• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Breaking News - तेज़ ख़बर

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 09, 2007, 10:55:00 AM

Devbhoomi,Uttarakhand

पायलट बाबा आश्रम पर चली जेसीबी
===================


जिला जज के आदेश पर कार्रवाई करते प्रशासन ने पायलट बाबा आश्रम की ओर से सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस अभियान में आश्रम के आस पास बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया था। गुरुवार को पहले दिन कुछ स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया। प्रशानिक अधिकारियों ने बताया कि आज शुक्रवार को पूरी तरह से अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया जाएगा।

बीते बुधवार को जिला जज आरसी खुल्बे ने सैंज गांव के पास पायलट बाबा आश्रम की ओर से सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के मामले में एसडीएम कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अतिक्रमण ध्वस्त करने के आदेश दिए थे, इस पर कार्रवाई करते एसडीएम भटवाड़ी पीएल शाह व एसडीएम डुण्डा केएस टोलिया ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण की नाप की छाप ली। 16 नाली 2 मुट्ठी भूमि पर अतिक्रमण की नाप ली गई, इसमें भागीरथी तट के निकट की सरकारी भूमि सहित गंगोत्री राजमार्ग पर किया गया अतिक्रमण शामिल है। इसके बाद अतिक्रमण ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। गुरुवार को गंगोत्री राजमार्ग को कब्जाकर बनाए गये गेट, दीवारें व गार्ड रूम सहित अन्य निर्माण ध्वस्त किया गया। इस दौरान आश्रम के निकट भारी तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया था। उन्होंने बताया कि आज शुक्रवार को पूरा अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया जाएगा। इस दौरान एडीएम बीएस धानिक, सीओ चंद्रमोहन, एसओ मनेरी आईडी जोशी, एसओ उत्तरकाशी दिनेश कुमार सहित पुलिस के जवान व राजस्व कर्मी मौजूद रहे।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8664225.html

Devbhoomi,Uttarakhand

भूकंप आया डोली धरती सहमे उत्तरकाशी के लोग
=========================



गुरुवार की रात आए भूकंप से धरती एक बार फिर डोल गई। इस हलचल से लोग सहमे हुए है। करीब बीस सेकेंड तक आए भूकंप के झटकों से लोग अपने घरों से बाहर निकल गए।

भूगर्भीय दृष्टि से अति संवेदनशील माने जाने वाले उत्तरकाशी जनपद में आपदा व भूकंप का सिलसिला जारी है। गुरुवार की अ‌र्द्धरात्री को 12.47 मिनट पर 5.0 स्केल की तीव्रता के भूकंप से यमुना व गंगाघाटी के लोग काफी सहमे हैं। आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण केंद्र के मुताबिक 5.0 रिक्टयर की तीव्रता से आए इस भूकंप का केंद्र बिंदु यमुनाघाटी के राजगढ़ी में था। इसकी गहराई के 10 किलोमीटर नीचे थी। हालांकि भूकंप से जनपद में कहीं भी जानमाल की हानि नहीं हुई है, लेकिन यमुनाघाटी के बड़कोट, राजगढ़ी समेत प्रखंड के कुरुडा, छाड़ा, श्रीकोट, करड़ा, मेहराना, खलाड़ी, घुंडाडा आदि गांव में मकानों में दरारें पड़ने की सूचना है। भूकंप के झटकों से लोगों में भय इस कदर रहा कि आधी रात को लोग अपने घरों से बाहर आ गए। सुबह चार बजे लोगों ने झटके महसूस किए। कुरड़ा निवासी सरदार सिंह ने बताया कि गांव में एक दर्जन से भी अधिक आवासीय भवनों में भूकंप से दरारें आई है। एसडीएम यूएस राणा ने बताया कि भूकंप से किसी प्रकार की जानमाल की कोई सूचना नहीं है, जबकि आसपास के गांव में मकानों में दरारें आने की सूचना है। क्षेत्रीय पटवारियों को नुकसान का जायजा लेने को भेजा गया है। विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।


Jagran news

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

दुखद खबर - 09 फ़रवरी से  दिल्ली के छावला (नज़फगढ़)  से लापता लड़की जो कि मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली थी, उसकी लाश हरियाणा के रिवाड़ी से मिली! आज डिल्ली में भी कई  समाजिक संगठनो और लड़की के रिश्तेदारों ने जंतर मंतर पर विरोध किया था और जिसके कारण पुलिस  ने तीन आरोपियों  को भी गिरफ्तार किया है  !

