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Famous Waterfall Of Uttarakhand - उत्तराखंड मे प्रसिद्ध झरने

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, August 01, 2008, 01:23:34 PM

Devbhoomi,Uttarakhand

सहस्रधारा

सहस्त्रधारा या हजार झरनें देहरादून से मात्र 16 किलोमीटर की दूरी पर राजपुर गांव के पास स्थित है। यहां स्थित सल्फर झरना त्वचा की बीमारियों की चिकित्सा के लिए प्रसिद्ध है।

इसकी चिकित्सा संबंधी कुछ अन्य उपादेयताएं भी हैं। खाने-पीने और अन्य तरह की चीजें बेचने वाली दुकानों के होने से यह जगह पिकनिक के लिहाज से बेहद उपयुक्त है। काफी परिवारो को यहां पर मौज-मस्ती करते हुए देखा जा सकता है। अन्य लोगों की तरह यह जगह बच्चों के बीच भी समान रूप से लोकप्रिय है।

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गरूड़ चट्टी जलप्रपात (Rishikesh)

नीलकंठ महादेव के रास्ते में मुनी की रेती से 5 किलोमीटरों की दूरी पर अवस्थित गरूड़ चट्टी जलप्रपात एक छोटा सा - लगभग 20 फीट ऊंचाई का - लेकिन अत्यन्त खूबसूरत जलप्रपात है। आपको जलप्रपात तक पहुंचने के लिए मुनी की रेती से लगभग 750 मीटरों की चढ़ाई चढ़नी पड़ेगी।

गरूड़ चट्टी में गरूड़ को समर्पित एक मंदिर भी है। यहां हनुमान और भगवान शिव की प्रतिमाएं भी हैं। प्रवेश-स्थान में स्थित एक पट्टिका में दर्शकों को चेतावनी दी गई है कि मंदिर का दर्शन तभी सफल होगा जब वह (दर्शक) मंदिर में प्रवेश करने से पहले शराब, मांसाहारी भोजन और अंडों का सेवन बंद करने का प्रण लें। इस मंदिर में प्रतिदिन प्रातः 6 बजे और सायं 6 बजे आरती का आयोजन किया जाता है। गंगा के किनारे खडंजे से निर्मित घाट भी है जहां भक्तजन मंदिर में प्रवेश करने से पूर्व स्नान कर सकते हैं।

अपुष्ट खबरों के अनुसार, टाइटैनिक की शीर्ष नायिका, केट विन्सलेट ने मई, 1998 में ऋषिकेश का भ्रमण किया था और इस जलप्रपात में स्नान किया था। इसके परिणामस्वरूप कई लोग इसे केट विन्सलेट जलप्रपात कह कर संबोधित करते हैं!


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नीड़गड्डु जलप्रपात (Rishikesh)

नीड़गड्डु जलप्रपात पहुंचना तो मुश्किल है लेकिन, अगर आपके पास शारीरिक दमखम है तो यहां पहुंचा जा सकता है। यह मुनी की रेती से बद्रीनाथ के रास्ते में 15 किलोमीटरों की दूरी पर अवस्थित है। आखिर के 3 किलोमीटर चुनौती पेश करते हैं क्योंकि आपको आगे के ऊंचे-नीचे भू-भाग में चढ़ाई चढ़नी पड़ेगी।

यह जलप्रपात पहाड़ियों की मनोरम हरियाली के बीच अवस्थित है। इसमें 60 से 70 मीटरों की ऊंचाई से पानी एक छोटे से जलाशय में गिरता है। पानी का कोहरेदार छिड़काव और प्रपात की जोरदार आवाज से इस स्थान की छटा और निराली हो जाती है। पर्यटक इस जलाशय में स्नान करते हैं तथा तैरते हैं तथा इसके किनारे पिकनिक मनाते हैं। 

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  अत्रि धारा एवं उसके मध्य में महर्षि अत्रि की गुफा। (Chamoli Garhwal)     
महर्षि अत्रि की गुफा और अत्रि धारा नामक जल प्रपात का विहंगम दृश्य श्रदलुओं और साहसिक पर्यटन के शौकीनों के लिए आकर्षण का केंद्र है क्योंकि गुफा तक पहुँचने के लिए सांकल पकडकर रॉक क्लाइम्बिंग भी करनी पडती है। गुफा में महर्षि अत्रि की पाषाण मूर्ति है। गुफा के बाहर अमृत गंगा और जल प्रपात का दृश्य मन मोह लेता है। यहां का जलप्रपात शायद देश का अकेला ऐसा जल प्रपात है जिसकी परिक्रमा की जाती है। साथ ही अमृतगंगा को बिना लांघे ही उसकी परिक्रमा की जाती है।
ठहरने के लिए यहां पर एक छोटा लॉज उपलब्ध है। आधुनिक पर्यटन की चकाचौंध से दूर यह इलाका इको-फ्रैंडली पर्यटन का द्वितिय उदाहरण भी है। यहां भवन पारंपरिक पत्थर और लकडियों के बने हैं। हर वर्ष दिसंबर के महीने में अनसूइया पुत्र दत्तात्रेय जयंती के अवसर पर यहां एक मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में आसपास के गांव के लोग अपनी-अपनी डोली लेकर पहुँचते हैं। वैसे पूरे वर्षभर यहां की यात्रा की जाती है। इसी स्थान से पंच केदारों में से एक केदार रुद्रनाथ के लिए भी रास्ता जाता है। यहां से रूद्रनाथ की दूरी लगभग ७-८ किलोमीटर है। प्रकृति के बीच शांत और भक्तिमय माहौल में श्रद्धालु और पर्यटक अपनी सुधबुध


Anil Arya / अनिल आर्य



विनोद सिंह गढ़िया



इस सुन्दर झरने का नाम 'भिटाव' है। जो बागेश्वर जिले से करीब 28 कि०मी० उत्तर में कपकोट क्षेत्र के पोथिंग गाँव में है। हरी-भरी पहाड़ियों के मध्य से निकलता झरने का पानी ऐसा प्रतीत होता है मानो दूध की धार बह रही हो। यह झरना विश्व प्रसिद्द पिंडारी ग्लेशियर मार्ग के पश्चिम में सिर्फ 7 कि०मी० दूर होते हुए भी आज यह झरना पर्यटकों की पहुँच से दूर है। यदि पर्यटन विभाग पोथिंग गाँव के भगवती मंदिर, सुकुण्डा झील, चिपतकोट, पोखरी इत्यादि अविदित पर्यटक स्थलों को विकसित कर पर्यटकों को लुभाए तो यह 'भिटाव' नामक झरना बागेश्वर और उत्तराखंड के पर्यटन में चार चाँद लगाएगा।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Waterfall.

On Wed, May 16, 2012 at 11:20 AM, Dr.pushkar Naithani <dr.pnaithani@gmail.com> wrote:

    RAMESH PUR
    SATPULI SE - BANGHAT - BILKHET -TILYA
    (SATPULI VYASGHAT ROADPAR)
    TILYA SE 1500 FEET KI UCHAI PAR
    *RAMESH PUR NAM KA VILLEGE USME
    PURI9YA JHAR
     NAM KA JHARNA HAI.
    NIYAGRA KE JHARNE
     SE KUCH KAM HOGA
    LEKIN USE KOEE JANATA HEE NAHEE