में भी काफी संख्या में श्रद्घालु पूजा अर्चना को पहुंच रहे हैं।



मां पूर्णागिरि धाम में इन दिनों भारी संख्या में श्रद्घालु दर्शन को पहुंच रहे हैं। पहली नवरात्र को मां पूर्णागिरि धाम में हजारों श्रद्घालुओं के पहुंचने का अनुमान है। रविवार को भी काफी संख्या में तीर्थयात्रियों ने मां के धाम में पूजा अर्चना कर मन्नतें मांगी। उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों व पडोसी देश नेपाल से श्रद्घालु मां के धाम पहुंच रहे हैं। तीर्थयात्री मां के जयकारों के साथ साइकिलों में टोलियों के साथ भी पहुंच रहे हैं।


 रेलवे विभाग ने भी तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए मेला स्पेशल ट्रेनें संचालित की हैं। शारदा घाट में भी काफी संख्या में तीर्थयात्री स्नान को पहुंच रहे हैं। इधर, पड़ोसी देश नेपाल के महेन्द्रनगर व ब्रह्मदेव मंडी स्थित सिद्घनाथ मंदिर में श्रद्घालु पूजा अर्चना कर रहे हैं। श्रद्घालुओं की भीडभाड़ से टनकपुर व नेपाल के बाजारों में अच्छी खासी रौनक बनी हुई है।



source dainik jagran

   

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देवभूमि उत्तराखंड,चारों ओर बिखरा प्राकृतिक सौंदर्य ऊंची चोटी पर अनादि काल से स्थित माता पूर्णागिरि का मंदिर व वहां के रमणीक दृश्य तो स्वर्ग की मधुर कल्पना को ही साकार कर देते हैं। नीले आकाश को छूती शिवालिक पर्वत मालाएं, धरती में धंसी गहरी घाटियां, शारदा घाटी में मां के चरणों का प्रक्षालन करती कल-कल निनाद करती पतित पावनी सरयू, मंद गति से बहता समीर, धवल आसमान, वृक्षों की लंबी कतारें, पक्षियों का कलरव- सभी कुछ अपनी ओर आकर्षित किए बिना नहीं रहते।


चैत्र व शारदीय नवरात्र प्रारंभ होते ही लंबे-लंबे बांसों पर लगी लाल पताकाएं हाथों में लिए सजे-धजे देवी के डोले व चिमटा, खडताल मजीरा, ढोलक बजाते लोगों की भीड से भरी मिनी रथ-यात्राएं देखते ही बनती हैं। वैसे श्रद्धालुओं का तो वर्ष भर आवागमन लगा ही रहता है।

यहां तक कि नए साल, नए संकल्पों का स्वागत करने भी युवाओं की भीड हजारों की संख्या में मंदिर में पहुंच साल की आखिरी रात गा-बजा कर नए वर्ष में इष्ट मित्रों व परिजनों के सुख, स्वास्थ व सफलता की कामना करती हैं। मंदिर में दर्शन के बाद निकट ही नेपाल में स्थित ब्रह्मदेव बाजार में उपलब्ध दैनिक उपयोग की विदेशी वस्तुएं खरीदने के लोभ से भी लोग बच नहीं पाते। जूता, जींस, छाता, कपडा व इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं वहां आसानी से मिल जाती है।
प्रचुरता पर्यटन-स्थलों की पर्यटन में दृष्टिकोण से टनकपुर व पूर्णागिरि का संपूर्ण क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 प्राचीन ब्रह्मदेव मंडी, परशुराम घाट, ब्रह्मकुंड, सिद्धनाथ समाधि, बनखंडी महादेव, ब्यान, धुरा, श्यामलाताल, भारामल, भुमियागाड, खिलपत्ति, शारदा व्यू आदि अनेक प्राचीन ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। मंदिर आने वालों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए इस तीर्थ के कायाकल्प का प्रयास किया जा रहा है।

ककराली-भैरोमंदिर हाट मिक्स रोड, स्नान-घाट, सुलभ शौचालय, रैन-बसेरा आदि पर कार्य जारी है। ठूलीगाड से देवी दरबार तक रोप वे ट्राली लगाने की भी स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। कैसे पहुंचें: उत्तराखंड के चम्पावत जिले में टनकपुर से 20 किलोमीटर दूर है पूर्णागिरि मंदिर।

 टनकपुर राज्य के उन गिर-चुने स्थानों में से एक है जहां के लिए बरेली से सीधी ट्रेन सेवा है। कुमाऊं के बाकी शहरों से टनकपुर सडक मार्ग से जुडा है। दिल्ली, नैनीताल, हल्द्वानी व बरेली से सीधी बसें हैं। हवाई मार्ग से जाने वालों के लिए 131 किमी दूर पंत नगर सबसे निकट का हवाई अड्डा है।

 

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