Author Topic: Some Scheme/ Initiative Taken by Uttarakhand Govt- सरकार की पहल  (Read 19077 times)

Devbhoomi,Uttarakhand

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टिहरी बांध से छठे दिन भी ठप रहा उत्पादन
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नई टिहरी: कोटेश्वर बांध परियोजना की टनल ब्लॉक होने से बुधवार को छठे दिन भी टिहरी बांध परियोजना से विद्युत उत्पादन ठप रहा। उत्पादन न होने से जहां देश के विभिन्न राज्यों में बिजली की समस्या पैदा हो गई है, वहीं टीएचडीसी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

विदित हो कि एक सप्ताह पूर्व पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण 400 मेगावाट की कोटेश्वर परियोजना की टनल बंद हो गई। टनल बंद होने से यहां पर झील बनने शुरू हो गई थी। इसके चलते टिहरी बांध की झील के पानी को रोक दिया गया। पानी रोके जाने से विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है। आपूर्ति को बहाल करने में अभी समय लग सकता है। इधर टनल से मलबा हटाने का कार्य चल रहा है। आपूर्ति ठप होने से देश के नौ राज्यों को बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है।

Dainik jagran news

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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 गरीबों के लिए अटल खाद्यान्न योजना शुरू         देहरादून, जागरण ब्यूरो: मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने शुक्रवार को समारोहपूर्वक अटल खाद्यान्न योजना का शुभारंभ किया। श्री गडकरी ने आम जनता को योजना का लाभ मिलने को क्रियान्वयन में पारदर्शिता और इसके लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली को छत्तीसगढ़ की तर्ज पर दुरुस्त करने की नसीहत दी।
प्रदेश सरकार ने गांधी पार्क में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य तिथि पर बीपीएल और एपीएल दोनों श्रेणी के गरीबों को सस्ता खाद्यान्न मुहैया कराने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना प्रारंभ की। इस मौके पर श्री गडकरी ने अटल खाद्यान्न योजना में बीपीएल परिवारों को दो रुपये किलो गेहूं व तीन रुपये किलो चावल, जबकि एपीएल परिवारों को चार रुपये किलो गेहूं और छह रुपये किलो चावल देने के फैसले को सराहा। उन्होंने कहा कि आपदा से पीड़ित प्रदेशवासियों को विशेषकर पर्वतीय और दूरदराज के लोगों को इससे राहत मिलेगी। योजना को लीकप्रूफ बनाने और कालाबाजारी रोकने को डीलर का कमीशन बढ़ाने का सुझाव उन्होंने दिया। उन्होंने राज्य से भेदभाव पर केंद्र सरकार और योजना के विरोध में टिप्पणी करने वाले कांग्रेस नेताओं को भी आड़े हाथों लिया।
मुख्यमंत्री डा रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि योजना लागू होने से प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा। सरकार ने अंत्योदय के सपने को साकार किया है। सरकारी मेडिकल कालेजों की तर्ज पर सरकारी इंजीनियरिंग कालेजों में प्रतिभाशाली निर्धन छात्रों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। पार्टी प्रदेश प्रभारी थावरचंद गहलौत ने कहा कि सरकार ने गरीब एपीएल परिवारों को राहत देकर अच्छा कदम उठाया। पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूड़ी ने कहा कि यह योजना पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों के अनुरूप है। पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता एनडी तिवारी ने विश्वास जताया कि राज्य और केंद्र के बेहतर तालमेल से योजना कारगर ढंग से संचालित होगी। समारोह में खाद्य मंत्री दिवाकर भट्ट, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल, मुख्य सचिव सुभाष कुमार, खाद्य सचिव दिलबाग सिंह भी मौजूद थे।
 
(Dainik Jagran)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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बद्रीनाथ मंदिर के पास बसेगा एक नया शहर


देहरादून।। उत्तराखंड सरकार चमोली जिले में बद्रीनाथ मंदिर के आस-पास के इलाकों को सुंदर बनाने की विशेष योजना के तहत इसके पास एक नया शहर बसाएगी।

 बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर के 50 किलोमीटर के दायरे में पड़ने वाले इलाके को खाली कराने की योजना है। इस इलाके में बंगले बने हुए हैं।

 उन्होंने बताया कि इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। इस समिति का गठन पूर्व सांसद मनोहर कांत ध्यानी के नेतृत्व में किया गया है।

 गौरतलब है कि करीब पांच लाख श्रद्धालु हर साल यहां आते हैं। http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/7486928.cms
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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Nishank lays foundation stone of Uttarakhand Centre in Mumbai
« Reply #23 on: February 15, 2011, 07:54:01 AM »
Nishank lays foundation stone of Uttarakhand Centre in Mumbai  Dehradun, Feb14 : Uttarakhand Chief Minister Ramesh Pokhriyal 'Nishank' laid foundation stone of Rs 15 crore Uttarakhand Emporium and Guest House at Vasi, in Mumbai.
   
 
   
The five-storeys building at the expanse of almost 4000 square feet would be constructed by Uttarakhand Infrastructure Development Corporation, Chief General Manager, of the Corporation Col H P Thapaliyal said.

The building would have basement, parking facility of 100 cars, a restaurant of 100 people capacity at ground floor, an emporium of 200 people capacity and a multi purpose hall of 500 people capacity.

Lodging facility of 60 people including gym and recreation room will also be available at first floor. Offices of GMVN and KMVN will be at second floor , VIP room and Resident Commissioner’s office at third floor and VVIP block for Governor and Chief Minister will be at fourth floor, he said.

Speaking on the occasion, the CM said that with laying the foundation stone of building a long-standing dream of having a centre of Uttarakhand at the economic capital of India had been realised.

Setting up of the Emporium at Mumbai would attract more tourists and thus it would boost tourism of Uttarakhand, he said.

It would also be instrumental in attracting capital investment in the state, he added.

Under vision 2020, state government is making all out efforts for making Uttarakhand as an ideal state of the country, Dr Nishank said adding that planned development of industry and tourism was being made to achieve the goal. Eco-tourism, adventure tourism, Ayush tourism, Yoga-Dhyan tourism was being strengthened in the state, he added.
 
http://www.newkerala.com/news/world/fullnews-147570.html

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अब पांचवीं पास भी कर सकेंगे आइटीआइ
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कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए खुशखबरी है। जो लोग टेक्नीकल काम कर रहे हैं, लेकिन आइटीआइ के अभाव में अच्छी नौकरी पाने से चुक जाते हैं, उन्हें अब आइटीआइ करने का मौका मिलेगा। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय उत्तराखंड ने आदेश जारी कर दिए हैं।

विदित हो कि मार्च 2009 में कक्षा पांच से आठवीं तक के अभ्यर्थियों को पहली बार भारत सरकार द्वारा एमईएस पाठयक्रम के अंतर्गत रोजगार परक पार्ट टाइम प्रशिक्षण आरंभ किया था। इसमें अनुभवी अभ्यर्थी भी आइटीआइ में कम से कम 120 घंटे प्रशिक्षण हासिल कर विभिन्न ट्रेडों में प्रमाण पत्र हासिल कर पाए। इससे उद्योगों में उक्त अनुभवी लोगों के लिए रोजगार के द्वार खुल सके थे।

इधर, सूत्रों ने बताया कि इस योजना में प्रमाण पत्र प्रदान करने को लेकर देश कुछ क्षेत्रों में विसंगति आने पर योजना को 11 मई 2010 में स्थगित कर दिया गया था। इससे कम पढ़े लिखे होने के बावजूद अनुभव के आधार पर कार्य कर रहे अभ्यर्थियों को बेहतर अवसर से वंचित होना पड़ा। इधर, औद्योगिक नगर काशीपुर में भी अकेले 1200 ने पार्ट टाइम प्रशिक्षण से प्रमाण पत्र हासिल किया। खासी तादात में उनको उद्योगों में रोजगार मिला।

