• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Source of Inspiration / Role Model for Others-समाज के लिए प्रेरणास्रोत

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, July 15, 2011, 03:28:59 AM

Rajen


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

किरण पुरोहित बडोला वह नाम है, जिसने यूएसए के दिल में पहाड़ को जिंदा किया हुआ है। उत्तराखंड के श्रीनगर से ताल्लुक रखने वालीं किरण 2008 में स्थापित की अपनी कंपनी 'माउंटेन हैंडीक्राफ्ट' के जरिए पहाड़ के हैंडीक्राफ्ट को दुनिया के इस हिस्से की पसंद बनाने में जुटी हैं।

उन्होंने एक अमेरिकी लेखक डॉ. रिचर्ड पिगलगर के साथ मिलकर उत्तराखंड के एरि सिल्क पर 'एरि सिल्क, कोकोन टू क्लाथ' नाम से किताब भी लिखी है। दुनिया भर की प्रतिष्ठित बुनकर से जुड़ी मैगजींस में उनके उत्पादों, लेखों को जगह मिली है।

उत्पादों की डायरेक्ट और आन लाइन बिक्री से लाखों का टर्नओवर हासिल करने वाली किरण ने बायोलाजी और केमिस्ट्री जैसे विषयों के साथ ग्रेजुएशन किया। इस वक्त यूएसए के ओहायो में रह रहीं किरण ने 14 साल पहले यानी सन् 2000 में विवाह के पश्चात पति अनिल बडोला के साथ यूएसए का रुख किया। किरण ने अपना तो बड़ा व्यवसाय खड़ा किया ही है, लेकिन इस क्रम में अपने परिवार को भी नजरअंदाज नहीं किया।



किरण बताती हैं कि उत्तराखंड राज्य की आर्थिकी में मददगार बनने के साथ ही महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों की भी मदद किरण हैंडीक्राफ्ट के इस व्यवसाय के माध्यम से कर पा रही है। वेबसाइट के जरिए अन्य देशों के भी ग्राहक किरण के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों तक पहुंच बना रहे हैं।

किरण पुरोहित बडोला उत्तराखंड के इस विधा को प्रमोट करने के लिए कमर कस चुकी हैं। अपनी मित्र प्रियंका टोलिया के साथ मिलकर जल्द ही उत्तराखंड में टेक्सटाइल से जुड़ा एक प्रोजेक्ट भी लाने जा रही हैं। उत्पाद यहीं बनाए जाएंगे, उन्हें यूएसए में मार्केट किया जाएगा।

निफ्ट से की डिजाइनिंग की शुरुआत
किरण ने नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन डिजाइनिंग (निफ्ट) से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया था। वह डिजाइनर बनना चाहती थीं। शुरुआत में स्कार्फ डिजाइन किए। जब हैंडीक्राफ्ट के प्रति बाहरी लोगों का क्रेज देखा तो राह बदल दी। माउंटेन हैंडीक्राफ्ट के नाम से उत्तराखंड केहैंडीक्राफ्ट उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाती हैं।

महिलाओं के लिए संदेश
महिलाएं शक्तिपुंज हैं। उन्हें कुछ करने केलिए किसी सहारे की जरूरत नहीं। प्लानिंग के साथ दृढ़सोच को मिला कार्य शुरू कर दें। सफलता मिलेगी ही

http://www.dehradun.amarujala.com/feature/city-news-dun/uttarakhand-girl-success-in-america-hindi-news/?page=1