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हेमंत पांडे : एक सच्चा पहाडी - HEMANT PANDEY A TRUE UTTARAKHANDI

Started by हेम पन्त, October 06, 2007, 01:50:45 PM




एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त है छमनियांचौड़ : पाण्डेयDec 06, 02:51 am

लोहाघाट(चम्पावत)। प्रसिद्ध फिल्मी कलाकार हेमंत पाण्डेय ने लोहाघाट स्थित छमनियांचौड़ सुई को फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त जगह बताते हुए कहा है कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर लोहाघाट क्षेत्र कश्मीर की वादियों से कम नहीं है। लोहाघाट में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने बताया कि छमनियांचौड़ को उन्होंने फिल्म सिटी निर्माण के लिए पहले पायदान पर रखा है। वे भूमि का निरीक्षण भी कर चुके है। इसके लिए वे पूरा प्रयास करेगे।

श्री पाण्डेय ने बताया कि फिल्म निर्माता पहाड़ों की शूटिंग के लिए नोयडा अथवा पहाड़ों की ओर रुख करते है या फिर उन्हे इसके लिए स्विट्जरलैण्ड जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोहाघाट व चम्पावत का नैसर्गिक सौंदर्य उन्हे हमेशा से ही आकर्षित करता रहा है। वे फिल्म सिटी के लिए सभी प्रकार से उपयुक्त सुई स्थित छमनियांचौड़ में फिल्म सिटी स्थापित करने के लिए जिले के अधिकारियों व मुख्यमंत्री से वार्ता करेगे।

उन्होंने बताया कि अब वह अपने पूर्वजों की पैतृक भूमि सिमल्टा में रहते हुए चम्पावत जिले के विकास के लिए कुछ करना चाहते है। उनका लक्ष्य यहां की प्रतिभाओं को सिनेमा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का भी है। श्री पाण्डेय ने बताया कि वे यहां अधिक से अधिक फिल्मों की सूटिंग के लिए फिल्म निर्माताओं का ध्यान आकर्षित कर रहे है। पत्रकार वार्ता के दौरान वे योग का जिक्र करना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्रों के लोगों के लिए पहाड़ जैसी आबोहवा मिलना दुष्कर है। उनको मौका मिला तो वे यहां योग शिविर भी लगायेंगे।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Hemant Bhai par hame Garv Hai. No doubt he is a true Pahadi.


Quote from: M S Mehta on December 06, 2007, 09:20:36 AM

फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त है छमनियांचौड़ : पाण्डेयDec 06, 02:51 am

लोहाघाट(चम्पावत)। प्रसिद्ध फिल्मी कलाकार हेमंत पाण्डेय ने लोहाघाट स्थित छमनियांचौड़ सुई को फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त जगह बताते हुए कहा है कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर लोहाघाट क्षेत्र कश्मीर की वादियों से कम नहीं है। लोहाघाट में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने बताया कि छमनियांचौड़ को उन्होंने फिल्म सिटी निर्माण के लिए पहले पायदान पर रखा है। वे भूमि का निरीक्षण भी कर चुके है। इसके लिए वे पूरा प्रयास करेगे।

श्री पाण्डेय ने बताया कि फिल्म निर्माता पहाड़ों की शूटिंग के लिए नोयडा अथवा पहाड़ों की ओर रुख करते है या फिर उन्हे इसके लिए स्विट्जरलैण्ड जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोहाघाट व चम्पावत का नैसर्गिक सौंदर्य उन्हे हमेशा से ही आकर्षित करता रहा है। वे फिल्म सिटी के लिए सभी प्रकार से उपयुक्त सुई स्थित छमनियांचौड़ में फिल्म सिटी स्थापित करने के लिए जिले के अधिकारियों व मुख्यमंत्री से वार्ता करेगे।

उन्होंने बताया कि अब वह अपने पूर्वजों की पैतृक भूमि सिमल्टा में रहते हुए चम्पावत जिले के विकास के लिए कुछ करना चाहते है। उनका लक्ष्य यहां की प्रतिभाओं को सिनेमा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का भी है। श्री पाण्डेय ने बताया कि वे यहां अधिक से अधिक फिल्मों की सूटिंग के लिए फिल्म निर्माताओं का ध्यान आकर्षित कर रहे है। पत्रकार वार्ता के दौरान वे योग का जिक्र करना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्रों के लोगों के लिए पहाड़ जैसी आबोहवा मिलना दुष्कर है। उनको मौका मिला तो वे यहां योग शिविर भी लगायेंगे।


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Kindly go through this news also.