इधर, आइटीआइ प्रधानाचार्य जसवंत सिंह जलाल ने बताया कि प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय से पत्र मिल गया है। इसमें काशीपुर युवक आइटीआइ में आटो, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक्स, फेब्रिकेशन, प्रोडक्शन एंड मैनुफेक्चरिंग, आरएसी, इन्फार्मेशन एंड कम्यूनिकेशन, महिला आईटीआई में गार्मेटस, जसपुर में इन्फार्मेशन एंड कम्यूनिकेशन व सितारगंज में भी प्रशिक्षण मार्च प्रथम सप्ताह से आरंभ हो रहा है। वर्तमान में सितारगंज, पंतनगर, काशीपुर, महुआखेड़ागंज आदि में तेजी से औद्योगिक विकास हुआ है। उद्योगों में एमईएस के तहत पार्ट टाइम 120 से 450 घंटे तक प्रशिक्षण पर प्रदान प्रमाण पत्र से रोजगार का अवसर मिल सकेगा।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7357069.html

Devbhoomi,Uttarakhand

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पटवारियों, कर्मियों और किसानों पर बरसी मेहर
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कैबिनेट ने शुक्रवार को पटवारियों, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और किसानों के साथ ही स्थानीय निकायों पर मेहर बरसाई। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 1800 ग्रेड पे, राजस्व पुलिस के रूप में कार्यरत पटवारियों के पदनाम और वेतनमान में परिवर्तन पर मुहर लगाई गई। किसानों से भू-राजस्व लगान घटाकर 12.5 एकड़ तक बतौर टोकन मनी एक रुपया किया गया है। निजी विश्वविद्यालय नीति तय करते हुए अब इन संस्थानों में दाखिले में 25 फीसदी सीटें स्थानीय छात्रों के लिए आरक्षित की गई हैं। अब प्रवेश कर से वसूल की गई राशि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यो में खर्च की जाएगी। मेडिकल फैकल्टी के लिए सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष की गई।

सचिवालय में शुक्रवार देर शाम तक चली मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए लेकिन विधानसभा सत्र आहूत कर दिए जाने के कारण इनकी आधिकारिक ब्रीफिंग नहीं की गई। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट ने न्यायिक सेवा में अफसरों की कमी दूर करने को इंटरव्यू की पात्रता के लिए लिखित परीक्षा के कट ऑफ मा‌र्क्स में छूट देने का निर्णय किया। कैबिनेट ने उत्तराखंड न्यायिक सेवा नियमावली में संशोधन को हरी झंडी दिखाई। अब पीसीएस-जे की लिखित परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए 60 फीसदी के बजाए 50 फीसदी और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी के लिए कट ऑफ मा‌र्क्स 50 फीसदी के बजाए 40 फीसदी तय किए गए हैं। इसके आधार पर इंटरव्यू के लिए अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। सरकार के इस फैसले से सबसे ज्यादा फायदा ओबीसी को होगा। ओबीसी को पहले सामान्य वर्ग की तर्ज पर ही 60 फीसदी कट ऑफ मा‌र्क्स के आधार पर इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता था। पात्र अभ्यर्थी नहीं मिलने से काफी तादाद में पद खाली चल रहे हैं। ओबीसी अभ्यर्थियों को तकरीबन 20 फीसदी अंकों की छूट रहेगी।

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ग्रेड पे 1800 देने को कैबिनेट ने भी मुहर लगा दी। कैबिनेट ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ शासन के बीते माह हुए समझौते पर सहमति जता दी। लंबे अरसे हड़ताल कर रहे पटवारियों का पदनाम परिवर्तित किया गया है। कानूनगो अब राजस्व निरीक्षक, पटवारी राजस्व उप निरीक्षक, चपरासी राजस्व सेवक कहलाएंगे। उन्हें नए वेतनमान देने और राजस्व सेवक को एक हजार रुपया भत्ता देने को कैबिनेट में मंजूरी मिल गई। प्रदेश की निजी विश्वविद्यालय नीति तय की गई है। अब प्रदेश में नए विवि को स्थानीय युवाओं को दाखिले में 25 फीसदी आरक्षण देना होगा। साथ ही आरक्षण नियम निजी विवि को पूरे करने होंगे। प्रवेश कर के रूप में मिलने वाली राशि अब स्थानीय स्तर पर विकास कार्यो में खर्च की जा सकेगी। इसके प्रवेश कर अधिनियम में संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दी। सूत्रों के मुताबिक मेडिकल फैकल्टी की कमी देखते हुए सरकार ने उनकी सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष की है।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7372609.html