विनोद सिंह गढ़िया

स्थानीय लोगों से खबर आ रही है कि बीजेपी का गड़ कहा जाने वाला विधानसभा क्षेत्र कपकोट में बीजेपी हार चुकी है। विजेता कांग्रेस के श्री ललित फर्स्वाण बताये जा रहे हैं। श्री फर्स्वाण ने अपने निकतम प्रतिद्वंदी बीजेपी के श्री बलवंत सिंह भौर्याल को लगभग 1200  मतों से हराया।

Bhopal Singh Mehta

नई दिल्ली।। उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इस पर से पर्दा हट गया है। टिहरी गढ़वाल से कांग्रेस सांसद विजय बहुगुणा उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री होंगे। दिल्ली के 10 जनपथ पर चली मैराथन बैठक के बाद विजय बहुगुणा के नाम पर सहमति बनी।


तमाम अटकलों को विराम लगाते हुए कांग्रेस आलाकमान ने विजय बहुगुणा को उत्तराखंड विधायक दल का नेता चुना है। बैठक बाद पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बहुजन समाजवादी पार्टी के समर्थन के बाद सभी विधायकों से बातचीत की गई। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विजय बहुगुणा के नाम पर मुहर लगाई।

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री हरीश रावत, सतपाल महाराज, यशपाल आर्य, इंदिरा हृदयेश और हरक सिंह रावत भी मुख्यमंत्री के दावेदार थे। इन सभी को पीछे छोड़ते हुए विजय बहुगुणा ने बाजी मार ली है।

विजय बहुगुणा यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवतीनंदन बहुगुणा के बेटे हैं। विजय की बहन रीता जोशी बहुगुणा हैं, जो यूपी कांग्रेस की कद्दावर नेता हैं।

http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/12235137.cms

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

हरीश रावत का इस्तीफा, बनाएंगे नई पार्टी!
देहरादून/एजेंसी।
     


Harish Rawat resignation the Chief Minister not to be angry
[/t][/t][/t]    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की दौड़ में पिछड़ने के बाद केंद्रीय मंत्री हरीश रावत ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। हरीश रावत ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भेजा है। इस्तीफे पर हरीश रावत ने कोई भी टिप्पणी करने से साफ इनकार किया है। कांग्रेस नेताओं का भी कहना है कि अभी हम इतना ही कह सकते हैं कि रावत ने इस्तीफा दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हरीश रावत जल्द ही नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं।

विजय बहुगुणा को सीएम बनाने से नाराज
हरीश रावत के नजदीकी सूत्रों ने बताया कि सोमवार को उनके करीब 20 समर्थक विधायकों की बैठक हुई थी। बैठक में इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया गया कि पार्टी हाईकमान ने हरीश रावत को मुख्यमंत्री नहीं बनाकर उनकी उपेक्षा की है। बैठक के बाद ही हरीश रावत ने इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। पार्टी हाईकमान के विजय बहुगुणा को राज्य का मुख्यमंत्री बनाए जाने के फैसले से पार्टी विधायक बेहद खफा हैं।

सोनिया गांधी को पत्र लिखकर नाराजगी जताई
हरीश रावत ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जताई है। बहुगुणा ने सोमवार रात हरीश रावत से मुलाकात कर उनसे सहयोग और समर्थन की मांग की थी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की प्रबल दावेदार रहीं इंदिरा हृदयेश और विधानसभा में विपक्ष के नेता हरक सिंह रावत ने भी हरीश रावत को समर्थन देने का आश्वासन दिया है।

सूत्रों के अनुसार हरीश रावत के इस्तीफा देने के बाद पार्टी हाईकमान की ओर से उन्हें मनाने के प्रयास शुरू हो गए हैं।

     print
 

विनोद सिंह गढ़िया

लगातार बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि विजय बहुगुणा ही बनेंगे उत्तराखंड के अगले मुख्यमंत्री. कांग्रेस कोर ग्रुप ने यह फैसला किया है कि उत्तराखंड की गद्दी पर सोनिया गांधी के चहेते बहुगुणा की ताजपोशी होगी. बहुगुणा मंगलवार शाम ही शपथ लेंगे.
गौरतलब है कि कृषि एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री हरीश रावत के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड के सियासत में गर्माहट आ गई थी.
उधर, मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में बढती फूट के बीच बीजेपी ने कहा कि उसने भविष्य की सभी संभावनाओं के द्वार खुले रखे हैं और कांग्रेस के कुछ सदस्यों, बसपा और निर्दलीय विधायकों से संपर्क बनाये हुए है.

