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Photo Gallery Of Uttarakhand - मेरा पहाड कैमरे की नज्ञर से

Started by हेम पन्त, October 05, 2007, 01:34:49 PM

हेम पन्त

पंकज दा!! याद आ गया....सबको बता देता हूँ...
एक कहावत है, यह उन लोगों पर लागू होती है जो लाख कोशिश करने पर भी गन्दी आदतें नहीं छोड पाते.

सिन्टालु/ सिन्टोला पक्षी गन्दगी खाता है लेकिन इस कारण ग्लानि से भरा रहता है... वह रोज शाम को निश्चय करता है कि अगले दिन से वह मल (गन्दगी) नहीं खायेगा. लेकिन सुबह भूख लगने पर वह यह कहने पर मजबूर हो जाता है कि :
-- नै खूं त कि खूं.. अर्थात -- नहीं खाऊं तो क्या खाऊं

-- की जगह पर एक आपत्तिजनक शब्द है.

पंकज सिंह महर


Risky Pathak

Sinthai  ;)

Quote from: H. Pant on April 22, 2008, 05:58:35 PM
पंकज दा!! याद आ गया....सबको बता देता हूँ...
एक कहावत है, यह उन लोगों पर लागू होती है जो लाख कोशिश करने पर भी गन्दी आदतें नहीं छोड पाते.

सिन्टालु/ सिन्टोला पक्षी गन्दगी खाता है लेकिन इस कारण ग्लानि से भरा रहता है... वह रोज शाम को निश्चय करता है कि अगले दिन से वह मल (गन्दगी) नहीं खायेगा. लेकिन सुबह भूख लगने पर वह यह कहने पर मजबूर हो जाता है कि :
-- नै खूं त कि खूं.. अर्थात -- नहीं खाऊं तो क्या खाऊं

-- की जगह पर एक आपत्तिजनक शब्द है.

Risky Pathak

1 KAROLI Pakshi bhi hota Hai... Jiski aadat Saabun Khaane ki hoti hai.... Puri ki puri tikiya hi nigal jata hai, agar galti se saabun baahar khule me rakh diaa...

पंकज सिंह महर

पिथौरागढ़ का पुराना किला, जो अब किताबों में ही है।




पंकज सिंह महर


पंकज सिंह महर

प्रशान्त दा, ये कौन सा पहाड़ है, चौखम्बा?


पंकज सिंह महर