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Introduction of Community Members - मेरा पहाड़ के सदस्यों से परिचय !

Started by मेरा पहाड़ / Mera Pahad, September 13, 2007, 04:03:04 PM




एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


हेम पन्त

लखेङा जी आपका हार्दिक स्वागत है 'मेरा पहाङ" फोरम पर... कृपया फोरम में सभी Topics का अवलोकन करें और अपने विचार रखें..

पंकज सिंह महर

Quote from: Hari Lakhera on May 06, 2009, 03:24:29 PM
Hi,
I am Hari Lakhera from Pauri Garhwal, currently living in Delhi.

लखेड़ा ज्यू कु म्यार पहाड कुटुम्ब मां भौत-भौत स्वागत चा।

Devbhoomi,Uttarakhand

लखेड़ा ज्यू कु म्यार पहाड कुटुम्ब मां भौत-भौत स्वागत चा।


Jagga

[म्यर पहड़का सब आदिमुकई मैर पैलाग
आज मी आपुड लोगो कई या कंप्यूटर दुआर लिखी चिट्टी भेज्नु
मैर आप लोगुहू ये गुन्ज्स छ की हम जदुक ले पहाडी आपुड पहाड़ है बेर भैर छू हुमुल एक ये उदेश बनुन छू की पहडैकी रीती रिवाज नी छूटड़ चैन हो .
आप लोगुकई में एक खाश बात ये बतुडू की आज पहाड़ मैं सब से बुरी बुरिये खाश कर भै भै आप्श मैं लड़ जनि किले की की उनैर घरवाली आलग आलग विचार वाली हुनि नै तब , एक पहाडी किश छू , दुई भै बरात मैं जनि और एक छोरी कई पटुनी , जब छोरी कई पत लागु की या एक खड़क पिनाऊ छान कबर उले उमाबाई य दीख छ की कोई कोई कुकैल छू कई बेर , य स्थिति छू आज हमार पहाड़ मैं . अगल बगल वाले आप्श मैं नी बुलान कई क भैल है ल आप्श मैं साल एक दुस्रुहू नै बुलान
बैकाए बाद मैं लिखनु हा
पैलाग जग्गा कांडपाल
बहुतै हरामी पहाडी
कोई ले गलित है ली जब माफ़ कर दिया हा
नोट : अगर आप इस बात से सहमत नहीं हो तो माफ़ कर न पहाडी भयऊ
ओह ओह ग्दुवाक झ्हाला फैली हो श्रार पहाड़
कोई नी दिखी आज कल हुमुकई आश्ल पहाडी

पंकज सिंह महर

Quote from: Jagga on May 07, 2009, 05:10:05 PM
[म्यर पहड़का सब आदिमुकई मैर पैलाग
आज मी आपुड लोगो कई या कंप्यूटर दुआर लिखी चिट्टी भेज्नु
मैर आप लोगुहू ये गुन्ज्स छ की हम जदुक ले पहाडी आपुड पहाड़ है बेर भैर छू हुमुल एक ये उदेश बनुन छू की पहडैकी रीती रिवाज नी छूटड़ चैन हो .
आप लोगुकई में एक खाश बात ये बतुडू की आज पहाड़ मैं सब से बुरी बुरिये खाश कर भै भै आप्श मैं लड़ जनि किले की की उनैर घरवाली आलग आलग विचार वाली हुनि नै तब , एक पहाडी किश छू , दुई भै बरात मैं जनि और एक छोरी कई पटुनी , जब छोरी कई पत लागु की या एक खड़क पिनाऊ छान कबर उले उमाबाई य दीख छ की कोई कोई कुकैल छू कई बेर , य स्थिति छू आज हमार पहाड़ मैं . अगल बगल वाले आप्श मैं नी बुलान कई क भैल है ल आप्श मैं साल एक दुस्रुहू नै बुलान
बैकाए बाद मैं लिखनु हा
पैलाग जग्गा कांडपाल
बहुतै हरामी पहाडी
कोई ले गलित है ली जब माफ़ कर दिया हा
नोट : अगर आप इस बात से सहमत नहीं हो तो माफ़ कर न पहाडी भयऊ
ओह ओह ग्दुवाक झ्हाला फैली हो श्रार पहाड़
कोई नी दिखी आज कल हुमुकई आश्ल पहाडी


बहुत सही लिखो जग्गा दा तुमुलो, खैर पैली त भौत-भौत स्वागत छु तुमोर, तुम सब्बे टोपिकन पड़ी बेर अपनी राय जरुर दिया।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Welcome Daju..

Quote from: Jagga on May 07, 2009, 05:10:05 PM
[म्यर पहड़का सब आदिमुकई मैर पैलाग
आज मी आपुड लोगो कई या कंप्यूटर दुआर लिखी चिट्टी भेज्नु
मैर आप लोगुहू ये गुन्ज्स छ की हम जदुक ले पहाडी आपुड पहाड़ है बेर भैर छू हुमुल एक ये उदेश बनुन छू की पहडैकी रीती रिवाज नी छूटड़ चैन हो .
आप लोगुकई में एक खाश बात ये बतुडू की आज पहाड़ मैं सब से बुरी बुरिये खाश कर भै भै आप्श मैं लड़ जनि किले की की उनैर घरवाली आलग आलग विचार वाली हुनि नै तब , एक पहाडी किश छू , दुई भै बरात मैं जनि और एक छोरी कई पटुनी , जब छोरी कई पत लागु की या एक खड़क पिनाऊ छान कबर उले उमाबाई य दीख छ की कोई कोई कुकैल छू कई बेर , य स्थिति छू आज हमार पहाड़ मैं . अगल बगल वाले आप्श मैं नी बुलान कई क भैल है ल आप्श मैं साल एक दुस्रुहू नै बुलान
बैकाए बाद मैं लिखनु हा
पैलाग जग्गा कांडपाल
बहुतै हरामी पहाडी
कोई ले गलित है ली जब माफ़ कर दिया हा
नोट : अगर आप इस बात से सहमत नहीं हो तो माफ़ कर न पहाडी भयऊ
ओह ओह ग्दुवाक झ्हाला फैली हो श्रार पहाड़
कोई नी दिखी आज कल हुमुकई आश्ल पहाडी