Author Topic: Kumaoni-Garwali Words Getting Extinct-कुमाउनी एव गढ़वाली के विलुप्त होते शब्द  (Read 36136 times)

Himalayan Warrior /पहाड़ी योद्धा

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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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Barman - Head

Kapali   -  Head

Mundi   -  Head

Kapaav  - Forehead


Bhishma Kukreti

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You all will surprise that the following few words are of Garhwali but due to Urdu as acourt language in British Garhwal, migration, Hindi as medium of education , arrgancy of showing that they know Hindi Pauri Garhwalis forgotten these words or left these words and now these words are spoken in remote villages of area of Tihri riyasat

should we not care that thse words are saved for Garhwali vocabulary

List of few Words out of thousand words which , were common once in Pauri or British Garhwal too, now spoken in remote areas of Tihri Riyasat

 

 

१- अंग्यूण  - Accept, स्वीकार करना

२- अन्छर - Words, अक्षर , आखर

३- अन्छरी- Educated, पढ़ा लिखा , जिसे अक्षरों का ग्यान हो

४- अन्दराडा - Dysentry पतले दस्त

५- अगार - Respect, Honour, सम्मान

६- अगैर---  Before some time, कुछ समय पहले

७- अडौर -- Obstinate,  हठीला   Fearless निडर

८- अदर - Excessive  अत्यधिक

९- अदानु --- Immature , Ignorent नासमझ , अपरिपक्व this word is still used in Gangasalan near bank of ganges too

१०- अपजितु----   Envecious  जळतमार , ईर्ष्यालु 

११- आंकी ------ Enemmy , शत्रु, दुश्मन

१२- उतरासेण ----- to become sad, To become worried, उदास होंना, चिंतित होंना 

१३- उतेडून ------- To press, to crush , दबाना, पिचकाना

१४- उबरेणु --------- To throw off water/liquid  , उलीचना

 

 If you study these words will show also the direction of origin of Garhwli

Bhishma Kukreti

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                    Garhwali Words are now  getting  Extinct




 Presented by Bhishm Kukreti



Source Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Bejwal , Garhwali Shabdkosh



उनगण  = प्रसव होना, स्वील होण

उनगी  = प्रसव हो गया

उनाणयण   = जम्हाई लेना

उनौणु = ध्यान में लाना

उन्य देसी = परदेसी

उमटाळ = उबटन

उगाळ  = उबटन

उराडु = औडळ, झंझावत , आंधी

अलखणि /उलखणि  = विचित्र , अनोखा, अजीव

ओंजू = संतानोत्पति हेतु एक तांत्रिक क्रिया

ओगरा = पथ्य हेतु हल्का भोजन

औरु = बैरु, बहरा

औल़ाण  = उलाहना

औळयूँ लगण = बच्चे का माता पिता के पीछे लगना या जिद करना

औसर = नाचने गाने का अखाड़ा

कंकाली = झगडालू

कणसुणा=किसी की बात छुपकर सुनना

कटकटकार =  अत्यंत कठोर

कड़कड़कार  = बहुत प्रेत से बेहोश मनुष्य या अत्यंत सख्त

कमचूस = कंजूस

कमोल़ा = मिटटी की छोटी हांडी

करूड़ /करूड़ो =कठोर

कळखानी = झगडालू / कलह की खान

कळदार = सिक्का

कळपणा = बुरी नजर /किसी के पास अछि चीज देख पाने की कल्पना

कसलो =तकलीफ

कांकर = मकान की पहली/दूसरी मजिल की छत  का भीतरी भाग

कांडण =रस्सी बटना

काँण  = परेशानी

किरचड़ = बारीक और छोटा खराब दाने

किलबाड़ = खूंटा (कीलु)

कुपस्यौ = बुखार का पसीना

कुकराण = कुत्ते के शारीर की गंध

कुकराण = सभा में खि भद्दी या असंगत बात

 

कुन्नु = जाळीदार थैला

 

कुपाण = बुरी प्रवृति

कुमलौण =चापलूसी कर ठगना

कुरजाडु= कुल्हाड़ी का हथा

केंटा  =  लडका

केंटि = लडकी

कोळसांटु = विवाह की एक प्रथा जिसमे किसी परिवार से बहू लाने के बदले उसी परिवार बेटी ब्याही जाती है

