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जय प्रकाश डंगवाल-उत्तराखंड के लेखक JaiPrakashDangwal,An Author from Uttarakhand

Started by Rajneesh, October 28, 2007, 12:30:29 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Jai Prakash Dangwal added 2 new photos.
January 1 at 12:02pm ·

Happiness Makes You Smile,
Trials Makes You Stronger,
Success Gets You Going
But My Wishes Makes Your
New Year Superb.
Wish you dear friends and near and dear ones happy new year full of joy, entertainment and love.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Jai Prakash Dangwal


मेरी कलम से ©जय प्रकाश डंगवाल:-

जिंदगी का यह स़फर बड़ा कठिन है, पर मजेदार भी यह कम नहीं,
एक तरफ, ग़मों की कोई हद नहीं, पर खुशियाँ भी इसमें कम नहीं.
चेहरों पर दास्ताँ आँसू कम नहीं तो दास्ताने मुस्कान भी कम नहीं,
जिंदगी का यह स़फर बड़ा कठिन है, पर मजेदार भी यह कम नहीं,

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Jai Prakash Dangwal
January 22 at 8:39pm 

मेरी कलम से ©जय प्रकाश डंगवाल:-

इनसान तो इनसान ही पैदा होता है, वह् किसी धर्म का नहीं बस इनसान होता है,
नवजात शिशु से पूछिये वह् किस धर्म का है? या तो वह् हंसता है, या वह् रोता है.
उसके हँसने का मतलब है कि मूर्ख! तू नही जानता कि इनसान, इनसान होता है,
उसके रोने का मतलब है कि तू कोई दहशतगर्द तो नही जो कि दहशत फैलाता है?
धर्म का ज्ञान लेना है, तो नवजात शिशु से लो जिसे हर धर्म का पूर्ण ज्ञान होता है,
उसे किसी धर्म से से द्वेष नही होता है, क्योंकि उसके लिए हर धर्म समान होता है.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Jai Prakash Dangwal
January 21 at 9:39pm · 

मेरी कलम से ©जय प्रकाश डंगवाल:-

किसी के विषय में राय बनाने से पहले उसे जानना और पहचानना जरूरी होता है,
जल्दबाजी में लिया गया हर फ़ैसला न तो कभी परिपक्व और न ही सही होता हैं.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Jai Prakash Dangwal
January 13 at 7:28pm ·

मेरी कलम से©jaiprakashdangwal:-

नाराजगी ठीक है लेकिन हर सफे से मेरा नाम मिटा देना ठीक नहीं,
आज तेरी किताब में अपना नाम ढूँढने लगा, तो कहीं मिला ही नहीं.

हर सफा जिसमें मेरा नाम था, उसे फाड़ कर फेंक दिया है तूने कहीं,
लेकिन एक सफा है, जिसमें कि आज भी, मेरा नाम है कहीं न कहीं.

तुम चाहो तो उसे भी फाड़ देना, वादा है मेरा मुझे कोई ऐतराज नहीं,
लेकिन शर्त ये है कि वह् सफा, ख़ुद तुझे ढूँढना होगा किताब में कहीं.

इस बहाने भूलकर भी मेरा नाम ढूँढने तक, तेरे जहन में रहूँगा कहीं,
नाराजगी होती है इस हद तक नहीं, नफरत भी छूट जाए पीछे कहीं.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Jai Prakash Dangwal
January 13 at 1:01pm · Delhi ·

मेरी कलम से©jaiprakashdangwal:-

जिस किसी ने भी हमको ठोकर मारी है, उससे कभी कोई शिकवा नहीं रहा,
लेकिन ठोकर से उसको चोट तो नहीं पहुंची, यह खयाल हमेशा दिल में रहा.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

ai Prakash Dangwal
January 11 at 10:27pm · 

मेरी कलम से©jaiprakashdangwal:-

कई मित्र, कहते हैं कि आप अब सियासत पर कम लिखते हैं,
सोचता हूँ, कि मेरे ये सारे मित्र सच में, बहुत वजह फर्माते हैं.

सियासत में मुहब्बत कम और नफरत ज्यादा नजर आती है,
इसलिये मेरी कलम में सियासत नहीं मुहब्बत नजर आती है.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Jai Prakash Dangwal
January 11 at 10:10pm · Delhi 

मेरी कलम से©jaiprakashdangwal:-

एक कहानी को भुलाने में बड़ा वक्त लगता है,
भुलाकर, भूल जाने में भी बड़ा वक्त लगता है.
जिंदगी का तो हर रंग बड़ा ही रंगीन होता है,
इन रंगों को, भुला देने में, बड़ा वक्त लगता है.
मुझे इल्म नहीं, मुहबत का क्या हश्र होता है,
लेकिन, मुहब्बत पर, सब ही को फक्र होता है.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Jai Prakash Dangwal
January 28 at 12:30pm ·

मेरी कलम से ©जय प्रकाश डंगवाल:-

कठिन डगर हो, और हसीन हमसफर हो, तो रास्ता मजे में कट जाता है,
मगर हसीन डगर हो और बेसुरा हमसफर हो तो रास्ता नहीं कट पाता है.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Jai Prakash Dangwal
January 24 at 10:23am · Delhi ·

मेरी कलम से ©जय प्रकाश डंगवाल:-

जिंदगी का यह स़फर बड़ा कठिन है, पर मजेदार भी यह कम नहीं,
एक तरफ, ग़मों की कोई हद नहीं, पर खुशियाँ भी इसमें कम नहीं.
चेहरों पर दास्ताँ आँसू कम नहीं तो दास्ताने मुस्कान भी कम नहीं,
जिंदगी का यह स़फर बड़ा कठिन है, पर मजेदार भी यह कम नहीं,