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Hindi Movies Shoot In Uttarakhand - उत्तराखंड मे हुयी हिन्दी फिल्मो की शूटिंग

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, September 13, 2008, 04:39:51 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

फिल्मकारों को लुभाती हैं कुमाऊं की हसीन वादियांSep 14, 11:52 pm

नैनीताल। उत्तराखण्ड में कुमाऊं की हसीन वादियां भारतीय सिनेमा जगत के मशहूर फिल्मकारों को हमेशा ही अपनी ओर आकर्षित करती रहीं हैं। हिन्दी फिल्मों की एक लंबी सूची है जो नैनीताल व आसपास के क्षेत्रों में फिल्माई गयी।

भारतीय सिनेमा जगत के जाने माने निर्देशक बिमल रॉय की पचास के दशक में दिलीप कुमार व बैजयंती माला अभिनीत फिल्म मधुमती का वह लोकप्रिय गीत जिसे मशहूर गायक मुकेश ने अपने स्वर से सजाया था- सुहाना सफर और ये मौसम हसीं. कहीं सुनाई देता है तो बरबस ही नैनीताल की अनूठी सुंदरता की याद आने लगती है। हिन्दी फिल्मों के कई लोकप्रिय गीतों को कुमाऊं की बेहद शांत व प्राकृतिक सौंदर्य से घिरी वादियों में फिल्माया गया। राजेश खन्ना व आशा पारेख के अभिनय से सजी निर्देशक शक्ति सामंत की 70 के दशक की सुपर हिट फिल्म कटी पंतग का चर्चित गीत-जिस गली में तेरा घर ना हो बालमा. व डैनी और जया भादूड़ी की शुरूआती फिल्म अभी तो जी लें का कर्णप्रिय गीत-तु लाली हो सवेरे वाली. भी नैनीताल का दिल कहे जाने वाली नैनी झील पर फिल्माया गया था।

गुजरे जमाने की कई मशहूर फिल्में नैनीताल शहर में बनी और उन्होंने सफलता के झंडे भी गाढ़े। सिनेमा जगत में विशिष्ट स्थान रखने वाले यश चोपड़ा, बीआर चोपड़ा, देवानंद, शेखर कपूर, शाहरुख मिर्जा, सुभाष घई, राकेश रोशन तथा राजश्री बैनर के सूरज बड़जात्या, धरमा प्रोडक्शन के सोहेम शाह जैसे कई निर्देशक अपनी फिल्मों की शूटिंग नैनीताल व आसपास के रमणीय स्थलों में कर चुके है। शानदार लोकेशन, खूबसूरत हरियाली से घिरी ये वादियां फिल्म निर्माताओं को लुभाती है। हिमालय की तलहटी पर बसे कुमाऊं से निकले कई कलाकार निर्मल पांडे, हेमंत पांडे, ललित तिवारी आज भारतीय सिनेमा में शानदार अदाकारी से यहां का नाम रोशन कर रहे है।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_4818659.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


यह गाना फ़िल्म " अभी तो जी ले" से है जिसमे डैनी और जय बच्चन के काम किया है ! इस फ़िल्म की शूटिंग भी नैनीताल और रानीखेत के इलाके मे हुयी है !

तू लाली है सबरे वाली
गगन रंग दे तू मेरी मन की

पंकज सिंह महर



दीप बिष्ट, नैनीताल: उत्तराखण्ड में कुमाऊं की हसीन वादियां भारतीय सिनेमा जगत के मशहूर फिल्मकारों को हमेशा ही अपनी ओर आकर्षित करती रहीं हंै। हिन्दी फिल्मों की एक लंबी सूची है जो नैनीताल व आसपास के क्षेत्रों में फिल्माई गयी। भारतीय सिनेमा जगत के जाने माने निर्देशक बिमल रॉय की पचास के दशक में दिलीप कुमार व वैजयंती माला अभिनीत फिल्म मधुमती का वह लोकप्रिय गीत जिसे मशहूर गायक मुकेश ने अपने स्वर से सजाया था, कहीं सुनाई देता है तो बरबस ही नैनीताल की अनूठी सुंदरता की याद आने लगती है। हिन्दी फिल्मों के कई लोकप्रिय गीतों को कुमाऊं की बेहद शांत व प्राकृतिक सांैदर्य से घिरी वादियों में फिल्माया गया। राजेश खन्ना व आशा पारेख के अभिनय से सजी निर्देशक शक्ति सामंत की 70 के दशक की सुपर हिट फिल्म कटी पंतग का चर्चित गीत-जिस गली में तेरा घर ना हो बालमा. व डैनी और जया भादूड़ी की शुरूआती फिल्म अभी तो जी लें का कर्णप्रिय गीत-तु लाली हो सवेरे वाली. भी नैनीताल का दिल कहे जाने वाली नैनी झील पर फिल्माया गया था। गुजरे जमाने की कई मशहूर फिल्में नैनीताल शहर में बनी और उन्होंने सफलता के झंडे भी गाढ़े। सिनेमा जगत में विशिष्ट स्थान रखने वाले यश चोपड़ा, बीआर चोपड़ा, देवानंद, शेखर कपूर, शाहरुख मिर्जा, सुभाष घई, राकेश रोशन तथा राजश्री बैनर के सूरज बड़जात्या, धरमा प्रोडक्शन के सोहेम शाह जैसे कई निर्देशक अपनी फिल्मों की शूटिंग नैनीताल व आसपास के रमणीय स्थलों में कर चुके हैं। शानदार लोकेशन, खूबसूरत हरियाली से घिरी ये वादियां फिल्म निर्माताओं को लुभाती हैं। हिमालय की तलहटी पर बसे कुमाऊं से निकले कई कलाकार निर्मल पांडे, हेमंत पांडे, ललित तिवारी आज भारतीय सिनेमा में शानदार अदाकारी से यहां का नाम रोशन कर रहे हैं।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



"Pyar ki Dhun"- Milind Somand Starter film was mostly shoot in Ranikhet. I witnessed shooting of this film. 