(डा. शिव प्रसाद डबराल का भी मात है की यह प्रथा या शब्द साबित करते हैं की गढ़वाली पहले खस व कोळ

भाषा मिश्रित थी)

क्वाणेणु .= उदास होना

क्वनका   = खेत में धान का ढेर

क्वडया = दो दीवारों के मिलाने का स्थान , कोर

 

Source Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Bejwal , Garhwali Shabdkosh

Bhishma Kukreti

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                           Garhwali Words are now being extinct Part-3


                                          Presented on Internet  by Bhishm Kukreti




Source : Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Benjwal , Garhwali - Hindi Shabdkosh

खंक = कठोर

खंक = खरोच

खंकताळ = नष्ट भ्रष्ट करना

खंकळ =गैरजिम्मेवार

खंकळयौ = उत्तरदायित्वहीनता 

खंकळयौ =उत्तरदायित्वहीनता से होने वाली अव्यवस्था

खंकमाळ = नंगापन , कुछ न रहने की दस
 
खंजरोळ  = अड़चन

खंटु  = काटे होंट वाला

खंणकि = व्यर्थ ही

खंतड्या = जिसने पुराने कपड़े पहने हों

खमल़ो = खम्भा

खकलाण =हताश होना, स्तंभित होना

खगड़त्या = उबड़ खाबड़ , खुरदरा

खच्चा = काम अकल वाला, कार्य में बिघ्न डालने वाला

 ख्ज्जन = उन्मूलन, विनाश

खड़कील =जो गाय/भैंस कभी कभी दूध ना दे

खडंचा =घास से ढकी झोपडी

खड्वानि  = खेतों के आस पास का बंजर क्षेत्र जो घास पनपने के लिए छोड़ा जाता है

खत्वाड़= खेतों के कच्चे पुश्ते   
 
खपरांत = पथरीली, उबड़ खाबड़ जमीन

खबाळ = फटी हुयी दरार युक्त जगह

खरबगनी= चीजों को नष्ट करने वाला

खsल़ू = आँगन, चौक

खाकंद = पाखंड

खाकंडी= पाखंडी

खाती = युधिस्ठिर

खादर= नदी किनारे की भूमि

खिरस्यण =ईर्ष्या करना

खुंगु = खांसी

खुट्कुलू/ ख्वबडल़ू = पानी का छोटा गड्ढा

खड़बिजु =समूल नष्ट करने की दशा

खुलपिता = मा बाप का लाडला

खुवा = गहरी खाई

खुवा =काम बिगाड़ने वाला , खोने वाला

खूसण =बल झड़ना

खेदकट्टो =ईर्ष्यालु

ख्यSरा  = खेतों के कंकड़ पत्थर, ( छुट छुट र्याड़ )

ख्वंचि = सिर का पिछ्ला भाग 
 
ख्वमा =खेत का वह भाग जहाँ हल नहीं चलाया जा सकता है .

ख्वल़ा /ख्वाळ=मोहल्ला

 *********S = आधी अ

Garhwali Words are now being extinct, to be continued in  Part-4

 

  Courtesy  : Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Benjwal , Garhwali - Hindi Shabdkosh

 

 

Bhishma Kukreti

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                 Garhwali Words are now being extinct Part-4



                                    Presented on Internet by Bhishm Kukreti



Source : Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Benjwal , Garhwali - Hindi Shabdkosh

 

गंडखाण्या = स्वादहीन

गंडखुलै  = कर्ज लेते बक्त शाहूकार को थैली की गांठ खोलने के एवज में दी जाने वाली रकम

गजगूर = दुःख की अभिव्यक्ति

गट्टू = टंग (वस्त्र)

