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Articles By Shri Pooran Chandra Kandpal :श्री पूरन चन्द कांडपाल जी के लेख

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, August 03, 2009, 09:34:13 PM

Pooran Chandra Kandpal

करवा चौथ

करवाचौथ व्रत !
सुहाग के लिए
पति के लिए
निर्जल निश्छल
आस्था अविरल।

व्रत श्रद्धा के दीये
सब स्त्री के लिए
किसी पति ने कभी
शायद व्रत नहीं रखा
पत्नी के लिए।

तुमने सभी धर्मग्रन्थ
वेद पुराण अनन्त
शास्त्र श्रुति स्मृति
लिख डाले मेरे लिए
स्वयं को मुक्त किए।

रीति रिवाज मान मर्यादा
कायदे क़ानून संस्कृति सभ्यता
शर्म हया नियम परम्परा
सब का सिकंजा मेरे लिए धरा
स्त्री होने की यह निर्दयता।

चाह नहीं मेरी
तुम मेरे लिए व्रत करो
पर है एक छोटी सी चाह
तुम जीवन संगीनी का
कभी न अपमान करो।

मैं अपूर्ण तुम बिन
तुम्हारी अपूर्णता भी
बनी रहे मुझ बिन
मेरे स्वाभिमान पर
न आए आंच पल छिन।
22.10.2013

Pooran Chandra Kandpal

              सचिन का सम्मान

महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर क्रिकेट से सन्यास ले रहे हैं।
इस महान खिलाड़ी के क्रिकेट को अलविदा कहने की घड़ी
पर लोग उन्हें अनेकों पुरस्कार और सम्मानों से विभूषित
कर रहे हैं। कई लोग उनका मंदिर बनाने की बात भी कह
रहे हैं। हरेक का अपना दृष्टिकोण और सोच है। विश्व के इस
महान क्रिकेटर का एक यह भी सम्मान हो सकता है कि
लोग उनका मंदिर न बनाकर उनके नाम से पुस्तकालय-
वाचनालय बनाएं। पुस्तकालय और वाचनालय शिक्षा और
ज्ञान के मंदिर हैं। हमारे देश में कई लोग पुस्तक अथवा
अखबार खरीद कर पढने में असमर्थ हैं। यदि सचिन के
सम्मान में ग्रामीण अथवा कस्बाई क्षेत्रों में वाचनालय-
पुस्तकालय बन जाएं तो करोड़ों लोगों का ज्ञान वर्धन
तो होगा ही, असमर्थ लोग भी समाचार पत्र-पत्रिकाओं से
जुड़कर लाभान्वित होंगे जिससे अंततः राष्ट्र का ही
भला होगा और सचिन की गरिमा भी बनी रहेगी।

पूरन चन्द्र काण्डपाल,रोहिणी दिल्ली
13.11.2013



Pooran Chandra Kandpal

         नौ नवम्बर २०१३

9 नवम्बर हुणि उत्तराखंड राज्य बनी 13 साल हैगीं। कुछ लोग
कूं रईं कि राज्य में क्ये लै विकास नि हय। यूं वर्षों में  सात
मुख्यमंत्री बनी। थ्वाड़ -भौत विकास त हौछ पर य दूर -दराज
इला्क जां सड़क न्हैती वां नि पुज। उत्तराखंड क विकास तबै
मानी जा्ल जब पुर राज्य में विकास पुजल। गरीब उत्तराखंड
कि धात देहरादून तक पुजूण चानू-

    बरस तेर में बनि गईं राज्य में मुख्यमंत्री सात
  सबै कूंरी हैगो विकास, दूर -दराज में कांछ ?
    दूर -दराज में कांछ ? हमूल देखौ सबूक रङ
  स्वामी नारायण भगत कोश्यारी,खंडूरी विजय निशंक,
    कूंरौ 'पूरन' विकास देखूंहूं , दूर -दराज गो तरस
  करी वैद निभाइ कैल ना,बित गईं तेर बरस।

