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Photo Gallery Of Uttarakhand - मेरा पहाड कैमरे की नज्ञर से

Started by हेम पन्त, October 05, 2007, 01:34:49 PM






विनोद सिंह गढ़िया

दोस्तों ये जो रोटी दिख रही है, इसका नाम है "मडुवा की रोटी", शायद आपने इसका स्वाद भी लिया होगा, आपको इसका स्वाद कैसा लगा, जरुर बताइयेगा | यदि आपने मडुवे की रोटी का स्वाद नहीं लिया है तो उत्तराखंड जाकर स्वाद जरुर लेना, क्योंकि यह विलुप्त होने की कगार में है|


सत्यदेव सिंह नेगी


सत्यदेव सिंह नेगी

क्या  आपके  गाँव  में  अभी  भी  होता  है  आपका  इस  तरह  से  स्वागत
Quote from: सत्यदेव सिंह नेगी on August 07, 2010, 12:27:52 PM
Bal mangal dal se bachhe swagat karte huye


हेम पन्त

नेगी जी ऐसे स्वागत करने की परंपरा हमारे गांव में तो नहीं है, लेकिन आपके गांव के बच्चों को निस्सन्देह बहुत अच्छे संस्कार दिये गये हैं जो अपने लोगों का इतना आदर करते हैं.

सत्यदेव सिंह नेगी

नहीं सर

ये परंपरा तो मेरे पैदा होने से पहले से चली आ रही है
हम तो बचपन से ही किसी दिल्ली या कहीं और से आने वाले का ऐसे ही स्वागत करते थे तथा हर १५ अगस्त , २६ जनवरी , २ अक्टूबर तो प्रभात फेरी आज भी लगती है
Quote from: हेम पन्त on August 09, 2010, 10:19:39 AM
नेगी जी ऐसे स्वागत करने की परंपरा हमारे गांव में तो नहीं है, लेकिन आपके गांव के बच्चों को निस्सन्देह बहुत अच्छे संस्कार दिये गये हैं जो अपने लोगों का इतना आदर करते हैं.