गट्टू= जिसमे पानी की मात्र कम हो

गमटाण  =दुविधा में रहना

गरडै  =अम्प्लता के करण गले में होने वाली जलन

गलफू = फुले गाल

गळमारा . गळसट्टी =कोरी गप्पें

गाछु = इतिहास, ऐतिहासिक गाथा

गाटु  = धनि, समृद्ध

गाबल़ू =भेद का बच्चा

गुंट = सुन्दर, सुडौल

गुजरी -पुन्जरी = परशराम से एकत्रित की थोड़ी सी सम्पति

गुरख्वळ  = गुरु गृह , गुरु-मुहल्ला

गुळया = दरवाजे की चिटकनी

गैठवा = पुत्र

गैल = साथ, संगत

गैल्याणी =सहेलियां

गो-गिन्ड़ो, ग्वींडा = ग्वरबट, संकरा पतला गायों के जाने का रास्ता

गौंकारा = किसी काम को करने का साहस   

गुनखा = आला

गौंथ्यारी = उषा काल में गौमूत्र एकत्रित करने वाली स्त्री

गौंथ्यारी बगत =  उषाकाल

गौडखी= गाय बांधने का कमरा 

ग्वस्यार= हरिजनों की बृति के सवर्ण परिवार जिनसे हरिजनों (लोहार, टमटे आदि) को फसल पर अनाज मिलता था.
 
 


Garhwali Words are now being extinct, to be continued in Part-5



Courtesy : Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Benjwal , Garhwali - Hindi Shabdkosh

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Garhwali Words are now being extinct, to be continued in Part-6




 

 




                                    विलुप्त होते गढ़वाली शब्द
 

                                  Internet Presentation by Bhishm Kukreti



Source : Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Benjwal , Garhwali - Hindi Shabdkosh

 

चंक/चंख   = सतर्क

चंगचंगु = जो आसानी से न चबाया जा सके

चन्दोया = वितान

चकचिमैडु = चमगादड़

चकना/चकंदर = छिछोरा , अश्लील हंसी करने वाला

चकन्वाति  = छिछोरापन, हल्की हंसी

चग्टा/चकता  = शारीर पर चोट आदि के निशान

चटपट्याल़ू =फुर्तीला, क्रियाशील

चड्ला= मूर्छा.बेहोशी  के दौरे

चढ़गट्युअं   = बदमिजाज, चढ़े दिमाग का

चणक -क्षणिक उत्तेजना

चणकणु =उत्तेजित होना

चन्नार =पूर्वाभास, चेष्टाओं से पूर्वाभास होना

चरखदु =सतर्क

चळका = मुतणि अत्यंत भयभीत होने की दशा

चलणपात =काम धंधा, हाल छाल . कारोबार

चलुणिया =सेवक,

चाचरी =बिखेरना

चाड़ा =ढलान , चट्टान

चाफरा /चाफरु =बड़ा टुकडा

चिंग = क्रोधित होने की आदत

चिंडू =परोठी

चिंडळ  =चिंथड़ा

चिंदरिया =जूतों वाला

चिड़ो  =अजगर

चिमरताण्या = दुबला पतला

चिल्सणु =क्रोधित होना

चिसकौण =जलाना

चिलान्खी =पेड या पर्वत का सर्वोच्च शिखर, शिखर

चोमक्या= काम पानी का स्रोत्र

चोमा -सपोड़ण , सुडकना

चौंळआ  =नखरे

चौणदु  =पहाड़ी धर के ऊपर का चय्रस स्थान

चौभांण  = बिलकुल खुला हुआ

च्यूंरा = झुर्री , शिकन

चौरासी बीती = दारूण कष्ट सम्वत चौरासी (सन सत्ताईस में ) गढ़वाल में घोर बिप्पती पड़ी थी.)

चौसेरू = चार  लड़ियों वाला चन्द्रहार

 


Garhwali Words are now being extinct, to be continued in Part-7



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Garhwali Words are Now being Extinct -8


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Source Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Benjwal , Garhwali Shabdkosh

छंचर =शनिवार

छंछा = कलंकिनी , चरित्रहीन

छ्न्तोळी =रिंगाळ का छाता

छंवाळ =अवस्था, पीढ़ी

छकटु /छकटो  =मौका , अवसर

छकल्वी =घरों में छोटा मोटा काम कर जीवन बसर करने वाला

छ्क्कू = पेटू

छगटणु = ठगना ,ल़े लेना

छ्छल़ोण/छ्याळणु  =भेद लेना, पूछताछ करना

 छsडु  /छsड़ो = झरना, (s = आधी अ )