13.11.2013

Pooran Chandra Kandpal

               भारत रत्न सचिन तेंदुलकर

  खेलों क दुनिय में क्रिकेट क महानायक भारत रत्न सचिन तेंदुलकर
ल क्रिकेट बै संन्यास ल्हि है।य महानायक कि महाविदाई 16 नवम्बर
हुणि मुम्बई क वानखेड़े स्टेडियम बै वेस्टइंडीज दगै 2-0  ल
सीरीज जितण क साथ है। विदाई क दिन उनकें देश क सर्वोच्च
नागरिक सम्मान भारत रत्न लै दिई गो। सचिन ल 24 वर्ष क आपण
क्रिकेट इतिहास में 200 टैस्ट मैच और 463 एक दिनी मैच खेलीं।
उनूल यूं द्विनूं में  34347 रन बनाईं। 51 शतकों क साथ टैस्ट क्रिकेट
में उनूल 15921 रन बनाईं और एक दिनी क्रिकेट में 49 शतकों क
साथ 18426 रन बनाईं।
     सचिन एक महान खिलाड़ि क साथ-साथ एक भौत भा्ल इंसान
लै छीं। उनूल आपणि सफलता क श्रेय आफी नि ल्ही, सबूं कें दे।
आपणि विदाइ क टैम पर  उनूल आपण स्व .बौज्यू रमेश तेंदुलकर और
इज रजनी क त्याग और आशीर्वाद कें याद करौ। य मौक में उनूल
आपण का्क-काखि (सुरेश-मंगला)क सहयोग,घरवाइ डाक्टर अंजलि कि
कैरीयर कुर्बानी, गुरु रमाकांत अचरेकर क परिश्रम,दा्द नितिन और
अजीत क दगड़, बैणि सविता क बैट, सारा-अर्जुन (च्येलि-च्यल) क
प्यार,इस्कूल और मीडिया क ऐशान, चयनकर्ताओं क भरौस,खिलाड़ि
दगड़ियां क सहयोग, बीसीए और बीसीसीआई क विश्वास, डाक्टर-फिजिओ
क सहा्र और जनता क अपार स्नेह कैं भौत याद करणा क साथ
सबूं क आभार लै जता। सचिन ल भारत रत्न कैं आपणि इज दगै
देशा क सबै मै नूं कैं समर्पित करि है।
     सचिन भौत परोपकारी इंसान छीं।उं अनेक असहायों कि चुपचाप
मदद लै करनी। उं करीब 33 कंपनियों क प्रचार अम्बेसडर लै छीं।
पद्मविभूषण प्राप्त सचिन राज्य सभा में मनोनीत सांसद लै छीं। सचिन
ल विदाई क टैम पर एक भौत ठुलि बात कै -'स्वैण देखो, मेहनत क 
साथ उनर पिच्छ  करो। सफलता शॉर्टकट ल नि मिलनि, पसीण
बगूण पड़ूं।'

पूरन चन्द्र काण्डपाल,रोहिणी दिल्ली
21.11.2013


Pooran Chandra Kandpal

           शब्द की मार

आजकल चुनाव की बयार चल रही है।
इस बयार की मस्ती में थोड़ा संभल कर
शिष्टता से बोला जाय तो अच्छा होगा।
किसी के  बोले हुए शब्द चुनाव के बाद
भी हारने-जीतने वालों को याद रहेंगे।अशिष्ट
शब्द बोलने वाले प्रतिनिधियों को भी हम
ही चुनते हैं। जब उनसे हम शिष्टता की
उम्मीद करते हैं तो हमारी भाषा भी तो
शिष्ट होनी चाहिए। कुछ लोग कह गए हैं
इस पर भी विचार कर लें तो अच्छा है-


शब्द सवारे बोलिये, शब्द के हाथ न पाँव
एक शब्द औषधि करे, एक शब्द करे घाव।

रहीमन जिव्हा बावरी, कह गई सरग पताल
आप कही अंदर गई, जूती खाय कपाल।

25.11.2013

Pooran Chandra Kandpal

           चुनाव भी जिंदगी की जंग

प्रजातंत्र में चुनाव भी 'जिन्दगी की जंग' का हिस्सा है।
एक मित्र के पूछने पर कि वोट किसको देगा, दूसरे
मित्र ने बताया,"यार एक वोट है, क्या करना है जहां
मन करेगा बटन दबा दूंगा। मैं इस बारे में ज्यादा
नहीं सोचता।" मित्र का यह उत्तर उचित नहीं है।
प्रजातंत्र में ही वोट का अधिकार मिलता है। जीतने
वाले ही हमारे भविष्य की नीतियां बनाते हैं। आप
भलेही किसी दल या व्यक्ति को वोट करें परन्तु
बड़ी गम्भीरता से सोच-विचार कर, मन बनाकर
बड़े उत्साह से वोट करें। चुनावी जंग में सुनें
सबकी, वोट अवश्य करें परन्तु सोच- समझकर
वोट करें क्योंकि इस एक वोट के साथ हमारी
'जिंदगी की जंग' भी जुडी़ है।
02.12.2013

