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Chopta Tungnath Mini Switzerland of Uttarakhand-चोपता तुंगनाथ उत्तराखंड

Started by Devbhoomi,Uttarakhand, January 17, 2010, 08:16:24 AM

Devbhoomi,Uttarakhand


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गंगा के उद्गम  के पास देवी गंगा का स्थान, गंगोत्री चार धाम यात्राओं में से एक तीर्थ है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मौजूद यह मंदिर 18 वीं शताब्दी का है।

हिन्दू पौराणिक कथा के अनुसार स्वर्ग की बेटी देवी गंगा ने राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर उनके पुरखों के पाप धोने के लिए नदी का रूप धारण किया था। गंगा नदी के इस तीव्र बहाव को कम करने के लिए भगवान शिव ने इस बहाव को अपनी जटाओं में ले लिया। गंगोत्री में बहने वाली भगीरथी नदी का बहाव जब कम होता है तब नदी में एक प्राकृतिक चट्टान दिखाई देती है।

कहा जाता है इसी चट्टान में बैठकर भगवान शिव ने गंगा को अपनी जटाओं में समाया था। गंगोत्री से गंगा का उद्गम स्थल गौमुख, 17 किमी पैदल गंगोत्री ग्लेशियर के साथ चलकर दिखाई पड़ता है। यहां पहुंचने के लिए नजदीकी एयरपोर्ट जॉली ग्रांट और देहरादून है।

अगर ट्रेन से जाना हो तो हरिद्वार या ऋषिकेश जाना होगा। हरिद्वार से गंगोत्री 277 किमी दूर है। ठहरने के लिए होटल से लेकर आश्रम तक की व्यवस्था है। यहां जाने का सही वक्त मई से अक्टूबर तक है।



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मई से नवंबर तक यहां कि यात्रा की जा सकती है। हालांकि यात्रा बाकी समय में भी की जा सकती है लेकिन बर्फ गिरी होने के कारण से वाहन की यात्रा कम और पैदल यात्रा अधिक होती है। जनवरी व फरवरी के महीने में भी यहां की बर्फ की मजा लेने जाया जा सकता है।