छपनवास = छुप जना, लुप्त हो जना

छपड्वड़ी =पर्याप्त

छांगण  =चुनना , बीनना

छारु , छारो = राख

छिर्वणि = कच्चे गूल से रिसता पानी   

छिलबिलू= पतला कपड़ा

छिलडेणु  =छटपटाना

छुचकार = लानत

छुदर, छेपरू = क्षुद्र

छुन्यार  =सेवा, टहल करने वाला

छुंवोदारि = वह स्त्री जो नवजात शिशु को सर्वप्रथम छूती है

छेपरवाती= ओच्चेपन की बातें

छोळया =वह पशु जिसके दूध में वसा अधिक हो

छ्वैणा  = दूध दुहना


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                             Garhwali words, now  being Extinct -9



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Source Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Benjwal , Garhwali Shabdkosh


जनक = बैलों या घोड़ो के गले की माला

जंकरू /जौंळया= जुड़वां  बच्चे

जंगजगु/जंगजगो   = मोती वुधि वाला , सुस्त

जंगार =गधेरों में जांघ तक गहरे पानी में लाठी के सहारे पाने के अन्दर अन्दर ही पैरो को सरकाकर चलना

जंगारी =जालीदार झोला

जंतणु = जोड़ना, पृथक हुए अवयवों  को जोड़ना

जन्दा= ताला

जजलाट  =कम्पन, हिलना, भय से अचानक काम्पना

जड़जड़कार= सुखी, कठोर 

जड़जडो/जड़जडू  =सुखा, कठोर, जडो से मजबूत हुई

जणगरु/ जणगरो= विद्वान्, विशेषग्य

जणदारु, जणदारो   = पैदा करने वाला, पिता

जतय = नर भैंसा

जद्यों= जै देव , राजवंश और कुलीन वंस वालों के लिए अभिवादन.

जनीत = भोज में आमंत्रित लोग

जफ्फा/जफ्फी = मजबूत पकड़

जबराण  = भूस्खलन के बाद पत्थरों से भरी जगह

जमरकिट्टा = वस्तु को गहराई में मजबूती से गढ़ने का कार्य

जळकामुंडी =छिपकर बार बार देखने की प्रक्रिया

जळगड्ड= झीना , पारदर्शी

जवाती = जौ की पत्तियां

जवातु = जौ का आटा

जान्ठी=  लाठी

जाखू = रोशनदान

जाकारू = बुद्धिहीन

जाजरया = पथरीला

जाबु = जानवरों का पंजा

झिंगरेण = गुस्सा  होंना

जिळका = गेंहूँ /धान आदि की कटाई के बाद बचे जड़ें

जुड़खु  = रस्सी

जुळक्या =चंचल 

जोंगड़ो =छोटे बच्चों को रखने की टोकरी

जोबरू = मिट्टी या कठ की परोठी

जोबा = याक


Courtesy: Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Benjwal , Garhwali Shabdkosh, Vinsar Publishing co. Dehradun 

Bhishma Kukreti

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                                        Garhwali Words, now Being Extinct -11



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Sources:
1- Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Benjwal , Garhwali Shabdkosh

2- Kanhyaa lal Dandriyal, 2011/2012, Garhwali Shabdkosh (in series) Shailvani Weekly, Kotdwara

टंगट्यपडु = उपेक्षा में किसी के ससमान को व्यर्थ बताने वाला शब्द

टंगट्यपाळी/ टंगटिपाळी = क्षण भर की व्यवस्था ओ खतम हो जाय, चालू काम

टकोरा (पु.) = सेंक,   

 टकोरा = पोरी तरह खिला हुआ

टणक = उत्तेजना

टब्बर = क्तुम्ब

टांच/आँक =बैर भावना

टांच/टांक = चिन्ह

टाखणु = लम्बी साँस लेना

टिटखि =ह्रदय विदारक दृश्य देख मन की दया

टौंकाण्या =अप्रिय बात कहने वाला

ट्वंगार =चोंच से किया गया प्रहार

टौख =जोर से की गयी पुकार  (जोर की धाद )

ट्वsम = सिलाई , हाथ से की गयी  सिलाई





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Courtsey : Shri H.K. Dandriyal , Delhi

 

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