Author Topic: Some Scheme/ Initiative Taken by Uttarakhand Govt- सरकार की पहल  (Read 19082 times)

सत्यदेव सिंह नेगी

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Re: Monthly pension to labourers in Uttarakhand
« Reply #40 on: June 01, 2011, 01:44:42 AM »
Rs.150 per month pension
What a Joke

Please Stop Insulting Poor
Monthly pension to labourers in UttarakhandPTI | 07:05 PM,May 31,2011 Dehra Dun, May 31 (PTI) The Uttarakhand government will give a monthly pension of Rs 150 to labourers who are over 60 years, official sources said today. The scheme was finalised at a meeting here yesterday by Labour Ministe Prakash Pant, they said. Labourers, who become disabled to earn livelihood due to some accident or ailment, will also be given a monthly pension of Rs 150 with a compensation of Rs 5000. If a labourer dies due to some accident on work, his family members will be given Rs 50,000, the sources said. Under the scheme, in case of death due to natural reasons, the family will be given Rs 15,000, they said. Besides, the labourers will be given an assistance of Rs 1000 for treatment of ailment and Rs 5000 for treatment of disability.
 
http://ibnlive.in.com/generalnewsfeed/news/monthly-pension-to-labourers-in-uttarakhand/707830.html

हलिया

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20 किलो अनाज गरीबी रेखा से ऊपर वालों के लिये
150 रु. पेंसन 60 साल से ऊपर के मजदूरों को

क्या ठैरा हो ये?  चुनाव आरहे हैं करके?  अरे स्कीम लाओ तो कुछ ढंग की, क्या बिल्कुल ही मूर्ख समझ रखा है हम गरीबों को?

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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  उत्तराखंड में पहला महिला विश्वविद्यालय
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महिला विश्वविद्यालय (फाइल फोटो)
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मंगलवार को उत्तराखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई. इसमें सरकार ने राज्य में तीन निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिये स्वीकृति प्रदान की.
  इन विश्वविद्यालयों में प्रदेश का पहला महिला विश्वविद्यालय वनस्थली विद्यापीठ भी शामिल है.

मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में लगभग एक महीने बाद हुई कैबिनेट की इस बैठक में डॉक्टरों को सुरक्षा प्रदान करने के लिये अधिनियम बनाये जाने पर भी सहमति दी गई.

देहरादून में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि राज्य में वनस्थली विद्यापीठ विश्वविद्यालय, लिंग्या विश्वविद्यालय और एचटी ग्लोबल विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिये राज्य सरकार ने अपनी स्वीकृति दे दी है.
   
उन्होंने बताया कि वनस्थली विद्यापीठ विश्वविद्यालय तथा लिंग्या विश्वविद्यालय को हरिद्वार में स्थापित किया जायेगा जबकि एचटी ग्लोबल विविद्यालय के तीन परिसर होंगे जिसमें एक गढ़वाल और एक कुमायूं क्षेत्र में तथा तीसरा देहरादून में होगा.

डॉक्टरों को सुरक्षा
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने डॉक्टरों तथा उनके परिजनों और अन्य चिकित्साकर्मियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिये अधिनियम बनाये जाने पर भी सहमति दी है

मुख्य सचिव कुमार ने बताया कि डॉक्टरों तथा चिकित्साकर्मियों की सुरक्षा के लिये बनाये जाने वाले अधिनियम का नाम ‘‘उत्तराखंड चिकित्सा सेवा व्यक्ति तथा संस्थान हिंसा निरोधक और संपत्ति क्षति अधिनियम’’ के नाम से जाना जायेगा. इस अधिनियम के तहत डॉक्टरों तथा अन्य चिकित्साकर्मियों पर हमले को गैर ज़मानतीय अपराध माना जायेगा.

उन्होंने कहा कि यह अधिनियम उन्हीं डॉक्टरों तथा संस्थानों के कर्मचारियों के लिये मान्य होगा जो क्लिनिकल प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत पंजीकृत होंगे.

इसके अतिरिक्त सरकार ने ठेके पर आयुष विभाग में कार्य कर रहे डॉक्टरों की ठेका अवधि को एक वर्ष और बढाने पर अपनी स्वीकृति प्रदान की.

उन्होंने बताया कि सरकार ने पौड़ी जिले के कालिजीखाल पुल से लिये जाने वाले सड़क कर को अब खत्म कर दिया है. यह पुल कई वर्ष पूर्व 16 लाख रूपये की लागत से बना था.

भूमि रिकॉर्ड का आधुनिकीकरण
मुख्य सचिव ने बताया कि सरकार ने राज्य में केन्द्र पोषित राष्ट्रीय ग्रामीण भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी. इसके तहत 60 और 40 के अनुपात में केन्द्र से राशि मिलेगी.

उन्होंने बताया कि राज्य में 200 करोड़ रूपये की लागत से वर्ष 2012- 2017 के दौरान शुरू होने वाली इस योजना में राज्य सरकार 80 करोड़ रूपये खर्च करेगी जबकि केन्द्र सरकार 120 करोड़ रूपये प्रदान करेगी.

राज्य सरकार ने गढ़वाल मंडल विकास निगम पर 12.5 लाख रूपये ब्याज को भी माफ कर दिया. निगम ने इस सिलसिले में छह लाख रूपये का मूल धन पहले ही दे दिया था .

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आबकारी विभाग में चतुर्थ श्रेणी में 130 सिपाहियों की भर्ती करने पर भी अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी .
 
