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18 Aug 10-18 School Children Killed in Kapkot, Bageshwar due to Cloudburst

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, August 18, 2010, 08:38:07 PM

दीपक पनेरू

भगवान इन मासूम बच्चों की आत्माओं को शांति प्रदान करे तथा इनके माँ-बाप को   इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे.......हमारी करुण   संवेदनाएं सदा इन परिवारों के साथ है......

jagmohan singh jayara

उत्तराखंड के प्यारे बच्चे,
सबकी आँखों के तारे,
कोमल थे वो पुष्प जैसे,
जो थे  भविष्य हमारे.
लील गया मासूमों को,
प्रकृति का सैलाब,
जिसके आगे बेबस हैं,
जिसका नहीं जबाब.
दुःख की इस घड़ी में,
सबका मन है ऊदास,
शांति प्रदान करना उनको,
प्रभु  ये है  हमारी आस.
(जगमोहन सिंह जयाड़ा "जिज्ञासु" १९.८.२०१०)

Jasbeer Singh Bisht

It's a very sad news. I pray to god please help their parents to come out of the trauma caused due to death of their innocent childs.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

 
India - PM sanctions relief to Bhageshwar landslide victims

The Prime Minister is grieved to learn of the unfortunate demise of eighteen children of a primary school in Bageshwar district of Uttarakhand. The tragedy occurred when the school building collapsed due to heavy landslide this morning.

The Prime Minister has sanctioned ex gratia assistance of one lakh rupees each to next of kin of the deceased, and fifty thousand rupees each in case of the injured form the Prime Minister's national relief Fund.

http://www.isria.com/pages/19_August_2010_26.php

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

   
Rescuers and volunteers were removing the debris after the roof of the school collapsed [Reuters


dayal pandey/ दयाल पाण्डे

हम इस भयंकर त्राश्दी के लिए दुःख प्रकट करते मैं और उन मासूमो के परिवार के प्रति संवेदना जताते हैं और सरकार से अनुरोध करते हैं की कम से कम ५ लाख का मुवावजा इन मासूमो के परिवार को दें

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



मौसम ख़राब होने के कारण किसी से भी वहां कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है ताकि ताजा स्थिति के बारे में पता किया जा सके!

हालिक आज मुख्यमंत्री को घटना स्थल पर पहुचना था! केन्द्रयी क्ष्रम राज्य मंत्री हरीश रावत जी घटना स्थल पर जा रहे है !

पूर्व मुख्य मंत्री भगत सिंह koshiyari apna leh के programme को chhodkar kal raat है कपकोट के लिए रवाना हो चुके थे!


Jasbeer Singh Bisht

Chief  Minister Ramesh Pokhriyal Nishank was also scheduled to leave for Delhi  and Mumbai on Wednesday and he cancelled his visit in view of the unfortunate  incident. His plan to visit Kapkot in a helicopter also had to be  shelved since the chopper could not take off due to inclement weather.  The Chief Minister has now decided to reach Kapkot by road on Thursday. 

Nishank has announced a cash assistance of 1 lakh to each  victim's family. He has also instructed the Bageshwar DM to continue  with the rescue operations until all the students were accounted for.

दीपक पनेरू

ये किसके पापो का घड़ा अब,
उत्तराखंड पर फूटा है,
चोर, उचक्के, बदमाश यहाँ,
जिन्होंने लाखों को लूटा है,

मरते अबोध मासूम ओ बच्चे,
जिन्होंने अभी अभी चलना सीखा है,
क्या किस्मत लेकर आये माँ बाप,
क्या बच्चों के भाग्य मैं लिखा है,

ये बारिश का कहर बन क्यों,
प्रभु हमसे रूठा है,
उत्तराखंड की पावन धरती पर,
क्यों कहर बन कर टूटा है,

कही टूटकर गिरे पर्वत,
कही नदिया है जोरो पर,
दुखियों की किसी को खबर नहीं,
नेता लगे पैसे के जोरो पर,

अब इस दुःख की घडी में भी ये,
अपनी जेबों को गरम करें,
जिनको जरुरत है इनकी अब,
उनके लिए तो कुछ शर्म करें.

फिर बना "लेह", "लाह झेकला"
ये इन पापियों के पाप का साया है,
इस पावन उत्तराखंड को हर पल,
इन दुष्टों ने ऐसे ही सताया है.........

अब संभल  जाओ भाइयों,
इनको जड़ से साफ करो,
मरना तो सबको है एक दिन,
क्यों न उत्तराखंड के लिए मरो.

प्रभु दे शांति उन पीड़ितों को,
जिन्होंने इस दुःख को उठाया है,
किसी ने खोया घर बार यहाँ,
किसी ने बच्चों को गवाया है,


रचना दीपक पनेरू,
दिनांक 19 - अगस्त - 2010

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

दीपक जी

एक कवि होने के नाते आपने इस त्रासदी को कविता के रूप में व्यक्त किया है!  बहुत ही दुखद घटना है यह जिसे शब्दों में बया करना बहुत मुस्किल है!

इस दुःख की घडी में में हम लोग इन शोकाकुल परिवारों के साथ है! bhagan उनको इस क्षति को सहने की शक्ति दे !


Quote from: दीपक पनेरू on August 19, 2010, 03:40:14 PM
ये किसके पापो का घड़ा अब,
उत्तराखंड पर फूटा है,
चोर, उचक्के, बदमाश यहाँ,
जिन्होंने लाखों को लूटा है,

मरते अबोध मासूम ओ बच्चे,
जिन्होंने अभी अभी चलना सीखा है,
क्या किस्मत लेकर आये माँ बाप,
क्या बच्चों के भाग्य मैं लिखा है,

ये बारिश का कहर बन क्यों,
प्रभु हमसे रूठा है,
उत्तराखंड की पावन धरती पर,
क्यों कहर बन कर टूटा है,

कही टूटकर गिरे पर्वत,
कही नदिया है जोरो पर,
दुखियों की किसी को खबर नहीं,
नेता लगे पैसे के जोरो पर,

अब इस दुःख की घडी में भी ये,
अपनी जेबों को गरम करें,
जिनको जरुरत है इनकी अब,
उनके लिए तो कुछ शर्म करें.

फिर बना "लेह", "लाह झेकला"
ये इन पापियों के पाप का साया है,
इस पावन उत्तराखंड को हर पल,
इन दुष्टों ने ऐसे ही सताया है.........

अब संभल  जाओ भाइयों,
इनको जड़ से साफ करो,
मरना तो सबको है एक दिन,
क्यों न उत्तराखंड के लिए मरो.

प्रभु दे शांति उन पीड़ितों को,
जिन्होंने इस दुःख को उठाया है,
किसी ने खोया घर बार यहाँ,
किसी ने बच्चों को गवाया है,


रचना दीपक पनेरू,
दिनांक 19 - अगस्त - 2010