हेम पन्त

अयूब खान और आयेशा जुल्का अभिनीत फिल्म "सलामी" की लगभग पूरी आउटडोर शूटिंग लोहाघाट व चंपावत व इसके आसपास के इलाके में हुई थी. इस फिल्म में एक बहुत मशहूर गाना है "चेहरा क्या देखते हो दिल में उतर कर देखो ना...". इस गाने में बापरू गांव व सुईं सीमेन्ट फैक्टरी के कई दृश्त हैं... सुईं के आस-पास की शूटिंग के दौरान वहां चर रही कईं गाय-भैंस भी दिखती हैं, मेरा एक दोस्त इसी इलाके का है... वह अभी भी अपनी गाय को गाने में देखकर बङा खुश हो जाता है..

पंकज सिंह महर

नैसर्गिक सौंदर्य से ओतप्रोत है उत्तरांचल
 
नैनीताल मे इन दिनों फ़िल्मी सितारों का जमघट लगा हुआ है.

यहाँ दीपक शिवदासानी की फ़िल्म 'जूली' की शूटिंग चल रही है.

वास्तव में हाल के दिनों उत्तरांचल की वादियाँ बॉलीवुड की पसंदीदा जगह बन गई है, बात 'कोई मिल गया हो' की हो या फिर 'अरमान' की.

ख़ूबसूरती से लबालब भरे तालों के शहर नैनीताल में सैलानियों को दर्शनीय जगह दिखाए जाने के अलावा ये भी बताया जाता है कि यहाँ नेहा धूपिया की फ़िल्म की शूटिंग चल रही है.

जूली के तीन गाने और कई दृश्य यहाँ फ़िल्माए जा रहे हैं.


 
यदि सरकार चाहती है कि निर्माता यहाँ आएँ तो कुछ और चीज़ों पर भी ग़ौर करना होगा. मसलन हवाई सेवाएँ जो यहाँ नहीं हैं, यूनिट के रहने-खाने में रियायतें और टैक्स में कुछ छूट.


दीपक शिवदासानी

 
उत्तरांचल न सिर्फ़ मुंबइआ फ़िल्मकारों को बल्कि दक्षिण भारतीय फ़िल्म जगत को भी लुभा रहा है.

हाल में उत्तरांचल के विभिन्न लोकेशनों पर जिन फ़िल्मों की शूटिंग हुई है उनमें 'बाज़' और 'किलर' शामिल हैं.

'अरमान' की शूटिंग के लिए मसूरी आ चुके अमिताभ उत्तरांचल को फ़िल्मांकन के लिए स्वर्ग बता चुके हैं.

वैसे पहाड़ अमिताभ के लिए नया नहीं है. उन्होंने नैनीताल के शेरवुड कॉलेज में पढ़ाई की है.

एक सेमीनार के लिए देहरादूर आई तनुजा चंद्रा ने कहा है कि उनकी अगली फ़िल्म का लोकेशन उत्तरांचल ही होगा.

लेकिन इतना आकर्षण के बावजूद फ़िल्मकार मानते हैं कि सिर्फ नैसर्गिक ख़ूबसूरती के बल पर ही उत्तरांचल फ़िल्मों का अहम हिस्सा नहीं हो सकता.


नैनीताल के तालों का अपना ही आकर्षण है
 
दीपक शिवदासानी कहते हैं, "यदि सरकार चाहती है कि निर्माता यहाँ आएँ तो कुछ और चीज़ों पर भी ग़ौर करना होगा. मसलन हवाई सेवाएँ जो यहाँ नहीं हैं, यूनिट के रहने-खाने में रियायतें और टैक्स में कुछ छूट."

उल्लेखनीय है कि पुराने दिनों में भी उत्तरांचल में मधुमती, वक़्त, कटी पतंग और राम तेरी गंगा मैली जैसी कई चर्चित फ़िल्मों की शूटिंग हुई हैं.

इसके बावजूद ये क्षेत्र सिनेमा के क्षेत्र में अपनी स्पष्ट पहचान बनाने के लिए छटपटाता रहा है.

सत्तर के दशक में यहाँ फ़िल्म सिटी बनाने की योजना के बारे में सोचा गया था.

अब राज्य बनने के बाद उत्तरांचल की फ़िल्मी महत्वाकांक्षा फिर से ज़ोर मारने लगी है और राज्य सरकार अपनी फ़िल्म नीति तैयार कर रही है जिसमें मनोरंजन कर में छूट की भी संभावनाएँ होंगी.

यहाँ बातें बॉलीवुड और टॉलीवुड की तर्ज पर पूरे उत्तरांचल को हिलीवुड में तब्दील करने तक की हो रही है.

     
साभार - bbc.com

पंकज सिंह महर

"बार्डर" फिल्म के एक गीत मॆं जागेश्वर मंदिर को भी बैकग्राउंड में दिखाया गया है।
"कोई मिल गया" की शूटिंग भीमताल और नैनीताल में हुई थी।
"बाज" फिल्म की शूटिंग नैनीताल के अलावा गरमपानी तथा घोड़ाखाल में भी हुई थी।


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



" Kriye Kshma".. This film is mostly based on Uttarakhand culture. Famous Actor of Uttarakhandi Cinema Mr Ashok Mall, who is member of Merapahad has also worked in the movie .

The famous song "

Na Koi akhar Na babar
Na yahan sa humayon
Sab hai yahan dil ke sahjade
ye hai Desh kumon



This sung has been sung by Yasu Das.