Author Topic: History of Haridwar , Uttrakhnad ; हरिद्वार उत्तराखंड का इतिहास  (Read 31174 times)

Bhishma Kukreti

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 18,377
  • Karma: +22/-1

 
हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर इतिहास संदर्भ में   कत्यूरी युग  :   कत्यूरी राज्य के भुक्तियाँ            

 हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर इतिहास संदर्भ में उत्तराखंड पर कत्यूरी राज भाग  - ५३
Haridwar, History Bijnor,   Saharanpur History with reference  Katyuri rule -53
 
Ancient  History of Haridwar, History Bijnor,   Saharanpur History  Part  - 355                   
                           
    हरिद्वार इतिहास ,  बिजनौर  इतिहास , सहारनपुर   इतिहास  -आदिकाल से सन 1947 तक-भाग - ३५५                 


                  इतिहास विद्यार्थी ::: आचार्य भीष्म कुकरेती -
 
 नरेशों के प्रशासन में  राज्य भुक्तियों  (Regions/Zones   )  में बंटा था जिनके तहत जनपद (जिले ) होते थे (१  ) । कत्यूरी राज्यों के अभिलेखों में केवल जयकुल भुक्ति का उल्लेख मिला है।  डबराल (१ ) की मान्यता है कि कत्यूरी राज्यसमय में भुक्ति सीमित क्षेत्र के लिए प्रयोग हुआ है।  कत्यूरी राज्य में भुक्ति किसी विषय (zone ) का हिस्सा रहा होगा।  डबराल का मानना (२ ) है कि कत्यूरी राज्य में इंद्र वीके (ललित शुर अभिलेख ) ;  बद्रिकाश्रम, जोशीमठ , शिलादित्य  ( सुभिक्षराज का ताम्र शासन )  नाम की भुक्तियाँ अवश्य थीं । 
-
संदर्भ :
 १ - शिव प्रसाद डबराल 'चारण ' ,  उत्तराखंड का इतिहास भाग ३ वीरगाथा प्रेस दुगड्डा , उत्तराखंड , पृष्ठ   ४६७
२- शिव प्रसाद डबराल 'चारण ' ,  उत्तराखंड का इतिहास भाग १  वीरगाथा प्रेस दुगड्डा , उत्तराखंड पृष्ठ -३७८
Copyright @ Bhishma  Kukreti
हरिद्वार, बिजनौर , सहारनपुर का  कत्यूरी युगीन प्राचीन  इतिहास   अगले खंडों में , कत्युरी वंश इतिहास और हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर , कत्यूरी युग में हरिद्वार , सहारनपुर व बिजनौर  इतिहास , कत्यूरी नरेशों की शासन पद्धति , कत्यूरी राज में जनता , कत्यूरी राज में मंत्री परिषद आदि ,  कत्यूरी राज में क्षेत्र अनुसार प्रशासनिक इकाई
 

Bhishma Kukreti

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 18,377
  • Karma: +22/-1

हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर इतिहास संदर्भ में   कत्यूरी युग  : कत्यूरी युग में पूजा पद्धति              

 हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर इतिहास संदर्भ में उत्तराखंड पर कत्यूरी राज भाग  - ६५
Haridwar, History Bijnor,   Saharanpur History with reference  Katyuri rule -65
 
Ancient  History of Haridwar, History Bijnor,   Saharanpur History  Part  -  367                   
                           
    हरिद्वार इतिहास ,  बिजनौर  इतिहास , सहारनपुर   इतिहास  -आदिकाल से सन 1947 तक-भाग -३६७                   