Quote from: M S Mehta on December 06, 2007, 09:20:36 AM

फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त है छमनियांचौड़ : पाण्डेयDec 06, 02:51 am

लोहाघाट(चम्पावत)। प्रसिद्ध फिल्मी कलाकार हेमंत पाण्डेय ने लोहाघाट स्थित छमनियांचौड़ सुई को फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त जगह बताते हुए कहा है कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर लोहाघाट क्षेत्र कश्मीर की वादियों से कम नहीं है। लोहाघाट में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने बताया कि छमनियांचौड़ को उन्होंने फिल्म सिटी निर्माण के लिए पहले पायदान पर रखा है। वे भूमि का निरीक्षण भी कर चुके है। इसके लिए वे पूरा प्रयास करेगे।

श्री पाण्डेय ने बताया कि फिल्म निर्माता पहाड़ों की शूटिंग के लिए नोयडा अथवा पहाड़ों की ओर रुख करते है या फिर उन्हे इसके लिए स्विट्जरलैण्ड जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोहाघाट व चम्पावत का नैसर्गिक सौंदर्य उन्हे हमेशा से ही आकर्षित करता रहा है। वे फिल्म सिटी के लिए सभी प्रकार से उपयुक्त सुई स्थित छमनियांचौड़ में फिल्म सिटी स्थापित करने के लिए जिले के अधिकारियों व मुख्यमंत्री से वार्ता करेगे।

उन्होंने बताया कि अब वह अपने पूर्वजों की पैतृक भूमि सिमल्टा में रहते हुए चम्पावत जिले के विकास के लिए कुछ करना चाहते है। उनका लक्ष्य यहां की प्रतिभाओं को सिनेमा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का भी है। श्री पाण्डेय ने बताया कि वे यहां अधिक से अधिक फिल्मों की सूटिंग के लिए फिल्म निर्माताओं का ध्यान आकर्षित कर रहे है। पत्रकार वार्ता के दौरान वे योग का जिक्र करना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्रों के लोगों के लिए पहाड़ जैसी आबोहवा मिलना दुष्कर है। उनको मौका मिला तो वे यहां योग शिविर भी लगायेंगे।


पंकज सिंह महर

Quote from: M S Mehta on December 06, 2007, 09:20:36 AM

फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त है छमनियांचौड़ : पाण्डेयDec 06, 02:51 am

लोहाघाट(चम्पावत)। प्रसिद्ध फिल्मी कलाकार हेमंत पाण्डेय ने लोहाघाट स्थित छमनियांचौड़ सुई को फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त जगह बताते हुए कहा है कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर लोहाघाट क्षेत्र कश्मीर की वादियों से कम नहीं है। लोहाघाट में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने बताया कि छमनियांचौड़ को उन्होंने फिल्म सिटी निर्माण के लिए पहले पायदान पर रखा है। वे भूमि का निरीक्षण भी कर चुके है। इसके लिए वे पूरा प्रयास करेगे।

श्री पाण्डेय ने बताया कि फिल्म निर्माता पहाड़ों की शूटिंग के लिए नोयडा अथवा पहाड़ों की ओर रुख करते है या फिर उन्हे इसके लिए स्विट्जरलैण्ड जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोहाघाट व चम्पावत का नैसर्गिक सौंदर्य उन्हे हमेशा से ही आकर्षित करता रहा है। वे फिल्म सिटी के लिए सभी प्रकार से उपयुक्त सुई स्थित छमनियांचौड़ में फिल्म सिटी स्थापित करने के लिए जिले के अधिकारियों व मुख्यमंत्री से वार्ता करेगे।

