Author Topic: पूर्णागिरी मंदिर उत्तराखंड ,Purnagiri Temple Uttarakhand  (Read 138438 times)

Raje Singh Karakoti

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देवभूमि उत्तराखंड,चारों ओर बिखरा प्राकृतिक सौंदर्य ऊंची चोटी पर अनादि काल से स्थित माता पूर्णागिरि का मंदिर व वहां के रमणीक दृश्य तो स्वर्ग की मधुर कल्पना को ही साकार कर देते हैं। नीले आकाश को छूती शिवालिक पर्वत मालाएं, धरती में धंसी गहरी घाटियां, शारदा घाटी में मां के चरणों का प्रक्षालन करती कल-कल निनाद करती पतित पावनी सरयू, मंद गति से बहता समीर, धवल आसमान, वृक्षों की लंबी कतारें, पक्षियों का कलरव- सभी कुछ अपनी ओर आकर्षित किए बिना नहीं रहते।


चैत्र व शारदीय नवरात्र प्रारंभ होते ही लंबे-लंबे बांसों पर लगी लाल पताकाएं हाथों में लिए सजे-धजे देवी के डोले व चिमटा, खडताल मजीरा, ढोलक बजाते लोगों की भीड से भरी मिनी रथ-यात्राएं देखते ही बनती हैं। वैसे श्रद्धालुओं का तो वर्ष भर आवागमन लगा ही रहता है।

यहां तक कि नए साल, नए संकल्पों का स्वागत करने भी युवाओं की भीड हजारों की संख्या में मंदिर में पहुंच साल की आखिरी रात गा-बजा कर नए वर्ष में इष्ट मित्रों व परिजनों के सुख, स्वास्थ व सफलता की कामना करती हैं। मंदिर में दर्शन के बाद निकट ही नेपाल में स्थित ब्रह्मदेव बाजार में उपलब्ध दैनिक उपयोग की विदेशी वस्तुएं खरीदने के लोभ से भी लोग बच नहीं पाते। जूता, जींस, छाता, कपडा व इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं वहां आसानी से मिल जाती है।
प्रचुरता पर्यटन-स्थलों की पर्यटन में दृष्टिकोण से टनकपुर व पूर्णागिरि का संपूर्ण क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 प्राचीन ब्रह्मदेव मंडी, परशुराम घाट, ब्रह्मकुंड, सिद्धनाथ समाधि, बनखंडी महादेव, ब्यान, धुरा, श्यामलाताल, भारामल, भुमियागाड, खिलपत्ति, शारदा व्यू आदि अनेक प्राचीन ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। मंदिर आने वालों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए इस तीर्थ के कायाकल्प का प्रयास किया जा रहा है।

ककराली-भैरोमंदिर हाट मिक्स रोड, स्नान-घाट, सुलभ शौचालय, रैन-बसेरा आदि पर कार्य जारी है। ठूलीगाड से देवी दरबार तक रोप वे ट्राली लगाने की भी स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। कैसे पहुंचें: उत्तराखंड के चम्पावत जिले में टनकपुर से 20 किलोमीटर दूर है पूर्णागिरि मंदिर।

 टनकपुर राज्य के उन गिर-चुने स्थानों में से एक है जहां के लिए बरेली से सीधी ट्रेन सेवा है। कुमाऊं के बाकी शहरों से टनकपुर सडक मार्ग से जुडा है। दिल्ली, नैनीताल, हल्द्वानी व बरेली से सीधी बसें हैं। हवाई मार्ग से जाने वालों के लिए 131 किमी दूर पंत नगर सबसे निकट का हवाई अड्डा है।

 

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