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Atal Khadayann Yojana launched for food security
« Reply #26 on: March 01, 2011, 02:05:46 AM »
Atal Khadayann Yojana launched for food security
Uttarakhand initiative


By Ravindra Saini
Under this scheme, the members of BPL families will be able to procure wheat and rice at the rate of Rs 2 and Rs 3 per kg respectively, while the APL families will get wheat and rice at the rate of Rs 4 and Rs 6 per kg respectively.
IN order to provide food to all the BJP government in Uttarakhand launched the Atal Khadayann Yojana. At the time when the rising expenses have made it difficult for people to procure essential commodities, this Yojna ensures foodgrains to both BPL and APL families at cheaper price. BJP national president Shri Nitin Gadkari and Chief Minister Dr Ramesh Pokhariyal ‘Nishank’ formally launched the scheme in Dehradun on February 11.

Under this scheme, the members of BPL families will be able to procure wheat and rice at the rate of Rs 2 and Rs3 respectively, while the APL families will get wheat and rice at the rate of Rs.4 and Rs.6 per kg respectively. An action plan has been drafted and the responsibility of officials has been affixed in order to ensure the successful execution of this scheme.

As per the provisions of the action plan; Food Corporation of India will facilitate the supply of the monthly foodgrains consignment to the divisional food controller one month in advance. The divisional food controller and district supply officers will procure the foodgrain stock from the FCI and would ensure its transportation to the base godown and other stores by the 20th day of the same month.

The three-member committee formed by the District Magistrates will conduct the verification of the foodgrain stock in the godowns by the 23rd day of the month. The owners of fair price shops will procure the foodgrains from the godowns and bring it to their shops by the last day of the month. According to Food and Civil Supply Secretary Dilbagh Singh all the District Magistrates, District Supply Officers, RFC Garhwal and Kumaon managing directors and FCI have been issued necessary instructions to ensure successful execution of the scheme.

Launching the scheme Shri Nitin Gadkari said politics is an instrument for social reform and one can use it to serve the people including the downtrodden. He said the scheme would benefit around 30 lakh people in the State and has a potential to emerge as a model scheme for other states. "If you are in politics, your aim should not be to just become an MLA, a Minister or a Chief Minister. Instead, you should aim at eradicating poverty and providing each and every person with food, clothing and shelter," he said. Referring to rotting of foodgrains worth Rs.58,000 crore due to lack of storage space, Shri Gadkari said it only showed the extent of misrule by the UPA Government. He said he is proud to launch the scheme on the occasion of the death anniversary of Pandit Deendayal Upadhyaya.

Citing the progress witnessed by Uttarakhand since its inception with its GDP shooting from 2.1 to 9.41 per cent and per capita income growing from Rs 14,000 to Rs 42,000, Shri Gadkari expressed hope that the Government would ensure leak-proof execution of the scheme so that the citizens can reap its benefits. He cited the example of Chhattisgarh, where the Public Distribution System (PDS) has won the appreciation of Prime Minister. He asked the State food and supply department to follow the Chhattisgarh model while implementing the scheme. "To make the scheme successful if you need to increase the commissions of PDS dealers then you increase their commission," he said.

Dr Ramesh Pokhariyal ‘Nishank’ said his Government was committed to ensure that every citizen gets a square meal. "Under the newly launched scheme, a BPL cardholder will be entitled to get 25 kg of rice at Rs 3 per kg and 10 kg of wheat at Rs 2 per kg. Those who have been hit by natural disasters have been unable to cope with the current price rise would be benefited by this scheme," he said.