C.S.Mehta

दुग नाकुरी बनेगा तहसील!
Story Update : Tuesday, March 13, 2012    12:01 AM
बागेश्वर। दुग नाकुरी को तहसील बनाने की मांग बागेश्वर जिले की मांग के साथ ही उठी थी। जिला तो बन गया पर तहसील की मांग आज तक पूरी नहीं हो सकी है। पृथक तहसील नहीं बनने से जहां क्षेत्र का विकास चौपट हो गया है वहीं लोगों को छोटी प्रशासनिक इकाई का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों को तहसील स्तरीय काम के लिए यहां से 24 से 60 किमी दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। इसमें उनका काफी समय तथा धन बर्बाद हो रहा है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही लोगों में तहसील बनने की आश भी जाग गई है।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार दुग नाकुरी के करीब 50 गांवों की जनसंख्या 45 हजार से अधिक हो गई है। नाकुरी पट्टी के गांवों में जारती, पपोली, उडियार, रंगदेव, बिनाड़ी, पचार, होराली, जलमानी, पातल, लमजिंगड़ा, रीमा, सुरकालीगांव, दियाली कुरौली, वड्यूड़ा, बैकोड़ी, किड़ई दारसिंग, महोली, सक्नयुड़ा, चौनाला, सिमगड़ी, सनगाड़, बास्ती, जाखनी, मजगांव, भंतोला, शेरी, झांकरा एवं महरुड़ी, दुग पट्टी के गडेरा, सलीगांव, खोलीगांव, मउडियार, तिलाड़ी, जुनायल, सुंदिल, लेसानी, चिपोली, कमद, पलायण, तुसेरा, दोफाड़ को मिलाकर पृथक तहसील बनाने की मांग को लेकर क्षेत्र के लोग वर्ष 1997 से संघर्षरत हैं। पृथक उत्तराखंड राज्य की स्थापना के बाद आई सरकारों के नुमाइंदों ने इस मांग को पूरी करने के लिए कई आश्वासन दिए लेकिन वह आज तक पूरे नहीं हो सके हैं। पिछले साल फरवरी महीने में मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ने केदारेश्वर मैदान कपकोट में बहुउद्देश्यीय शिविर लगाया था। तब तहसील की घोषणा होने की बात प्रचारित तो खूब करवाई गई लेकिन भाजपा नेता स्थापना नहीं करा सके। तहसील नहीं बनने से जहां लोगों को छोटी प्रशासनिक इकाई का लाभ नहीं मिल पा रहा है वहीं क्षेत्र में विकास कार्य भी भगवान भरोसे है। विधानसभा चुनाव में क्षेत्र के मतदाताओं ने इस लंबित मांग को मुद्दा बना लिया था। प्रदेश में अब कांग्रेस की सरकार आ गई है और क्षेत्रीय विधायक ललित फर्स्वाण भी कांग्रेस से ही हैं। क्षेत्र के लोगों में आशा है कि फर्स्वाण तहसील की स्थापना दुग नाकुरी के केंद्र बिंदु बनलेख में कराने के तेजी से प्रयास करेंगे। पृथक तहसील संघर्ष समिति के महामंत्री धन सिंह भौर्याल ने कहा कि यदि इस बार भी तहसील नहीं बनी तो फिर से आंदोलन की रणभेरी बजा दी जाएगी। इधर विधायक फर्स्वाण ने कहा कि तहसील की स्थापना उनकी प्राथमिकताओं में है। इसके लिए वह अपने प्रयास जारी रखेंगे।

Devbhoomi,Uttarakhand

उत्तराखंड के पौढ़ी जिले में श्रीनगर के पास अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन एक पुल के गिर जाने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गयी और 18 अन्य घायल हो गये।

उत्तराखंड के पौढ़ी जिले में श्रीनगर के पास अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन एक पुल के गिर जाने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गयी और 18 अन्य घायल हो गये। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने घटना के तत्काल बाद जांच के आदेश दे दिये हैं।

आज तड़के चोरस पुल उस वक्त गिर गया जब कुछ मजदूर वहां काम कर रहे थे। पौढ़ी के जिला मजिस्ट्रेट एमसी उप्रेती ने कहा कि पुल गिरने के कारण अभी पता नहीं चल सके हैं।


डीएम ने पीटीआई को बताया कि सभी छह शव निकाल लिये गये हैं और उन्हें पहचानने के प्रयास जारी हैं।


मुख्यमंत्री ने घटना के मामले में जांच का आदेश दिया है। बहुगुणा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''जो कुछ हुआ, मैं उसे लेकर चिंतित हूं।'' उन्होंने कहा कि राहत अभियान के लिए एक हेलीकॉप्टर को सेवा में लगाने का आदेश दे दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह दुर्घटनास्थल पर जाएंगे।


पिछले कुछ साल में राज्य में इस तरह के और भी हादसे हुए हैं, जिसके लिए अधिकारियों ने निर्माण में इस्तेमाल खराब गुणवत्ता की सामग्री को जिम्मेदार ठहराया।


विनोद सिंह गढ़िया

कपकोट में ओलावृष्टि, फसल चौपट

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में आज करीब 1.30 बजे जबरदस्त ओलावृष्टि हुई, जिसमें किसानों को भारी हानि की आशंका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कपकोट, पोथिंग, ऐठान आदि गावों में लगभग 15 मिनट तक ओलावृष्टि हुई जिसमें  किसानों की फसल जैसे जौ, मसूर, गेहूं इत्यादि चौपट हुई है। सर्वाधिक हानि फलों के पेड़ों को हुई है क्योंकि इसी समय आम के बौर, आडू, खुमानी, नारंगी, माल्टा इत्यादि के पेड़ों में फूल आते हैं। बताया जा रहा है कि ओलावृष्टि से ज्यादा नुकसान पोथिंग गाँव में हुआ है।