Pooran Chandra Kandpal

                         16 दिसम्बर
       16 दिसम्बर, यह दिन भूला नहीं जाता।
इस दिन 2012  को दामिनी या निर्भया के साथ
जो वीभत्स कृत्य हुआ उससे पूरा देश हिल गया था।
पूरे देश ने जो एकता दुखित परिवार के साथ दिखाई
वह अविस्मरणीय है। वहशी मृत्यु दण्ड की प्रतीक्षा
में काल कोठरी में  बंद हैं। इस दौरान समाज या
कुछ नरपिशाचों की मानसिकता नहीं बदली।सख्त
क़ानून बना पर महिलाओं के प्रति अपराध चौगुने-
पांच गुने हो गए। संघर्ष जारी रहे और नरपिशाचों
को बख्शा न जाय। निर्भया के संघर्ष को नमन।

इन्साफ की आवाज लगा गई वो
क़ानून को आईना दिखा गई वो
हमारे इर्द-गिर्द किस कोटि के जानवर हैं
इन्हें शूली पर लटकाना कह गई वो।

जग ने 'दामिनी' कहा उसको
जंग का जज्बा सिखा गई जग को
करें प्रण तमाशबीन रहें न हम
यह सच्ची श्रधांजलि होगी उसको।

      आज ही 1971  में पकिस्तान के साथ 14
दिन का युद्ध समाप्त हुआ। 93000 पाक सेना ने
हमारी सेना के सामने हथियार डाले और बंगलादेश
का उदय हुआ। इस जीत में हमारे 517 रणबांकुरे
वीरगति को प्राप्त हुए। इन शहीदों को हार्दिक नमन
और श्रद्धांजलि। हम प्रण करें कि हम इनकी शहीदी
और शहीद परिवारों को न भूलें।

16.12.2013

Pooran Chandra Kandpal

     16  दिसम्बर (त्रुटि सुधार)
1971 के भारत-पाक युद्ध में भारत के तीन हजार छै
सौ से अधिक सैनिक शहीद हुए थे। पिछली पोस्ट में
यह संख्या त्रुटि से 517  छप गयी थी। यह संख्या
कारगिल युद्ध के शहीदों की थी।

16.12.2013

Pooran Chandra Kandpal

                                    दिल्ली में सरकार

   आखिरकार १९ दिसंबर हुणि संसद में लोकपाल बिल पास हैगो.
य बिल संसंद में पिछाड़ी ४६ वर्ष में  नौ उं बार पेश हौछ.
यैकै दगाड़ अन्ना ज्यु ल आपण नौ दिन क अनशन लै ख़तम करी दे.
दिल्ली में अच्याल प्याज बीस रूपै, आलु पन्नर, गोबी पन्नर  और
टिमाटर पच्चीस रूपै किलो है रईं. ४ दिसम्बर हुणि चुनाव क टैम
पर प्याज अस्सी रूपै,आलु चालिस  ,गोबी साठ और  टिमाटर
साठ रूपै किलो छी. य साग-सब्जी कि महगाई ल शीला क
पन्नर साल क करी विकास में पाणी खिति दे. पिछाड़ी पन्नर वर्षों
में दिल्ली में भौत विकास हौछ.  सड़क, ओवर ब्रिज, मेट्रो, इस्कूल,
अस्पताल, सी एन जी बस, बिजुली ,पाणी, मकान आदि सबै क्षेत्रों
में शीला ल भौत विकास करौ पर महंगाई ल सब करी-कारी में
मौय लगै  दे.  यां खबर उड़ि रै कि नासिक बै जानबुझि बेर कुछ
शातीर लोगों ल दिल्ली हुणि प्याज नि औण दी.

     दिल्ली में आजी तक सरकार नि बनि रई.  सुणण में ऐ रै  कि
केजरीवाल ज्यु 28 हुणि सरकार बनूल कूं रईं. उं फरकणी
ढुंग में भैटी बेर सरकार चलूंण कि हिम्मत करैं रईं. कभतै लै ढुंग
फरिकी सकूं.  फिलहाल उं य ढवढावांणी (ढपकणी) ढुंगा क मुणि
पाँचर डाइ समई बेर भैटुल कूं रईं.

पूरन चन्द्र कांडपाल , रोहिणी दिल्ली
26.12.2013

Pooran Chandra Kandpal

नव वर्ष २०१४ की शुभकामना

गया साल, आया साल
नया साल नया साल
सबने बजाई गाल
एक ही हुआ निहाल
अरविन्द केजरीवाल 
झाड़ू का कमाल.

छोरा हिंसार का
ग़ाज़ियाबाद गिरनार का
दुश्मन भ्रष्टाचार का
एक ही छलांग में बना
सी एम् दिल्ली सरकार का.

'आप' की सरकार
वादों का अम्बार
अपेक्षा बेशुमार
होगा केजरी'वार'?
मिटेगा भ्रष्टाचार ?
देखो चमत्कार?

ये जीत के हर्ष की
अविरल संघर्ष की
जन के निष्कर्ष की
आप सभी जन को 
शुभकामना नव वर्ष की.

पूरन चन्द्र कांडपाल 
31.12.2013