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Rhododendron(Buransh) The Famous Flower of Uttarakhand - बुरांश

Started by D.N.Barola / डी एन बड़ोला, August 15, 2008, 11:48:47 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

RHODODENDRON SQUASH  (BURANS SQUASH) :

  Rhododendron juice; a refreshing drink has great medicinal and herbal values. The red color flower juice is quite appropriately beneficial in improving the blood circulation a n d r e l i e v i n g hypertension. Many researches have shown that the juice is useful in relieving pains as it relaxes the body. It is also known to prevent diarrhea and dysentery. Rhododendron (Burans) squash prevents possibility of heart related diseases. Contains Iron and helps in making hemoglobin.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

उत्तरपूर्वी बुरांस.....

कैसे हो बुराँश ....?

तुम तो रोडोडैन्ड्रान हो गए
एन आर आई हुए
या फिर
ग्लोबलाइजेशन का भूत हुआ सवार
भूल गए....
इजर की ढालू जमीन
वो ग्वाले और ग्वाल देवता
फुलद्योली पर इठलाना
वो ढाड़गोठ की द्योली पर सजना
बैगनी होँठोँ वाले बच्चे
वो गधेरे मेँ बाँज-काफल
वो बिरखम
वो आशीका
और पालौँ के बीच से
तुम्हारा दुनला होकर झाँकना
सब भूल गए ....?
अब तो सुर्खियोँ मेँ ही
ज्यादा सुर्ख रहते हो ।

- बस करो

मैँ खण्डित तरुखंड
रुदित रुगन्वित हूँ
कहीँ पीयर कहीँ रक्तिम
जलप्रपात ही नहीँ
जलावन भी हूँ
हाँ .... बुराँश हूँ मैँ
उत्तरपूर्वी नहीँ
उत्तरजीवी हूँ मैँ

चंद रोज का सफर
नहीँ है मेरा
मैँने देखा है बचपन
सदियोँ का
सभ्यताओँ का
तुम्हारी थोकदारी का
फिरंगियोँ की खोज यात्राओँ का
तुम्ही ने नाम दिए
सार्वभौमिकता के लिए
मेरी डालोँ मेँ पैर रखकर
तुम्ही एन आर आई बने
मुझ पर
गैर जमीनी मुद्दे हैँ
विषयवस्तुता है
तुम्हारे लेखोँ की
कविताओँ की
लोकगीतोँ की ....

तुम्हारे कटाक्ष
तुम्हारे धनाड्य संगठन
तुम्हारी कुल्हाड़ी का पैनापन
तुम्हारी असीमित उत्कंठाएँ
और इन सब से बढ़कर
तुम्हारी इन्सान होने की सनक
मुझ पर रोज होते व्याख्यान
बहसेँ
वो ए सी चैम्बर
वो शीशम की गोल टेबल
बिसलेरी
एक्वाफिना
कुछ भी तो नहीँ भूला मैँ

और शायद ....
तुम भी नहीँ भूले हो
क्योँ ....?
बहुत मीठा होता है ना....
मेरे आँसुओँ का शर्बत !!!


(साभार : Lokesh Dasila


Gourav Pandey

लाल सुर्ख बुरांश से ल कद क पेड़ को देख जहां हर किसी का मन उस पर आ जाता है, वहीं इस के कई ऐसे गुण भी हैं जिनसे मानव कई लाभ लेता आ रहा है।

बुरांश के फूलों का जूस यह स्वादिष्ट खट्टा मीठा स्वाद वाला शरबत है और यह हृदय रोगियों के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है।


हेम पन्त


हेम पन्त


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


दर्दे दिल की दवा है बुरांश का जूस

उत्तरकाशी: इन दिनों पहाड़ बुरांश के फूल की रंगत से दमक रहा है। खूबसूरत होने के साथ यह फूल औषधीय महत्व वाला भी है। इसके जूस का सेवन ह्दय संबंधी बीमारियों से बचा ही सकता है साथ ही शरीर में खून की कमी और लीवर संबंधी बीमारियों के लिए भी यह काफी फायदेमंद है।

प्रकृति का खजाना वैसे तो अनमोल है ही पर बुरांश का फूल कई मायनों में विशेष है। इसके फूल से बना जूस ह्दय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए किसी रामवाण से कम नहीं है। इसके अलावा यह हाई ब्लड प्रेशर में भी यह अचूक दवा है। जिला मुख्यालय में भी इन दिनों लोग बुरांश के जूस में रुचि ले रहे हैं। यहां हर दिन सौ लीटर से भी ज्यादा जूस निकाला जा रहा है। इसके एवज में फूल उपलब्ध कराने वालों को भी चालीस से पचास रुपये का भुगतान किया जाता है।

बुरांश के जूस में पोली फैटी एसिड अधिक मात्रा में पाया जाता है जिसके चलते यह शरीर में कॉलेस्ट्रॉल नहीं बनने देता है। जो ह्दय संबंधी बीमारियां का खतरा काफी कम हो कर देता है। जिला मुख्यालय पर जूस बनाने के काम पर लगे डीआर उनियाल बताते हैं कि बुरांश के जूस की मांग काफी ज्यादा है, इसके सापेक्ष फूलों की आपूर्ति काफी कम है। उनका कहना है कि ग्रामीण फूलों का व्यवस्थित तरीके से दोहन करें तो हर रोज सात से आठ सौ लीटर बुरांश का जूस उपलब्ध हो सकता है।

ये फायदे हैं बुरांश के जूस के

-ह्दय रोग से बचाव, उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) में फायदेमंद, लीवर संबंधी रोग के लिए दवा, हिमोग्लोबीन की कमी पूरी करता है, लौह तत्वों का संपूर्ण पोषक, शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि, शरीर में एंटी ऑक्सिडेंट की पूर्ति।

पंद्रह प्रजातियां मिलती है पहाड़ों में

उत्तरकाशी : बुरांश की उत्तराखंड राज्य में दस पंद्रह प्रजातियां जंगलों में मिलती है लेकिन इसमें से सर्वाधिक लाल बुरांश का प्रयोग किया जाता है। साथ जंगलों में पाया जाने वाला सफेद बुरांश जहरीला होता है जिसके चलते यह आम लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित होता है।

बुरांश से बने जूस में प्यूफा की मात्रा ज्यादा होने से यह ह्दय संबंधी विकारों के लिए बेहद फायदेमंद है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में भी इजाफा होता है। डॉ. जीके ढिंगरा, प्रोफेसर, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी।

http://www.jagran.com/news/state-10266819.html