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Live Chat with Emerging Folk Singer Rajnikant Semwal- 23 July 2010 – 3pm

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, July 21, 2010, 01:12:20 PM

खीमसिंह रावत


Rajanikant Semwal

Quote from: Harish Rawat on July 21, 2010, 10:51:37 PM
:)   wah maja aa gaya ...bade dino baad .kuch naya sunane ko mila ....

rajnikant ji aapki aawaj sun kar man khush ho gaya ...

mujhe aasha hai ki aap jald hi naye album ke saath hamare beech aayange .....

jai uttarakhand .....

dhanyavad harish ji, aapka yahi utsahvardhan meri takat banega.

vedbhadola

रजनीकांत को शुभकामनायें...मेरा सवाल है की आपने उत्तराखंडी संगीत की ओर रुख क्यों किया... ??? ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि मेरी जानकारी के अनुसार...आपने अपने संगीत सफ़र की शुरुवात हिंदी से की थी.

Rajanikant Semwal

Quote from: Manish Mehta on July 22, 2010, 11:58:17 AM
"मेहता जी धन्यवाद ...रजनीकान्त सेमवल जी को मेरापहाड़ कम्युनिटी में आमंत्रित करने के लिए ...."
               


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रजनीकांत सेमवाल जी इस खुबसूरत एल्बम "टिकुलिया मामा" के लिए आपको और आपकी पूरी टीम बधाई के पात्र हैं ..मुझे आपकी, सोनिया आनन्द, प्रमिला जोशी, प्रीति रणाकोटी के स्वर मधुर लगे..गीतों के भाव बहुत ही प्रभावशाली हैं।  "हे रामिये.......",  "दयारा झूमीलो आपू दे सजाई मा........", 'लोण भरी दोण मेरी सुनीता.....',  सारे गीतों का फिल्मांकन सहज हुआ है। तकनीकी दृष्टि से भी कैसेट प्रभावी है। लांग शॉट्स व क्लोज अप को भी बेहतरीन रूप से प्रस्तुत किया गया है। 'दयारा झूमैलो.....' में दयारा बुग्याल के अप्रितम सौंन्दर्य को वहाँ की मक्खन-मट्ठे की होली की पृष्ठभूमि में छायांकन किया है। 'फूलेंडें डाली फूलै ले जाली दायरा रासो........' का गीत नृत्य के साथ अभिभूत कर देता है। नृत्य में झूमीलो के साथ दयारा का नैसर्गिक सौन्दर्य जैसे समाहित हो गया हो। पदसंचालन तो अद्वितीय है और बंगाड़, जौनसार व कमलसेरा की समृद्ध नृत्य परम्परा के अनुकूल है। 'लोणभरी दोण' नृत्य में 'छपाक' ध्वनि प्रयोग व 'रासो' का दीर्घ उच्चारण इस नृत्य को मनोहारी बना देता है । यह एल्बम  जौनसार, बंगाण, रवाई क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति कि याद दिलाता है...अमित बिश्नोई जी का संगीत निर्देशन खुबसूरत लगा ...और सुरक्षा रावत जी का निर्देशन उनके अनुभव कि परिभाषित करती है ...!

आपके अगले एल्बम का बेसब्री से इंतजार है...!!!


 


bahut-bahut dhanyavad manish bhai, mera naya album(audio) august second week tak market mai aane vala hai.

खीमसिंह रावत

viswavstariy pahchan ke liye kis tarah ke prayas kiye ja rahe hain Semwal ji

Anubhav / अनुभव उपाध्याय

Rajnikant ji aap Uttarakhand folk music main kise idolize karte hain?

Jagga

रजनीकांत जी २००१ में पहाड़ में एक नाम उछला था कुमाऊ  से ललित मोहन जोशी जी ने हर उत्तराखंडी भाई बैह्नु की दिल में आपने गनु के बोल से क्या आप भई उशी पराक्र के बोल लोगे अपने गानु में पहाड़ के बताओ जी

खीमसिंह रावत



रजनीकांत भाई थोडा सा अपना संसिप्त परिचय भी हमें  दे क्योंकि ये बहुत   जरुर हो जाता है की हमें कुछ आपके बारे में कुछ जानकारी हो .. आप कहा से है .. क्या   करते है... हिंदी गायन के बाद अचानक पहाड़ी गानों की तरफ कैसे रुख किया.. आप सिर्फ   गाने गाते है या फिर... कुछ और .. भी करते है...

मेरा पहाड़ / Mera Pahad

Semwal ji highly qualified hone ke baavjood aapne folk music ko apna profession chuna kuch khaas wajah?