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SMS in Uttarakhandi Language on Greetings &Jokes- उत्तराखंडी एस एम् एस (SMS)

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, March 28, 2010, 10:56:10 PM

Gourav Pandey

एक बार एक अमेरीका का वैज्ञानिक उत्तराखण्ड आया|यहाँ पर उसको दो समोसे खाने को मिले|उसने एक को खाया और दूसरे को जेब में रख लिया|वापस जाकर वह अपने बॉस से बोला,"सर, मैंने भारत में एक बहुत ही गजब की चीज पता कीहै|यह बाहर से मैदा से बनी हुई है और अन्दर इसमें आलू हैं,मेरे समझ में नहीं आ रहा, इसमें
आलू कैसे घुस गए?
उसका बॉस उसे जोर का थप्पर मारता है,और अपनी खास अटैची से एक जलेबी निकाल कर लाता है,और बोलता है,"शायद २० साल पहले मैँ उत्तराखण्ड गया था और वहां यह खाने की चीज़ मिली थी जो की बाहर से मैदा से बनी हुई है,परन्तु आज तक मुझे समझमें नहीं आया की इसमें सुगर कैसे अन्दर आ गयी? और तुम एक और प्रॉब्लम लेकर आ गए!!

Gourav Pandey

Ek pahadi ladka city school me padai k liye sir ne puchh>>ek halogen group ki gas ka naam batao?

Pahadi Ladka>>darte hue Nee on..

Sir:- good

Teacher Shocks and Pahadi Rocks..

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

कुछ गड्वाली शेर-- पोड़ी लुफ्त उठाव

खुज्याणु रों त्व़े , त मीलिगे शराब
अब कैथई च पुड़ी, जु त्व़े खुज्या !

ये पारु , तू ई शराब थै , मुख नि लगों - नि लगों
छुटुदु नी च्स्सका एकु जू या मुख लगी जा !

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

नौनु : हे नौनी क्या नोऊ च तेरु?

नौनी : अपुरु बुबा थै धक्का मार

नौनु : क्या मतलब?

नौनी : मतलब

PUSH-PAA

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

नोनी :- नि कैर मेरा पिछनै एक दिन बहुत पछतेली , गौउ का बान्झा पुगणो मा हैल लगान्दी नजर एली....!!
नोनू:- नि ठुकरो मेरा प्यार थे तू भी एक दिन पछतेली , कभी ऊ बाझा पुगणो मा मैथे , धाण करदी दिखेली..!!!


By - Sagar panwar

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

कुछ आई च याद ????
शुर - शुर्या बथोंउ चा , ग्यु जोउ की दोउ चा ??
हर जगा म नेगी जी कु गाना याद आ जान्द
क्यूँ भाई बहेनो ठीक ब्वानु छो ना ?

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Garhwali Classes "गढ़वाली छुई"
August 24
गढवाली छुई मा नया दगड्यों कु स्वागत छः १
बस आप सभ लोग लग्यां रा अपडा-अपडा सुपिनों तै पूरा कना मा,देवतों कि छ्त्र छाया मा सब पूरी वलि १
हमतै बहुत खुशी छ: कि ये ज़माना का नया-नया, एक से बढकर एक उत्तराखंडी दगड्या हमारि दगडी जुड्या छ्न १
बस क्या बोल्न..
ROCK ON UtTrakhand...♥ ♥ ♥
Lov Ur Launguage Love ur Culture.......♥ ♥ ♥

"D"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मास्सैब - द्वी में हबेर द्वी गयी कतुक बची ?
खिमु - पत्त नै हो मास्सैब !
मास्सैब - त्यार पास द्वी रोट छि , तवील द्वीय्ये खै ली ... अब के बच ?
खिमु - शाग ...!

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

खिमदा आजकल गौं छौड़बेर दिल्ली में रौनी,
एक दिन खिमदा सोच में डूबी भै,
घरवाईल पूछा .......क्ये सोच में पड़ी रछा?
खिम दा- मैं कें यो सोच लाग रईं कि यौ टेलीबिजन वालूँ कैं कसिक पत्त चलिजां कि.....
घरवाई- क्ये पत्त चलूँ ?
खिम दा- यौ कौनी कि आप देख रहे हैं स्टार प्लस ...
इनूं कैं कसिक पत्त चलूँ, हम स्टार प्लस चैनल देखण लाग रयूं....

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

शेर दा : आज तो गजब हेगो.
परुली : किले कस गजब भो?
शेर दा : द्वी चेली बस में एक सीटाक लिजी झगड़ करण लाग रे छी, मील उनु हनी कों जो चेलिक उम्र ज्यादा छू उ सीट मे भैट जावा फिर के छी अलमाड़ बटी शेरघाट तक कोई ले नि भैट.............!!! via Bhuwan Chandra Pande