उन्होंने बताया कि अब वह अपने पूर्वजों की पैतृक भूमि सिमल्टा में रहते हुए चम्पावत जिले के विकास के लिए कुछ करना चाहते है। उनका लक्ष्य यहां की प्रतिभाओं को सिनेमा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का भी है। श्री पाण्डेय ने बताया कि वे यहां अधिक से अधिक फिल्मों की सूटिंग के लिए फिल्म निर्माताओं का ध्यान आकर्षित कर रहे है। पत्रकार वार्ता के दौरान वे योग का जिक्र करना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्रों के लोगों के लिए पहाड़ जैसी आबोहवा मिलना दुष्कर है। उनको मौका मिला तो वे यहां योग शिविर भी लगायेंगे।



gr8888888888888 news mehata jee

वैसे हेमन्त दा ने इस बात को झुठला दिया कि लोग बड़े बनने के बाद अपना गांव नहीं देखते, हमारे यहां एक मेजर बुबु थे उनकी बात याद आ रही है " नाती, मडुवा का बाला, ठाड़ा-ठाड़ा जाता, गेहूं का बाला झुकी-झुकी आता" ......समझ गये ना

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Hement Da is in pithoragarh now-a-days. I had just talked with him yesterday and asked about this issue. He told me that he has some planning on this issue.

I think he must have moved to Mumbai today.


Quote from: पंकज सिंह महर on December 07, 2007, 03:22:49 PM
Quote from: M S Mehta on December 06, 2007, 09:20:36 AM

फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त है छमनियांचौड़ : पाण्डेयDec 06, 02:51 am

लोहाघाट(चम्पावत)। प्रसिद्ध फिल्मी कलाकार हेमंत पाण्डेय ने लोहाघाट स्थित छमनियांचौड़ सुई को फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त जगह बताते हुए कहा है कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर लोहाघाट क्षेत्र कश्मीर की वादियों से कम नहीं है। लोहाघाट में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने बताया कि छमनियांचौड़ को उन्होंने फिल्म सिटी निर्माण के लिए पहले पायदान पर रखा है। वे भूमि का निरीक्षण भी कर चुके है। इसके लिए वे पूरा प्रयास करेगे।

श्री पाण्डेय ने बताया कि फिल्म निर्माता पहाड़ों की शूटिंग के लिए नोयडा अथवा पहाड़ों की ओर रुख करते है या फिर उन्हे इसके लिए स्विट्जरलैण्ड जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोहाघाट व चम्पावत का नैसर्गिक सौंदर्य उन्हे हमेशा से ही आकर्षित करता रहा है। वे फिल्म सिटी के लिए सभी प्रकार से उपयुक्त सुई स्थित छमनियांचौड़ में फिल्म सिटी स्थापित करने के लिए जिले के अधिकारियों व मुख्यमंत्री से वार्ता करेगे।

उन्होंने बताया कि अब वह अपने पूर्वजों की पैतृक भूमि सिमल्टा में रहते हुए चम्पावत जिले के विकास के लिए कुछ करना चाहते है। उनका लक्ष्य यहां की प्रतिभाओं को सिनेमा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का भी है। श्री पाण्डेय ने बताया कि वे यहां अधिक से अधिक फिल्मों की सूटिंग के लिए फिल्म निर्माताओं का ध्यान आकर्षित कर रहे है। पत्रकार वार्ता के दौरान वे योग का जिक्र करना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्रों के लोगों के लिए पहाड़ जैसी आबोहवा मिलना दुष्कर है। उनको मौका मिला तो वे यहां योग शिविर भी लगायेंगे।



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वैसे हेमन्त दा ने इस बात को झुठला दिया कि लोग बड़े बनने के बाद अपना गांव नहीं देखते, हमारे यहां एक मेजर बुबु थे उनकी बात याद आ रही है " नाती, मडुवा का बाला, ठाड़ा-ठाड़ा जाता, गेहूं का बाला झुकी-झुकी आता" ......समझ गये ना

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


हेम पन्त