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Good Morning & Good Bye Wishes - शुभ प्रभात तथा अलविदा संदेश

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 18, 2007, 11:28:41 AM

पंकज सिंह महर

शुभ प्रभात दोस्तो,


जमीं है मां मेरी बस यही है कहना
उसके लिए जीना, उसी के लिए है मरना।
चोट पे जहां धूल भी मरहम बन जाती
प्यासी नदीयां भी जहां प्यास बुझाती।
राहें भी हैं मदमस्त सर्प सी बलखाती
हवाएं भी ममतामयी लोरी गाकर सुनाती।
ना मिलेगा उस सा प्यार बस यही है कहना।
उसके लिए जीना, उसी के लिए है मरना।
कहां मिलेगा वैसा हरियाली का आंचल
कहां मिलेगा वैसा वो संतरंगी बादल।
हर कदम पर जहां है पर्वतों की माला
देवभूमि, उतराखंड जो है कहलाता।
जिए भी तो कैसे उस पहचान के बिना
उसके लिए जीना, उसी के लिए है मरना।
ख्वाबों की तलाश में कितनी दूर आ गए
अपनी जमीं को ही रोती छोड़ आ गए।
उसके कर्ज़ को कहीं हम भूल ना जाएं
चलो उस मां का थोड़ा सा ऋण चुकाएं
खुशहाली के रंग में उसे फिर है आज रंगना
उसके लिए जीना, उसी के लिए है मरना।

जय उत्तराखण्ड!

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Very good thought Mahar JI.

Quote from: पंकज सिंह महर on December 06, 2007, 11:30:28 AM
शुभ प्रभात दोस्तो,


जमीं है मां मेरी बस यही है कहना
उसके लिए जीना, उसी के लिए है मरना।
चोट पे जहां धूल भी मरहम बन जाती
प्यासी नदीयां भी जहां प्यास बुझाती।
राहें भी हैं मदमस्त सर्प सी बलखाती
हवाएं भी ममतामयी लोरी गाकर सुनाती।
ना मिलेगा उस सा प्यार बस यही है कहना।
उसके लिए जीना, उसी के लिए है मरना।
कहां मिलेगा वैसा हरियाली का आंचल
कहां मिलेगा वैसा वो संतरंगी बादल।
हर कदम पर जहां है पर्वतों की माला
देवभूमि, उतराखंड जो है कहलाता।
जिए भी तो कैसे उस पहचान के बिना
उसके लिए जीना, उसी के लिए है मरना।
ख्वाबों की तलाश में कितनी दूर आ गए
अपनी जमीं को ही रोती छोड़ आ गए।
उसके कर्ज़ को कहीं हम भूल ना जाएं
चलो उस मां का थोड़ा सा ऋण चुकाएं
खुशहाली के रंग में उसे फिर है आज रंगना
उसके लिए जीना, उसी के लिए है मरना।

जय उत्तराखण्ड!



पंकज सिंह महर

सूरज की पहली किरण ख़ुशी दे आपको,
दूसरी किरण हंसी दे आपको,
तीसरी किरण तंदुरुस्ती दे आपको,
चौथी किरण कामयाबी दे आपको,
बस-बस.. ज्यादा किरणे पड़ेगी आगे तो गरमी लागेगी न .

स्वीकार करे आज का अभिवादन .... शुभ प्रभात.....!

जय उत्तराखण्ड!




पंकज सिंह महर

शुभ प्रभात,

सभी सदस्यों का प्रतिपल शुभ हो, भगवान केदारनाथ आप सब की मनोकामनायें पूर्ण करें!

जय उत्तराखण्ड....!