(Source http://www.samaylive.com/regional-news-in-hindi/uttarakhand-news-in-hindi/125101/uttarakhand-women-university-private-universities-dehradun-banas.html)
 
 
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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Uttarakhand to set up Bio-tech park


DEHRADUN: The Uttarakhand biotechnology department has decided to set up a biotech park in the hill state in order to promote industries based on the technology. "Uttarakhand being particularly rich in biodiversity aims to convert its bio-wealth into economic wealth through the application of biotechnology by promoting industries based on the above and set up biotech park," the department said in its recently released annual progress report for the year 2010-11.

The proposal for the biotech park came under the state biotechnology programme which seeks to attract entrepreneurs for setting up biotechnology-based industries in the hill state either in an industrial estate mode or dispersed in smaller pockets throughout the state. The programme also promotes agro-farming and encourage cultivation of medicinal and aromatic plants in the state.

The park is expected to house modern biotechnological facility , including bio-incubator and basic infrastructure and common facilities like modern equipments, green house, animal house, business centre and laboratories. The report said the department has also decided to establish Centre of Excellence on Mountain Biology ( CEMB) which intends to promote R & D work relevant to the needs of the hilly region along with state-of-the-art facilities for ex-situ and in-situ conservation and promotion.

http://articles.economictimes.indiatimes.com/2011-08-01/news/29838679_1_bio-tech-park-biotech-park-biotechnology

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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उत्तराखंड में डॉक्टरों के रिटायरमेंट की आयु बढ़ी
 

देहरादून।। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में एलोपैथी डॉक्टरों और विशेषज्ञों की भारी कमी को देखते हुए डॉक्टरों के रिटायरमेंट की आयु को 60 साल से बढ़ाकर 62 साल करने का फैसला किया है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस सिलसिले में मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने डॉक्टरों की रिटायरमेंट की आयु को बढ़ाने के प्रस्ताव पर मंगलवार को अपनी सहमति दी। सूत्रों के अनुसार, मेडिकल सचिव मनीषा पंवार द्वारा इस आशय का एक आदेश जारी कर दिया गया है। सरकार के इस निर्णय से राज्य की मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर आशा माथुर सहित कई डॉक्टरों को लाभ होगा। डॉक्टर माथुर आज ही रिटायर होने वाली थीं।

(Source -Navbharat Times)


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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  उत्तराखंड में गर्ल्स स्टूडेंट को बसों में मुफ्त यात्रा
उत्तराखंड सरकार ने राज्य की सरकारी बसों में गर्ल्स स्टूडेंट्स के लिए मुफ्त यात्रा का आदेश जारी किया है. इस कदम से 10 लाख गर्ल्स स्टूडेंट्स को फायदा होगा.


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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दिल्ली में भी उत्तराखंड की ई-सेवा शुरू     
नई दिल्ली। -उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी ने सोमवार को उत्तराखंड निवास में जनाधार ई-सेवा का शुभारंभ किया और कहा कि इस सेवा से उत्तराखंड एवं दिल्ली में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडवासियों को आवश्यक प्रमाण-पत्र, इनमें जाति, स्थायी निवास, जन्म, चरित्र, आय एवं हैसियत, पर्वतीय क्षेत्र निवास एवं राजस्व संबंधी प्रमाण पत्र प्रमुख हैं। हासिल करने में काफी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर अथक प्रयासों के बाद राज्य की हर तहसील में जनाधार ई-सेवा केन्द्रों की स्थापना की गई है, जहां सिंगल विंडो व्यवस्था के रुप में एक ही जगह पर लोगों को विभिन्न आवश्यक प्रमाण पत्र उपलब्ध हो सकेंगे। इनमें जाति, स्थायी निवास, जन्म, चरित्र, आय एवं हैसियत, पर्वतीय क्षेत्र निवास एवं राजस्व संबंधी प्रमाण पत्र प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि अब उत्तराखंड का कोई भी नागरिक अपनी तहसील में एक सामान्य आवेदन करके तय निर्धारित शुल्क का भुगतान करेगा, इसके बाद तहसील प्रशासन की यह जिम्मेदारी रहेगी कि मांगे गये प्रमाण पत्र को संबंधित अधिकारियों से प्राप्त करके तहसील के जनाधार ई-सेवा केंद्र में आवेदक को निर्धारित अवधि 15 दिनों के भीतर में प्राप्त कराये। खंडूड़ी ने बताया कि अब तक हम उत्तराखंड की सभी 79 तहसीलों में जनाधार ई-सेवा केंद्रों की स्थापना कर चुके हैं, अब मुख्य स्थानिक आयुक्त दिल्ली के कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रह रहे लगभग 30 लाख उत्तराखंडी भाई-बहनों के परिवारों को भी जनाधार ई-सेवा ऑनलाइन प्रदान की जायेगी।

विनोद सिंह गढ़िया

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[justify]ऑन लाइन दर्ज की जा सकेंगी शिकायतें

राज्यवासियों को सरकारी महकमों से मिलने वाली विभिन्न सेवा और सुविधाओं में आने वाली दिक्कतों की शिकायत आज से आनलाइन दर्ज होगी। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने गणतंत्र दिवस के मौके पर www.samadhan.uk.gov.in पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पर अब कोई भी अपनी शिकायत घर बैठे दर्ज कर सकेगा।
अपने आवास पर पोर्टल का शुभारंभ करते हुए सीएम ने कहा संवदेनशील और पारदर्शी शासन की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। अब किसी की भी शिकायत समयबद्ध और प्रभावी तरीके से निस्तारित हो सकेगी। ‘समाधान’ पोर्टल से राज्य सरकार के डिलिवरी सिस्टम में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं इस पर नजर रखेंगे। किसी भी स्तर पर कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिव सुराज, भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं जनसेवा विभाग एसएस रावत ने बताया कि शिकायत के निस्तारण के लिए अधिकतम 90 दिन निर्धारित है। विभिन्न स्तरों पर इनकी अवधि तय है
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