                  इतिहास विद्यार्थी ::: आचार्य भीष्म कुकरेती -
 
कत्यूरी राजाओं ने मंदिरों को भूमि प्रदान की थी।  इन भूमि के आय से मंदिरों में  देवताओं को  फूल , धुप , बत्ती , दिया  , तेल , नैवैद्य आदि की व्यवस्था की जाती थी (१, २ )।  बहुत से मंदिरों में वाद्य व संगीत , भजन , नृत्य की भी व्यवस्था होती थी (३, सुभिक्षरज ताम्र शासन ) जैसे  ये मंदिर थे - गोपेश्वर , केदारनाथ , तुंगनाथ , कटारमल आदि।  इन मंदिरों के देवदासियों का प्रचलन था व डा डबराल क़्नुसार (१ ) इन नृत्यकारों के वंशज आज भी हैं।  इन देव दासियों के परिवारों के निर्वाह हेतु मंदिर की भूमि से आय का कुछ हिस्सा उपयोग होता था।  मंदिरों में हवन आदि का भी  प्रयोग होता था व मंदिर मरोम्मत आदि का व्यव  जो भूमि आय से ही आता था। 
-
संदर्भ :
 १ - शिव प्रसाद डबराल 'चारण ' ,  उत्तराखंड का इतिहास भाग ३ वीरगाथा प्रेस दुगड्डा , उत्तराखंड , पृष्ठ   ४७६
२- शिव प्रसाद डबराल 'चारण ' ,  उत्तराखंड का इतिहास भाग १  वीरगाथा प्रेस दुगड्डा , उत्तराखंड पृष्ठ ३८०
Copyright @ Bhishma  Kukreti
हरिद्वार, बिजनौर , सहारनपुर का  कत्यूरी युगीन प्राचीन  इतिहास   अगले खंडों में , कत्युरी वंश इतिहास और हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर , कत्यूरी युग में हरिद्वार , सहारनपुर व बिजनौर  इतिहास , कत्यूरी नरेशों की शासन पद्धति , कत्यूरी राज में जनता , कत्यूरी राज में मंत्री परिषद आदि ,  कत्यूरी  शासन में आंतरिक सुरक्षा , कत्यूरी शासन में कर व आय साधन , कत्युरी राज्य में संस्कृति , कत्यूरी राज्य में धर्म संस्कृति

Bhishma Kukreti

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 18,377
  • Karma: +22/-1

            बद्रिकाश्रम में पूजा प्रबंधन

हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर इतिहास संदर्भ में   कत्यूरी युग  :   आदि शंकराचार्य उत्तराखंड आगमन  -३           

 हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर इतिहास संदर्भ में उत्तराखंड पर कत्यूरी राज भाग  -
Haridwar, History Bijnor,   Saharanpur History with reference  Katyuri rule -
 
Ancient  History of Haridwar, History Bijnor,   Saharanpur History  Part  -                   
                           
    हरिद्वार इतिहास ,  बिजनौर  इतिहास , सहारनपुर   इतिहास  -आदिकाल से सन 1947 तक-भाग -                 


                  इतिहास विद्यार्थी ::: आचार्य भीष्म कुकरेती -
बद्रिकाश्रम महाभारत काल से ही हिन्दू धर्मियों का आस्था केंद्र था।  किन्तु तिब्बती बौद्ध आतंकियों द्वारा मंदिर के आभूषण लूटने की घटनायी हुईं जिससे बद्रिकाश्रम मंदिर में पूजा व्यवधान पड़ा।  शंकराचार्य आगमन से अंतर् यह आया कि बद्रिकाश्रम में पूजा व्यवस्था प्रबंध अनुशासित हो गया। 
शंकराचार्य ने पूउजा प्रबंधन भार अपने शिष्य तोटकाचार्य को दिया।
रतूड़ी गढ़वाल  का इतिहास (पृष्ठ ४८२ ) में १९ आचार्यों का नाम जिन्होंने ८२० ईश्वी से १२२० ईश्वी तक पूजा प्रबंध किया। 
बद्रिकाश्रम में रावल पुजारियों का प्रवेश बहुत बाद में हुआ। 
 
-
 
Copyright @ Bhishma  Kukreti
हरिद्वार, बिजनौर , सहारनपुर का  कत्यूरी युगीन प्राचीन  इतिहास   अगले खंडों में , कत्युरी वंश इतिहास और हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर , कत्यूरी युग में हरिद्वार , सहारनपुर व बिजनौर  इतिहास , कत्यूरी नरेशों की शासन पद्धति , कत्यूरी राज में जनता , कत्यूरी राज में मंत्री परिषद आदि ,  कत्यूरी  शासन में आंतरिक सुरक्षा , कत्यूरी शासन में कर व आय साधन , कत्युरी राज्य में संस्कृति , कत्यूरी राज्य में धर्म संस्कृति

 

Sitemap 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22