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Transport Crises in Uttarakhand - उत्तराखंड में यातायात किल्लत

Started by dayal pandey/ दयाल पाण्डे, May 22, 2010, 12:56:14 PM

पंकज सिंह महर

शादियों का सीजन है और चार धाम यात्रा में भी पूरे प्रदेश की बसें लगी हुई हैं। इस बार की चार धाम यात्रा के यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। अब तो नौबत यहां तक आ गई है कि स्कूली बसों को भी यात्रा मार्ग पर चलाने की सोची जा रही है।

हुक्का बू

हमारी सरकार भी बहुत ही प्रयोगधर्मी ठैरी, ए०सी०, हाईटेक, सेमी डीलक्स जैसी अनोखी-अनोखी बसें खरीद देने वाली हुई। अब इन बसों का मेंटनेंस करना ही मुश्किल होता जा रहा है। आये दिन इन गाड़ियों की शिकायतें आती हैं और अब तो हालत यह है कि जहां पर बस खराब पड़ी है, वहीं पड़ी है।
खरीदते समय तो ज्यादा दाम, ज्यादा लाभ देखा गया, यह नहीं देखा गया कि क्या हमारे पास इन बसों को ठीक करने लायक मिस्त्री भी हैं या नहीं? हुआ यह कि ए०सी० या हाईटेक बस खराब हुई तो खींचकर वर्कशाप तो पहुंचा दी, लेकिन अब  वर्कशाप में ए०सी० ठीक करने वाला मिस्त्री नहीं हुआ। अब बाहर से मिस्त्री लायें तो उसके लिये बजट नहीं हुआ। अब करें क्या...............हल ठैरा, नई गाड़ी ले लेते हैं, ले ली गयी, वैसे भी रोड़वेज का हाल तो द्यौ चढ़ाया वाला हुआ ही।
हर साल बेड़े में नई गाडियां आती हैं और निर्धारित कि०मी० से पहले ही खराब होकर  पड़ जाती हैं। उसका भी हल हुआ, जो गाड़ी खराब हो जाये, उसे पर्वतीय रुट पर लगा दो। ऐसे में कभी इन गाडियों में आग ल्ग जाती है, कभी भ्योल में घुरी जाती हैं।
सब कुछ मिलाकर खेल हुआ और खेल से तो परिवहन व्यवस्था चलने वाली नहीं ठैरी।
सरकार को चाहिये कि खेल बन्द करे और ऐसी व्यवस्था करे कि बाहर से आने वाला टूरिस्ट टैक्सी के बजाय इन गाड़ियों में जाना पसन्द कर, ताकि कुछ राजस्व भी हम कमा सकें।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



But Govt must ensure that some additional buses are starated specially for summer seasons. This will not only benefit to Commuters but also Revenues  for the Govt.

Apart from people of UK, there is increase in tourist visiting to many parts of UK.

Rajen

समस्याओं पर रोडवेज कर्मी मुखर  (Jagran News) Dec 12, 10:05 pm

हल्द्वानी: रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद समस्याओं व विभिन्न मांगों पर मुखर हो गया है। काठगोदाम में हुई बैठक में नेताओं ने कहा कि मांगों की पूर्ति न होने की दशा में संगठन आंदोलन पर बाध्य होगा।

संगठन के क्षेत्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह अधिकारी ने कहा कि कार्मिकों को दस फीसदी डीए का भुगतान किया जाना चाहिए। उन्होंने संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग भी उठाई। बैठक को पीसी लोहनी, महेन्द्र सिंह जीना, कुमार भट्ट, रियासत खां, विक्रम डंगवाल, जेसी शर्मा, शिवसिंह, राजेन्द्र बाल्मिकी, तारी लाल आदि ने संबोधित किया। इस दौरान प्रमुख रूप से सुरेन्द्र सिंह, हरीश जोशी, विनीत पाठक, डीडी जोशी, प्रताप सिंह, मोहन पंचोली, चंद्रमोहन नौगाई, अब्बास हुसैन, गजेन्द्र राणा, डुंगर सिंह संभल, देवकी नंदन, नरेन्द्र सिरोही, सीएल साह, मो.यामीन, एलडी कांडपाल, ओम सिंह मलिक, मोहन चंद्र, फूलबदन सिंह, नारायण दत्त, रमेश जोशी, रामदत्त पपनै आदि उपस्थित रहे।