Former Chief Minister Major General (retd) Shri BC Khanduri said the programme of providing ration at cheaper price began during the regime of NDA headed by Shri Atal Behari Vajpayee. Food and Civil Supply Minister Shri Diwakar Bhatt said the Government is dedicated to implementing this scheme on the ground level. To ensure leak-proof distribution, it has made preparations at the district level.

There are over 9,000 ration dealers across the State running subsidised foodgrain shops. There are about six-lakh BPL families in the State, which will get the benefit of the scheme.

During its about four years rule in the State the BJP government has taken many welfare initiatives. A Pahal Yojana has been launched to ensure basic education to economical deprived children. Similarly, Devbhoomi Muskan Yojana is meant for the children of weaker sections and a new Sapno Ki Udaan Yojana, under which children are being provided education through mobile vans, has been launched. Nandadevi Kanya Yojana, under which an amount of Rs 5,000 is deposited by the government for the BPL families at the time of the birth of girls, and Gauradevi Kanyadhan Yojana, under which an FD of Rs. 25,000 is ensured by the government for Intermediate passed girls of the BPL families, are the schemes launched by the government for the welfare of the people.
 
http://www.organiser.org/dynamic/modules.php?name=Content&pa=showpage&pid=387&page=36

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Uttarakhand CM announces two-year leave for women
« Reply #27 on: March 09, 2011, 12:11:23 AM »
Uttarakhand CM announces two-year leave for women
Dehradun, Mar 8 (PTI) Coinciding with the International Women''s Day, Uttarakhand government today announced a two-year child care leave for state government women employees.
 While delivering a speech after completing four years in office, Chief Minister Ramesh Pokhriyal Nishank said, "We have decided to give two-years child care leave to women employees of state government so that they could raise their children without any difficulty."
 The government has also planned to open a women varsity in the state, he said.
 Appreciating the Emergency Management and Research Institute ambulance service, Nishank said, nearly 82,000 women were provided timely medical care and a total of 2,167 children were given birth in moving ambulances.
 Nishank also gave away cheques worth Rs 25,000 each to two widows of armymen.
 Referring to the recently-launched Atal Khadyanna Yojna, Nishank said apart from BPL families 10 kg of wheat and 10 kg of rice at the rate of Rs 4 per kg and Rs 6 per kg respectively will be given to APL families also.
 He said the government is committed to provide succour to the people of the state reeling under the soaring price rise despite the inadequate supply of foodgrains from the Centre.
PTI DPT DSJ

http://news.in.msn.com/national/article.aspx?cp-documentid=5007091

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उत्तराखंड में महिलाओं को चाइल्ड केयर लीव
 
पीटीआई ॥ देहरादून : उत्तराखंड सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर राज्य की महिला कर्मचारियों को तोहफा दिया है। सरकार ने उन्हें दो साल की चाइल्ड केयर लीव प्रदान की है। राज्य की सत्ता में चार साल पूरे कर चुके मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को कहा कि हमने प्रदेश की महिला कर्मचारियों को दो साल की चाइल्ड केयर लीव देने का फैसला किया है, ताकि वे बगैर किसी दिक्कत के अपने बच्चों का पालन-पोषण कर सकें।
 
http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/7655857.cms

Anil Arya / अनिल आर्य

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Mahipal Da is khabar ko Mission 2012 mai jagah dete to bada maja ata
उत्तराखंड में महिलाओं को चाइल्ड केयर लीव
 
पीटीआई ॥ देहरादून : उत्तराखंड सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर राज्य की महिला कर्मचारियों को तोहफा दिया है। सरकार ने उन्हें दो साल की चाइल्ड केयर लीव प्रदान की है। राज्य की सत्ता में चार साल पूरे कर चुके मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को कहा कि हमने प्रदेश की महिला कर्मचारियों को दो साल की चाइल्ड केयर लीव देने का फैसला किया है, ताकि वे बगैर किसी दिक्कत के अपने बच्चों का पालन-पोषण कर सकें।
 
http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/7655857.cms

 

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