Author Topic: उत्तराखंड पर कवितायें : POEMS ON UTTARAKHAND ~!!!  (Read 208354 times)

Mukesh Joshi

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wah...wah.....
 dinesh ji


बौडी औ दग्डया हुवै गै बतेरी जगवाल
थामे नि थमैदो मन को उमाल
घास अर लाख्डू कान्डो का बोण
दिन डसदू सुर्म्यालो घाम रात डस्दी जोन
माया बण्गे तेरी जी को जन्जाल - बौडी औ------
सौन्ज्ड्यो दगड जब जान्दी दग्ड्याणी,
चैत्वाली बयार डाण्ड्यो जब रन्दी बयाणी
तिसू तिसू तिसि चोली जब कखी  भट्याणी
दिल मा उठ्दी हूक मेरा कानू बज्दी धूयाल -  बोडी औ
नथुली बुलाक झ्यूरी मेरी  कन करोदा खौलि मेरी
जुडी दथी  घास घ्सेरी सबि पुछ्दा बात तेरि
झ्ट्प्ट घर आवा कि मै तख बुलावा
नि कट्दु यखुलि बस्ग्याल --- बौडि औ

Dinesh Bijalwan

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dhanyabad joshi ji

खीमसिंह रावत

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Dinesh ji aap natak kaar hi nahi ek kavi bhi hai/

bahut achchhi kavita/ kavi ki hi dristi hai jo pahado ko logo se jode huye hai

Dinesh Bijalwan

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Dhyanbaad   Khim Bhaiji,  Apni Mittee ki kasak to umar bhar bani rahti hai.

Rajen

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बहुत अच्छी कविता है दिनेश जी, और आने दो महाराज अपने भण्डार से. 


बौडी औ दग्डया हुवै गै बतेरी जगवाल
थामे नि थमैदो मन को उमाल
घास अर लाख्डू कान्डो का बोण
दिन डसदू सुर्म्यालो घाम रात डस्दी जोन
माया बण्गे तेरी जी को जन्जाल - बौडी औ------
सौन्ज्ड्यो दगड जब जान्दी दग्ड्याणी,
चैत्वाली बयार डाण्ड्यो जब रन्दी बयाणी
तिसू तिसू तिसि चोली जब कखी  भट्याणी
दिल मा उठ्दी हूक मेरा कानू बज्दी धूयाल -  बोडी औ
नथुली बुलाक झ्यूरी मेरी  कन करोदा खौलि मेरी
जुडी दथी  घास घ्सेरी सबि पुछ्दा बात तेरि
झ्ट्प्ट घर आवा कि मै तख बुलावा
नि कट्दु यखुलि बस्ग्याल --- बौडि औ

Rajen

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बहुत अच्छा अरुण जी. आपको और दिनेश जी को अच्छे कर्म के लिए एक- एक कर्मा भेंट किया जाता है.

Friends
 
जगा  हे  मेरा  गढ़  कुमाओं  का 
वीर  भादों  का  वंशज  जगा 
जागना  कु  अब  बगत  एज
बरसों  की  अपरी नींद  त्यागा .
 

Dinesh Bijalwan

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karma ke liye dhanyabad rajen bhaiji.

अरुण/Sajwan

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dhanyabad rajen ji ,.........Abhi to shuruaat hai .....Abhi to bahut sari poems post karni baki hain.

Rajen

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आने दीजिये सजवाण जी, यहाँ कद्रदान बहुत हैं.

dhanyabad rajen ji ,.........Abhi to shuruaat hai .....Abhi to bahut sari poems post karni baki hain.

खीमसिंह रावत

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Arun ji forum hai hi is liye/ hamare log aage aaye aur apane vicharo se auro ko ru b ru karaye/

 

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